श्रीलंका: तबाही मचाने से पहले नाश्ते को लाइन में लगा था हमलावर मो. आजम, प्लेट में खाना ले दबाया बटन

श्रीलंकाई होटल के प्रबंधक ने कहा कि हमलावर बीती रात ही होटल में मोहम्मद आजम मोहम्मद के नाम से ठहरने आया था. उसने हाथ में प्लेट पकड़ रखी थी , उसे खाना परोसा जाने वाला था तभी उसने इस विनाशकारी हमले को अंजाम दिया.

कोलंबो: श्रीलंका में हुए सिलसिलेवार आठ धमाकों के बाद एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है. श्रीलंका के पुलिस चीफ ने दस दिन पहले ही देशभर में यह अलर्ट जारी किया था कि रविवार से पहले आत्मघाती हमलावर देश के प्रमुख चर्चों को निशाना बना सकते हैं. अब श्रीलंका के प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे ने भी इस पर मुहर लगा दी है.

रानिल विक्रमसिंघे ने मीडिया से कहा, ”जांच एजेंसियों के पास इस तरह के हमले का अंदेशा पहले से ही था. लेकिन उन्‍होंने न तो ये जानकारी शेयर की और न ही इसपर कोई ठोस कदम उठाया. सरकार इसकी जांच करेगी कि पहले से पर्याप्‍त जानकारी होने के बाद सावधानी क्‍यों नहीं बरती गई. देश के कैबिनेट को भी इसकी जानकारी नहीं दी गई थी?”

उन्होंने कहा, ‘इस घटना के पीछे जिन लोगों के नाम सामने आए हैं, वे स्‍थानीय हैं. लेकिन, ये पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इसके पीछे कहीं ‘विदेशी कनेक्‍शन’ तो नहीं है.’ प्रधानमंत्री ने स्‍वीकार किया कि संभावित हमले की जानकारी हमले से थी. उन्‍होंने इस बात पर भी जोर दिया कि सरकार की पहली प्राथमिकता इसके पीछे के सभी आतंकियों को पकड़ना है. यह सुनिश्चित करना है कि दोबारा ऐसी घटनाएं न हो.श्रीलंका के सिनामोह ग्रांड होटल में अपनी पीठ पर लदे विस्फोटक में धमाका करने से पहले आत्मघाती हमलावर धैर्य के साथ ईस्टर के नाश्ते के लिये बुफे में कतारबद्ध नजर आया. श्रीलंकाई होटल के एक प्रबंधक ने कहा कि हमलावर बीती रात ही होटल में मोहम्मद आजम मोहम्मद के नाम से ठहरने आया था. उसने हाथ में प्लेट पकड़ रखी थी और जब उसे खाना परोसा जाने वाला था तभी उसने इस विनाशकारी हमले को अंजाम दिया. नाम न जाहिर करने की शर्त पर प्रबंधक ने एएफपी से कहा, “वहां काफी अव्यवस्था थी”.खुफिया जांच एजेंसियों के अनुसार नेशनल तौहीद जमात के जहरान हासिम और उसके साथियों ने मिलकर आत्मघाती हमलों को अंजाम देने के लिए योजना बनाई थी. इस पूरी करतूत को करने से पहले उन्होंने इसके लिए एक रिहर्सल किया था. साथ ही 16 अप्रैल को विस्फोटक से भरी एक मोटरसाइकिल भी कतांनकुड़ी के पास पालमुनाई छोड़ दी थी.जानकारी के अनुसार आतंकियों की योजना थी कि हमला 22 अप्रैल से पहले या बाद में हो. साथ ही उन्होंने रैकी कर ऐसे आठ स्थलों (जिनमें चर्च और होटल थे) को चुना था जहां पर बड़ी संख्या में भारतीय आते हों. इस संबंध में नई दिल्ली से भी कोलंबो को 4 अप्रैल को ही जानकारी दे दी थी.

होटल के तापरोबेन रेस्तरां में यह बेहद व्यस्त दिनों में से एक था जब ईस्टर के सप्ताहांत पर यहां व्यापक भीड़ जुटती है. प्रबंधक ने एएफपी को बताया, “उस वक्त सुबह के साढ़े आठ बज रहे थे और वयस्तता थी. वहां काफी परिवार थे. वह (हमलावर) कतार में सबसे आगे आया और वहां विस्फोट कर दिया.”

उसने कहा, “हमारे प्रबंधकों में से एक जो उस वक्त अतिथियों का स्वागत कर रहा था, उसकी घटनास्थल पर ही मौत हो गई.” हमलावर की भी मौत हो गई. पुलिस उसके शव को मौके से ले गई. होटल के एक अन्य अधिकारी ने बताया कि हमलावर श्रीलंकाई नागरिक था और वह एक फर्जी पते पर होटल में ठहरा था. उसने बताया था कि वह कारोबार के सिलसिले में शहर में है.  à¤¶à¥à¤°à¥€à¤²à¤‚का धमाका

प्रधानमंत्री का कहना है कि ऐसा प्रतीत होता है कि संभावित हमलों के बारे में पुलिस के पास पहले से जानकारी थी लेकिन कैबिनेट को इस बारे में जानकारी नहीं दी गई थी.श्रीलंका के प्रधानमंत्री रनिल विक्रमासिंघे के मुताबिक बम धमाकों के सिलसिले में कम से कम आठ लोगों को गिरफ़्तार किया गया है.गिरफ़्तार किए गए सभी लोग श्रीलंका के ही नागरिक हैं. इन लोगों के किसी अंतरराष्ट्रीय संगठन से संपर्कों की भी जांच की जा रही है. अभी तक किसी भी संगठन ने इन धमाकों की ज़िम्मेदारी नहीं ली है.श्रीलंका के रक्षामंत्री आर विजयवर्धन का कहना है, ”ये आत्मघाती हमले हैं. ख़ुफ़िया एजेंसियों ने हमले के बारे में सूचित किया था, लेकिन इससे पहले कि उन्हें रोका जाता, धमाके हो गए. हमले की साज़िश विदेश में रची गई.’श्रीलंका धमाका

हमले किसने किए हैं, इसे लेकर स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है. पकड़े गए लोगों को लेकर भी कुछ सार्वजनिक नहीं किया गया है.श्रीलंका के दूरसंचार मंत्री हरिन फर्नांडो ने भी बीबीसी से बातचीत में कहा कि सरकार के पास आज हुए हमलों के बारे में ख़ुफ़िया रिपोर्ट थी.उन्होंने कहा, “इस ख़ुफ़िया रिपोर्ट के बारे में प्रधानमंत्री को जानकारी नहीं दी गई थी. इस रिपोर्ट को गंभीरता से क्यों नहीं लिया गया, ये सवाल भी कैबिनेट में उठा है.”

उन्होंने बताया, “ख़ुफ़िया रिपोर्ट में कहा गया है कि चार तरह से हमले हो सकते हैं. आत्मघाती बम धमाके हो सकते हैं, हथियारों से हमला हो सकता है, चाकू हमला हो सकता है या विस्फ़ोटकों से लदे ट्रक से हमला हो सकता है. इस रिपोर्ट में कुछ संदिग्धों के नाम का भी ज़िक्र है. उनके टेलिफ़ोन नंबर भी रिपोर्ट में दिए गए थे. ये आश्चर्यजनक है कि ख़ुफ़िया विभाग के पास ये रिपोर्ट थी लेकिन इस बारे में कैबिनेट या प्रधानमंत्री को नहीं पता था.”श्रीलंका धमाका

फ़र्नांडो ने कहा, “ये रिपोर्ट एक दस्तावेज़ है और ये दस्तावेज़ अब हमारे पास है. इस रिपोर्ट में कुछ नामों का भी ज़िक्र है. इसमें कुछ संगठनों के भी नाम है. जो मैं सुन रहा है उससे पता चल रहा है कि जांच सही चल रही है और हम उन लोगों तक पहुंच जाएंगे जिन्होंने ये हमले किए हैं. हमले के पीछे कौन लोग हैं और कौन समूह हैं उनकी पहचान कर ली गई है. कल शाम तक हमारे पास पूरी जानकारियां होंगी.”लोगों को इस बार का डर है कि हमले आगे भी जारी रह सकते हैं.आठवें धमाके में तीन पुलिस अधिकारी भी मारे गए हैं. ये धमाका उस समय हुआ जब पुलिस अधिकारी कोलंबो में एक घर की तलाशी ले रहे थे.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *