राष्ट्रीय पर्यटन पुरस्कार: विकास को आंध्र , आईटी तकनीक इस्तेमाल में तेलंगाना सर्वश्रेष्ठ राज्य

विज्ञान भवन में आयोजित समारोह में नायडू ने कहा कि भारत में कारोबार करना आसान हो गया है और अब देश में अधिक संख्या में पर्यटक आ रहे हैं. उन्होंने कहा कि इससे पहले कारोबारी लाल फीताशाही में फंस जाते थे
नई दिल्ली: राष्ट्रीय पर्यटन पुरस्कार 2017-18 में आंध्र प्रदेश को सर्वश्रेष्ठ राज्य के पुरस्कार से नवाजा गया है. आंध्र प्रदेश भारत के समृद्धशाली राज्यों में से एक है, जो दक्षिण-पूर्वी तट पर स्थित है। यह क्षेत्रफल के अनुसार भारत का चौथा सबसे बड़ा और जनसंख्या की दृष्टि से पाँचवा सबसे बड़ा राज्य है। इसकी राजधानी और सबसे बड़ा शहर हैदराबाद है। भारत के सभी राज्यों में सबसे लंबा समुद्र तट गुजरात का है, जिसकी लम्बाई 1600 किलोमीटर है, जबकि आंध्र प्रदेश का समुद्र तट दूसरे स्थान पर है, जिसकी लम्बाई 972 किलोमीटर है।
पर्यटन की दृष्टि से आंध्र प्रदेश में कई स्थान और इमारतें आदि महत्त्वपूर्ण हैं। यहाँ के प्रमुख पर्यटन स्थल
हैदराबाद में चारमीनार, सालारजंग संग्रहालय और गोलकुंडा क़िला
वारंगल में सहस्त्र स्तंभ मंदिर और क़िला
यादागिरिगुट्टा में श्रीलक्ष्मी नरसिंह स्वामी मंदिर
नागार्जुनकोंडा और नागार्जुन सागर में बौद्ध स्तूप
तिरूपति में तिरुपति वेंकटेश्वर मंदिर
श्रीसेलमक का श्रीमल्लिकार्जुनस्वामी मंदिर
विजयवाड़ा का कनक दुर्गा मंदिर
पानीगिरि, जहाँ प्राचीन सातवाहन कालीन बौद्ध उपनिवेश के भग्नावेशेष हैं।
अन्नावरम में श्री सत्यनारायण स्वामी मंदिर
सिम्हाचलम में श्री वराह नरसिंह स्वामी मंदिर
गोलकुंडा क़िला, हैदराबाद
भद्राचलम में श्री सीताराम मंदिर, अरकुघाटी, होर्सले पहाडियाँ, शेषचलम पहाड़ियाँ, एरामला पर्वतमाला, नल्लामलाई पर्वत और नेलापटटू आदि आंध्र प्रदेश के महत्त्वपूर्ण पर्यटन स्थल हैं।
हैदराबाद की ‘हुसैन सागर झील’ में टैंकबंद में प्रमुख तेलुगु महापुरुषों की 33 आदमक़द मूर्तियाँ लगाई गई हैं और झील के बीच में जिब्राल्टर चट्टान पर 60 फुट की विशालकाय बुद्ध प्रतिमा लगाई गई है। यह झील हैदराबाद और सिकंदराबाद शहरों को अलग करती है।
केसरपल्ली आन्ध्र प्रदेश के कृष्णा ज़िलांतर्गत एक ऐतिहासिक स्थान है । उप राष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने शुक्रवार को ये पुरस्कार प्रदान किए. इस साल विभिन्न श्रेणियों में कुल 76 पुरस्कार दिए गए. आंध्र प्रदेश को पर्यटन क्षेत्र में चहुमुंखी विकास के लिए सर्वश्रेष्ठ राज्य का पुरस्कार मिला.
गोवा और मध्य प्रदेश रोमांचक पर्यटन श्रेणी के साझा विजेता रहे. उत्तराखंड को सर्वश्रेष्ठ फिल्म प्रमोशन अनुकूल राज्य (बेस्ट फिल्म प्रमोशन फ्रैंडली स्टेट) का पुरस्कार मिला. विश्व पर्यटन दिवस 2019 उत्तराखण्ड पर्यटन के लिए एक नई सौगात लेकर आया। विज्ञान भवन, नई दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय पर्यटन पुरस्कार 2017-18 समारोह में मुख्य अतिथि एम0 वेंकैया नायडु, भारत के उपराष्ट्रपति एवं विशिष्ट अतिथि जुरब पोलोलिकाश्विली, यू0एन0डब्ल्यू0टी0ओ0 के महासचिव तथा पर्यटन/संस्कृति राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) प्रहलाद सिंह पटेल,ने उत्तराखंड राज्य को राष्ट्रीय फिल्म संवर्धन हितैषी राज्य पुरस्कार से सम्मानित किया। उत्तराखंड के पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज, अपर सचिव पर्यटन,उत्तराखंड शासन सोनिका एवं संयुक्त निदेशक, उत्तराखंड पर्यटन पूनम चंद ने यह पुरस्कार प्राप्त किया ।
राज्य के नैसर्गिक सौन्दर्य और मनोहारी लोक संस्कृति के परिप्रेक्ष्य में उत्तराखंड को फिल्म निर्माण के क्षेत्र में देश के एक महत्वपूर्ण केन्द्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। भारत के सबसे सुन्दरतम राज्यों में से एक उत्तराखंड अनेक सुरम्य व मनमोहक स्थानों को खुद में समेटे हुए है जो फिल्म उद्योग के लिए आदर्श है। एक तरफ हिमालय की ऊँची-ऊँची चोटियाँ व उससे निकलने वाली गंगा, यमुना आदि सदानीर नदियाँ हैं, तो दूसरी तरफ देवदार, चीड़ आदि के घने जंगल। यहाँ वन्यजीवों से लेकर प्राचीन पुरातात्विक धरोहर, विश्व प्रसिद्ध चारधाम आदि मंदिरों से लेकर बर्फ से ढ़के पहाड़ किसी भी फिल्म की शूटिंग के लिए आदर्श पृष्ठभूमि प्रस्तुत करते हैं।
देश-विदेश के फिल्म निर्माताओं को फिल्म निर्माण के लिए आकर्षित करने के उद्देश्य से राज्य ने एकल खिड़की व्यवस्था के माध्यम से अपनी फिल्म शूटिंग नीति को आसान बना दिया है जैसे राज्य में निर्मित एवं प्रदर्शित होने वाली फिल्मों को प्रोत्साहन, मनोरंजन कर में छूट, अनुदान, निगम के पर्यटक आवास गृहों में 50 प्रतिशत छूट आदि। जिसके फलस्वरूप अनेक क्षेत्रीय एवं बाॅलीवुड फिल्मों की शूटिंग उत्तराखंड राज्य में की गई है।
आईटी तकनीक के नए तरीके के इस्तेमाल के लिए तेलंगाना सर्वश्रेष्ठ राज्य चुना गया.
यहां विज्ञान भवन में आयोजित समारोह में नायडू ने कहा कि भारत में कारोबार करना आसान हो गया है और अब देश में अधिक संख्या में पर्यटक आ रहे हैं. उन्होंने कहा कि इससे पहले कारोबार लाल फीताशाही में फंस जाते थे. अब भारत में पर्यटकों का शानदार स्वागत किया जाता है.
केंद्रीय पर्यटन और संस्कृति राज्यमंत्री प्रहलाद सिंह पटेल और विश्व पर्यटन संगठन के महासचिव जुराब पोलोलिकाश्विली भी इस अवसर पर मौजूद थे.

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