येदियुरप्पा का फ्लोर टेस्‍ट प्‍लान, बोले- ‘बहुमत साबित कर देंगे’

नीतिगत फैसले नहीं लेंगे, एंग्‍लो इंडियन MLA के मनोनयन पर रोक,विधायकों को फ्लाइट से केरल ले जाना चाहती थी कांग्रेस, ATC ने नहीं दी इजाजत

नई दिल्ली , 18 मई : येदियुरप्पा ने कहा कि ‘मुख्‍य सचिव से बात की जाएगी और कल विधानसभा का सत्र बुलाया जाएगा. हम 100 फीसदी आश्‍वस्‍त हैं कि हम पूर्ण बहुमत हासिल करेंगे.’

नई दिल्‍ली : उच्चतम न्यायालय द्वारा कल (शनिवार को) कर्नाटक विधानसभा में शाम चार बजे तक शक्ति परीक्षण कराए जाने के आदेश के बाद भाजपा के नव नियुक्त मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा की प्रतिक्रिया आई. उन्‍होंने कहा कि ‘शक्ति परीक्षण के लिए हम उच्चतम न्यायालय के आदेश का पालन करेंगे. हम बहुमत साबित कर देंगे.’

येदियुरप्पा ने कहा कि ‘मुख्‍य सचिव से बात की जाएगी और कल विधानसभा का सत्र बुलाया जाएगा. हम 100 फीसदी आश्‍वस्‍त हैं कि हम पूर्ण बहुमत हासिल करेंगे.’

उल्‍लेखनीय है कि उच्चतम न्यायालय ने शुक्रवार को आदेश दिया कि कर्नाटक विधानसभा में शनिवार शाम चार बजे बहुमत साबित किया जाए ताकि यह पता लगाया जा सके कि भाजपा के नव नियुक्त मुख्यमंत्री बी एस

येदियुरप्पा के पास राज्य में विधायकों का पर्याप्त संख्याबल है या नहीं. न्यायमूर्ति एके सीकरी की अध्यक्षता वाली तीन न्यायाधीशों की पीठ ने कहा, ‘सदन को फैसला लेने दें और सबसे अच्छा तरीका शक्ति परीक्षण होगा’. न्यायमूर्ति एसए बोबडे और न्यायमूर्ति अशोक भूषण भी पीठ का हिस्सा थे.

मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता मुकुल रोहतगी ने सोमवार तक का वक्त मांगा था, लेकिन पीठ ने शक्ति परीक्षण कल करने का आदेश दिया.LIVE: कर्नाटक : फ्लोर टेस्‍ट कल, SC का आदेश - येदियुरप्‍पा नीतिगत फैसले नहीं लेंगे, एंग्‍लो इंडियन MLA के मनोनयन पर रोक

कांग्रेस और जेडीएस की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद कर्नाटक के मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा ने कहा है कि वे शनिवार को सदन में विधानसभा में बहुमत साबित कर देंगे और उनके पास पर्याप्त संख्या बल है.

येदियुरप्पा के बेटे राघवेंद्र ने कहा कि विश्वास मत जीतने को लेकर हमें सौ फीसदी विश्वास है, हमारे लिए कोई समस्या नहीं है. कर्नाटक में मौजूद बीजेपी नेता और केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने भी बहुमत साबित करने के प्रति आश्वस्ति जताई है.

बता दें कि कांग्रेस और जेडीएस ने कर्नाटक के राज्यपाल वजुभाई वाला के बीएस येदियुरप्पा को सरकार बनाने के लिए न्यौता देने के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी. इस पर आज फैसला सुनाते हुए सुप्रीम कोर्ट ने 48 घंटे के भीतर येदियुरप्पा को सदन बहुमत साबित करने को कहा है.इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि येदियुरप्पा बहुमत साबित होने तक कोई भी नीतिगत फैसला नहीं ले सकते हैं.एंग्‍लो इंडियन MLA मनोनित करने पर भी लगाई रोक.

– फ्लोर टेस्‍ट से पहले सभी विधायक लेंगे शपथ और शपथ के बाद प्रोटेम स्‍पीकर बनेंगे.

कोर्ट के फैसले के बाद बीजेपी ने अपने विधायकों को आज रात तक बेंगलुरु पहुंचने के लिए कहा है. शनिवार को विधानसभा में पार्टी के वरिष्ठ नेता इस बारे में उन्हें ब्रीफ करेंगे.दूसरी ओर येदियुरप्पा पर निशाना साधते हुए जेडीएस ने कहा कि कल शाम 4 बजे येदियुरप्पा की सरकार की सरकार गिरेगी और कुछ ही घंटे में जेडीएस नेता कुमारस्वामी मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे.

जेडीएस-कांग्रेस गठबंधन के बदले येदियुरप्पा को मिला न्यौता

कर्नाटक के राज्यपाल वजुभाई वाला ने पहले बीएस येदियुरप्पा को सरकार बनाने का न्यौता दिया था, जिसके बाद इस फैसले के खिलाफ कांग्रेस और जेडीएस सुप्रीम कोर्ट चली गई. सर्वोच्च न्यायालय ने गुरुवार तड़के बी.एस. येदियुरप्पा के कर्नाटक के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने पर रोक नहीं लगाई थी.

शीर्ष अदालत ने आधी रात को घंटों चली सुनवाई में कांग्रेस और जनता दल-सेक्युलर (जेडी-एस) की येदियुरप्पा के शपथ ग्रहण पर रोक लगाने की संयुक्त याचिका के मद्देनजर शपथ ग्रहण पर रोक लगाने से इनकार कर दिया और कहा कि राज्यपाल ने अपने विशेषाधिकार का इस्तेमाल किया है.इस मामले की कार्यवाही की अध्यक्षता ए.के.सीकरी, एस.ए. बोबडे और अशोक भूषण ने की. येदियुरप्पा ने तय योजना के अनुरूप गुरुवार सुबह नौ बजे शपथ ली थी.

– तकरीबन पौने ग्यारह बजे सुनवाई शुरू हुई. मुकुल रोहतगी ने बीएस येदियुरप्पा का लेटर जजों के सामने पेश किया.

मुकुल रोहतगी ने 15 मई को गवर्नर को दिए गए येदियुरप्पा के लेटर को पढ़ते हुए कहा कि चूंकि चुनाव से पहले किसी तरह का कोई गठबंधन नहीं था, इसलिए बीजेपी ही सबसे बड़ी पार्टी है. उन्होंने 16 मई को येदियुरप्पा के लिखे खत को पढ़ा, जिसमें येदियुरप्पा ने कहा है कि उनके पास दूसरों को सहयोग है और बहुमत भी. मुकुल रोहतगी ने कहा कांग्रेस-जेडीएस के बीच अपवित्र गठबंधन हुआ है. मुकुल रोहतगी ने कहा है कि ऐसी शंका जताई जा रही है कि बीजेपी के पास बहुमत नहीं है लेकिन हमारे पास नाम हैं.

– जज सीकरी ने कहा कि एक तरफ जहां कांग्रेस-जेडीएस ने बहुमत साबित करता हुआ लेटर दिया है और उनके पास नाम भी हैं, वहीं येदियुरप्पा भी अपने पास नाम होने का दावा कर रहे हैं. आखिर किस आधार पर गवर्नर ने उन्हें सरकार बनाने का न्यौता दिया है? इस पर मुकुल रोहतगी ने कहा कि गवर्नर ने अपने विवेकाधिकार पर ये न्यौता दिया है. उन्हें ये तय करना है कि कौन स्थायी सरकार बना सकता है. रोहतगी ने सरकारिया कमीशन का हवाला देते हुए कहा कि ये गाइडलाइंस हैं. आखिरकार गवर्नर अपने विवेकाधिकार से ही फैसला देते हैं.

– जस्टिस सीकरी ने भी सरकारिया कमीशन पर बात की. उन्होंने कहा कि अंतिम तौर पर ये नंबर गेम है.

– सीकरी ने कहा कि आखिरी विकल्प फ्लोर टेस्ट है, जो कल होगा. हम किसी को टाइम नहीं देते हैं.

– जज बोबडे ने कहा कि जिस भी पार्टी को बुलाया जाए, लेकिन आखिरी फैसला विधानसभा में फ्लोर टेस्ट से ही लिया जाएगा.

– अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि फ्लोर टेस्ट अनिवार्य है. उन्होंने कहा कि येदियुरप्पा ने 15 मई को चुनाव आयोग की घोषणा के पहले ही गवर्नर को लेटर में लिख दिया था कि बीजेपी सिंगल लार्जेस्ट पार्टी है. उन्होंने बिना नाम लिए बहुमत की बात कह दी, लेकिन उन्हें नाम तो लेने होंगे, वहीं कांग्रेस के पास 117 सीटों के लिए नाम हैं. क्या आप कह सकते हैं कि गवर्नर ने येदियुरप्पा को सरकार बनाने का न्यौता अपने विवेकाधिकार से दिया था? उन्होंने कहा कि वो कल फ्लोर टेस्ट कराने के प्रस्ताव से सहमत हैं.

– जज सीकरी ने कहा कि जब तक हम सुनवाई करेंगे, टाइम बीत जाएगा. आपको कोई राहत नहीं मिलेगी इसलिए हम कल फ्लोर टेस्ट की बात कर रहे हैं.

-जज अशोक भूषण ने कहा कि वो डीजीपी को ऑर्डर देंगे कि वो सुनिश्चित करेंगे कि सभी विधायक असेंबली पहुंचे और वोट करें.

– कपिल सिब्बल ने कहा कि गवर्नर के विवेकाधिकार जैसी कोई चीज नहीं है. यह विवेक संवैधानिक सिद्धांत और कानून द्वारा निर्धारित है.

-इस पर जज सीकरी ने कहा कि मिस्टर सिब्बल आपके पास भी कहने को बहुत कुछ है और दूसरे पक्ष के पास भी. लेकिन अब फ्लोर टेस्ट हो जाने दीजिए.

– स्टेट ऑफ कर्नाटक की ओर से बोल रहे तुषार मेहता ने कहा कि कांग्रेस ने गवर्नर को 78 सदस्यों के हस्ताक्षर का लेटर नहीं दिया था. बस चुनाव आयोग की वेबसाइट से 78 सदस्यों के नाम की लिस्ट डाउनलोड करके पेश किया गया था.

– मुकुल रोहतगी ने भी कांग्रेस सदस्यों के हस्ताक्षर की बात उठाई. उन्होंने कहा कि फ्लोर टेस्ट में पता चल जाएगा कि कांग्रेस के पास कितने हस्ताक्षर थे. गवर्नर को ऐसा कोई लेटर ही नहीं मिला था.

– जज सीकरी ने कहा कि आप जबतक हाउस में बहुमत न साबित कर लें, तबतक एंग्लो-इंडियन नॉमिनेशन जैसा कोई कदम नहीं उठाया जाएगा.

– मुकुल रोहतगी ने फ्लोर टेस्ट पर आपत्ति जताना शुरू कर दिया. उन्होंने कहा कि उन्हें नहीं लगता कि फ्लोर टेस्ट कल होना चाहिए. प्रोटेम स्पीकर की नियुक्ति करनी होगी. इन लोगों को पर्याप्त समय दिया जाना चाहिए. कल नहीं. ये न्यायोचित नहीं है. उन्हें अपने सदस्य जुटाने होंगे. दूसरे पक्ष के लोगों को लॉकअप किया गया है, उनके नहीं.

– जज सीकरी ने ईगलटन रिसॉर्ट के ओनर पर चल रहे वॉट्सऐप जोक का जिक्र करते हुए कहा कि अब तो ईगलटन रिसॉर्ट के ओनर का भी कहना है कि मैं सरकार बनाऊंगा मेरे पास 117 सदस्यों का बहुमत है.

-सुप्रीम कोर्ट ने फ्लोर टेस्ट का आदेश दिया. कल शाम चार बजे तक फ्लोर टेस्ट होगा. सभी विधायक कल वोट करेंगे.

– एससी ने तय किया कि प्रोटेम स्पीकर तय करेगा कि फ्लोर टेस्ट किस तरीके से करवाया जाएगा. प्रोटेम स्पीकर सभी सदस्यों में सबसे सीनियर होगा.

– तब तक किसी एंग्लो इंडियन सदस्य को नॉमिनेट नहीं किया जाएगा.

– येदियुरप्पा फ्लोर टेस्ट तक नीतिगत फैसले नहीं लेंगे. इस पर जस्टिस सीकरी ने चुटकी लेते हुए कहा कि उनके पास वैसे भी फैसले लेने का टाइम नहीं होगा.

सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणियां…15 बड़ी बातें

  1. अभिषेक मनु सिंघवी ने सुप्रीम कोर्ट से कहा कि फ्लोर टेस्‍ट की हो वीडियोग्राफी और विधायकों को सुरक्षा मिलनी चाहिए ताकि वह वोट कर सके
  2. सिंघवी ने सुप्रीम कोर्ट से कहा कि हम कल ही फ्लोर टेस्ट को तैयार लेकिन येदियुरप्‍पा ने तो नतीजे आने से पहले ही घोषणा कर दी थी कि बीजेपी सिंगल लार्जेस्ट पार्टी है
  3. सिंघवी ने दलील दी कि राज्यपाल कैसे bjp को बहुमत सिद्ध करने का मौका दे सकते है जबकि कांग्रेस जेडीएस के पास पूरी संख्या है.
  4. सिंघवी ने सुप्रीम कोर्ट में कहा कि येदियुरप्‍पा ने कहा हमारे साथ अलां फलां विधायक हैं, लेकिन a b c कौन कौन साथ हैं. वहीं कांग्रेस-जेडीएस ने सभी 117 के नाम लिख कर राज्यपाल को दिए
  5. सुप्रीम कोर्ट ने कहा, प्री पोल गठबंधन पोस्ट पोल से अलग है. प्री पोल में लोगों को पहले से पता होता है लेकिन पोस्ट पोल थोड़ा हल्का होता है.
  6. कर्नाटक: सिंघवी ने दलील दी कि राज्यपाल कैसे बीजेपी को बहुमत सिद्ध करने का मौका दे सकते है, जबकि कांग्रेस जेडीएस के पास पूरी संख्या है.
  7. सुप्रीम कोर्ट ने कहा, बेहतर ये होगा कि शनिवार को फ्लोर टेस्ट हो ताकि किसी को कोई वक्त ना मिले. बजाए इसके कि राज्यपाल के येदियुरप्‍पा को आमंत्रित करने के फैसले की वैधता पर सुनवाई हो
  8. सुप्रीम कोर्ट ने पूछा, राज्यपाल ने किस आधार पर ये निर्णय लिया कि कौन राज्य में स्थायी सरकार दे सकता है. जबकि सिंगल लार्जेस्ट पार्टी और कांग्रेस जेडीएस ने बहुमत सिद्घ करने का पत्र लिखा था.
  9. कुमारस्वामी की ओर पेश वकील कपिल सिब्बल ने कहा कि राज्यपाल को ये विशेषाधिकार नही है. ये निर्णय तो उन्हें संविधान और कानून के तहत फैसला लेने अधिकार है.
  10.  सिब्बल ने कहा हमारे पास हमारे विधायकों के दस्तखत वाली चिट्ठी है.
  11. मुकुल रोहतगी और तुषार ने कहा कि फ्लोर  टेस्ट से ही सच सामने आएगा.
  12. रोहतगी ने कहा कि अगर दो कागज राज्यपाल के पास हैं तो अंतिम फैसला सदन के फ्लोर पर होगा.
  13. सिब्बल ने कहा कि कांग्रेस के साथ जेडीएस भी जल्दी फ्लोर टेस्ट चाहती है. फ्लोर टेस्ट तुरन्त होना चाहिए.
  14. सुप्रीम कोर्ट ने रोहतगी से कहा कि गवर्नर ने ऐसी स्थिति में दूसरा विकल्प चुना है जब सबसे बड़ी पार्टी के विधायकों की लिस्ट के साथ आगे नहीं आई. ये जस्टिस सीकरी की टिप्पणी थी.
  15. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि बेहतर ये होगा कि शनिवार को फ्लोर टेस्ट हो ताकि किसी को कोई वक्त ना मिले बजाए इसके कि राज्यपाल के येदियुरप्पा को आमंत्रित करने के फैसले की वैधता पर सुनवाई हो.
    अभी विधायकों की संख्या की तो बीजेपी के पास 104 विधायक हैं और बहुमत के लिये 112 विधायक चाहिये. वहीं कांग्रेस के 78 और जेडीएस के 38 मिलाकर 116 विधायक हैं. इसके अलावा कांग्रेस का दावा है कि 2 निर्दलीय विधायकों का भी समर्थन है.

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