राइजिंग कश्मीर संपादक शुजात बुखारी की दो सुरक्षाकर्मियों समेत आतंकियों ने गोली मार की हत्या

अगवा जवान औरंगजेब की  भी आतंकियों ने की हत्या,श्रीनगर घाटी में अमन के लिए राइजिंग कश्मीर के संपादक शुजात बुखारी ने कई सभाएं आयोजित करवाई थीं

  • श्रीनगर में कश्मीरी अखबार के संपादक की आतंकियों ने गोली मारकर हत्या की, हमले में 2 सुरक्षाकर्मी भी मारे गए, national news in hindi, national news
    बुखारी द हिंदू अखबार के कश्मीर संवाददाता भी रह चुके थे। -फाइल

    – श्रीनगर के लाल चौक के पास आतंकियों ने बुखारी पर हमला किया
    – बुखारी अपने दफ्तर से इफ्तार पार्टी में शामिल होने जा रहे थे

    श्रीनगर.राइजिंग कश्मीर अखबार के संपादक शुजात बुखारी की गुरुवार शाम आतंकियों ने गोली मारकर हत्या कर दी। लाल चौक के पास शाम 7.15 बजे हुए हमले में बुखारी के 2 सुरक्षाकर्मियों की भी जान चली गई। एक नागरिक भी घायल हुआ है। गृह मंत्री राजनाथ सिंह, जम्मू-कश्मीर की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती और कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने इस घटना पर शोक जाहिर किया है। राजनाथ ने कहा- बुखारी निडर पत्रकार थे, उनकी हत्या कायरता का परिचय है।

    बाइक पर आए तीन आतंकियों ने किया हमला

    – जम्मू-कश्मीर के डीजीपी एसपी वैद ने कहा, “हमला इफ्तार के वक्त हुआ। बुखारी अपने प्रेस एन्क्लेव स्थित दफ्तर से बाहर निकले थे और कार में सवार होने जा रहे थे। इसी दौरान बाइक पर आए 3 आतंकियों ने उन पर और सुरक्षाकर्मियों पर गोलियां बरसानी शुरू कर दीं।”

    इससे पहले भी तीन बार हो चुका था जानलेवा हमला

    ऐसा नहीं है कि बुखारी पर पहली बार हमला हुआ हो, इससे पहले भी 3 बार उनकी जान लेने की कोशिश दहशतगर्दों ने की थी, लेकिन अल्लाह पाक का शुक्र उनपर था जो हर बार बच गए

    शुजात बुखारी पर इससे पहले भी तीन बार हो चुका था जानलेवा हमला

    राइजिंग कश्मीर के एडिटर शुजात बुखारी को उनके ऑफिस के बाहर अज्ञात लोगों ने गोली मारकर हत्या कर दी. शुजात बुखारी राइजिंग कश्मीर के एडिटर थे. बुखारी को जम्मू और कश्मीर की राजधानी श्रीनगर के प्रेस एवेन्यू में उनके ऑफिस के बाहर गोली मारी गई.ईद से पहले और रमजान के पाक महीने में दहशतगर्दों ने शुजात बुखारी को अपना निशाना बनाया है. इस घटना से कोई भी शांतिप्रिय मुसलमान खुश नहीं होगा. कश्मीर में भारत सरकार ने रमजान के पाक महीने में एनकाउंटर के लिए मनाही की थी, लेकिन अमनपंसद लोगों के अलावा यह बात शायद दहशतगर्दों को पसंद नहीं आई.

    कौन थे शुजात बुखारी

    Shujaat Bhukhari

    राइजिंग कश्मीर के एडिटर शुजात बुखारी भारत के सुप्रसिद्ध अखबार द हिंदू में रिपोर्टर हुआ करते थे. वह हिंदू के श्रीनगर ब्यूरोचीफ भी थे. उन्होंने मनीला के एक यूनिवर्सिटी से अपनी पत्रकारिता की पढ़ाई पूरी की थी.बुखारी को वर्ल्ड प्रेस इस्टीट्यूट (WPI) अमेरिका और एशियन सेंटर फॉर जर्नलिज्म सिंगापुर से फेलोशिप भी मिला हुआ था. वो इन दोनों संस्थानों के स्थायी फेलो थे.

    पहली बार नहीं हुआ था हमला

    ऐसा नहीं है कि शुजात बुखारी पर पहली बार हमला हुआ हो. इससे पहले भी 3 बार उनकी जान लेने की कोशिश दहशतगर्दों ने की थी, लेकिन अल्लाह पाक का शुक्र उनपर था जो हर बार बच गए.

    बुखारी ने सोचा भी नहीं होगा कि रमजान के इस पाक महीने में दहशतगर्ग उन्हें अपना निशाना बनाएंगे. तीन बार हमलावरों से बचे बुखारी चौथे हमले में खुद को बचा नहीं पाए.

    ईद से पहले आतंकियों का गंदा चेहरा सामने आया- मुफ्ती
    – महबूबा मुफ्ती ने बुखारी के परिजनों से मुलाकात की। मुख्यमंत्री ने कहा, “ईद से एक दिन पहले आतंकियों का गंदा चेहरा सामने आया है। बुखारी की हत्या चौंकाने वाली घटना है। कुछ दिन पहले ही वे मुझसे मिलने आए थे।”
    – नेशनल कॉन्फ्रेंस लीडर उमर अब्दुल्ला ने कहा, “बुखारी ने अपना कर्तव्य निभाते हुए जान दी। उनकी हत्या कायराना हरकत है।”

     बुखारी न्याय और शांति के लिए निडरता से लड़े- राहुल
    – राहुल ने ट्वीट किया, ”  हत्या की खबर सुनकर स्तब्ध हूं। वे काफी हिम्मत वाले थे। बुखारी जम्मू-कश्मीर में न्याय और शांति के लिए निडरता से लड़े।”
    – केंद्रीय मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौर ने ट्वीट किया, “ये शर्मनाक हरकत है। भारत में मीडिया स्वतंत्र है। केंद्र और राज्य सरकार डिया की स्वतंत्रता को लेकर प्रतिबद्ध हैं।”

अगवा किए जवान औरंगजेब की आतंकियों ने की हत्या

औरंगजेब के गुरुवार सुबह आतंकियों ने पुलवामा के कलमपोरा से अगवा किया था. जम्मू कश्मीर पुलिस और सेना की टीम को उनका शव कलमपोरा से 10 किलोमीटर दूर पुलवाम के ही गुस्सु गांव में मिला.

जम्मू कश्मीरः अगवा किए गए जवान औरंगजेब की आतंकियों ने की हत्या, उमर ने जताया दुख
सेना का जवान औरंगजेब ईद मनाने के लिए अपने घर जा रहा था, आतंकियों ने किया था अगवा
खास बातें

 रमजान के महीने में आतंकियों ने एक बार फिर अपने नापाक इरादे को अंजाम दिया है. जम्मू कश्मीर के पुलवामा से अगवा किए गए भारतीय सेना के जवान औरंगजेब की आतंकियों ने हत्या कर दी है. सेना के जवान औरंगजेब का शव पुलवामा के गूसो इलाके में मिला है. औरंगजेब पुंछ जिले के रहने वाले थे. सेना के जवान के अगवा होने की खबर के बाद से पुलिस और सेना ने तलाशी अभियान चला रखा था. लेकिन देर शाम उसकी हत्या किए जाने की खबर सामने आई. बताया जा रहा है कि सेना का जवान औरंगजेब ईद मनाने अपने घर जा रहा था, उसी वक्त आतंकियों ने उसे अगवा कर लिया था.

औरंगजेब के गुरुवार सुबह आतंकियों ने पुलवामा के कलमपोरा से अगवा किया था. जम्मू कश्मीर पुलिस और सेना की टीम को उनका शव कलमपोरा से 10 किलोमीटर दूर पुलवाम के ही गुसू गांव में मिला. पुलिस ने बताया कि सेना के जवान के सिर और गर्दन पर गोली मारी गई थी.जानकारी के मुताबिक सेना का जवान औरंगजेब पुंछ जिले का रहने वाला था.

पुलिस ने बताया कि 4 जम्मू – कश्मीर लाइट इन्फेंटरी के औरंगजेब फिलहाल शोपियां के शादीमार्ग स्थित 44 राष्ट्रीय राइफल में तैनात थे. अधिकारियों ने बताया कि सुबह करीब नौ बजे यूनिट के सैनिकों ने एक कार को रोककर चालक से औरंगजेब को शोपियां तक छोड़ने को कहा. आतंकवादियों ने उस वाहन को कालम्पोरा में रोका और जवान का अपहरण कर लिया.

सेना के जवान की शहादत पर पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने ट्वीट किया , ‘‘ पहले से दुखद दिन को और दुखद बनाने वाली और एक घटना.  औरंगजेब की आत्मा को शांति मिले. अल्लाह जन्नत नसीब करे. ’’

खास बात यह है कि यह जवान आतंकी समीर टाइगर को मार गिराने वाली टीम में भी शामिल था.

फोटोः आईएएनएस

राइजिंग कश्मीर के संपादक शुजात बुखारी की श्रीनगर में गोली मारकर हत्या
जम्मू कश्मीर में वरिष्ठ पत्रकार और राइजिंग कश्मीर के संपादक शुजात बुखारी और उनके पीएसओ की गुरुवार को अज्ञात बंदूकधारियों ने गोली मारकर हत्या कर दी. ये हमला श्रीनगर में उनके ऑफिस के बाहर हुआ. पुलिस के अधिकारियों ने बताया कि बुखारी श्रीनगर के प्रेस एंक्लेव स्थित अपने कार्यालय से एक इफ्तार पार्टी के लिए जा रहे थे कि तभी अज्ञात बंदूकधारियों ने उन पर हमला कर दिया. उन्होंने बताया कि बुखारी की सुरक्षा में तैनात उनके निजी सुरक्षा अधिकारियों (पीएसओ) में से एक की इस हमले में मौत हो गई. हमले में एक अन्य पुलिसकर्मी तथा एक आम नागरिक घायल हो गया.

अधिकारियों ने बताया कि हमले में घायल दोनों लोगों की हालत गंभीर है. हमला ईद से पहले हुआ है. तत्काल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि हमलावरों की संख्या कितनी थी. बुखारी ने पूर्व में द हिन्दू के कश्मीर संवाददाता के रूप में भी काम किया था. उन्होंने कश्मीर घाटी में कई शांति सम्मेलनों के आयोजनों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी. वह पाकिस्तान के साथ ट्रैक -2 प्रक्रिया का भी हिस्सा थे.

जम्मू कश्मीर की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने एक संदेश में कहा कि वह बुखारी के ‘आकस्मिक निधन’ की खबर सुनकर स्तब्ध और दुखी हैं. उन्होंने टि्वटर पर कहा , ‘‘ आतंकवाद की बुराई ने ईद की पूर्व संध्या पर अपना घिनौना चेहरा दिखाया है. मैं बर्बर हिंसा के कृत्य की कड़ी निन्दा करती हूं और ईश्वर से प्रार्थना करती हूं कि उनकी (बुखारी) आत्मा को शांति मिले. उनके परिवार के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं. ’’

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