मध्यम वर्ग को बड़ी राहत,टैक्स छूट सीमा 2.5 लाख रु.से बढ़ाकर पांच लाख

अंतरिम बजट 2019 के प्रमुख बिंदु

Middle class in Interim budget 2019 : आम आदमी के लिए हुए ये 5 बड़े फैसले, एक क्लिक में पढ़ें सब

Tax slab in Interim Budget 2019 : सरकार ने अंतरिम बजट 2019 में मध्यम वर्ग को बड़ी राहत दी है। सरकार ने टैक्स छूट की सीमा 2.5 लाख रुपए से बढ़ाकर पांच लाख रुपए कर दी है। 

Piyush Goyal

अंतरिम बजट में मध्यम वर्ग को मिली राहत।

कार्यकारी वित्त मंत्री पीयूष गोयल शुक्रवार को अंतिम बजट 2019 पेश किया। इस दौरान उन्होंने किसानों और मिडिल क्लास के लिए बड़ी घोषणाएं कीं। गोयल ने मिडिल क्लास को बड़ी राहत देते हुए टैक्स की सीमा 2.5 लाख रुपए से बढ़ाकर पांच लाख रुपए कर दी। यानि अब पांच लाख रुपए तक की आमदनी टैक्स के दायरे से बाहर होगी। अभी 2.5 लाख रुपए तक की आमदनी पर कोई टैक्स नहीं लगता था। सरकार के इस कदम से मिडिल क्लास काफी राहत महसूस कर रहा है। टैक्स छूट में घोषणा के समय संसद में कुछ देर तक मोदी-मोदी के नारे लगे।

  1. मिडिल सेलरी क्लास को उम्मीद थी कि इस बार अंतरिम बजट में सरकार टैक्स में छूट दे सकती है। लोकसभा चुनाव होने में चंद महीने बचे हैं ऐसे में उम्मीद जताई जा रही थी कि सरकार मध्यम वर्ग को लुभाने के लिए उसे टैक्स में छूट दे सकती है। इस उम्मीद के अनुरूप सरकार ने मध्यम वर्ग को टैक्स में छूट देने का एलान किया। सरकार ने टैक्स छूट की सीमा 2.5 लाख रुपए से बढ़ाकर पांच लाख रुपए कर दी। टैक्स में छूट का यह लाभ करीब 3 करोड़ लोगों को मिलेगा।
  2. इसके अलावा सरकार ने ग्रेच्युटी लिमिट और बोनस पर भी आम आदमी एवं मध्यमवर्ग का ख्याल रखा है। सरकार ने टैक्स फ्री ग्रेच्युटी लिमिट 10 लाख से बढ़ाकर 20 लाख रुपए कर दी है। इसके अलावा 21,000 मासिक कमाई करने वाले कर्मचारी भी बोनस पाने के हकदार होंगगे।
  3. सरकार ने आम आदमी के हित में कदम उठाते हुए  श्रमिकों को गारंटीड पेंशन देने का फैसला किया है। सरकार ने 100 रुपये प्रति महीने के अंशदान पर 60 साल की आयु के बाद 3000 रुपये प्रति माह पेंशन देने की घोषणा की है।
  4. अंतरिम वित्त मंत्री गोयल ने कहा कि श्रमिक की मौत होने पर अब 2.5 लाख रुपये की जगह 6 लाख रुपये का मुआवाजा दिया जाएगा। इसके साथ ही उन्होंने श्रमिकों का बोनस बढ़ाकर 7 हजार रुपया करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों के लिए क्रेडिट कार्ड उपलब्ध कराएगी।
  5. वित्त मंत्री ने टैक्सपेयर्स को राहत दते हुए टैक्स फाइलिंग को आसान बनाया। उन्होंने कहा कि अब 24 घंटे में आईटी रिटर्न की प्रोसेसिंग की जाएगी और टैक्सपेयर्स को टैक्स मूल्यांकन के लिए दफ्तर नहीं जाना पड़ेग

आयकर छूट की सीमा को दोगुना करने से सरकारी खजाने पर 18,500 करोड़ रुपये का बोझ पड़ेगा। यदि कोई करदाता किसी सरकार की विशेष कर बचत योजना में निवेश करता है तो उसके लिए प्रभावी कर मुक्त आय की सीमा एक साल में 6.5 लाख रुपये होगी।

एनपीएस, चिकित्सा बीमा और आवास ऋण के ब्याज भुगतान को जोड़ने पर यह सीमा और बढ़ जाएगी। वित्त मंत्री ने बैंकों और डाक खाकघर की बचत योजनाओं पर मिलने वाले सालना 40000 रुपये तक के ब्याज को स्रोत पर कर की कटौती (टीडीएस) से छूट दे दी है। अभी छूट 10000 रुपये तक के ब्याज पर थी।

इनकम टैक्स से जुड़ी 5 बड़ी बातें जो आपको जाननी चाहिए

Budget 2019: इनकम टैक्स से जुड़ी 5 बड़ी बातें जो आपको जाननी चाहिएवित्‍तमंत्री पीयूष गोयल

मोदी सरकार ने अपना अंतरिम बजट पेश कर दिया है. अंतरिम बजट में सरकार ने टैक्सपेयर्स के लिए सबसे बड़ी घोषणा की है. वित्त मंत्री पीयूष गोयल ने साफ किया है कि अगर सरकार बनी तो अगले वित्‍त वर्ष में 5 लाख रुपये तक की आय पर टैक्‍स नहीं देना होगा. बजट में इनकम टैक्स को लेकर क्या-क्या घोषणाएं हुईं, जानें आगे…
(1) 5 लाख रुपये तक इनकम टैक्स फ्री
वित्त वर्ष 2020 के लिए 5 लाख रुपये तक की सालाना आय पूरी तरह टैक्स फ्री रहेगी. सरकार के इस फैसले से पांच लाख से ऊपर आय वालों को 13 हजार रुपये का फायदा होगा.
(2) 2.40 लाख रुपये तक किराये से इनकम पर टैक्स नहीं
2.40 लाख रुपये तक किराया से इनकम पर कोई टैक्स नहीं देना होगा. पहले यह सीमा 1.80 लाख रुपये थी.
(3) 40 हजार तक की ब्याज से हुई इनकम पर टीडीएस नहीं
वित्त वर्ष 2020 के लिए 40 हजार रुपये तक की ब्याज इनकम पर TDS नहीं देना होगा. पहले ब्याज पर इनकम टैक्स छूट की सीमा 10,000 रुपए थी. यह छूट पोस्ट ऑफिस और बैंक में पैसा जमा करने पर पर आपको मिलने वाले कुल ब्याज के लिए है.
(4) स्टैंडर्ड डिडक्शन 40 हजार से बढ़ाकर 50 हजार
वित्त वर्ष 2020 के लिए स्टैंडर्ड डिडक्शन की सीमा 40 हजार से बढ़ाकर 50 हजार रुपये कर दी गई.
(5) 80 सी के तहत नहीं बढ़ी टैक्स छूट की सीमा
केंद्र सरकार ने 80 सी के तहत टैक्स छूट की सीमा को पुराने स्तर यानी 1.5 लाख रुपये पर ही बनाए रखा है. 80 सी के तहत एक वित्त वर्ष में 1.5 लाख रुपये तक निवेश करके टैक्स छूट को क्लेम किया जा सकता है.

अंतरिम बजट 2019

बिजनेस स्टैंडर्ड अंतरिम बजट 2019 के प्रमुख बिंदु► वित्त मंत्री पीयूष गोयल ने केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली के शीघ्र स्वस्थ और दीर्घायु की कामना के साथ की बजट भाषण की शुरुआत।
► पांच साल में भारत वैश्विक स्तर पर सबसे बेहतर निवेश स्थल बना।
► सरकार ने कमरतोड़ महंगाई की कमर तोड़ी।
► दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था बना भारत।
► राजकोषीय घाटे को कम करने में सफलता हासिल की। चालू खाते का घाटा नियंत्रित किया। यह 6 साल पहले 5.6 प्रतिशत की ऊंचाई से घटकर 2.5 प्रतिशत पर आया।
► दोहरे अंक की मुद्रास्फीति को नियंत्रित करने में कामयाबी मिली।
► दिसंबर 2018 में महंगाई दर घटकर 2.18 प्रतिशत पर आई।
► पिछले पांच साल में देश में 239 अरब डॉलर का प्रत्यक्ष विदेशी निवेश आया।
► शैक्षणिक संस्थानों में अतिरिक्त 25 प्रतिशत सीटें उपलब्ध कराई जाएंगी ताकि कम ना पड़ें 
सीटें।
► मनरेगा के लिए 2019-20 में 60,000 करोड़ रुपये आवंटित किए जा रहे हैं।
► प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के लिए 2019-20 के बजट में 19,000 करोड़ रुपये का आवंटन।
► पिछले पांच साल में एक करोड़ 53 लाख घर बनाए गए।
► मार्च 2019 तक सभी घरों को मिल जाएगी बिजली।
► 2.6 लाख के पुनर्पूंजीकरण से सरकारी बैंकों की स्थिति ठीक की।
► हरियाणा में शुरू होने जा रहा है देश का 22वां एम्स।
► 10 लाख लोगों का इलाज आयुष्मान भारत के तहत हुआ। लोगों को करीब 3000 करोड़ रुपये का लाभ मिला।
► प्रधानमंत्री किसान योजना में दो हेक्टेयर तक की जमीन वाले छोटे किसानों को 6,000 रुपये प्रति वर्ष मिलेंगे। तीन किस्तों में मिलेगा पैसा। पहली किस्त जल्द।
► बैंक ऑफ इंडिया, बैंक ऑफ महाराष्ट्र और ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स को पीसीए के प्रतिबंधों को हटाया गया। बाकी बैंक भी जल्द ही नियमित व्यवस्था में आएंगे।
► किसानों का फसल ऋण 2018-19 में 11 लाख 68 हजार करोड़ रुपये हुआ।
► 75,000 करोड़ रुपये प्रधानमंत्री किसान योजना के लिए आवंटित।
► पिछले दो साल में कर्मचारी भविष्य निधि में सदस्यता में दो करोड़ की वृद्धि हुई।
► पिछले पांच साल में देश में 239 अरब डॉलर का प्रत्यक्ष विदेशी निवेश आया।
► महात्मा गांधी की 150वीं जयंती पर सरकार ने 98 प्रतिशत ग्रामीण स्वच्छता हासिल की। लोगों की सोच बदली।
► पशुपालन के लिए किसानों को कर्ज पर दो प्रतिशत ब्याज सहायता देगी सरकार।
► सभी किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड उपलब्ध कराए जाएंगे।
► ओआरओपी के लिए 35,000 करोड़ रुपये वितरित किए गए।
► पहली बार रक्षा बजट तीन लाख करोड़ रुपये से ज्यादा।
► रेलवे के ब्रॉडगैज नेटवर्क पर मानवरहित क्रॉसिंग खत्म।
► पांच साल में एक लाख डिजिटल विलेज बनाने का लक्ष्य।
► कर संग्रह में पांच साल में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई।
► कल्याणकारी कार्यक्रम चलाने के लिए की जाएगी कल्याण किसान बोर्ड की स्थापना।
► प्रधानमंत्री श्रमयोगी मान धन योजना के लिए 500 करोड़ रुपये आवंटित। संगठित क्षेत्र के 15,000 रुपये प्रतिमाह कमाने वालों को 60 साल के बाद 3,000 रुपये प्रति माह की पेंशन योजना दी जाएगी।
► आंगनवाड़ी आशा कार्यकर्ताओं का मानदेय 50 प्रतिशत बढ़ाया गया।
► गायों के आनुवांशिकी को बढ़ावा देने के लिए राष्ट्रीय कामधेनू आयोग बनाया जाएगा।
► श्रमिकों की न्यूनतम मासिक पेंशन 1,000 रुपये तक की। 
► कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ईएसआई) नियम के तहत पात्रता 15,000 से बढ़ाकर 21,000 रुपये प्रतिमाह वेतन की गई।
► राष्ट्रीय गोकुल योजना के लिए 2019-20 के बजट में 750 करोड़ रुपये का आवंटन।
► प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत 15.56 करोड़ लाभार्थियों को 7.23 लाख करोड़ रुपये का कर्ज दिया।
► सिक्किम हवाई अड्डा खुलने के बाद 100 से अधिक ऑपरेशनल हवाई अड्डे हो गए। घरेलू हवाई यात्रियों की संख्या 5 साल में दोगुनी हो गई। 
► मेघालय, त्रिपुरा और मिजोरम पहली बार देश के रेलवे मानचित्र पर आए।
► सरकारी उद्यमों की कुल खरीद में छोटे उद्यमों से आपूर्ति को बढ़ाकर 25 प्रतिशत किया गया। इसमें भी तीन प्रतिशत आपूर्ति महिला उद्यमियों के उद्यम से करने का नियम बनाया।
► रेलवे की योजनाओं के लिए 2019-20 में आम बजट से 64,587 करोड़ रुपये आवंटित। वर्ष के दौरान रेलवे का कुल पूंजीगत खर्च 1,58,658 करोड़ रुपये होगा।
► पिछले 5 वर्षों में मोबइल डेटा खपत 50 गुना बढ़ी। भारत में मोबाइल डेटा की मूल्य दर विश्व में सबसे सस्ती दरों में से एक।
► एक लाख डिजिटल गांव बनाने की योजना। पिछले पांच साल में 34 करोड़ जन-धन खाते खोले गए।
► भारतीय फिल्म निर्माताओं के लिए शुरू होगी एकल खिड़की मंजूरी व्यवस्था।
► पिछले वर्ष जितने भी आयकर रिटर्न दाखिल हुए। उनमें 99.54 प्रतिशत रिटर्न फाइल करते ही बिना जांच के स्वीकृत किए गए।
► आयकर विभाग को ऑनलाइन किया गया। आयकरदाता अधिकारी का आमना-सामना नहीं होगा।
► अप्रत्यक्ष कर संग्रह 2013-14 के 6.38 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर इस साल 12 लाख करोड़ रुपये हुआ।
► जीएसटी के तहत पांच करोड़ से कम का कारोबार करने वाले कारोबारियों को तीन महीने में एक बार ही रिटर्न भरना पड़ेगा ।
► चालू वित्त वर्ष के दौरान औसत मासिक जीएसटी संग्रह 97,100 करोड़ रुपये रहा जबकि 2017-18 में यह 89,700 करोड़ रुपये पर थी। जनवरी 2019 में जीएसटी संग्रह एक लाख तीन हजार करोड़ रुपये के आसपास रहने का अनुमान।
► नोटबंदी के बाद एक करोड़ से अधिक लोगों ने पहली बार रिटर्न भरा। नोटबंदी से कर आधार बढ़ा।
 सरकार के कालाधन रोधी उपायों और कदमों से 1,30,000 करोड़ रुपये का काला धन पकड़ा गया।
 कालाधन रोधी उपायों के चलते 3.38 लाख मुखौटा कंपनियों का पंजीकरण समाप्त किया गया। बेनामी कानून के तहत 6,900 करोड़ रुपये की घरेलू संपत्ति जब्त की गई जबकि 1,600 करोड़ रुपये की विदेशी संपत्ति जब्त की गई।
 भारत आज पूरी दुनिया के लिए अंतरिक्ष प्रक्षेपण का केंद्र बन गया है। गगनयान के साथ 2022 तक भारतीय यात्री अंतरिक्ष में पहुंचेगा।
 परिवहन क्षेत्र की क्रांति में ई-वाहनों के जरिये भारत करेगा विश्व का नेतृत्व। घटेगा प्रदूषण, देश की कच्चे तेल पर निर्भरता कम होगी और वह आत्मनिर्भर बनेगा। 
 पूर्वोत्तर क्षेत्र का 2019-20 के लिए बजट आवंटन 21 प्रतिशत बढ़ाकर 58,166 करोड़ रुपये किया गया।
 राष्ट्रीय शिक्षा योजना के लिए आवंटन 32,334 करोड़ रुपये से बढ़कर 38,570 करोड़ रुपये किया गया। 
 चालू वित्त वर्ष के दौरान संशोधित व्यय 13.3 प्रतिशत बढ़कर 24,57,235 करोड़ रुपये रहने का अनुमान। अगले वित्त वर्ष 2019-20 के लिए इसके 27,84,200 करोड़ रुपये रहने का अनुमान।
 एकीकृत बाल विकास योजना के लिए 27,584 करोड़ रुपये। केंद्र द्वारा वित्तपोषित योजनाओं के लिए 3,27,679 करोड़ रुपये आवंटित। 

 पांच लाख रुपये तक की व्यक्तिगत आय पूरी तरह से कर मुक्त होगी और विभिन्न निवेश उपायों के साथ 6.50 लाख रुपए तक की व्यक्तिगत आय पर कोई कर नहीं देना होगा।

Budget 2019 Tax Slab: Income Tax में बड़ी राहत, इस तरह आपकी 7 लाख से ज्यादा की कमाई होगी टैक्स फ्री

लोकसभा चुनाव 2019 (Lok Sabha Election 2019) से पहले सरकार ने पहले से चली आ रही परंपराओं का अनुसरण करते हुए आज अंतरिम बजट पेश किया। इस बजट में मध्यम वर्गीय लोगों को इनकम टैक्स (Income Tax) में बड़ी राहत मिली है।

Income Tax Slab budget 2019

नई दिल्ली:  वित्त मंत्री पीयूष गोयल ने अंतरिम बजट पेश करते हुए मध्यम वर्गीय नौकरी-पेशा वाले लोगों को Tax Slab में बड़ी राहत दी है। अंतरिम बजट (budget 2019) में मोदी सरकार ने लोगों की उम्मीदों को पूरा करते हुए टैक्स में 5 लाख रुपये तक की आय को टैक्स फ्री कर दिया है। जबकि पहले 2.5 से 5 लाख रुपये तक की कमाई के लिए 5 प्रतिशत कर देना पड़ता था। बजट पेश होने से पहले ही इस बात की संभावना जताई जा रही थी कि सरकार इनकम टैक्स स्लैब में बदलाव कर सकती है।

वित्त मंत्री पीयूष गोयल ने शुक्रवार को आयकर छूट की सीमा को दोगुना कर पांच लाख रुपये करने का प्रस्ताव किया है। वित्‍त मंत्री ने कहा कि इसके परिणामस्‍वरूप जिन लोगों की कुल आमदनी 6.50 लाख रुपये तक है, उन्‍हें भी किसी प्रकार के आयकर के भुगतान की जरूरत नहीं पड़ेगी, यदि वे भविष्‍य निधि, विशेष बचतों, बीमा आदि में निवेश कर लेते हैं।

साथ ही दो लाख रुपये तक के आवास ऋण के ब्‍याज, शिक्षा ऋण पर ब्‍याज, राष्‍ट्रीय पेंशन योजना में योगदान, चिकित्‍सा बीमा, वरिष्‍ठ नागरिकों की चिकित्‍सा पर होने वाले खर्च आदि जैसी अतिरिक्‍त कटौतियों के साथ उच्‍च आय वाले व्‍यक्तियों को भी कोई कर नहीं देना होगा, इससे स्‍व नियोजित, लघु व्‍यवसाय, लघु व्‍यापारियों, वेतनभोगियों, पेंशनरों और वरिष्‍ठ नागरिकों सहित मध्‍यम वर्ग के करीब 3 करोड़ करदाताओं को करों में 18,500 करोड़ रुपये का लाभ मिलेगा। स्टैंडर्ड डिडक्शन की सीमा 40 हजार रुपए से बढ़ाकर 50 हजार रुपए कर दी गई है।

80 सी के तहत आप पीपीएफ. एनएससी, नेशनल हाउसिंग बैंक. पोस्ट ऑफिस में जमा तथा सुकन्या समृद्धि योजना और मूच्यूअल फंड में निवेश कर 1.5 लाख रुपये तक की आय को कर मुक्त कर सकते हैं। इस तरह आप पांच लाख रुपये के अलावा अगर ये 1.5 लाख रुपये जोड़ते हैं तो आपकी सीमा 6.5 लाख रुपये हो जाएगी। एनपीएस, चिकित्सा बीमा और आवास ऋण के ब्याज भुगतान को जोड़ने पर यह सीमा सात लाख रुपये से अधिक हो जाएगी।

इसके अलावा मानक कटौती की सीमा को भी 40,000 रुपये से बढ़ाकर 50,000 करने का प्रस्ताव किया गया है।  गोयल ने लोकसभा में 2019-20 का बजट पेश करते हुए कहा कि इस प्रस्ताव से मध्यम वर्ग के तीन करोड़ करदाताओं को लाभ होगा। आयकर छूट की सीमा को दोगुना करने से सरकारी खजाने पर 18,500 करोड़ रुपये का बोझ पड़ेगा। वित्त मंत्री ने बैंकों और डाक खाकघर की बचत योजनाओं पर मिलने वाले सालना 40000 रुपये तक के ब्याज को स्रोत पर कर की कटौती (टीडीएस) से छूट दे दी है। अभी छूट 10000 रुपये तक के ब्याज पर थी।

0 साल तक की उम्र वालों के लिए अब ये है नया इनकम टैक्स स्लैब

 आय  टैक्स की दर
 5 लाख रुपए तक  कोई टैक्स नहीं
 5,00,001 से 10,00,001 रुपए तक  5 फीसदी टैक्स
 5 लाख रुपए से 10 लाख रुपए तक  20 फीसदी टैक्स
 10 लाख रुपए से ज्यादा  30 फीसदी टैक्स

