यूपी बोर्ड  10वीं व 12वीं परीक्षा 2018  रिजल्ट 29 को

यूपी बोर्ड की हाईस्कूल व इंटरमीडिएट परीक्षा का परिणाम 29 अप्रैल को घोषित कर दिया जाएगा।

इलाहाबाद । उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद यानी यूपी बोर्ड इस बार रिकार्ड समय में परीक्षा परिणाम घोषित करेगा। यूपी बोर्ड की हाईस्कूल व इंटरमीडिएट परीक्षा का परिणाम 29 अप्रैल को घोषित कर दिया जाएगा। पहली बार समय से पहले अप्रैल में घोषित होगा रिजल्ट। करीब 55 लाख छात्र बेसब्री से अपने परीक्षा परिणाम का इंतजार कर रहे हैं।

उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद की सचिव नीना श्रीवास्तव ने बताया कि दोनों परीक्षा का परिणाम दोपहर 12:30 बजे घोषित किया जाएगा। यूपी बोर्ड के 10वीं और 12वीं के परीक्षार्थी रिजल्ट का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। रिजल्ट जारी होने पर परीक्षार्थी अपना रिजल्ट upmspresults.up.nic.in पर देख सकेंगे। इससे पहले रिजल्ट 15 अप्रैल को जारी होना था।  योगी सरकार ने यूपी बोर्ड को निर्देश दिया था कि अप्रैल अंत तक परीक्षा परिणाम घोषित करें ताकि कक्षा 11वीं की पढ़ाई समय पर शुरू हो सके और 12वीं पास करने वाले विद्यार्थी अपनी उच्च शिक्षा को लेकर सही फैसला ले सकें।

छह फरवरी से 12 मार्च तक हुईं यूपी बोर्ड की 10वीं और 12वीं की परीक्षाओं के लिये कुल 66 लाख 37 हजार 18 छात्र-छात्राओं ने फार्म भरा था। परीक्षा में नकल रोकने के लिए इस बार पुख्ता इंतजाम किए गए थे। इसके चलते इस बार रिकॉर्ड 11 लाख छात्र-छात्राओं ने परीक्षा छोड़ दी थी। इस पर यूपी के उपमुख्यमंत्री दिनेश शर्मा ने कहा है कि इस साल यूपी बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षाओं में सख्ती के कारण इम्तेहान छोड़ने वाले 11 लाख छात्र-छात्राओं में 75 प्रतिशत तादाद दूसरे राज्यों और देशों के निवासियों की है। परीक्षा छोड़ने वालों में सऊदी अरब, दुबई, क़तर, दोहा, नेपाल और बांग्लादेश के नागरिक भी शामिल हैं।

इस बार बोर्ड परीक्षाओं के टॉपर विद्यार्थियों की उत्तर पुस्तिकाएं बोर्ड की वेबसाइट पर अपलोड की जाएंगी, ताकि छात्र-छात्राएं उन्हें देखकर प्रेरणा लें और तैयारी करें।

अभी लिखित परीक्षा के नंबर भी तेजी से चढ़ाए जा रहे हैं लेकिन जांच में थोड़ा समय लगेगा। इसलिए यूपी बोर्ड अप्रैल के अंतिम सप्ताह में रिजल्ट जारी कर सकता है। रिजल्ट जारी होने पर स्टूडेंट्स अपना रिजल्ट upmspresults.up.nic.in पर देख सकेंगे।

इस साल हाईस्कूल की परीक्षा के लिए 36,55,691 (21,43,387 छात्र और 15,12,304 छात्राएं ) परीक्षार्थी पंजीकृत थे। इनमें से 6,60,507 छात्र-छात्रओं ने परीक्षा छोड़ दी थी। 10वीं और 12वीं यूपी बोर्ड परीक्षाएं 6 फरवरी से 12 मार्च 2018 तक आयोजित हुई थी। उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन के लिए 1.46 लाख परीक्षकों को नियुक्त किया है।

बोर्ड का नया शैक्षिक सत्र , NCERT पाठ्यक्रम से होगी पढ़ाई

प्रदेश की शिक्षा को नया आयाम देने में लगी योगी आदित्यनाथ सरकार ने पाठ्यक्रम में ही बदलाव कर दिया है। प्रदेश स्तर पर अब स्कूल-कालेजों में इस मौके पर विविध आयोजन हो रहे हैं। यूपी बोर्ड के सभी स्कूल-कालेजों में पहली बार एनसीईआरटी पाठ्यक्रम से पढ़ाई शुरू होगी, वहीं वैदिक गणित की किताब 25 बरस बाद लागू होने जा रही है।

बेसिक शिक्षा परिषद के प्राथमिक, उच्च प्राथमिक व सहायता प्राप्त स्कूलों में छात्र-छात्राओं की संख्या बढ़ाने के लिए स्कूल चलो अभियान शुरू हो रहा है। इन विद्यालयों में बच्चों को पुरानी किताबों से पढ़ाई शुरू करनी होगी, क्योंकि अब तक नई किताबें छपकर नहीं आ सकी हैं। ऐसे ही ड्रेस, बैग, जूता-मोजा आदि के लिए भी उन्हें राह देखनी होगी। प्राथमिक के पांच हजार से अधिक स्कूलों को नए सत्र में अंग्रेजी माध्यम से संचालित होना है।

स्कूल व शिक्षकों का चयन होने का दावा किया गया है लेकिन, पढ़ाई शुरू होने में वहां वक्त लगेगा, क्योंकि इस माध्यम की किताबें अभी किसी के पास नहीं है। ऐसे ही जूनियर स्तर के विद्यालयों में इस बार पाठ्यक्रम में आंशिक संशोधन हुआ है। साथ ही कक्षा चार व पांच की किताबें नए सिरे से तैयार की गई हैं।

माध्यमिक शिक्षा परिषद यानि यूपी बोर्ड के स्कूलों में भी नए सत्र के पहले हफ्ते में छात्र-छात्राएं केवल 26 हजार से अधिक कालेजों में अपना दाखिला करा सकेंगे, उन्हें पढऩे के लिए किताबों का कुछ दिन इंतजार करना पड़ेगा। इसकी वजह यह है कि यहां नया एनसीईआरटी का पाठ्यक्रम लागू हुआ है। उसकी किताबें छप गई हैं। बोर्ड सचिव का दावा है कि अगले हफ्ते के अंत तक वह बाजार में होंगी। नई किताबें मिलने के बाद ही इन स्कूलों में पढ़ाई शुरू होगी। बेसिक से लेकर राजकीय व अशासकीय माध्यमिक कालेजों तक में शिक्षकों की पहले से कमी है। गुजरते वर्ष में भर्तियां नहीं हो सकी हैं। कुछ जगहों पर भर्ती प्रक्रिया चल रही है और कुछ संस्थाओं का गठन होना शेष है। इससे पढ़ाई प्रभावित होना तय है।

बेसिक व माध्यमिक के शिक्षक रिटायर

प्रदेश के प्राथमिक से लेकर माध्यमिक कालेजों में पहले से शिक्षकों की कमी है। शनिवार को सत्र 2017-18 पूरा होते ही तमाम शिक्षक सेवा अवधि पूरी करते ही रिटायर हो गए हैं। इनकी तादाद हजारों में बताई गई है।

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