प्रतिवर्ष विज्ञान पत्रकारिता को समर्पित राजेंद्र प्रभु स्मृति व्याख्यान की घोषणा

राजेंद्र प्रभु को सीएसआईआर शांति स्वरुप भटनागर सभागार में भावभीनी श्रद्धांजलि

नयी दिल्ली 9 फ़रवरी ! सीएसआईआर के प्रतिष्ठित शांति स्वरुप भटनागर सभागार में वरिष्ठ पत्रकार एवं दिल्ली पत्रकार संघ व नेशनल यूनियन ऑफ़ जर्नलिस्ट्स इंडिया के संस्थापक सदस्य राजेंद्र प्रभु को भावभीनी श्रंद्धांजलि अर्पित की गयी.
इस अवसर पर इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ़ मास कम्युनिकेशन के महानिदेशक के.जी. सुरेश ने राजेंद्र प्रभु की स्मृति में प्रतिवर्ष विज्ञान पत्रकारिता को समर्पित एक स्मृति व्याख्यान आयोजित करने की घोषणा की. इस पहल का केंद्रीय मंत्री डॉक्टर हर्ष वर्धन एवं सभी पत्रकारों ने स्वागत किया. पहला स्मृति व्याख्यान अगले माह मार्च में आयोजित किया जायेगा.


केंद्रीय विज्ञान एवं प्रोद्योगिकी मंत्री डॉक्टर हर्ष वर्धन ने राजेंद्र प्रभु के साथ अपने दीर्घकालिक संबंधों का जिक्र करते हुए उनके विज्ञान पत्रकारिता में योगदान का स्मरण किया. उन्होंने कहा कि यह स्मृति सभा वास्तव में प्रेरणा सभा है जहाँ से सभी को देशहित एवं पत्रकार हित में काम करने की प्रेरणा ग्रहण करके जाना चाहिए.

 
देश के प्रतिष्ठित विज्ञान पत्रकार  पल्लव वाघला ने राजेंद्र प्रभु के विज्ञान पत्रकारिता को पुष्ट करने के प्रयासों की चर्चा की. उन्होंने बताया कि किस प्रकार प्रभुजी उनके द्वारा लिखी खबरों को और बेहतर बनाने के लिए उन्हें सुझाव दिया किया करते थे. 
इस अवसर पर देश के सबसे बड़े मजदूर संगठन भारतीय मजदूर संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष  सी.के. सजीनारायण ने सभी पत्रकार संगठनों का आह्वान किया कि आज सभी मजदूर संगठनों की ‘बारगेनिंग पॉवर’ कम हो रही है. इसलिए सभी पत्रकार संगठनों को मिलकर अपनी आवाज बुलंद करनी चाहिए. इस आह्वान का नेशनल यूनियन ऑफ़ जर्नलिस्ट इंडिया के महासचिव  मनोज वर्मा ने स्वागत किया.


इंटरनेशनल फेडरेशन ऑफ जर्नलिस्ट्स एवं इंडियन यूनियन ऑफ़ जर्नलिस्ट्स की प्रतिनिधि शबीना इन्द्रजीत ने भी इस बात पर जोर दिया की सभी पत्रकार संगठनों को मिलकर पत्रकार हितों के लिये संघर्ष करना चाहिए. यदि ऐसा होता है तो ये राजेंद्र प्रभु के छः दशक के प्रयासों को सच्ची श्रंद्धांजलि होगी. वेतन आयोग के लिए गठित पत्रकार संगठनों की कन्फ़ेडरेशन के नेता  एम.एस. यादव ने भी सभी पत्रकार संगठनों को मिलकर काम करने का आह्वान किया.


प्रेस एसोसिएशन के अध्यक्ष एवं प्रेस परिषद् के सदस्य  जयशंकर गुप्ता ने भी अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की.
श्रंद्धांजलि सभा की शुरुआत में नेशनल यूनियन ऑफ़ जर्नलिस्ट इंडिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष  अशोक मलिक ने राजेंद्र प्रभु के जीवन, उनके पत्रकारिता में योगदान एवं पत्रकार हितों के लिए उनके छह दशक के संघर्ष का जिक्र किया. नेशनल यूनियन ऑफ़ जर्नलिस्ट इंडिया के कोषाध्यक्ष  राकेश आर्य ने बताया कि किस प्रकार प्रभुजी हॉस्पिटल में भी नेशनल यूनियन ऑफ़ जर्नलिस्ट इंडिया एवं पत्रकार हितों के लिए चिंतित थे. नेशनल यूनियन ऑफ़ जर्नलिस्ट इंडिया के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष  मनोज मिश्र ने प्रभु जी के साथ बिताये पलों का स्मरण किया.नेशनल यूनियन ऑफ़ जर्नलिस्ट इंडिया के सचिव रमेश चंद जैन ने भी अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की.
एनयूजे स्कूल ऑफ जर्नलिज्म के चेयरमैन  विजय क्रांति ने कहा कि प्रभुजी के अधूरे कार्यों को पूरा करना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी. एनयूजे के वरिष्ठ नेता  के.एन गुप्ता ने भी प्रभुजी के साथ बिताये चार दशक से अधिक समय का स्मरण किया. एनयूजे के वरिष्ठ नेता स्वर्गीय नंद किशोर त्रिखा के सुपुत्र  राकेश त्रिखा ने कहा कि भारत सरकार से मान्यता प्राप्त पत्रकार की मृत्यु के बाद उनके परिवारजनों को अत्यधिक कष्ट का सामना करना पड़ता है. इसलिए उनके परिवारजनों की चिंता करने के जरूरत है.
दिल्ली पत्रकार संघ के अध्यक्ष  मनोहर सिंह ने राजेंद्र प्रभु को एक कर्मयोगी बताया और कहा कि जिन मूल्यों एवं आदर्शों के लिए प्रभुजी ने जीवनभर संघर्ष किया उनके लिए दिल्ली पत्रकार संघ सदैव प्रयासरत रहेगा. इस अवसर पर दिल्ली पत्रकार संघ के महासचिव डॉक्टर प्रमोद कुमार ने कहा कि आज पत्रकार यदि सम्मानपूर्वक जीवन बिता पा रहे हैं तो इसमे राजेंद्र प्रभु जी जैसे पत्रकार नेताओं का बड़ा योगदान हैं. उन्होंने कहा कि ऐसे मनीषी पत्रकार नेताओं से प्रेरणा ग्रहण करते हुए संघर्ष की यह मशाल जलती रहनी चाहिए.
इस अवसर पर राजेंद्र प्रभुजी की पत्नी श्रीमती ग्रेसी प्रभु, उनके पुत्र, पुत्रियाँ, परिवारजन तथा रिश्तेदार भी उपस्थित थे. प्रभुजी की बेटी निवेदिता प्रभु ने परिवार की ओर से श्रंद्धांजलि अर्पित करते हुए प्रभुजी जी के जीवन के अनेक अनछुए पहलुओं का जिक्र किया. उन्होंने बताया कि उनके लिए एनयूजेआई उनके परिवार से भी ऊपर था और उसके लिए वे अंतिम समय तक चिंतित थे.
इस अवसर पर दिल्ली पत्रकार संघ के वरिष्ठ नेता  हेमंत विश्नोई, कोषाध्यक्ष  नेत्रपाल शर्मा, सचिव  संजीव सिन्हा एवं  सचिन बुधोलिया, कार्यकारिणी सदस्य उमेश चतुर्वेदी,  हर्ष वर्धन त्रिपाठी, संतोष सूर्यवंशी, श्रीनाथ मेहरा, सगीर अहमद, सहित वरिष्ठ पत्रकार निशि भाट, विजयलक्ष्मी,  हरिओम गुप्ता, महेश, अमलेश राजू और 150 से अधिक पत्रकार उपस्थित थे.

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