राहुल का त्यागपत्र प्रस्ताव कांग्रेस कार्यसमिति ने नकारा , राहुल बोले -अध्यक्ष न रहूंगा, करता रहूंगा पार्टी का काम

जानकारी के मुताबिक राहुल गांधी ने इस्तीफे की पेशकश करने के बाद कहा कि लोकसभा में पार्टी का नेता बनने को तैयार हूं लेकिन अध्यक्ष नहीं रहूंगा. राहुल गांधी ने कहा भी कहा कि मेरी जगह प्रियंका का नाम भी मत लेना, गांधी परिवार से बाहर का अध्यक्ष बनाइए.

नई दिल्ली: लोकसभा चुनावों में हार पर मंथन के लिए कांग्रेस वर्किंग कमेटी की आज बैठक हुई. राहुल गांधी ने कांग्रेस कार्यसमिति बैठक में इस्तीफे की पेशकश की जिसे नकार दिया गया. पार्टी की ओर से आधिकारिक बयान देने आए रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि राहुल गांधी ने इस्तीफे की पेशकश की लेकिन कार्यसमिति ने ने इसे सर्वसम्मति से खारिज कर दिया. हालांकि सूत्रों के हवाले से खबर है कि राहुल गांधी अपने इस्तीफे को लेकर अड़ गए हैं. राहुल गांधी ने यह भी कह दिया है कि गांधी परिवार से बाहर का अध्यक्ष चुना जाए.

पार्टी प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा, ”कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने कांग्रेस कार्यसमिति के अध्यक्ष पद से अपने इस्तीफे की पेशकश की, मगर कार्यसमिति के सदस्यों ने सर्वसम्मति व एक स्वर से इसे खारिज करते हुए कांग्रेस अध्यक्ष को आह्वान किया कि प्रतिकूल व चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में पार्टी को श्री राहुल गांधी के नेतृत्व व मार्गदर्शन की आवश्यकता है.”

सुरजेवाला ने कहा, ”कांग्रेस कार्यसमिति ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को देश के युवाओं, किसानों, महिलाओं, अनुसूचित जाति/जनजाति/पिछड़ों, गरीबों, शोषितों व वंचितों की समस्याओं के लिए आगे बढ़कर जूझने का आग्रह किया. कांग्रेस कार्यसमिति उन चुनौतियों, विफलताओं और कमियों को स्वीकार करती है, जिनकी वजह से ऐसा जनादेश आया.”

जानकारी के मुताबिक राहुल गांधी ने इस्तीफे की पेशकश करने के बाद कहा कि लोकसभा में पार्टी का नेता बनने को तैयार हूं लेकिन अध्यक्ष नहीं रहूंगा. राहुल गांधी ने कहा भी कहा कि मेरी जगह प्रियंका का नाम भी मत लेना, गांधी परिवार से बाहर का अध्यक्ष बनाइए. राहुल गांधी ने कहा कि अध्यक्ष के तौर पर काम नहीं करना चाहता, पार्टी के लिए काम करता रहूंगा, विचारधारा की लड़ाई लड़ना चाहता हूं.

इसके साथ ही राहुल गांधी ने पार्टी को चार विकल्प दिए हैं. सूत्रों के हवाले से यह भी खबर है कि राहुल गांधी के इस्तीफे की पेशकश के बाद प्रियंका गांधी ने कहा कि ऐसा निर्णय बीजेपी के जाल में फंसने जैसा होगा, आप जल्दबाजी में फैसला ना लें. बैठक में सबने खड़े होकर राहुल के अध्यक्ष पद से हटने की बात का विरोध किया, हलांकि राहुल राजी नहीं हुए. सोनिया ने मनाने को कहा गया तो वो बोलीं -मैं कुछ नहीं कहूंगी, ये राहुल का फैसला है.

सूत्रों के हवाले से खबर है कि वर्किंग कमेटी की बैठक में पार्टी के प्रदर्शन पर चर्चा के दौरान वरिष्ठ नेता पी चिंदबरम भावुक हो गए. चिदंबरम ने रोते हुए कहा कि दक्षिण के राज्यों में कार्यकर्ता आत्महत्या कर लेंगे. प्रियंका ने गांधी कहा कि चुनावों में मुद्दों पर बात नहीं हुई, सरकार बुनियादी मुद्दों को दबाने में कामयाब रही.

वर्किंग कमेटी की बैठक में मीडिया पर भी इल्जाम लगाए गए. कांग्रेस नेताओं ने कहा मीडिया ने वही दिखाया जैसा सरकार ने कहा, चुनाव में चुनाव ने सरकार के मीडिया की तरह काम किया. इसके साथ ही सभी नेताओं ने चुनाव में राहुल गांधी की आक्रमकता की तारीफ की और कहा कमी बाकियों में रह गई.

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