बुलंदशहर हिंसा में इंस्पेक्टर समेत दो की मौत, SIT करेगी मामले की जांच-VIDEO

 पुलिस की शुरुआती जांच में खुलासा, जानिए क्यों हुआ बवाल

महाव गांव में घटनास्थल पर पहुंचने वालों में सबसे पहले प्रशासनिक अधिकारियों में स्याना तहसीलदार राजकुमार भास्कर थे। उनका कहना है कि ईख के कई खेतों में गोवंश कटान कर रखा था। गाय के सिर और खाल आदि अवशेष गन्ने पर लटका रखे थे जो दूर से ही दिख रहे थे। उनका कहना है कि यदि कोई व्यक्ति गोकशी करेगा तो वह अवशेषों को इस तरह से नहीं लटकाएगा। आरोपी यही चाहेगा कि किसी को इस बात का पता नहीं चले। ऐसे में अधिक संभावना यही है कि सिर्फ माहौल को भड़काने के लिए गोकशी की गई हो।तहसीलदार ने बताया कि भीड़ में शामिल कुछ लोगों ने गाय के अवशेष ट्रैक्टर-ट्रॉली में भर लिए। वे ट्रैक्टर-ट्रॉली को बुलंदशहर-गढ़मुक्तेश्वर स्टेट हाईवे की तरफ ले जाना चाह रहे थे। तहसीलदार ट्रैक्टर-ट्रॉली के आगे खड़े हो गए। भीड़ को शांत करने का अनुरोध किया, पर वे नहीं माने। भीड़ ने किसी की मान-मनौव्वल नहीं सुनी और ट्रैक्टर-ट्रॉली लेकर हाईवे पर चिंगरावठी पुलिस चौकी के सामने पहुंच गई। यहां पर भीड़ ने बवाल करना शुरू कर दिया। बुलंदशहर एसएसपी केबी सिंह ने बताया कि मौके पर पहुंचने वाले सभी पुलिस-प्रशासनिक अधिकारियों, पुलिसकर्मियों और ग्रामीणों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। शुरुआती माहौल जानने की कोशिश की जा रही है। माहौल भड़काने वालों पर रासुका जैसी गंभीर कार्रवाई की जाएगी।

बुलंदशहर हिंसा : सीओ सहित पुलिसकर्मियों को जिंदा जलाने की कोशिश

क्या है पूरा मामला
थाना कोतवाली क्षेत्र के गांव महाव के जंगल में रविवार की रात अज्ञात लोगों ने करीब 25-30 गोवंश काट डाले। गोवंश काटने की सूचना मिलने पर कई हिन्दू संगठनों सहित अन्य लोगों में आक्रोश फैल गया। गुस्साए लोग घटनास्थल पर पहुंचे और गोवंश के कटे अवशेषों को ट्रैक्टर ट्रॉली में भरकर चिंगरावठी पुलिस चौकी पर पहुंचे और पुलिस पर पथराव करना शुरू कर दिया। पुलिस ने भी जवाब में फायरिंग की, जिसमें सुमित नाम के युवक की गोली लगने से मौत हो गई। इसके बाद बेकाबू भीड़ ने पुलिस के कई वाहन फूंक दिए और चिंगरावठी पुलिस चौकी में आग लगा दी। भीड़ ने इंस्पेक्टर सुबोध कुमार को जमकर पीटा जिनकी अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई।

सीएम ने आर्थिक सहायता देने की घोषणा की
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुलंदशहर की घटना के दिवंगत पुलिस इंस्पेक्टर की पत्नी को 40 लाख रु तथा माता-पिता को 10 लाख रु आर्थिक सहायता देने की घोषणा की। इसके साथ ही उन्होंने दिवंगत इंस्पेक्टर के आश्रित परिवार को असाधारण पेंशन तथा परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की भी घोषणा की है।

पहले चेत जाती पुलिस तो नहीं होता बवाल, बच जाती जिंदगियां

बुलंदशहर बवालकुछ दिन पहले खुर्जा के इस्लामाबाद में 21 गोवंश काट दिए गए थे। अब महाव में 25-30 गोवंश काट दिए। लगातार गोकशी की घटनाओं से लोग गुस्से में थे। गुस्साए लोग अपना आक्रोश जताने पुलिस चौकी पर पहुंचे। लोगों ने जब जाम नहीं खोला तो पुलिस को भी गुस्सा आ गया। पुलिसकर्मियों ने लाठी चलाई तो भीड़ ने जवाब में पत्थर उठा लिए। लाठीचार्ज और पथराव से हालात बिगड़ते चले गए। इसी नासमझी में कोतवाल और युवक की जान चली गई।

स्याना कोतवाली के गांव महाव में रविवार रात 25-30 गोवंश काट दिए गए। सुबह जब पता चला तो लोग गुस्से से बेकाबू हो गए। वहीं मौके पर ही यदि पुलिस और प्रशासन के अधिकारी मामले को शांत कर लेते तो शायद बड़ा बवाल होने से बच सकता था। ईख के खेत से लोग गोवंश के अवशेष ट्रैक्टर ट्रॉली में लादकर सोमवार को सुबह 11 बजे चिंगरावठी पुलिस चौकी पर पहुंच गए। स्टेट हाईवे पर जाम लगा दिया।

एसडीएम स्याना अविनाश मौर्य और सीओ एसपी शर्मा ने पहले प्रदर्शनकारियों को समझाने का काफी प्रयास किया। मगर, लोग इतने गुस्से में थे कि कुछ भी सुनने या समझने को तैयार नहीं थे। फिर क्या था बात सुलझने के बजाय और बिगड़ती चली गई। आसपास के थानों का पुलिस बल भी पहुंचना शुरू हो गया। जब पुलिस की संख्या पर्याप्त हो गई, तो पुलिसकर्मियों ने एक्शन का मूड बना लिया।

दोपहर के साढ़े 12 बजे अचानक से पुलिस ने लाठीचार्ज शुरू कर दिया। हालांकि पुलिस अधिकारियों का दावा है कि पहले भीड़ से पथराव हुआ फिर बचाव में लाठीचार्ज किया गया। लाठी चलते ही भीड़ बेकाबू हो गई, जिसके जो हाथ लगा उसी को पीटना शुरू कर दिया।

कोतवाल के घायल होने पर पुलिस आई गुस्से में

जैसे ही कोतवाल सुबोध कुमार सिंह के सिर में पत्थर लगा तो पुलिसकर्मी गुस्से में आ गए। आरोप है कि उन्होंने गुस्से में आकर भीड़ पर फायरिंग भी शुरू कर दी। इसमें युवक सुमित की जान चली गई।

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