विश्व कैंसर दिवस : सबसे ज़्यादा मृत्यु होती हैं विश्व में इस बीमारी से

4 फ़रवरी का इतिहास

भारत के साथ साथ देश विदेश की दुनिया के इतिहास में हर दिन की बहुत महत्वपूर्ण रहा हैं। अगर हम इतिहास को पलटकर देखते हैं तो हर दिन कुछ विशेष घटनाएँ घटी है जिसने अपना दर्जा इतिहास में अंकित कर दिया है। वैसेही 4 फरवरी का दिन यानी आज के दिन भी इतिहास में बहुत सी महत्वपूर्ण घटनाएँ घटी है, आज हम उसी घटनाओं के बारे में जानते हैं।

4 February History

  • बांका महार भागवत भक्त ने 1318 में आज के दिन समाधि ली थी।
  • शाहजहां को आगरा का सम्राट 1628 में घोषित किया गया था।
  • सन 1789 में जॉर्ज वॉशिंगटन को अमेरिका के प्रथम राष्ट्रपति के रूप में चुना गया
  • लोकमान्‍य तिलक के संपादन में दैनिक समाचार पत्र ‘केसरी’ का पहला अंक 1881 में आया था।
  • भारत के स्वतंत्रता आंदोलन समय हुआ चौरीचौरा काण्ड 1922 को हुआ।
  • महात्मा गांधी को ख़राब स्वास्थ्य के कारण 1924 में बिना किसी शर्त के मुंबई जेल से छोड़ दिया गया।
  • भारत की सातवीं आर्मी बर्मा पर 1944 में जपान ने हमला किया था।
  • श्रीलंका 1948 को ब्रिटिश शासन से स्वतंत्र हुआ।
  • भारत पाकितान के बीच 1953 में कश्मीर के मुद्दे पर पहली बार बात हुई थी।
  • सन 1976 में लोक सभा को एक साल के लिये बढ़ा दिया गया था।
  • एर्नाकुलम को 1990 में भारत का सबसे पहला शिक्षित शहर घोषित किया था।
  • दुनिया को बदलने वाली सोशल नेटवर्किंग साइट फेसबुक को मार्क ज़ुकेरबर्ग ने 2004 में लांच किया था।

4 फरवरी को जन्मे व्यक्ति 

  • 1922 में मशहूर शास्त्रीय गायक पंडित भीमसेन जोशी का जन्म हुआ था।
  • 1924 में भारत के नवें उपराष्ट्रपति कोचेरिल रमन नारायण का जन्म हुआ था।
  • 1938 में देश के मशहूर कथक कलाकार बिरजू महाराज का जन्‍म हुआ था।
  • 1974 में भारतीय फ़िल्म अभिनेत्री उर्मिला मातोंडकर का जन्‍म हुआ था।

4 फरवरी को हुए निधन

  • 1934 में भारत के देशभक्त मधुसूदन दास का निधन हुआ था।
  • 1974: गॉड पार्टिकल की खोज करने वाले भौतिकशास्‍त्री सतेंद्र नाथ बोस का निधन हुआ था.
  • 2001 में क्रिकेटर पंकज रॉय का निधन हुआ था।
  • 2002 में प्रसिद्ध फ़िल्म अभिनेता भगवान दादा का निधन हुआ था।

4 फरवरी के महत्वपूर्ण दिवस 

  • विश्‍व कैंसर दिवस विश्व कैंसर दिवस (अंग्रेज़ी: World Cancer Day) प्रत्येक वर्ष 4 फ़रवरी को मनाया जाता है। आधुनिक विश्व में कैंसर एक ऐसी बीमारी है जिससे सबसे ज़्यादा लोगों की मृत्यु होती है। विश्व में इस बीमारी की चपेट में सबसे अधिक मरीज़ हैं। तमाम प्रयासों के बावजूद कैंसर के मरीजों की संख्या में कोई कमी नहीं आ रही है। इसी कारण विश्व स्वास्थ्य संगठन ने हर साल 4 फरवरी को विश्व कैंसर दिवस की तरह मनाने का निर्णय लिया ताकि लोगों को इस भयानक बीमारी कैंसर से होने वाले नुकसान के बारे में बताया जा सकें और लोगों को अधिक से अधिक जागरूक किया जा सकें। ऐसा माना जा रहा है 2030 तक कैंसर के मरीजों की संख्या 1 करोड़ से भी अधिक हो सकती हैं। एक अनुमान के मुताबिक 2005 में 7.6 लाख लोग कैंसर से मौत के आगोश में समा गए थे। इतनी बड़ी संख्या में लोगों के मरने से और विश्व स्तर पर इस बीमारी के फैलने से सब चिंतित हैं।

    शुरुआत

    विश्व कैंसर दिवस के इतिहास के बारे में बात करें तो इसकी सही शुरुआत वर्ष 2005 से हुई थी। और तब से यह दिन विश्व में कैंसर के प्रति निरंतर जागरुकता फैला रहा है। भारत में भी इस दिन सभी स्वास्थ्य संगठनों ने जागरुकता फैलाने का निश्चय लिया है। भारत उन देशों में काफ़ी आगे है जहां तंबाकू और अन्य नशीले पदार्थों की वजह से कैंसर के मरीजों की संख्या बहुत ज़्यादा है। कैंसर एक ऐसी बीमारी है जिसका इलाज तो अभी तक मुमकिन नहीं हो पाया है पर इसे काबू करना और इससे बचाव संभव है। वैसे कैंसर हो जाने पर इससे छुटकारा पाना मुश्किल होता है पर नामुमकिन नहीं। मरीज़ अगर दृढ़ इच्छाशक्ति से इस बीमारी का सामना करे और सही समय पर इलाज मुहैया हो तो इलाज संभव हो जाता है। साथ ही हमेशा से माना जाता है कि उपचार से बेहतर है बचाव। इसी तरह कैंसर होने के बचे रहने में ज़्यादा समझदारी है।

