मिठास कम करने की तैयारी,चीनी बाजार का संकट

अर्थव्यवस्था सुधारने के लिए कड़वी दवाई पिलाने की बात करने वाली सरकार लोगों की जिंदगी से भी मिठास कम करने की तैयारी कर रही है। एक जानकारी के मुताबिक जल्द ही चीनी भी महंगी हो सकती है। उल्लेखनीय है कि सरकार रेल किराया और माल भाड़ा पहले ही बढ़ा चुकी है। हालांकि पासवान ने इसका खंडन किया है। उन्होंने कहा कि नहीं होगी चीनी महंगी, हमारे पास पर्याप्त भंडार है।इस संबंध में खबर है कि चीनी तीन रुपए तक महंगी होने जा रही है। सरकार चीनी पर 15 से बढ़ाकर 40 फीसदी करने जा रही है। इससे चीनी महंगी हो जाएगी। 

देश में चीनी उत्पादन खपत से अधिक उत्पादन की स्थिति को देखते हुए केंद्रीय खाद्य मंत्री राम विलास पासवान ने कहा कि सरकार पहले ही चीनी पर आयात शु्ल्क को दोगुना करके 100 प्रतिशत कर चुकी है, ताकि विदेशी बाजारों खासकर पाकिस्तान से आने वाली सस्ती चीनी के आयात को रोका जा सके। उन्होंने कहा कि सरकार ने घरेलू बिक्री के लिए मिलों पर दो महीने के लिए मात्रात्मक प्रतिबंध लगाए हैं। अब सरकार ने चीनी उद्योग की निर्यात शुल्क हटाने की मांग पर विचार करने का भरोसा दिया है। लेकिन पासवान ने यह नहीं बताया कि ये कदम कब उठाया जाएगा।

जबकि ऐसे मामलो में समय बहुत अहम होता है। अपने देश में कृषि संकट की एक बड़ी वजह यह है कि सरकारें कृषि उपज संबंधी नीति तय करने में जरूरत से ज्यादा समय लगा देती हैं। खास वर्तमान सरकार का ध्यान शहरी और मध्य वर्ग के उपभोक्ताओं को खाद्य पदार्थ सस्ते दामों पर उपलब्ध कराने पर केंद्रित रहा है। इसलिए कृषि उपज के दाम अक्सर गिर जाते हैं। तब जाकर कदम उठाया जाता है, लेकिन तब तक किसान और कृषि आधारित उद्योगों को नुकसान हो चुका होता है। अब ये गलती नहीं दोहराई जानी चाहिए।

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