फिल्म समीक्षा-पराग छापेकर

स्टार कास्ट: आमिर ख़ान, अमिताभ बच्चन, कटरीना कैफ़ और फातिमा सना शेख

निर्देशक: विजय कृष्ण आचार्य

निर्माता: यशराज फिल्म्सImage result for ठग्स ऑफ हिंदोस्तान

भारतीय सिनेमा का इतिहास कुछ ऐसा रहा है जहां कई बार अच्छी फिल्में भी फ्लॉप हो जाती हैं तो बुरी फिल्में भी हिट हो जाती है! ठग्स ऑफ हिंदुस्तान को लेकर फिल्म दर्शकों में अच्छी खासी उम्मीद बन रही थी। परफेक्शनिस्ट आमिर ख़ान और सदी के महानायक अमिताभ बच्चन दोनों पहली बार साथ आ रहे हैं।

इसका मतलब यह निकाला गया कि शायद फिल्म इतनी मनोरंजक हो और कहानी इतनी दमदार हो कि दोनों ने इस फिल्म में काम करने के लिए तैयार हो गए? बड़े-बड़े किले, पानी पर चलने वाले ज़ंगी जहाज और ग्रैंड प्रोडक्शन वैल्यू! एक्शन और एडवेंचर से भरपूर! साथ ही जो दावा किया गया कि यह फिल्म 300 करोड़ में बनी है तो जाहिर तौर पर एक भव्य फिल्म बनाने का प्रयास किया गया है।Image result for ठग्स ऑफ हिंदोस्तान

फिल्म की कहानी 1795 के भारत की दिखाई गई है जिसमें दिखाया गया है जैसा कि इतिहास भी है ईस्ट इंडिया कंपनी भारत में आई व्यापार करने के लिए थी मगर धीरे-धीरे उसने अपनी हुकूमत चलानी शुरू कर दी! और इसके विरोध में जो लोग उतरे वह लोग आजाद कहलाए जिसका नेतृत्व खुदा बख्श यानी अमिताभ बच्चन करते हैं और दूसरी तरफ है फिरंगी यानी आमिर खान जिसका काम है अंग्रेजों के लिए मुखबिरी करना! उसे यह काम सौंपा जाता है कि आजाद का पता लगाया जाए! क्या फिरंगी इस मकसद में कामयाब होगा या फिरंगी खुद आजाद के चुंगल में फंस जाएगा इसी ताने-बाने पर बुनी गई है फिल्म ठग्स ऑफ हिंदुस्तान।Image result for ठग्स ऑफ हिंदोस्तान

ठग्स ऑफ हिंदुस्तान राजनीति की तरह हो गई है चकाचौंध से भरपूर मगर मूलभूत मुद्दों का अभाव! दो चमकते-चमकते सितारों के साथ निर्देशक विजय कृष्ण आचार्य अधपकी कहानी को लेकर मैदान में उतर गए! स्क्रीनप्ले को उन्होंने अपनी सहूलियत के हिसाब से जहां-तहां घुमा दिया! भले वो तार्किक हो या ना हो! कई सारे किरदारों को डेवलप करना वह भूल ही गए! जब आप इतिहास की बात करते हैं, स्वतंत्रता संग्राम की बात करते हैं तो जाहिर है लॉर्ड क्लाइव जिन्होंने साम्राज्य का विस्तार यहां किया उनकी मृत्यु किसी काल्पनिक घटना में नहीं हो सकती थी!

यह इतिहास से छेड़छाड़ है। आमिर की ही फिल्म लगान की तरह लॉर्ड क्लाइव का नाम किसी और काल्पनिक नाम पर रखा जा सकता था! कुल मिलाकर आधी पकी कहानी और स्क्रीनप्ले पर काम हुआ है और वह साफ नजर भी आता है! स्क्रिप्ट और स्क्रीनप्ले पर काम किया जाता तब इतने बड़े बजट की फ़िल्म और भी बेहतरीन बन  जाती! ऐसा नहीं है कि फिल्म में मनोरंजन नहीं है तमाम सारी कमियों के बावजूद भी आप यह फिल्म एक बार देख सकते हैं आपके बच्चों को यह फिल्म पसंद आ सकता है!Image result for ठग्स ऑफ हिंदोस्तान

अभिनय की बात करें तो खुदा बख्श के किरदार में अमिताभ बच्चन सुपर हीरो की तरह पूरी फिल्म में छाए रहते हैं! आमिर खान फिरंगी के किरदार में जमे तो बहुत है पर लगता है उन्होंने दूसरों के डायलॉग्स भी अपने हिस्से में ही कर लिए! इन दो किरदारों के अलावा विजय कृष्ण आचार्य ने बाकी किरदारों में कोई दिलचस्पी दिखाई ही नहीं तो उनके परफॉर्मेंस की बात करना संगत नहीं होगा।Image result for ठग्स ऑफ हिंदोस्तान

कुल मिलाकर ठग्स ऑफ हिंदुस्तान कमर्शियल जोन में एक साधारण फिल्म है! जिसे जिज्ञासा के कारण एक बार देख सकते हैं! शायद इस जिज्ञासा के चलते फिल्म बॉक्स ऑफिस पर हिट भी हो जाए मगर कुल मिलाकर यह एक सामान्य फिल्म है!

जागरण डॉट कॉम रेटिंग: 5 (पांच) में से 2.5 (ढाई स्टार)

अवधि: 2 घंटे 44 मिनट

ठग्स ऑफ हिंदोस्तान मूवी रिव्यू

प्रषांत जैन,नवभारत टाइम्स

हमारी रेटिंग 2.5 / 5
पाठकों की रेटिंग2 / 5
कलाकार-अमिताभ बच्चन,आमिर खान,कटरीना कैफ,फातिमा सना शेख
निर्देशक-विजय कृष्ण आचार्य
मूवी टाइप-ऐक्शन,अडवेंचर
अवधि-2 घंटा 44 मिनट
‘हमसे दोस्ती कर लीजिए मिर्जा साहब… हमारी दुश्मनी अच्छी नहीं है!’ साम दाम दंड भेद के दम पर कुछ इसी तरह अंग्रेजों ने भारत के राजाओं को धोखा देकर हिन्दुस्तान पर कब्जा कर लिया था।
फिल्म ‘ठग्स ऑफ हिन्दोस्तान’ सन 1795 के उस दौर की कहानी बताती है, जब हिंदुस्तान की तमाम रियासतों पर अंग्रेजों का राज हो चुका था और बची-खुची रियासतों पर भी उनकी नजर थी। ऐसी ही एक रियासत रौनकपुर को अंग्रेज कमांडर जॉन क्लाइव (लॉयड ओवेन) धोखे से कब्जा लेता है। वहां के नवाब मिर्जा सिकंदर बेग (रोनित रॉय) के परिवार को अंग्रेज मार देते हैं, लेकिन उसकी बेटी जफीरा (फातिमा सना शेख) को राज्य का वफादार खुदाबख्श आजाद (अमिताभ बच्चन) बचा कर ले जाता है। करीब एक दशक तक आजाद छुपकर अपने लोगों को इकट्ठा करता है और फिर अंग्रेजों के खिलाफ गुरिल्ला युद्ध छेड़ देता है। इस जंग में जफीरा भी अपने परिवार का बदला लेने के लिए उसके साथ है।
आजाद की बढ़ती ताकत से परेशान अंग्रेज उसे उसी के अंदाज में मात देने के लिए किसी शातिर आदमी को तलाशते हैं। उनकी तलाश फिरंगी मल्लाह (आमिर खान) पर पूरी होती है। फिरंगी अवध का रहने वाला एक छोटा-मोटा ठग है, जो किसी भी तरह पैसा कमाने की जुगत में रहता है। वह अंग्रेजों के लिए ठगों को पकड़वाने का काम करता है। वहीं सुरैया (कटरीना कैफ) एक नाचने वाली है। फिरंगी उसका आशिक है। अंग्रेजों की योजना के मुताबिक, फिरंगी ठगों की सेना में अंग्रेजों का मुखबिर बनकर शामिल हो जाता है। क्या फिरंगी अंग्रेजों के प्लान को पूरा कर पाता है? या फिर वह भी उन्हें भी ठग लेता है? इसका जवाब आपको सिनेमाघर में जाकर ही मिल पाएगा।Image result for ठग्स ऑफ हिंदोस्तान
पर्दे पर आमिर और अमिताभ को साथ देखना उनके फैन्स के लिए किसी ट्रीट से कम नहीं है। अमिताभ बच्चन ने इस उम्र में शानदार ऐक्शन सीन वाला रोल किया है। पानी के जहाजों पर उनके लड़ाई के सीन जबरदस्त हैं। वहीं आमिर हमेशा की तरह लाजवाब हैं। मिस्टर परफेक्शनिस्ट हमेशा की तरह अपने रोल में पूरी तरह रम गए हैं। एक मसखरे धोखेबाज ठग के किरदार को उन्होंने बखूबी निभाया है। फातिमा सना शेख को भी दंगल के बाद करियर की शुरुआत में ही एक और बड़ी फिल्म मिली है। फिल्म की असल हिरोइन वही हैं। कटरीना कैफ को जरूर फिल्म में बहुत कम फुटेज मिली है। वह महज दो गानों तक ही सीमित हैं। जॉन क्लाइव के रोल में लॉयड ओवेन भी जोरदार लगे हैं।
आमिर खान और अमिताभ बच्चन को पहली बार फिल्मी पर्दे पर साथ लाने वाली फिल्म ‘ठग्स ऑफ हिंदोस्तान’ के पहले अंग्रेज ऑफिसर फिलिप मिडोज टेलर की बेस्टसेलर नॉवल ‘कन्फेशंस ऑफ अ ठग’ पर आधारित होने की चर्चा थी, लेकिन अब यह फिल्म पूरी तरह कल्पना आधारित बताई जा रही है।Image result for ठग्स ऑफ हिंदोस्तान हालांकि फिल्म का ट्रेलर देखने के बाद से ही फैन्स ने इस फिल्म की तुलना ‘पाइरेट्स ऑफ कैरेबियन’ की फिल्मों और आमिर खान की तुलना कैप्टन जैक स्पैरो यानी कि जॉन डेप से करनी शुरू कर दी थी। कुछ सीन में आमिर जैक का देसी वर्जन लगते भी हैं। कहीं-कहीं फिल्म भी देसी पाइरेट्स ऑफ कैरेबियन लगती है, तो लड़ाई के कुछ ऐक्शन सीन बाहुबली फिल्म की कॉपी लगते हैं।
फ़िल्म के डायरेक्टर विजय कृष्ण आचार्य ने अपनी फिल्म की स्क्रिप्ट लिखने के लिए काफी मेहनत की है, लेकिन अफसोस कि वह उसे सही तरीके से संभाल नहीं पाए। फिल्म की कहानी कमजोर है। वहीं डायरेक्शन में भी वह धूम 3 जैसा जादू नहीं जगा पाए। पहले हाफ में फिल्म थोड़ी ठीक लगती है, लेकिन दूसरे हाफ में कहानी बोझिल हो जाती है। Image result for ठग्स ऑफ हिंदोस्तानफिल्म में कुछ सस्पेंस भी हैं, लेकिन वे आपको प्रभावित नहीं करते। आमिर खान फिल्म में ठगों और अंग्रेजों दोनों को इतनी बार ठगते हैं कि आप आखिर तक सोचते रहते हैं कि उन्होंने आखिर में किसे ठगा। लेकिन क्लाइमैक्स में आपको पता लगता है कि आमिर ने इस बार भव्य सेट्स, बड़ी स्टारकास्ट और बड़े-बड़े पानी के जहाज दिखा कर बेहद खूबसूरती से दर्शकों को ठग लिया। Image result for ठग्स ऑफ हिंदोस्तान
फिल्म की शूटिंग जोधपुर के मेहरानगढ़ किले में हुई है। इसके अलावा, जहाज वाले लड़ाई के सीन माल्टा में शूट किए गए हैं। मानुष नंदन की सिनेमाटॉग्रफी कमाल की है, जो कि आपको रोमांचित कर देती है। खासकर पानी के जहाजों पर लड़ाई के सीन काफी रोमांचक हैं। फिल्म के सेट काफी भव्य हैं, लेकिन 1795 के दौर को भव्य तरीके से दिखाने की चाहत में ही शायद इसका बजट 350 करोड़ के करीब पहुंच गया।
Image result for ठग्स ऑफ हिंदोस्तानफिल्म का म्यूजिक अजय-अतुल ने दिया है। हालांकि, इसके तीनों ही गाने कुछ खास नहीं हैं। फिल्म का कोई भी गाना रेडियो मिर्ची के टॉप चार्ट में शामिल नहीं है। फिल्म को आईएमडीबी पर 6 रेटिंग मिली है। बड़े स्टार्स की मौजूदगी के बावजूद ‘ठग्स ऑफ हिन्दोस्तान’ की कमजोर स्क्रिप्ट और कहानी आपको निराश करती है। अगर आप आमिर खान और अमिताभ बच्चन के जबरदस्त फैन हैं, तो इस फिल्म को अपने रिस्क पर देख सकते हैं।

आपके शहर में शो टाइम
नटराज सिनेमा,देहरादून 
5:00pm
8:00pm
 कार्निवाल.ग्लिट्ज-सिटी जंक्षन मॉल,देहरादून
4:30pm
5:00pm
6:45pm
7:45pm
8:15pm
9:55pm
10:55pm
11:30pm 
कार्निवाल-विकास मॉल,देहरादून
4:15pm
6:30pm
7:30pm
8:15pm
9:45pm
10:45pm
11:30pm
ओरियंट सिनेमा हॉल, देहरादून
5:00pm
8:10pm
 मूवी लाउंज क्रॉस रोड्स मॉल
4:00pm
4:35pm
7:00pm
7:35pm
10:00pm
10:35pm
 Mukta A2 Cinemas: Times Square Mall, Dehradun 
4:15pm
5:00pm
6:45pm
7:30pm
9:15pm
10:00pm
10:30pm
  पीवीआर -पैसिफिक, देहरादून
4:00pm
4:50pm
5:40pm
6:30pm
7:30pm
8:20pm
9:10pm
10:00pm
11:00pm
 रिट्ज सिनेमा
4:00pm
6:45pm
7:15pm
10:00pm
10:30pm
  वेव पेंटागन मॉल हरिद्वार (सिडकुल)
4:15pm
5:45pm
7:00pm
7:30pm
9:00pm
9:30pm
10:15pm
10:45pm
  सनसिटी सिनेमाज-हरिद्वार
4:30pm
5:30pm
6:40pm
8:00pm
9:00pm
10:00pm
 आर आर सिनेमाज 
4:30pm
5:30pm
6:45pm
7:45pm
8:45pm
9:55pm
10:55pm  
 एसआरएस सिनेमाज- सहारनपुर
5:20pm
5:50pm
6:20pm
6:50pm
8:30pm
9:00pm
9:30pm
10:00pm
  कार्निवाल-ग्लिट्ज-उपल यूनिवर्सल मॉल,यमुनानगर
4:15pm
6:15pm
6:45pm
7:30pm
9:30pm
10:00pm
10:45pm
  श्री डिंपल सिनेमा
4:40pm
5:15pm
6:00pm
7:50pm
8:35pm
9:30pm
10:50pm
 
Kay Cinemas
6:00pm
6:30pm
9:00pm

9:30pm