    सावधानियाँ

    कैंसर से बचने के लिए तंबाकू उत्पादों का सेवन बिलकुल न करें, कैंसर का ख़तरा बढ़ाने वाले संक्रमणों से बचकर रहें, चोट आदि होने पर उसका सही उपचार करें और अपनी दिनचर्या को स्वस्थ बनाए। कैंसर के ज़्यादातर मामलों में फेफड़े और गालों के कैंसर देखने में आते हैं, जो तंबाकू उत्पादों का अधिक सेवन करने का नतीजा होता है। ऐसे मामलों में उपचार बेहद जटिल हो जाता है और मरीज़ के बचने के चांस भी कम हो जाते हैं। इसके साथ ही आजकल महिलाओं में स्तन कैंसर काफ़ी ज़्यादा देखने में आ रहा है जो बेहद खतरनाक होने के साथ काफ़ी पीड़ादायक होता है। यदि सही समय पर अगर इसके लक्षणों को पहचान कर उपचार किया जाए तो इसका इलाज बेहद सरल बन जाता है। कैंसर से सबसे ज़्यादा ख़तरा होता है युवाओं को जो आजकल की भागदौड़ भरी ज़िंदगी में खुद को तनाव मुक्त रखने के लिए धूम्रपान का सहारा लेते हैं। विश्व को कैंसर मुक्त करने के लिए आप भी कदम बढ़ाएं और खुद तथा अपने सगे सबंधियों को तंबाकू, सिगरेट, शराब आदि से दूर रहने की सलाह दीजिए।

    कैंसर क्या होता है?

    शरीर में कोशिकाओं के समूह की अनियंत्रित वृद्धि कैंसर है। जब ये कोशिकाएं टिश्यू को प्रभावित करती हैं तो कैंसर शरीर के अन्य हिस्सों में फैल जाता है। कैंसर किसी भी उम्र में हो सकता है। लेकिन यदि कैंसर का सही समय पर पता न लगाया गया और उसका उपचार न  हुआ तो इससे मौत का जोखिम बढ़ सकता है। कैंसर के कई प्रकार हैं या यूं कहें कि कैंसर के सौ से भी अधिक रूप है। जैसे- स्तन कैंसर, सर्वाइकल कैंसर, ब्रेन कैंसर, बोन कैंसर, ब्लैडर कैंसर, पेंक्रियाटिक कैंसर, प्रोस्टेट कैंसर, गर्भाशय कैंसर, किडनी कैंसर, लंग कैंसर, त्वचा कैंसर, स्टमक कैंसर, थायरॉड कैंसर, मुंह का कैंसर, गले का कैंसर इत्यादि।

    कैंसर के कारण

    कैंसर कई तरह का होता है और हर कैंसर के होने के अलग-अलग कारण हैं। लेकिन कुछ मुख्य कारक ऐसे भी हैं जिनसे कैंसर होने का ख़तरा किसी को भी हो सकता है। ये कारक हैं-

    • वजन बढ़ना या मोटापा।
    • अधिक शारीरिक सक्रियता न होना।
    • एल्कोहल और नशीले पदार्थों का अधिक मात्रा में सेवन करना।
    • कैंसर में पौष्टिक आहार न लेना।
    • अपनी दिनचर्या में व्यायाम को शामिल न करना।

    कैंसर के अन्य कारण

    • कैंसर आनुवांशिक भी हो सकता है। कई बार कैंसर से पीडि़त माता या पिता के जीन बच्चे में भी आ जाते हैं जिससे बच्चे को भविष्य में कैंसर होने की आशंका बढ़ जाती है।
    • किसी गंभीर बीमारी के कारण भी आपको कैंसर हो सकता है। यानी यदि आप किसी गंभीर बीमारी के लिए दवाएं ले रहे हैं तो इन दवाओं के साइड इफेक्ट्स के कारण आप कैंसर के शिकार हो सकते हैं।
    • कई बार उम्र के बढ़ने के साथ भी शरीर में चुस्ती-फुर्ती नहीं रहती और उम्र के पड़ाव पर व्यक्ति बीमार पड़ने लगता है, ऐसे में कई बार कैंसर भी हो जाता है।

    कुछ प्रमुख कैंसर

    क्या आप जानते हैं देश में सबसे अधिक होने वाली मौतों में कुछ कैंसर प्रमुख हैं-

    • महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर, गर्भाश्य कैंसर और सर्वाइकल कैंसर से सबसे अधिक मौते होती हैं।
    • पुरुषों में सबसे अधिक मौत फुस्फुस, आमाशय, यकृत, कोलेस्ट्रोल और ब्रेन कैंसर से होती है।
    • कैंसर से मरने वाले लोगों में महिलाओं का प्रतिशत पुरुषों से अधिक है।

      कैंसर का समय पर पता चल जाता है तो हो सकता है इलाज

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