बीजेपी की 75+ रूल से ‘तौबा’?,मोदी इस बार भी वाराणसी से

प्रधानमंत्री मोदी की फाइल फोटो

पिछले लोकसभा चुनाव में  मोदी ने वाराणसी सीट पर आम आदमी पार्टी  प्रमुख अरविंद केजरीवाल को करीब तीन लाख वोटों से हराया था.BJP संसदीय बोर्ड की बैठक में झारखंड में आजसू से समझौते पर लगी मुहर,इस समझौते के तहत बीजेपी झारखंड के 14 में से 13 सीटों पर चुनाव लड़ेगी तथा आजसू एक सीट पर अपना उम्मीदवार उतारेगा . 

BJP संसदीय बोर्ड की बैठक में झारखंड में आजसू से समझौते पर लगी मुहर
(फोटो साभार – ANI)
 नई दिल्ली:लोकसभा चुनाव (Loksabha election 2019) की घोषणा से ठीक पहले भाजपा (BJP) नेतृत्व ने शुक्रवार को उम्मीदवार तय करने से लेकर, सूक्ष्म चुनाव प्रबंधन तक की रणनीति पर व्यापक विचार विमर्श किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra modi) सहित पार्टी के केंद्रीय संसदीय बोर्ड ने शुक्रवार देर रात तक चली बैठक में 75 साल से ज्यादा उम्र के नेताओं को चुनाव लड़ाने, राज्यसभा सांसदों और विधायकों को लोकसभा मैदान में उतारने को लेकर चर्चा की गई।लोकसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर प्रधानमंत्री के साथ भाजपा नेतृत्व की यह पहली बड़ी बैठक थी। इसमें उम्मीदवारों के लिए मानक तय करने, चुनावी माहौल का जायजा लेने और विपक्षी गठबंधनों की स्थिति पर व्यापक विचार किया गया।
Narendra Modi in Ghaziabad. (Photo : BJP/Twitter)

सूत्रों के अनुसार भाजपा नेतृत्व सांसदों को लेकर एन्टी इनकम्बेंसी को रोकने के लिए कई सीटों पर बदलाव की तैयारी में है। इसके कारण 75 साल से ज्यादा उम्र के नेताओं को लोकसभा चुनाव मैदान में न उतारने का फैसला लिया जा सकता है। दरअसल पार्टी युवा और नए उम्मीदवारों को जनता के सामने लाना चाहती है। पार्टी के अंदरूनी सर्वे में भी व्यापक बदलाव की बात सामने आई है।

प्रधानमंत्री वाराणसी से ही चुनाव लड़ेंगे
तीन घंटे तक चली इस बैठक में क्या चर्चा की गई इस संबंध में कोई अधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया। यह पूछे जाने पर कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कहां से चुनाव लड़ेंगे ,सूत्रों ने बताया कि यह पहले से ही तय है कि मोदी अपनी वर्तमान लोकसभा सीट वाराणसी से ही चुनाव लड़ेंगे साथ ही बताया कि पार्टी इस पर अभी विचार कर रही है कि मोदी किसी अन्य सीट से भी चुनाव लड़ेंगे या नहीं। भाजपा के एक नेता ने कहा कि जीत की संभावना पार्टी के उम्मीदवारों के चयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

साथ विधानसभा चुनाव पर सहमति नहीं
सूत्रों के अनुसार लोकसभा चुनाव के साथ हरियाणा, झारखंड और महाराष्ट्र के विधानसभा चुनाव कराने को लेकर सहमति नही बन सकी है। बैठक में तीन राज्यों में विधानसभा चुनाव में हार के बाद अब तक के बदले माहौल को लेकर भी चर्चा हुई। पार्टी का मानना है कि पुलवामा की आतंकी घटना के बाद आतंकवाद के खिलाफ सरकार की कार्रवाई से माहौल में सकारात्मक बदलाव आया है।

झारखंड में आजसू से गठबंधन 
झारखंड में भाजपा और आजसू के बीच लोकसभा चुनाव के लिए गठबंधन हो गया है। आजसू नेता सुदेश महतो ने शुक्रवार को भाजपा अध्यक्ष अमित शाह से मुलाकात की। इसके बाद तय हुआ कि राज्य में भाजपा 13 और आजसू एक सीट (गिरीडीह) पर चुनाव लड़ेगी।

बीजेपी के संसदीय बोर्ड की बैठक शुक्रवार की रात संपन्न हुई जिसमें झारखंड में बीजेपी तथा आल झारखंड स्टुडेंट युनियन (आजसू) के साथ चुनावी तालमेल पर मुहर लगायी गयी है . इस समझौते के तहत बीजेपी झारखंड के 14 में से 13 सीटों पर चुनाव लड़ेगी तथा आजसू एक सीट पर अपना उम्मीदवार उतारेगा . बैठक के बाद बीजेपी महासचिव भूपेंद्र यादव ने संवाददाताओं को यह जानकारी देते हुए विश्वास जताया कि राजग गठबंधन सभी सीटों पर जीत हासिल करेगी . इस बैठक में प्रधानमत्री नरेंद्र मोदी, बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह, केंद्रीय मंत्रियों अरूण जेटली, सुषमा स्वराज, राजनाथ सिंह थावरचंद गहलोत, जे पी नड्डा तथा पार्टी उपाध्यक्ष शिवराज सिंह चौहान सहित बोर्ड के अन्य सदस्यों ने हिस्सा लिया . माना जाता है कि संसदीय बोर्ड की इस बैठक में लोकसभा चुनाव की तैयारियों और पार्टी के प्रचार अभियान भी चर्चा में आए .

बीजेपी संसदीय बोर्ड की यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब सत्तारूढ़ दल और कांग्रेस समेत समूचे विपक्ष के बीच बालाकोट में वायुसेना की कार्रवाई को लेकर आरोप-प्रत्यारोप का दौर चल रहा है . इससे एक दिन पहले ही कांग्रेस ने लोकसभा चुनाव के लिए अपने 15 उम्मीदवारों की पहली सूची जारी की है .प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आगामी लोकसभा चुनाव में भी उत्तर प्रदेश की वाराणसी सीट से चुनाव लड़ेंगे. प्रधानमंत्री मोदी इस बार भी दो सीटों से चुनाव लड़ेंगे, जिसमें एक सीट वाराणसी की, जबकि उनकी दूसरी सीट का फैसला बाद में किया जाएगा. बीजेपी संसदीय बोर्ड की शुक्रवार को हुई बैठक में इस बाबत फैसला लिया गया. लोकसभा चुनावों के लिए रणनीति तय करने के मकसद से बुलाई गई यह बैठक करीब तीन घंटे तक चली थी.

पिछले लोकसभा चुनाव में प्रधानमंत्री मोदी ने वाराणसी सीट पर आम आदमी पार्टी के प्रमुख अरविंद केजरीवाल को करीब तीन लाख वोटों से हराया था, जबकि उनके दूसरे प्रतिद्वंद्वि व कांग्रेस उम्मीदवार अजय राय को महज 75,000 वोट मिले थे.प्रधानमंत्री मोदी के लिए सीट के फैसले के अलावा संसदीय बोर्ड की बैठक में यह भी तय किया गया कि आगामी चुनाव में उम्मीदवारों के लिए 75 साल जैसी कोई उम्र सीमा नहीं रखी जाएगी. बैठक से जुड़े एक सूत्र ने बताया कि जीत का माद्दा रखने वाले उम्मीदवारों को टिकट दिया जाएगा, चाहे वह 75 साल से ज्यादा उम्र का ही क्यों न हो.Image result for बीजेपी ने 75+ रूल से किया 'तौबा
बता दें कि 2014 की चुनावी जीत के बाद प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व वाली पार्टी ने सदस्यों के लिए नियमों में कई बदलाव किए थे. इसमें नेताओं के लिए सक्रीय राजनीति से रिटायरमेंट की उम्र सीमा 75 साल तय की गई थी. इससे 70 साल से अधिक उम्र वाले नेताओं को इस बार टिकट मिलने की संभावना न के बराबर रह गई थी. हालांकि 2014 में शानदार जीत करने वाले बीजेपी के कई प्रमुख नेता इस बार इसी दायरे में आ रहे थे, ऐसे में यह नियम अब बदल दिए गए. इन नेताओं में 91 वर्षीय लालकृष्ण आडवाणी, 85 साल के मुरली मनोहर जोशी और 77 वर्षीय कलराज मिश्र जैसे दिग्गज भी शामिल हैं.Image result for बीजेपी ने 75+ रूल से किया 'तौबा
सूत्रों ने News18 को बताया कि बीजेपी की राज्यों में अपना गठबंधन भी बढ़ाने की योजना है. उन्होंने कहा कि 2014 में जहां हमारे 16 सहयोगी दल थे, इस बार यह संख्या 29 होगी. पार्टी ने हाल ही में तमिलनाडु में एआईएडीएमके से गठबंधन किया है, वहीं महाराष्ट्र में शिवसेना और बिहार में जेडीयू और एलजेपी के साथ गठबंधन को अंतिम रूप दिया था. सूत्रों ने बताया कि इस बार पार्टी का पूरा फोकस जिताऊ कैंडिडेट पर होगा, इसलिए कई राज्यसभा सदस्यों को भी लोकसभा का टिकट दिया जा सकता है.

80% लोग सर्जिकल स्ट्राइक के बाद मोदी सरकार से खुश, सर्वे में हुआ ये बड़ा खुलासा,मोदी सरकार की योजनाओं लगभग 80 फीसदी लोगों ने अच्छा माना.

मोदी सरकार के 5 साल पूरे हो चुके हैं और इस पर लोकल सर्कल्स ने एक ऑनलाइन सर्वे किया है जिसमें लोगों से मोदी सरकार के कामकाज पर राय मांगी गई है. सर्वे के मुताबिक 75 फीसदी लोगों की उम्मीदों पर मोदी सरकार खरी उतरती है, और वो इसे उम्मीद से अच्छा या उम्मीद के मुताबिक मानते हैं. इसके अलावा मोदी सरकार की योजनाओं पर जब लोगों से राय मांगी गई तो लगभग 80 फीसदी लोगों ने इन योजनाओं को अच्छा माना.
लोकल सर्कल्स के CEO सचिन तपरिया का कहना है कि उन्होंने फरवरी के तीसरे हफ्ते में ये सर्वे किया है. जिसमें निकल के आया है कि 85 फीसदी लोगों ने मोदी सरकार के लिए कहा है कि सरकार ने अपने वादों को पूरा किया है. साथ ही 30 फीसदी लोग ये कह रहे हैं कि सरकार ने उम्मीद से अच्छा काम किया है.  इस सर्वे में महंगाई, रोजगार, सर्जिकल स्ट्राइक, मोदी सरकार की योजनाओं के बारे लोगों से सवाल पूछे गए हैं.
सचिन तपरिया ने कहा है कि बेरोजगारी का डाटा विपक्ष में लिए मोदी सरकार पर सवाल उठाने का मुद्दा बन सकता है. महंगाई के मामले में 64 फीसदी लोग ने कहा कि मोदी राज में महंगाई कम हुई है. सर्जिकल स्ट्राइक 2 के बाद लोगों का मोदी सरकार को देखने का नजरिया बदला है. इसके बाद ज्यादा फीसदी लोग मोदी सरकार के पक्ष में आए हैं.

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