विश्लेषणः#Dhoni धोनी को हार का विलेन बनाना कितना सही

नई दिल्ली 1 जुलाई 2019: विश्व कप 2019 के मैच में इंग्लैंड से भारत 31 रनों से हार गया.338 रनों के लक्ष्य का पीछा करने रोहित शर्मा और केएल राहुल ओपनर के तौर पर आए, तो कुछ ही ओेवर में साफ़ हो गया कि भारत के लिए यह मुश्किल है.इंग्लैंड के बल्लेबाज़ शुरू से ही आक्रामक रहे और सबने भारतीय गेंदबाज़ों को बड़े कायदे से धोया. ज़ाहिर है इतने बड़े लक्ष्य को हासिल करने के लिए शुरुआत भी ठोस होनी चाहिए ताकि आख़िरी के पाँच ओवर में लक्ष्य पहाड़ न दिखे.भारत ने पीछा तो किया, लेकिन कामयाब नहीं रहा. इस हार के साथ ही एक बार फिर पूर्व भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी निशाने पर हैं. धोनी की भूमिका की आलोचना भारत से ज़्यादा पाकिस्तान में हो रही है. पाकिस्तान में धोनी ट्विटर पर टॉप ट्रेंड में शामिल हैं.इंग्लैंड क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान नासिर हुसैन रविवार को भारत-इंग्लैंड मैच की कमेंट्री कर रहे थे. आख़िरी के पाँच ओवर में हुसैन भी धोनी के खेल से आजिज़ आ गए और उन्होंने कहा, ”धोनी कर क्या रहे हैं? कम से कम उनको कोशिश तो करनी चाहिए.”
आख़िरी पाँच ओवर में ही सारी उम्मीदें
हुसैन की बातों से साथी कमेंटेटर और पूर्व भारतीय कप्तान सौरभ गांगुलीभारतीय कप्तान सौरभ गांगुली के लिए इमेज परिणाम                              भी सहमत दिखे. नासिर हुसैन भी अपनी इस टिप्पणी के लिए पाकिस्तान में ट्विटर पर ट्रेंड कर रहे हैं. हार के साथ ही टीम इंडिया के आलोचकों के स्वर फिर उठने लगे। देसी से लेकर विदेशी तक टीम इंडिया को खरी खोटी सुना रहा है लेकिन इंग्लैंड के पूर्व कप्तान नासिर हुसैन ने ऐसा बयान दे दिया जिसको सुनकर विराट कोहली सहित पूरी टीम इंडिया नाराज हो जाएगी।दूसरे टेस्ट में पारी और 159 रन से हार के बाद नासिर हुसैन ने कहा कि टीम इंडिया में लड़ने का जज्बा कम है। सही कहे तो अब मुकाबला बराबरी का नहीं रहा बल्कि मर्दों और बच्चों का हो गया है। हुसैन ने कहा कि इन हालातों में इंग्लैंड दुनिया की सर्वश्रेष्ठ टीम है, वहीं भारत एक एक रन के लिए तरस रहे हैं। भारत की गाड़ी पूरी तरह से पटरी से उतर चुकी है।इंग्लैंड के इस पूर्व कप्तान ने भारतीय टीम पर लगातार हमले करते हुए कहा भारत दुनिया की नंबर वन टेस्ट टीम है, इसलिए उससे संघर्ष की उम्मीद रहती है। हमें उम्मीद थी कि ये टेस्ट सीरीज रोमांचक होगी लेकिन अब तक तो यह मर्द और बच्चों का खेल बन गया है।

भारत की बल्लेबाजी पिछले तीन पारियों में बुरी तरह फ्लॉप रहे। हुसैन ने  कहा कि पहले टेस्ट में टीमन इंडिया मुकाबले में थी लेकिन उसने जीत का मौका गंवा दिया। अब कोहली की चोट भी टीम इंडिया को परेशान कर रही होगी, इस टीम में अश्विन भी चोटिल है तो देखना दिलचस्प होगा कि टीम इंडिया कैसे वापसी करती है।

