बालाकोट में टार्गेट हिट किए, आतंकी कितने मारे गए, गिनती हमारा काम नहीं: एयरफोर्स

ANI
@ANI

Air Chief Marshal BS Dhanoa on air strikes: IAF is not in a postilion to clarify the number of casualties. The government will clarify that. We don’t count human casualties, we count what targets we have hit or not.

पाकिस्तान के कब्जे वाले इलाके में जैश के ठिकानों पर एयर स्ट्राइक के बाद एयर चीफ मार्शल बीएस धनोआ का बड़ा बयान सामने आया है. एयर स्ट्राइक में कितने आतंकी मारे गए? इस सवाल पर एयर चीफ मार्शल ने कहा कि हमारा काम लक्ष्य भेदना था. लाशें गिनना नहीं. मीडिया को ब्रिफिंग देते हुए उन्होंने कहा कि भारतीय सेना हर नापाक हरकत का जवाब देने की ताकत रखती है.
एयर चीफ मार्शल ने कहा, ‘पाकिस्तान के बालाकोट में अपने टारगेट को भेदा, जो हमारा काम था. एयरफ़ोर्स का काम यह बताना नहीं है कि ज़मीन पर कितने लोग थे. हमारे पास कितने लोग मारे गए इसकी कोई जानकारी नहीं है. कितने लोग मारे गए ये इस बात पर निर्भर करता है कि उस वक्त वहां कितने लोग मौजूद थे. भारत सरकार इस पर ज्यादा बेहतर तरीके से बता सकती है.’
वायुसेना प्रमुख की ओर से आए इस बयान के बाद एक बार फिर बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह के उस दावे पर सवाल उठने लगे हैं, जिसमें उन्होंने कहा है कि ऑपरेशन बालाकोट में कम से कम 250 आतंकी मारे गए हैं.

एयर स्ट्राइक से बालाकोट में कोई नुकसान हुआ है या नहीं? मीडिया के इस सवाल पर एयर चीफ़ मार्शल ने कहा, ‘अगर जंगल में ही गोलाबारी हुई होती, तो विदेश सचिव को इसके लिए ब्रीफ़ करने की ज़रूरत नहीं होती. वहीं, पाकिस्तान ने भी इस पर रिएक्ट क्यों किया?’

View image on Twitter

एयरफोर्स चीफ धनोआ ने बयान दिया कि, पलटवार करना भारत का अधिकार है. उन्होंने आतंकियों को चेतावनी देते हुए कहा कि एयरफोर्स पलटवार करने से पहले कभी सोचेगी नहीं. एयरफोर्स चीफ ने कहा कि जरूरत पड़ी तो भारतीय वायुसेना पाकिस्तान के और अंदर घुसकर टारगेट को खत्म करेगी.धनोआ ने ये भी बयान दिया कि भारत को पाकिस्तान के पास परमाणु बम से लैस होने का कोई खौफ नहीं है.

ANI
@ANI

Air Chief Marshal BS Dhanoa:Whether he (Wing Commander ) flies or not depends on his medical fitness. That’s why post ejection, he has undergone medical check. Whatever treatment required, will be given. Once we get his medical fitness, he will get into fighter cockpit

Embedded video

ANI
@ANI

Air Chief Marshal BS Dhanoa on Mig-21 Bison, says, “One is a planned operation in which you plan & carry out.But when an adversary does a strike on you, every available aircraft goes in, irrespective of which aircraft it is. All aircraft are capable of fighting the enemy”

मिग-21 का इस्तेमाल क्यों?
भारत ने पाकिस्तान के F-16 का जवाब देने के लिए मिग-21 का इस्तेमाल क्यों किया, इस सवाल का जवाब भी एयरचीफ मार्शल बीएस धनोआ ने दिया है. एयर चीफ मार्शल ने कहा है कि मिग-21 बाइसन ऐसे हमले करने में सक्षम है. उन्होंने बताया कि मिग-21 एक अच्छा और आक्रामक विमान है.
धनोआ ने जानकारी दी कि इस एयरक्राफ्ट को अपग्रेड किया गया है. एयरक्राफ्ट में अच्छे रडार लगाए गये हैं. इसके अलावा ये फाइटर एयरक्राफ्ट एयर टू एयर मिसाइल छोड़ने में भी सक्षम है. उन्होंने कहा कि मिग-21 के पास अब बेहतर मारक क्षमता है.

‘फिट होते ही अभिनंदन की वापसी’

एयर चीफ मार्शल बीएस धनोआ ने अभिनंदन पर भी बड़ी बात कही. उन्होंने कहा कि अभिनंदन की मेडिकल फिटनेस के आधार पर ही तय होगा कि वो लड़ाकू विमान उड़ा पाएंगे या नहीं. पूरे इलाज के बाद जब उनकी मेडिकल फिटनेस रिपोर्ट आएगी और अगर वो फिट हुए तो वो दोबारा कॉकपिट में बैठेंगे.बता दें कि विंग कमांडर का दिल्ली के अस्पताल में इलाज चल रहा है. उनकी पीठ में चोट है. रविवार को उन्होंने जल्द से जल्द फाइटर जेट उड़ाने की इच्छा जाहिर की थी.

AIR STRIKE: बालाकोट में जैश के ठिकानों पर क्या हुआ? भारत के दावे को साबित करती हैं ये सैटेलाइट तस्वीरें

बालाकोट में जिस जगह पर हमला किया गया था, वहां की सिंथेटिक एपर्चर रडार (एसएआर) तस्वीरें सरकार के पास हैं, जिसमें साफ साफ दिख रहा है कि आतंकियों के अड्डा तबाह हो गया है.

पुलवामा हमले के बाद भारतीय वायुसेना के पाकिस्तान के कब्जे वाले इलाके में एयर स्ट्राइक को लेकर विपक्ष ने सरकार से सबूत मांगा है. 26 फरवरी की सुबह पाकिस्तान के बालाकोट और पाक के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) के मुजफ्फराबाद व चकोटी में वायुसेना के मिराज विमानों ने एयर स्ट्राइक की. IAF के विमानों ने आतंकी संगठन जैश-ए- मोहम्मद के ठिकानों पर बमबारी कर उसे नेस्तानाबूद कर दिया था. इसमें कई आतंकियों के मारे जाने की बात कही जा रही है. भले ही पाकिस्तान इससे इनकार कर रहा हो, लेकिन एयर स्ट्राइक की कुछ सैटेलाइट तस्‍वीरें सामने आई हैं, जो भारत के दावे को सही साबित करती हैं.

 रिपोर्ट के मुताबिक, बालाकोट में जिस जगह पर हमला किया गया था, वहां की सिंथेटिक एपर्चर रडार (एसएआर) तस्वीरें सरकार के पास हैं, जिसमें साफ साफ दिख रहा है कि आतंकियों के अड्डा तबाह हो गया.

इससे पहले कुछ स्वतंत्र सैटेलाइट इमेजरी विशेषज्ञों ने मिराज-2000 फाइटर प्लेन के आतंकी ठिकानों पर सटीक बमबारी को लेकर सवाल खड़े किए थे. उन्होंने दावा किया था कि सैटेलाइट तस्वीरों से यह संकेत मिलते हैं कि बमबारी में नुकसान कम हुआ है और ये बम आतंकी ठिकानों से लगभग 150 से 200 मीटर की दूरी पर गिरे हैं.
रिपोर्ट के मुताबिक, मिराज विमानों ने जैश के कुल 6 ठिकानों पर इज़राइली बम गिराए थे. रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय रक्षा अधिकारियों ने स्वतंत्र सैटेलाइट इमेजरी विशेषज्ञों की बात को खारिज कर दिया है. अधिकारियों का कहना है कि एसएआर से जो तस्वीरें मिली हैं उनमें साफ दिख रहा है कि जिन ठिकानों को निशाना बनाया गया था, वो सही तरीके से हिट हुए थे. जहां नुकसान हुआ है वहां पाकिस्तान दोबारा मरम्मत का काम कर रहा है.’

रिपोर्ट में ये भी कहा गया है कि मिराज-2000 लड़ाकू विमान ने सबसे पहले नियंत्रण रेखा (LoC) पार कर लंबी दूरी के स्पाइस-2000 बम और एजीएम-142 मिसाइल के जरिए ठिकानों को निशाना बनाया था. इन विमानों में इलेक्ट्रो-ऑप्टिकल सेंसर थे, जिसमें फोटोज कैप्चर करने की क्षमता होती है. लेकिन, घने बादलों की वजह से तस्वीरें कैद नहीं हो सकी. वहीं, सुखोई 30एमकेआई लड़ाकू विमान जो मिराज -2000 की सुरक्षा के लिए घेरा डाले थे, उनकी उच्च तकनीकी क्षमता के कारण बादलों के बावजूद भी इलाके की पूरी तस्वीर ले ली.
View image on Twitter

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *