मोदी के नाम 2 करोड़ युवाओं को ठगने की साजिश, ‘साइबर-पैड’ का खुलासा

आरोपी युवक ने प्रधानमंत्री के नाम पर एक फर्जी वेबसाइट बनाई थी, जिसमें नई सरकार के गठन की खुशी में दो करोड़ नौजवानों को फ्री लैपटाप देने की बात कही गई थी.मोदी सरकार के नाम पर फ्रॉड कर रहा था इंजीनियर, लैपटॉप का दे रहा था झांसा,दिल्ली की साइबर सेल को सूचना मिली थी कि ऑनलाइन वेबसाइट मोदी सरकार के दोबारा बनने के नाम पर लैपटॉप बांटने का दावा कर रही है. जिसको संज्ञान में लेते हुए दिल्ली साइबर सेल हरकत में आई और आईटी एक्ट के अंतर्गत केस रजिस्टर करके मामले की पड़ताल शुरू की.दिल्‍ली पुलिस की स्‍पेशल सेल ने आरोपी युवक को राजस्‍थान के नागौर से गिरफ्तार कर लिया है.

आरोपी गिरफ्तार (फोटो-aajtak.in)आरोपी गिरफ्तार 

नई दिल्ली, 03 जून ! केंद्र में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के दोबारा सत्ता में आने के बाद मोदी सरकार के नाम पर धोखाधड़ी के मामले में दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है. दरअसल, दिल्ली की साइबर सेल को सूचना मिली थी कि ऑनलाइन वेबसाइट मोदी सरकार के दोबारा बनने के नाम पर लैपटॉप बांटने का दावा कर रही है. जिसको संज्ञान में लेते हुए दिल्ली साइबर सेल हरकत में आई और आईटी एक्ट के अंतर्गत केस रजिस्टर करके मामले की पड़ताल शुरू की.

वेबसाइट पर मेक इन इंडिया का लोगो

जिसके बाद पता चलता कि राजस्थान के नागौर जिले का रहने वाला राकेश झांगिड़ जो कि आईआईटी कानपुर से पोस्ट ग्रेजुएट है, उसने इस वेबसाइट को बनाया और वो ही इसे चला रहा था. बता दें कि 2 दिन के अंदर 15 लाख लोगों ने इस वेबसाइट पर विजिट किया. जिसके कारण ये वेबसाइट अच्छा खासा पैसा बना रही थी. लोगों को व्हाट्सएप पर इस वेबसाइट का लिंक भेजा जा रहा था और कुछ लोग इस वेबसाइट पर जाकर आवेदन फॉर्म भी भर रहे थे जो कि फ्री था. इस वेबसाइट में मेक इन इंडिया का लोगो भी लगाया गया था. जिसमें लोगों ने अपनी पर्सनल जानकारी इस फॉर्म को भरने के माध्यम से शेयर की थी और इसके गलत इस्तेमाल की भी आशंका है.

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पीएम मोदी के नाम से चलाई फर्जी योजना

जांच के बाद इस वेबसाइट को बनाने वाले का पता चला और उसकी लोकेशन पुंडलोता, डेगाना जिला नागौर राजस्थान में ट्रैक हुई जिसके बाद साइबर सेल की टीम पुंडलौता-नागौर-राजस्थान पहुंची और आरोपी को हिरासत में लिया. पूछताछ में राकेश ने बताया कि उसने वेब एडवर्टीजमेंट रिवेन्यू के लिए वेब साइट बनाई थी और पीएम मोदी के नाम से फर्जी योजना चलाते हुए अपनी साइट पर अच्छे खासे हिट कर लिए थे. जिससे वेबसाइट का ट्रैफिक भी बढ़ गया था. साथ ही साथ वह आने वाले दिनों में करोड़ों लोगों का डेटा इकट्ठा करने के लिए इसे तमाम लोगों को बेचना चाहता था. जिसका इस्तेमाल लोगों की ठगी और उनसे पैसा ऐंठने में भी हो सकता था.

फर्जी वेबसाइट से की अच्छी कमाई

गौरतलब है कि इतने व्यूज और क्लिक्स के बाद इस फर्जी वेबसाइट को ऐड भी मिलने शुरू हो गए थे. जिससे ये शख्स काफी पैसा कमा रहा था. जब भी इस वेबसाइट को ऐड मिलते तो उसकी कमाई का 32 प्रतिशत हिस्सा गूगल को जाता था और 68 प्रतिशत इस शख्स की जेब में जाता था. इस वेबसाइट को 15 लाख से ज्यादा व्यूज और 68 हजार के करीब क्लिक्स मिल चुके थे. फिलहाल आरोपी को हिरासत में लिया गया है और इस फर्जीवाड़े में इस्तेमाल हुए सभी गैजेट्स भी जब्त कर लिए गए हैं.

पूछताछ में हुए ये खुलासे

साइबर सेल राकेश को गिरफ्तार करके दिल्ली ले आई जहां पूछताछ में उसने बताया कि वह एक नामचीन आईआईटी संस्थान का छात्र था. उसे हैदराबाद की एक कंपनी से नौकरी का ऑफर भी मिला था, लेकिन उसको ठुकराते हुए राकेश ने अपना शातिर दिमाग लगाकर वेबसाइट बनाई और आसान तरीके से कम समय में ज्यादा पैसा कमाने की तैयारी की. इसके साथ ही लोगों की निजी जानकारी बेचकर भी गलत तरीके से पैसे बनाने की साजिश भी राकेश रच चुका था.

इसी क्रम में राकेश ने अपनी वेबसाइट को मशहूर करने के लिए सरकार की तरफ से फ्री लैपटॉप बांटने की फर्जी स्कीम चलाई और लोग भी उसके लालच में आना शुरू हो गए. इस वेबसाइट में घोषणा भी की गई थी कि दोबारा मोदी सरकार बनने के कारण सरकार 2 करोड़ युवाओं को फ्री लैपटॉप बांट रही है, जिसके लिए वेबसाइट पर जाकर रजिस्ट्रेशन कराना है. दिल्ली साइबर सेल ने इस मामले को संज्ञान में लेते हुए कार्रवाई शुरू की. मामले की जांच अभी जारी है और कई अहम खुलासे होने की उम्मीद है.

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