प्रयागराज । सक्रिय राजनीति में आने के बाद गुजरात के गांधीनगर से चुनाव प्रचार की शुरुआत करने वाली कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा अब परनाना की जन्मभूमि प्रयागराज  पर कदम रखेंगी। प्रियंका गांधी वाड्रा 18 मार्च को बमरौली एयरपोर्ट प्रयागराज आएंगी। यहां पर चुनावी महासमर में गोता लगाने को वह गंगा, यमुना व अदृश्य सरस्वती के संगम से स्टीमर में सवार होकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी जाएंगी।

प्रियंका गांधी वाड्रा कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव के साथ पूर्वी उत्तर प्रदेश की चुनाव प्रभारी भी हैं। ऐसे में उन्होंने देश के पहले प्रधानमंत्री और अपने परनाना पंडित जवाहर लाल नेहरू की जन्मस्थली से चुनाव प्रचार का मन बनाया है। प्रयागराज में अब संग्रहालय में तब्दील हो चुके नेहरू/गांधी परिवार की पुश्तैनी हवेली ऐतिहासिक आनंद भवन रविवार को पहुंचेंगी।

इस बीच पूर्वी उत्तर प्रदेश के बड़े पदाधिकारियों से वह मुलाकात भी कर सकती हैं। इसके बाद सड़क मार्ग से संगम पहुंचेंगी। यहां से वह स्टीमर से जलमार्ग से वाराणसी के लिए प्रस्थान करेंगी। गंगा नदी के रास्ते प्रयागराज से वाराणसी तक जाकर प्रियंका केंद्र की मोदी सरकार के गंगा सफाई अभियान की पोल खोलना चाहती हैं और साथ ही उनका लक्ष्य करीब सौ किलोमीटर के इस रास्ते में आधे दर्जन से ज्यादा संसदीय क्षेत्र कवर करना भी है। वाराणसी में प्रियंका के रोड शो और रैली की भी तैयारी की जा रही है।

प्रयागराज से वाराणसी का सफर तय करते हुए प्रियंका गांधी आधा दर्जन संसदीय क्षेत्रों को कवर करेंगी। पार्टी पदाधिकारियों में चर्चा है कि दो दिन पहले पूर्वी यूपी के ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी के सचिव बाजीराव खांडे तैयारियों का जायजा लेने आए थे। इसके बाद वह वाराणसी चले गए। अभी उनके कार्यक्रम की आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है।

2016 में मां के साथ पहुंचीं थीं प्रयागराज

प्रियंका इसके पहले 23 नवंबर 2016 को प्रयागराज आईं थीं। वह अपनी दादी इंदिरा गांधी की जन्मशती समारोह पर आयोजित चित्र प्रदर्शनी में मां सोनिया गांधी व भाई राहुल गांधी के साथ पहुंचीं थीं। राहुल समारोह के बाद चले गए थे, जबकि सोनिया और प्रियंका यहां अगले दिन पदाधिकारियों से मिलने के बाद दिल्ली लौटी थीं।

होली से ठीक पहले 20 को बनारस में होंगी प्रियंका

प्रियंका गांधी वाड्रा होली से ठीक पहले 20 मार्च को वाराणसी में होंगी। प्रयागराज से वह 18 मार्च को गंगा के रास्ते बोट पर सवार होकर वाराणसी के लिए रवाना होंगी। इस तीन दिनी सफर में रास्ते भर कई जगहों पर उनका भव्य स्वागत होगा। इस दौरान वह नुक्कड़ सभाओं को भी संबोधित कर सकती हैं। वाराणसी में प्रियंका गांधी कार्यकर्ताओं के साथ चुनावी तैयारियों को लेकर मंथन करने के साथ ही प्रबुद्धजनों से भी संवाद कर सकती हैं। इस बाबत मुख्य निर्वाचन अधिकारी को अवगत करा दिया गया है।

श्रीकाशी विश्वनाथ का दर्शन

प्रियंका का आगमन उसी दशाश्वमेध घाट पर होगा जहां पर पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने गंगा निर्मलीकरण के गंगा एक्शन प्लान की नींव रखी थी। गंगा नदी को प्रणाम कर प्रियंका गांधी यहां पर श्रीकाशी विश्वनाथ दरबार में दर्शन-पूजन करने जाएंगी। बाबा काल भैरव व मीरजापुर में मां विंध्यवासिनी देवी का दर्शन भी संभावित है।

गंगा से है भावनात्मक जुड़ाव

कांग्रेस के पूर्व विधायक अजय राय ने कहा कि गंगा से पूरी कांग्रेस का भावनात्मक जुड़ाव है। पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने सबसे पहले गंगा की चिंता की थी। इसके बाद पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने चिंता करते हुए गंगा एक्शन प्लान बनाया जिसे वर्तमान सरकार जुमलेबाजी कर सिर्फ भुनाने में लगी है। खुद को गंगा का बेटा बताने वाले पीएम मोदी के संसदीय क्षेत्र में ही गंगा की दुर्दशा देखी नहीं जा रही है।