बुलंदशहर हिंसा का मुख्य आरोपित योगेश राज गिरफ्तार

मुख्य आरोपी योगेश राज को 30 दिनों तक पकड़ ना पाई पुलिस, अब बजरंग दल के नेताओं ने ही सौंपा,पुलिस ने योगेश को बीती रात गिरफ्तार किया है. बताया जा रहा है कि योगेश राज की गिरफ्तारी नेताओं की सहयोग के बाद हुई है.बजरंग दल का जिला संयोजक योगेश राज घटना वाले दिन से ही फरार चल रहा था। योगेश ने विडियो जारी करके खुद को बेकसूर बताया था। उसकी गिरफ्तारी यूपी पुलिस के लिए चुनौती बन गई थी।

हाइलाइट्स

  • बुलंदशहर हिंसा का मुख्य आरोपित योगेश राज हिंसा के ठीक 31 दिन बाद गिरफ्तार कर लिया गया है
  • बजरंग दल के जिला संयोजक योगेश राज पर हिंसा भड़काने का आरोप था, घटना वाले दिन से फरार था
  • 3 दिसंबर को कथित गोकशी के बाद बुलंदशहर में हिंसा भड़की थी, इसमें इंस्पेक्टर समेत 2 की जान गई थी
बुलंदशहर :यूपी के बुलंदशहर हिंसा  के मुख्य आरोपित योगेश राज को आखिरकार पुलिस ने ठीक 31 दिन बाद गिरफ्तार कर लिया है। बता दें कि बजरंग दल का जिला संयोजक योगेश राज घटना वाले दिन से ही फरार था। योगेश की गिरफ्तारी पुलिस के लिए चुनौती बन गई थी। योगेश पर हिंसा भड़काने का आरोप है। पिछले 30 दिनों से फरार चल रहे योगेश राज की गिरफ्तारी बुलंदशहर के खुर्जा से हुई  है. अब पुलिस को बजरंग दल के नेताओं ने ही सौंपा है. पुलिस आज उसे कोर्ट में पेश करेगी. उस पर हिंसा भड़काने का आरोप है और पुलिस ने उसे ही मुख्य आरोपी बनाया है. योगेश राज ने ही गो हत्या मामले में झूठी एफआईआर दर्ज करवाई थी. इससे पहले योगेश राज की गिरफ्तारी में हो रही देरी को लेकर यूपी पुलिस पर सवाल उठ रहे थे। यह भी कहा जा रहा था कि पुलिस योगेश राज को क्लीन चिट देने की तैयारी कर रही थी। इससे पहले पुलिस ने इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह की हत्या के मामले में प्रशांत नट और कलुआ को गिरफ्तार किया था, लेकिन पुलिस की दर्ज कराई गई एफआईआर में आरोपित नंबर एक योगेश राज था।

 पुलिस ने इस्पेक्टर इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह पर कुल्हाड़ी से हमला करने वाले कलुआ उर्फ राजीव को 28 दिन बाद सोमवार देर रात गिरफ्तार किया था. पुलिस के मुताबिक कलुआ ने ही सबसे पहले सुबोध कुमार सिंह पर हमला किया था. कलुआ कुल्हाड़ी से पेड़ की टहनी काट सड़क जाम कर रहा था, इंस्पेक्टर ने रोका तो उसने कुल्हाड़ी से उन पर ही हमला कर दिया. मुख्य आरोपी कलुआ ने पहले इंस्पेक्टर की अंगुलियां काटी फिर कुल्हाड़ी से ही सिर पर कई वार कर दिए. इस हमले में इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह बुरी तरह घायल हो गए. जख्मी हालत में इंस्पेक्टर जान बचाने खेतों की तरफ भागे तो प्रशांत नट ने उन्हें पकड़कर घुटनों के बल गिरा लिया. इसके बाद नट ने इंस्पेक्टर की ही लाइसेंसी रिवॉल्वर छीनकर उन्हें गोली मार दी.वहीं हिंसा के 25 दिन बाद इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह के हत्यारे प्रशांत नट को गिरफ्तार किया गया था. इंस्पेक्टर पर गोली चलाने का आरोप नट पर ही है. वहीं, रिवॉल्वर चुराने वाले की भी पहचान हो गई है और उसकी तलाश जारी है. पुलिस के आला सूत्रों के मुताबिक़ जॉनी नाम के शख़्स ने इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह की रिवॉल्वर चुराई थी, वहीं, प्रशांत नट ने उन्हें गोली मारी थी. पुलिस को हाथ लगे दो वीडियो में ये दोनों शख्स साथ दिख रहा है.

अब तक 31 आरोपियों की गिरफ्तारी
योगेश के अलावा बीजेवाईएम का पूर्व स्याना नगर अध्यक्ष शिखर अग्रवाल भी मामले में आरोपित है, जिसे कोर्ट से 30 दिन की सुरक्षा मिली हुई है। पुलिस का कहना है कि प्रटेक्शन पूरी होते ही उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा। दोनों ने हिंसा के बाद विडियो के जरिए खुद को बेगुनाह बताया था। उनकी विडियो क्लिप काफी सर्क्युलेट हुई थी।  पुलिस अब तक बुलंदशहर हिंसा के 31 आरोपितों को गिरफ्तार कर चुकी है।
बता दें कि 3 दिसंबर को बुलंदशहर में कथित गोकशी को लेकर हिंसा भड़की थी, जिसमें इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह समेत 2 लोगों की मौत हो गई थी। योगेश राज पहले एक प्राइवेट नौकरी करता था। 2016 में योगेश बजरंग दल का जिला संयोजक बना। उसके बाद नौकरी छोड़कर पूरी तरह संगठन के लिए काम करने लगा। योगेश राज के घर की दीवार पर अखंड भारत का नक्शा भी है। इसमें जिक्र है कि भारत कब-कब बंटा है।

हिंसा में गई थी इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह की जान

भीड़ को भड़काने का आरोप 
योगेश राज ने हिंसक भीड़ की अगुआई की थी। यह स्याना के नयाबांस गांव का रहने वाला है और पहले भी कई विवादों में इसका नाम आ चुका है। पुलिस ने उसके खिलाफ आईपीसी की धारा 147, 148, 149, 307, 302, 333, 353, 427, 436, 394 के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस एफआईआर के अनुसार योगेश राज अपने साथियों के साथ मिलकर भीड़ को भड़का रहा था।
इससे पहले पुलिस योगेश की शिकायत पर ही सात गोकशों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। योगेश राज ने स्‍याना पुलिस को तहरीर देकर बताया था कि वह अपने कुछ साथियों के साथ 3 दिसंबर को सुबह करीब नौ बजे गांव महाब के जंगलों में घूम रहा था। इसी दौरान उसने नयाबांस के आरोपी गोतस्‍कर सुदैफ चौधरी, इलियास, शराफत, अनस, साजिद, परवेज और सरफुद्दीन को गोवंशों को कत्ल करते हुए देखा। इसके बाद उन्‍होंने शोर मचा दिया। इसके बाद आरोपी भाग निकले।

हिंसक भीड़ का किया था नेतृत्व 
बता दें कि इस कथित गोकशी की शिकायत के बाद सैंकड़ों लोग सड़क पर आ गए और विरोध प्रदर्शन करने लगे। योगेश राज ने इनका नेतृत्‍व किया। स्‍याना कोतवाली के प्रभारी सुबोध कुमार सिंह ने उसे समझाने की कोशिश की लेकिन वह नहीं माना। इसके बाद पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए बल प्रयोग किया। इस पर भीड़ हिंसक हो गई और इसी दौरान किसी ने गोली मारकर सुबोध कुमार की हत्‍या कर दी।

  • पुलिस की गिरफ्त में योगेश राज

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