लेकिन नासिर हुसैन और गांगुली यह भूल गए कि 338 रन के लक्ष्य का पीछा केवल आख़िरी के 5 ओवर में ही नहीं होता.भारत ने पहले पावरप्ले यानी शुरुआत के 10 ओवर में महज 28 रन बनाए हैं. उसी तरह आख़िरी के पाँच ओवर में केदार जाधव और धोनी महज तीन चौके और एक छक्का लगा पाए और 20 सिंगल लिए. साथ ही छह गेंद पर कोई रन नहीं बने. ज़ाहिर है भारत ने शुरुआत के दस ओवर और आख़िर के पाँच ओवर में जैसा खेल दिखाया उससे ही साफ़ हो गया था कि ये जीतने के लिए नहीं खेल रहे हैं.पहले पावरप्ले में भारत की शुरुआत हद से ज़्यादा धीमी रही. रोहित शर्मा जैसे कि हर मैच में ख़ुद को पहले पिच पर जमाने की कोशिश करते हैं इस मैच में भी ऐसा ही करते दिखे. हालांकि उन्हें पता था कि यह छोटे लक्ष्य की शुरुआत नहीं है. पहले पावर प्ले में 28 रन पर एक विकेट विश्व कप की सबसे धीमी शुरुआत है.रोहित शर्मा भाग्यशाली साबित हुए कि जो रूट ने दूसरे ओवर में ही सेकंड स्लिप में आसान सा कैच छोड़ दिया. भारत ने हार की पटकथा शुरुआत में ही लिख दी थी. पहले 10 ओवर में 42 गेंदों पर कोई कोई रन नहीं बना और महज पाँच चौके लगे.
धीमी शुरुआत पर कोहली
हालांकि कोहली ने धीमी शुरुआत की बात को ख़ारिज करते हुए कहा है, ”हम पहला विकेट गिरने के बाद सतर्क थे. शुरू में ही विकेट गिर जाने से दबाव बनता है. हमने केएल राहुल को शुरू में ही खो दिया था. इंग्लैंड के गेंदबाज़ों ने पहले 10 ओवर में बेहतरीन गेंदबाज़ी की थी.”धोनी और जाधव ने कोई बयान नहीं दिया है लेकिन रोहित शर्मा ने इनका बचाव किया है. रोहित ने कहा है, ”माही और केदार ने बड़े शॉट खेलने की कोशिश की लेकिन स्लो पिच के कारण संभव नहीं हो पाया. आप यहां इंग्लिश टीम की सराहना कर सकते हैं कि उन्होंने बेहतरीन खेला.”हालांकि इस बार धोनी पर धीमे खेलने का तोहमत रोहित और विराट की तुलना में नहीं लगाया जा सकता. रोहित शर्मा ने 109 गेंद पर 102 रन की पारी खेली जबकि कप्तान कोहली ने 76 गेंद पर 66 रन की. मतलब दोनों ने रन की तुलना में गेंद ज़्यादा खाए. वहीं धोनी ने 31 गेंद में 42 रन की पारी खेली. धोनी एकमात्र खिलाड़ी थे जिन्होंने इंग्लैंड के ख़िलाफ़ एक छक्का मारा. दूसरी तरफ़ इंग्लैंड ने कुल 13 छक्के मारे.

धोनी की पहचान एक बेहतरीन ‘फिनिशर’ की रही है. मतलब आख़िर के ओवरों में वो टीम के लक्ष्य की पीछा करने की सूरत में कम ही चूकते हैं और तेज़ रन बनाकर जीत के दरवाज़े तक पहुंचा देते हैं. लेकिन इसका मतलब ये नहीं हो सकता है कि कोई अच्छा फिनिशर बड़े लक्ष्य की बेकार शुरुआत की भरपाई भी आख़िरी ओवरों में ही कर दे.आख़िर के पाँच ओवर में भारत को जीत के लिए 71 रनों की ज़रूरत थी. मतलब हर गेंद पर दो से भी ज़्यादा रन बनाने थे जो कि आसान नहीं था.
निशाने पर धोनी ही क्यों?
धोनी की आलोचना अफ़ग़ानिस्तान के ख़िलाफ़ मैच से ही हो रही है, जिसमें भारत हारते-हारते जीता था. अफ़ग़ानिस्तान के ख़िलाफ़ धोनी ने 52 गेंद पर 28 रन की पारी खेली थी. लेकिन अफ़ग़ानिस्तान के ख़िलाफ़ कप्तान कोहली को छोड़ हर खिलाड़ी ने ख़राब खेला था.रोहित शर्मा तो 10 गेंद पर एक रन बनाकर आउट हो गए थे. वहीं वेस्ट इंडीज़ के ख़िलाफ़ भी धोनी की पारी की आलोचना हो रही है जबकि धोनी ने 61 गेंद पर 56 रन की पारी खेली थी. वेस्ट इंडीज़ के ख़िलाफ़ रोहित शर्मा 23 गेंद पर 18 रन बनाकर आउट हो गए थे और कप्तान कोहली ने 82 गेंद पर 72 रन बनाए थे.पाकिस्तान में धोनी की आलोचना इसलिए हो रही है क्योंकि इंग्लैंड की जीत से सेमीफ़ाइनल में पहुंचना उसके लिए अब आसान नहीं है. पाकिस्तान अंक तालिका में इंग्लैंड की जीत से चौथे से पाँचवें नंबर पर आ गया है और इंग्लैंड चौथे नंबर पर.पाकिस्तान के आठ मैचों में कुल नौ अंक हैं जबकि इंग्लैंड के आठ मैचों में कुल 10 अंक हैं. दोनों के एक-एक मैच बचे हैं. पाकिस्तान अगर अपना अगला मैच बांग्लादेश से जीत भी जाता है तो उसके कुल अंक ग्यारह होंगे और इंग्लैंड जीत जाता है तो उसके कुल अंक बारह हो जाएंगे.

IND VS ENG: भारत की हार से ग़ुस्से में क्यों हैं पाकिस्तानी #SOCIAL

क्रिकेट वर्ल्ड कप में रविवार रात इंग्लैंड ने जब भारत का विजय रथ रोका तो निराशा सिर्फ़ भारतीय फैंस को नहीं हुई.इंग्लैंड के ख़िलाफ़ बर्मिंघम में खेले मैच में भारत की जीत की दुआएं पाकिस्तानी फैंस भी कर रहे थे. वजह- भारत के जीतने पर पाकिस्तान के सेमीफ़ाइनल में पहुंचने की राह का आसान होना.मगर ये हो न सका और अब ये आलम है कि पाकिस्तान का सेमी फ़ाइनल में पहुंचना मुश्किल माना जा रहा है. अब पाकिस्तान को सेमी फ़ाइनल में पहुँचने के लिए बांग्लादेश के ख़िलाफ़ बड़ी जीत दर्ज करनी होगी. साथ ही इंग्लैंड के न्यूज़ीलैंड से हारने की उम्मीद करनी होगी. नेट रन रेट को भी अच्छा रहना होगा.लेकिन अगर भारत इंग्लैंड को बर्मिंघम में हरा देता तो पाकिस्तानी क्रिकेट टीम बेहतर स्थिति में होती.ऐसे में पाकिस्तानियों का ग़ुस्सा भारतीय क्रिकेट टीम पर फूट रहा है. ये ग़ुस्सा रविवार से सोमवार सुबह भी देखने को मिला लेकिन एक आरोप के साथ.

ट्विटर पर ट्रेंड किया ‘मैच फिक्स है’

पाकिस्तान में ट्विटर पर #MatchFixing और फिक्सिंग टॉप ट्रेंड में शामिल रहा. पढ़िए, लोगों ने इस हैशटैग के साथ क्या-क्या आरोप लगाए?

एमएम आलम ने लिखा, ”भारत बनाम इंग्लैंड का मैच 100 फ़ीसदी फिक्स्ड है.”

नासिर अली ख़ान ने आरोप लगाया, ” भारत बनाम इंग्लैंड के बीच मैच फिक्सिंग में आईसीसी भी शामिल है.”

हालांकि कुछ भारतीयों ने इसी हैशटैग के साथ ये भी लिखा कि इसे मैच फिक्सिंग नहीं, रणनीति बोलते हैं.

ट्विटर पर यूज़र @Derveshshaheen ने धोनी की तस्वीर शेयर करते हुए आरोप लगाया कि मैच फिक्सर की आईसीसी को जांच करनी चाहिए.

@mediaWatchdog_ ने लिखा, ”आईसीसी आज क्रिकेट के इतिहास में काला दिन है.”

ट्विटर पर एआर नाम के यूज़र ने लिखा, ”आईसीसी बिना फिक्सिंग के आज एक प्लेटफॉर्म मुहैया कराने में नाकाम रहा है. इंग्लैंड बनाम भारत मैच की जांच किए जाने की ज़रूरत है.”

यूज़र मार्शल ब्लड ने लिखा, ”अगर इंग्लैंड बनाम भारत का मैच फिक्स नहीं था तो कौन सा मैच फिक्स हुआ. आईसीसी भारत को बचाने की कोशिश कर रहा है.”

एम भाटी ने लिखा, ”भारत ने आख़िरी ओवर्स में जैसी बैटिंग की, इसकी जांच की जानी चाहिए.”

शानज़ई ख़ान ने एक मीम शेयर करते हुए लिखा, इंग्लैंड के गेंदबाज़ों के सामने भारतीय बल्लेबाज़ों का हाल देखकर पाकिस्तानियों की प्रतिक्रिया. 

सलमान ख़ान नाम के यूज़र लिखते हैं, ”इंशा अल्लाह, हम सिर्फ पॉजिटिव क्रिकेट खेलते हैं. लेकिन मैच फिक्सिंग नहीं करते हैं.”

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