मुजफ्फरनगर दंगा: कवाल हत्‍याकांड में 7 को उम्रकैद, 65 से अधिक की गई थी जान

कोर्ट ने यह सजा कवाल कांड में मृतक गौरव और सचिन के हत्यारोपियों को सुनाई है. मुजफ्फरनगर में सांप्रदायिक दंगा इन्‍हीं दोनों की हत्‍या के बाद उपजा था.

मुजफ्फरनगर दंगा: कवाल हत्‍याकांड में 7 दोषियों को उम्रकैद, 65 से अधिक की गई थी जान
कोर्ट ने सुनाई सजा. फाइल फोटो

मुजफ्फरनगर, । अखिलेश यादव के मुख्यमंत्रित्व काल में मुजफ्फरनगर में दो युवकों सचिन व गौरव की हत्या के मामले में आज कोर्ट ने सजा का एलान किया है। इसमें सात दोषियों को उम्रकैद की सजा दी गई है।इसके अलावा सभी दोषियों पर दो- दो लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। बताया गया कि इसी धनराशि में से अस्सी प्रतिशत धनराशि पीड़ित परिवारों को दी जाएगी।

मुजफ्फरनगर के कवाल कांड के सात दोषियों को आज एडीजे (7) हिमांशु भटनागर की कोर्ट ने उम्रकैद की सजा सुनाई है। मलिकपुरा के ममेरे भाई सचिन और गौरव की हत्या के मामले में सुनवाई के दौरान कोर्ट परिसर में भारी भीड़ रही। जगह जगह पुलिस बल तैनात रहा। इस बड़े केस की डीएम और एसएसपी भी पल-पल की जानकारी लेते रहे।

कवाल में हुए मलिकपुरा के सचिन और उसके ममेरे भाई गौरव हत्याकांड में दोषी ठहराए गए सातों अभियुक्तों को कोर्ट ने आज उम्रकैद की सजा सुनाई है। इसे लेकर कवाल में सन्नाटा पसरा हुआ था। गम के चलते मुल्जिमों के घरों में चूल्हे तक नहीं जले हैं। गांव में चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल तैनात है।

जानसठ के गांव कवाल में 27 अगस्त 2013 को शाहनवाज की हत्या के बाद मलिकपुरा गांव के ममेरे भाइयों सचिन व गौरव की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी। गौरव के पिता रविन्द्र ने मृतक शाहनवाज सहित सात लोगों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराया था। इस घटना के बाद महापंचायतों का दौर चला। सात सितंबर को जिलेभर में सांप्रदायिक दंगा भड़क गया था। इसमें 65 से अधिक लोगों की जान चली गई थी और 40 हजार से अधिक लोगों को दहशत के चलते पलायन करना पड़ा था।

मुजफ्फरनगर दंगा: भाजपा नेताओं के खिलाफ मामले वापस ले सकती है UP सरकार

स्थानीय अदालत ने 2013 मुजफ्फरनगर दंगों की शुरुआत से पहले हुई दो युवकों की हत्या मामले में सात लोगों को दोषी करार दिया था. इनमें से एक आरोपी वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए अदालत में पेश हुआ था. कहा जाता है कि 2013 में इन्हीं दोनों युवकों की हत्या के बाद मुजफ्फरनगर दंगे भड़के थे.मुजफ्फरनगर दंगे : कवाल गांव में दो भाईयों की हत्या के दोषी सात लोगों को उम्र कैद

अदालत ने बुधवार को सात लोगों को गौरव और सचिन की हत्या का दोषी करार दिया. जिले के सरकारी वकील राजीव शर्मा ने बुधवार (06 फरवरी) को बताया कि अतिरिक्त जिला और सत्र न्यायाधीश ने 27 अगस्त, 2013 को युवकों की हत्या और दंगों के मामले में मुजम्मिल, मुजस्सिम, फुरकान, नदीम, जनांगिर, अफजल और इकबाल को दोषी करार दिया. सरकारी वकील अंजुम खान के मुताबिक, बुलंदशहर जेल में बंद मुजम्मिल वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए अदालत में पेश हुआ था.

ये था मामला
दरअसल, करीब साढ़े पांच साल पहले 27 अगस्त 2013 को जानसठ कोतवाली क्षेत्र के गांव कवाल में यह दोहरा हत्याकांड हुआ था, जिसके बाद मुजफ्फरनगर के शामली में दंगा भड़क उठा था. इसमें 60 से ज्यादा लोगों की मौत हुई थी और सैकड़ों परिवार बेघर हुए थे. मामले में सरकारी वकील आशीष कुमार त्यागी ने बताया कि साल 2013 में सचिन और गौरव नाम के दो युवकों और आरोपियों में मोटरसाइकिल की टक्कर के बाद विवाद हो गया था.

इसमें दोनों युवकों की हत्या कर दी गई थी. इसके अलावा आरोपी पक्ष के शाहनवाज की भी इस दौरान मौत हो गई थी. इसके बाद से मुजफ्फरनगर और शामली में सांप्रदायिक दंगा भड़क उठा था.  मृतक गौरव के पिता ने जानसठ कोतवाली में कवाल के मुजस्सिम, मुजम्मिल, फुरकान, नदीम, जहांगीर, अफजाल और इकबाल के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था. वहीं, मृतक शाहनवाज के पिता ने भी सचिन और गौरव के अलावा उनके परिवार के 5 सदस्यों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी. हालांकि, स्पेशल इन्वेस्टिगेशन सेल ने जांच के बाद शाहनवाज हत्याकांड में एफआर (फाइनल रिपोर्ट) लगा दी थी.

उधर सचिन व गौरव की हत्या के मामले में मुकदमे की सुनवाई पूरी कर एडीजे-7 हिमांशु भटनागर की अदालत ने दो दिन पहले इस मामले में आरोपित कवाल निवासी मुजस्सिम, मुजम्मिल, फुरकान, नदीम, जहांगीर, इकबाल व अफजाल को हत्या, बलवा, घातक हथियारों से लैस होकर हमला, बलवा, जान से मारने की धमकी देने और विधि विरुद्ध जमाव के आरोपों में दोषी ठहराया था। सजा के प्रश्न पर सुनवाई की तिथि आठ फरवरी निर्धारित की थी।

मुजस्सिम व मुजम्मिल के पिता नसीम ने अदालत के फैसले को अल्लाह का फैसला बताया, जबकि सचिन व गौरव के परिजनों ने दोषियों को कड़ी सजा की उम्मीद जताई है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *