मणिशंकर के पाकिस्तान प्रेम पर भड़के कांग्रेसी नेता हनुमंत राव, कहा- ‘मुंह बंद रखें अय्यर’

कांग्रेस से निलंबित नेता मणिशंकर अय्यर के पाकिस्तान प्रेम वाले बयान पर कांग्रेसी नेेेता हनुमंत राव भड़क गए हैं.

खास बातें

नई दिल्ली: कांग्रेस से निलंबित नेता मणिशंकर अय्यर के पाकिस्तान प्रेम वाले बयान पर कांग्रेसी नेेेता हनुमंत राव भड़क गए हैं. हनुमंत राव ने मंगलवार को कहा कि मणिशंकर अय्यर को पार्टी ने सबकुछ दिया, लेकिन उन्होंने हमेशा अपने बयानों से पार्टी को नुकसान हीं पहुंचाया है. उन्होंने कहा कि वे कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को पत्र लिखकर मणिशंकर अय्यर की पार्टी की प्राथमिक सदस्यता खत्म करने की मांग करेंगे. हनुमंत राव ने कहा कि मणिशंकर अय्यर के पहले बयान के चलते कांग्रेस गुजरात चुनाव हार चुकी है. अब वे एक बार फिर से पाकिस्तान प्रेम वाला बयान देकर कर्नाटक चुनाव हराना चाहते हैं. अय्यर पूरी तरह बहक गए हैं, उन्हें नहीं पता चलता है कि कब और कहां क्या बोलना है. अय्यर अगर कांग्रेस पार्टी का भला चाहते हैं तो मेरी सलाह है कि वे अपना मुंह बंद रखें. उनके बयानों से पार्टी को भारी नुकसान उठाना पड़ता है.

पाकिस्तान में मिला है प्यार: अय्यर 
कांग्रेस से निलंबित नेता मणिशंकर अय्यर ने कहा है कि उन्हें पाकिस्तान में जितना प्यार मिलता है हिन्दुस्तान में उतनी ही नफरत का सामना करना पड़ता है. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान में आकर उन्हें काफी प्रेम मिलता है. मणिशंकर अय्यर ने भारत और पाकिस्तान के बीच मुद्दों के समाधान के लिए निर्बाध बातचीत की पैरवी की है, अय्यर यहां कराची साहित्य महोत्सव में भाग लेने पहुंचे थे.

Hanumant rao
मणिशंकर अय्यर के बयान से कांग्रेस नेता हनुमंत राव खफा हैं. तस्वीर साभार: ANIकरांची पहुंचते ही मणिशंकर के दिल में पाकिस्तान के प्रति प्रेम उमड़ आया. उन्होंने कहा कि वह पाकिस्तान को प्यार करते हैं. पाकिस्तान पर प्यार उड़ेलने की वजह बताते हुए उन्होंने कहा कि वह पाकिस्तान से इसलिए प्यार करते हैं, क्योंकि वे भारत से प्यार करते हैं. अय्यर ‘कराची लिटरेचर फेस्टिवल’ में हिस्सा लेने के लिए पाकिस्तान के दौरे पर हैं. लिटरेचर फेस्टिवल को संबोधित करते हुए उन्होंने पाकिस्‍तान की नीतियों पर खुशी जाहिर की जबकि भारतीय नीति को लेकर दुख जताया.

बातचीत ही एकमात्र रास्ता
मणिशंकर अय्यर ने कहा, ‘भारत और पाकिस्‍तान के बीच के मुद्दों को सुलझाने के लिए सिर्फ एक ही रास्‍ता है, और वह बातचीत का रास्ता. मुझे बहुत गर्व है कि पाकिस्‍तान ने इस नीति को स्‍वीकार कर लिया है, लेकिन दुखी भी हूं कि इसे भारतीय नीति के तौर पर नहीं अपनाया गया.’ उन्होंने कहा कि लगातार बातचीत से बड़ी से बड़ी समस्या का समाधान हो जाता है.

पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा, ‘मैं पाकिस्‍तान से प्‍यार करता हूं क्‍योंकि मैं भारत से प्‍यार करता हूं.’ उन्होंने कहा कि भारत को भी अपने पड़ोसियों से प्यार करना चाहिए.