सरकार के इस कदम से बड़े पैमाने पर लोगों को फायदा होगा। इससे सैलेराइड क्लास को बड़ी राहत मिलेगी। हांलाकि सरकार को इससे टैक्स कलेक्शन में नुकसान होगा।

पेंशनर्स के लिए सरकार का बड़ा ऐलान, ग्रैच्युटी सीमा बढ़कर हुई 30 लाख

Union Budget 2019 Gratuity amount limit: अंतरिम बजट में मोदी सरकार ने ग्रैच्युटी सीमा में बढ़ोत्तरी का ऐलान किया है।pension-fund

 सरकार ने शुक्रवार को ग्रैच्युटी की सीमा को 10 लाख रुपये से बढ़ाकर 30 लाख रुपये करने की घोषणा की। वित्त मंत्री पीयूष गोयल ने 2019-20 का बजट पेश करते हुए एक बड़ी पेंशन योजना की भी घोषणा की जिसके तहत असंगठित क्षेत्र के कर्मचारियों को हर महीने 3,000 रुपये दिए जाएंगे।

गोयल ने प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन (पीएमएसवाईएम) की घोषणा करते हुए कहा कि इससे असंगठित क्षेत्र के 10 करोड़ कर्मचारियों को फायदा होगा।  गोयल ने कहा, ‘यह संभवत: पांच साल में असंगठित क्षेत्र के लिए दुनिया की सबसे बड़ी पेंशन योजना बन जाएगी।’
उन्होंने कहा कि असंगठित क्षेत्र के 42 करोड़ कर्मचारी देश के 50 प्रतिशत सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में योगदान देते हैं।  वित्त मंत्री ने अगले वित्त वर्ष से ग्रैच्युटी की सीमा को भी 10 लाख रुपये से बढ़ाकर 30 लाख रुपये करने की घोषणा की।  गोयल ने कहा कि पीएमएसवाईएम के तहत 60 साल की उम्र के बाद असंगठित क्षेत्र के कर्मचारियों को हर महीने 3,000 रुपये की पेंशन मिलेगी। पेंशनभोगियों को इसके लिए हर महीने 100 रुपये का योगदान देना होगा।

वित्त मंत्री ने कहा कि किसानों के लिये घोषित की गई ‘प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि’ से चालू वित्त वर्ष में 20,000 करोड़ रुपये और अगले वित्त वर्ष के लिये 75,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। यह योजना एक दिसंबर 2018 से लागू मानी जायेगी। दो हेक्टयेर से कम भूमि वाले छोटे किसान योजना का लाभ पाने के पात्र होंगे।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन सरकार के मौजूदा कार्यकाल का अंतिम बजट पेश करते हुये गोयल ने व्यक्तिगत आयकर के मोर्चे पर बड़ी घोषणा की है। उन्होंने आयकर से छूट की सीमा को दोगुना करते हुये पांच लाख रुपये तक की आय को कर मुक्त कर दिया। इससे पहले ढाई से पांच लाख रुपये तक की आय पर पांच प्रतिशत और पांच से दस लाख रुपये पर 20 प्रतिशत तथा दस लाख रुपये से अधिक की आय पर 30 प्रतिशत की दर से कर लागू है। पांच लाख रुपये तक की आय के कर मुक्त होने के बाद सबसे निम्न स्लैब पूरी तरह कर मुक्त हो गया है।

वित्त मंत्री ने कहा कि इस छूट का फायदा मध्यम वर्ग के तीन करोड़ से अधिक करदाताओं को मिलेगा। छूट सीमा बढ़ाने से सरकारी खजाने पर 18,500 करोड़ रुपये का बोझ बढ़ेगा। गोयल ने कहा कि पांच लाख रुपये की आय करमुक्त होने के साथ विभिन्न निवेश योजनाओं में डेढ लाख रुपये तक का निवेश करने पर कुल मिलाकर साढ़े छह लाख रुपये तक की वार्षिक आय पर कोई कर नहीं देना होगा।

गोयल ने अपना बजट भाषण समाप्त करते हुये कहा कि यह केवल अंतरिम बजट ही नहीं है बल्कि देश के विकास का माध्यम है।

वित्त मंत्री ने देश का रक्षा बजट तीन लाख करोड़ रुपये से अधिक रहने की भी घोषणा की। उन्होंने कहा, ‘‘पहली बार देश का रक्षा बजट तीन लाख करोड़ रुपये से अधिक होगा।’’

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