वसुंधरा बहुत थक गई,बहुत मोटी हो गई,पतली थीं पहले-शरद यादव

 आपत्तिजनक टिप्पणी पर राजे ने कहा- चुनाव आयोग को एक्शन लेना चाहिए,यह कोई पहला मौका नहीं है जब जनता दल यूनाइटेड के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष शरद यादव ने महिलाओं पर अभद्र टिप्पणी की हो.

Sharad Yadav controversial comment on CM Raje
  • शरद यादव ने कहा था कि वसुंधरा बहुत थक गई हैं, वे बहुत मोटी हो गई हैं, उन्हें आराम देना चाहिए
  • मुख्यमंत्री राजे ने कहा कि एक वरिष्ठ नेता को ऐसा बयान नहीं देना चाहिए, भाजपा ने चुनाव आयोग से शिकायत की

जयपुर.  नवगठित- लोकतांत्रिक जनता दल (एलजेडी) के अध्यक्ष शरद यादव द्वारा रादस्थान की सीएम वसुंधरा राजे को लेकर अभद्र टिप्पणी करने के बाद बीजेपी ने निर्वाचन आयोग में शिकायत की है. बीजेपी ने शरद यादव पर कार्रवाई की मांग करते हुए उनके बयान को स्तरहीन और निंदनीय बताया. बीजेपी नेता नाहरसिंह माहेश्वरी ने आयोग में शिकायत करने के बाद कहा कि यादव का बयान निंदनीय है और उन पर कार्रवाई की जानी चाहिए. बीजेपी की नेता सुमन शर्मा ने कहा कि राजस्थान की बहनें इस बयान के लिए कांग्रेस को माफ नहीं करेंगी.

शरद यादव हमेशा से ही महिलाओं पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने को लेकर विवादों में रहे हैं. इस बीच गुरुवार को शरद यादव का वीडियो सामने आया था जिसमें वह सीएम वसुंधरा राजे को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी.

पूर्व केंद्रीय मंत्री और जेडीयू के पूर्व नेता शरद यादव की आपत्तिजनक टिप्पणी पर मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने नाराजगी जताई है। राजे ने झालरापाटन में शुक्रवार को वोट डालने के बाद कहा कि मैं हैरान हूं कि कोई वरिष्ठ नेता ऐसा बयान दे सकता है। भविष्य में ऐसा न हो इसके लिए चुनाव आयोग को उनके बयान पर संज्ञान लेना चाहिए। साथ ही एक्शन लेकर एक उदाहरण पेश करना चाहिए। भाजपा ने गुरुवार को चुनाव आयोग से इसकी शिकायत भी की।

राजे ने कहा, “मैं नहीं समझती हूं कि कोई भी नेता, वरिष्ठ नेता ऐसा बयान दे सकता है और जिनके हमारे परिवार से अच्छे संबंध थे। खासकर राजमाता साहब के साथ। ऐसे व्यक्ति अपनी वाणी पर संयम नहीं रख पाए। उससे बुरा क्या हो सकता है ? हम नहीं चाहते है कि हमारे यंगस्टर्स को खराब मैसेज जाए। ऐसी भाषा कांग्रेस और उनके सहयोगियों के मुंह से सुनी जा सकती है।”

शरद यादव ने क्या कहा था? 
समाचार एजेंसी एएनआई ने शरद यादव के चुनावी सभा का एक वीडियो शेयर किया है, जिसमें वह वसुंधरा राजे पर यह टिप्पणी कर रहे हैं. वह कहते हैं ‘हमारी यह वसुंधरा इसको आराम दो बहुत थक गई है. बहुत मोटी हो गई है. पहले बहुत पतली थी न ये?  हमारे मध्य प्रदेश की बेटी है ये.’ हालांकि, इस वीडियो के वायरल होने के बाद से सोशल मीडिया पर शरद यादव की खूब आलोचना हो रही है. हालांकि, इस बार बीजेपी ने चुनाव आयोग से इसकी शिकायत की है.

Embedded video

ANI
@ANI

Sharad Yadav on Vasundhra Raje in Alwar, Rajasthan: Vasundhra ko aaram do, bahut thak gayi hain, bahut moti ho gayi hain, pehle patli thi. Humare Madhya Pradesh ki beti hai.

बढ़ते विवाद को देखते हुए शरद यादव ने बाद में समाचार एजेंसी एएनआई से कहा कि ‘मैंने इसे मजाक में कहा. मेरा उनसे पुराना रिश्ता है. यह किसी तरह से अपमानजनक नहीं है. उन्हें दुख पहुंचाने का मेरा कोई इरादा नहीं था. जब मैं उनसे मिला तब भी मैंने उनसे कहा कि उनका वजन बढ़ रहा है.’

यह महिलाओं का अपमान 
राज्य वित्त आयोग की अध्यक्ष रही डॉ. ज्योति किरण ने कहा है कि राजे पर यादव की टिप्पणी घोर आपत्तिजनक है। उन्होंने राजस्थान की महिलाओं का अपमान किया है। उन्होंने कहा कि यादव को इसके लिए माफी मांगनी होगी। राज्य महिला आयोग की पूर्व अध्यक्ष सुमन शर्मा ने कहा कि कांग्रेस की अलाइंस पार्टी राजस्थान में आकर महिलाओं का अपमान करती है।

पहले भी दे चुके हैं महिलाओं को लेकर विवादित बयान 
यह कोई पहला मौका नहीं है जब जनता दल यूनाइटेड के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष शरद यादव ने महिलाओं पर अभद्र टिप्पणी की हो. वह इससे पहले भी महिलाओं को लेकर कई विवादित बयान दे चुके हैं. 2017 में यादव ने कहा था कि वोट की कीमत बेटी की इज्जत से कहीं बढ़कर है. उन्होंने कहा था कि बेटी की इज्जत गई तो सिर्फ मोहल्‍ले और गांव की ही इज्‍जत जाएगी लेकिन वोट बिक गया तो देश की इज्‍जत चली जाएगी.

दक्षिण भारत की महिलाओं के रंग-रूप को लेकर टिप्पणी
शरद यादव ने राज्यसभा में बीमा विधेयक की चर्चा के दौरान कहा था कि दक्षिण भारत की महिलाएं सांवली जरूर होती हैं, लेकिन उनका शरीर खूबसूरत होता है, उनकी त्वचा सुंदर होती है, वे नाचना भी जानती हैं. उन्होंने कहा था कि भारतीय लोग गोरी चमड़ी के आगे किस तरह सरेंडर करते हैं, यह निर्भया पर डॉक्यूमेंट्री बनाने वाली लेस्ली अडविन के किस्से से पता चलता है.

केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी के खिलाफ भी दिया था बयान
महिलाओं के खिलाफ बयानबाजी पर केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने कड़ी आपत्ति जताई थी तो शरद यादव ने उन्हें जवाब देते हुए कहा था कि मैं जानता हूं, कि आप क्या हैं. वहीं, इससे पहले सन 1997 में महिला आरक्षण विधेयक जब पहली बार संसद में पेश किया गया था तब शरद यादव ने कहा था कि इस विधेयक के जरिये क्या आप ‘परकटी महिलाओं’ को सदन में लाना चाहते हैं. उनकी इस टिप्पणी पर महिला संगठनों ने कड़ा विरोध जताया था और आखिरकार शरद यादव को माफी मांगने पर मजबूर होना पड़ा था.

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