2015 में भी किया था पाकिस्तान का स्तुतिगान
इससे पहले भी उन्होंने पाकिस्तान के पक्ष में बयान दिया था. एक पाकिस्तानी चैनल को दिए अपने इंटरव्यू में मणिशंकर अय्यर ने कहा था कि यदि भारत और पाकिस्तान के बीच वार्ता बहाल करनी है तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को हटाना पड़ेगा.

टीवी के एंकर ने पूछा कि दोनों देशों के बीच गतिरोध दूर करने के लिए क्या किया जाए तो अय्यर ने जवाब दिया, ‘पहली और सबसे बड़ी चीज है कि मोदी को हटाया जाए. केवल तभी वार्ता आगे बढ़ सकती है. हमें और चार साल इंतजार करना होगा. वे (पैनल में शामिल लोग) भले ही आशावादी हैं कि जब मोदी साहब (सत्ता में) हैं, तब हम आगे बढ़ सकते हैं, लेकिन मैं ऐसा नहीं सोचता.’’

उन्होंने आगे कहा, ‘‘हमें (कांग्रेस को) सत्ता में वापस लाइए और उन्हें हटाइए. (संबंध बेहतर बनाने के लिए) और कोई रास्ता नहीं है. हम उन्हें हटा देंगे लेकिन तबतक आपको (पाकिस्तान को) इंतजार करना होगा.’’

प्रधानमंत्री के लिए अपशब्दों का इस्तेमाल
पिछले साल दिसंबर में गुजरात चुनाव के दौरान मणिशंकर अय्यर ने प्रधानमंत्री के लिए अपशब्दों का प्रयोग किया था. पीएम नरेंद्र मोदी ने डॉ. अंबेडकर इंटरनेशनल सेंटर का उद्घाटन करते हुए नेहरू गांधी परिवार पर परोक्ष निशाना साधते हुए कहा कि बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर के जाने के बरसों बाद तक राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान को मिटाने के प्रयास किए जाते रहे लेकिन जिस ‘एक परिवार’ के लिए ये सब किया गया, उस परिवार से कहीं ज्यादा लोग आज बाबा साहेब से प्रभावित हैं.

इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस नेता मणिशंकर अय्यर ने भाषा की मर्यादा को तोड़ दिया. उन्‍होंने कहा कि अंबेडकर की याद में बनी इमारत के उद्घाटन के मौके पर ऐसी बात नहीं करनी चाहिए. मणिशंकर अय्यर ने कहा, ”…इसमें कोई सभ्‍यता नहीं और ऐसे मौके पर इस किस्‍म की गंदी राजनीति करने की क्‍या आवश्‍यकता है?”

इससे पहले 2014 के आम चुनावों में उन्होंने प्रधानमंत्री पद के बीजेपी उम्मीदवार नरेंद्र मोदी को ‘चाय वाला’ कह कर संबोधित किया था.

कराची  महोत्सव के दौरान अय्यर ने कहा, ‘भारत-पाकिस्तान मुद्दों को हल करने के लिए एक ही रास्ता है और यह रास्ता निर्बाध बातचीत का है,’ अय्यर ने बातचीत के जरिए मुद्दों को हल करने की कोशिश के लिए पाकिस्तान की सराहना की और कहा कि नयी दिल्ली के पास यह नीति नहीं है.

मालूम हो कि गुजरात विधानसभा चुनाव के दौरान मणिशंकर अय्यर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए ‘नीच’ शब्द प्रयोग किया था, जिसे बीजेपी ने जोर शोर से उठाया था. अय्यर के इस बयान के बाद राहुल गांधी ने उन्हें पार्टी से निलंबित कर दिया था. 2014 लोकसभा चुनाव के दौरान मणिशंकर अय्यर ने ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चाय वाला कहकर संबोधित किया था. इन दोनों बयानों का कांग्रेस का भारी खामियाजा उठाना पड़ा है. वहीं बीजेपी लगातार इन बयानों को सहारा बनाकर कांग्रेस पर गंभीर आरोप लगाती रही है.

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