प्रमुख सचिव वन गिरफ़्तार कर करें पेश, नैनीताल हाको के आदेश

ऑपरेशन टाइगर आई ऑफ इण्डिया ने जनहित याचिका दाखिल कर कहा कि बाघों को बचाने के लिए वाइल्ड लाइफ क्राइम कंट्रोल ब्यूरो का गठन किया जाए.

हाईकोर्ट के देहरादून एसएसपी को आदेश... प्रमुख सचिव वन को गिरफ़्तार कर पेश करेंनैनीताल हाईकोर्ट (फ़ाइल फ़ोटो)
उत्तराखण्ड हाईकोर्ट ने आज राज्य के प्रमुख सचिव वन आनंदवर्धन के ख़िलाफ़ वारंट जारी किया है. आज उनको हाईकोर्ट की खंडपीठ में पेश होना था मगर नहीं हो सके जिस पर कोर्ट ने नाराजगी व्यक्त करते हुए उनके ख़िलाफ़ ज़मानती वारंट जारी किया है. खंडपीठ ने एसएसपी देहरादून को 22 अप्रैल को प्रमुख सचिव वन को अदालत में पेश करना सुनिश्चित करने को कहा है. खंडपीठ ने कहा कि अगर वह नहीं आते हैं तो एसएसपी उन्हें गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश करें.
बता दें कि पिछले दिनों कोर्ट ने जनहित याचिका पर सुनवाई कर प्रमुख सचिव वन आनंदवर्धन को शपथ पत्र के साथ कोर्ट में पेश होने के आदेश दिया था. आज उनकी जगह अपर सचिव कोर्ट में पेश हुए और प्रमुख सचिव की ओर से कोर्ट से मांग की कि उनके खिलाफ कोर्ट में पेश होने के आदेश को खत्म किया जाए.
बता दें कि साल 2016 में बाघों की 5 खालें पकड़ी गई थी. लैब टेस्ट में पता चला कि यह सभी खालें कार्बेट पार्क आस-पास की हैं. ऑपरेशन टाइगर आई ऑफ इण्डिया ने जनहित याचिका दाखिल कर कहा कि बाघों को बचाने के लिए वाइल्ड लाइफ क्राइम कंट्रोल ब्यूरो का गठन किया जाए.मुख्य न्यायाधीश रमेश रंगनाथन एवं न्यायमूर्ति एनएस धानिक की खंडपीठ के समक्ष आज मामले की सुनवाई हुई। जानकारी के अनुसार ऑपरेशन आई ऑफ टाइगर इंडिया ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की गई थी। कोर्ट ने केंद्र व राज्य सरकार को शपथपत्र दाखिल करने के निर्देश दिए थे। केंद्र ने शपथपत्र में कहा कि राज्यों को 2017 में ही टाइगर प्रोटेक्शन फोर्स बनाने के निर्देश दिए थे।
याचिका में रेगुलर चेकिंग अभियान के साथ पार्क में गश्त बढ़ाने की मांग की गई थी. इसके साथ ही बाघों वाले इलाकों की लगातार निगरानी रखने की मांग याचिका में की गई है. इसी मामले में आज शपथ पत्र के साथ प्रमुख सचिव को अदालत में पेश होना था.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *