वर्गीज कूरियन पर अमूल के रुपयों से धर्म परिवर्तन कराने का आरोप

वर्गीज कुरियन

वर्गीज कुरियन
गुजरात के भाजपा नेता और पूर्व मंत्री दिलीप संघाणी ने अमूल दूध के कर्ता-धर्ता वर्गीज कूरियन पर धर्म परिवर्तन को लेकर बड़ा आरोप लगाया है। दिलीप ने कहा कि भारत में दुग्ध क्रांति के जनक पद्म विभूषण से सम्मानित डॉ वर्गीज कूरियन अमूल के पैसे से ईसाई संस्थाओं की मदद करते थे इन रुपयों का उपयोग  वो धर्म परिवर्तन कराने में खर्च करते थे।  अंग्रेजी मीडिया में उनके प्रभाव के चलते ही उनकी छवि को महान व्यक्ति के रूप में प्रचारित किया गया। दिलीप ने कूरियन पर ईसाई धर्म की संस्थाओं को मिशनरी कार्य के लिए धन उपलब्ध कराने का आरोप लगा है। संघाणी ने डेयरी पर हुए एक कार्यक्रम में कूरियन पर ये आरोप लगाए।

इंडियन एक्सप्रेस की ख़बर के मुताबिक भारत में श्वेत क्रांति के जनक कहे जाने वाले वर्गीज कुरियन पर उनके कार्यकाल के दौरान अमूल के पैसे से धर्मांतरण कराने का आरोप लगा है.कुरियन पर गुजरात में उस मिशनरीज को डोनेशन देने का आरोप लगा है जो धर्मांतरण के काम में लिप्त थीं.संघानी ने कहा, “जब कुरियन अमूल का नेतृत्व कर रहे थे, तब उन्होंने ईसाई मिशनरीज को डोनेशन दी. आप अमूल के रिकॉर्ड से इस बात का पता लगा सकते हैं और ये मिशनरीज धर्मांतरण के काम में लिप्त थीं.”

संघानी ने कहा, “अमूल की शुरुआत त्रिभुवनदास पटेल ने की थी, लेकिन क्या देश में कोई व्यक्ति त्रिभुवनदास पटेल को जानता है? गुजरात के किसानों और मवेशी पालनेवालों ने जो कड़ी मेहनत से पैसा इकट्ठा किया उसे उन्होंने (कुरियन ने) धर्मांतरण के लिए डांग (दक्षिण गुजरात) में दान कर दिया.”

भाजपा नेता दिलीप संघानी ने कहा कि जब वह गुजरात सरकार में मंत्री थे तो उनके सामने यह मुद्दा आया था, लेकिन उस वक्त उन्हें चुप रहने की सलाह दी गई, क्योंकि उस वक्त केन्द्र में कांग्रेस की सरकार थी और वह इस मुद्दे को पूरे देश में फ़ैला सकते थे.जब अख़बार ने गुजरात कोऑपरेटिव मिल्क मार्केटिंग फेडरेशन लिमिटेड (जीसीएमएमएफ) के प्रबंध निदेशक आरएस सोढ़ी इस बारे में जानना चाहा जो इस वक्त विदेश में हैं तो उन्होंने मैसेज कर जवाब दिया, “मुझे जांच करने दें.”

बता दें कि देश में कृषि व दुग्ध उत्पादन के क्षेत्र में क्रांति लाने वाले डॉ वर्गीज कूरियन ने गुजरात के आणंद शहर को अपनी कर्मस्थली बनाया तथा यहीं पर उनहोंने भारत की श्वेत क्रांति की नींव रखी। उन्होंने अमूल, जीसीएमएमएफ, इरमा, एनडीडीबी सहित तीन दर्जन संस्थाओं की नींव रखी। उनकी उल्लेखनीय सेवाओं के लिए उन्हें पहले पद्म भूषण तथा बाद में पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया।

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