पौराणिक स्वरूप में लौटी सहारनपुर की गंगा ‘पांवधोई ‘, हुई अविरल, बच्चों ने जमकर किया स्नान

पौराणिक स्वरूप में लौटी पांवधोई, बच्चों ने स्नान कर जमकर लुत्फ उठाया
सहारनपुर। दशकों बाद बाबा लाल दास बाडा घाट पर पांवधोई नदी अपने पौराणिक स्वरूप में लौट आयी। जलोत्सव के आयोजन के बाद बच्चों और लोगों ने भीषण गर्मी में नदी में डुबकियां लगाकर जमकर लुत्फ उठाया।

उत्तर प्रदेश में  सहारनपुर जिले की गंगा मानी जाने वाली पांवधोई नदी करीब एक साल के भागीरथी प्रयास के बाद अब अविरल हो चुकी है। शुक्रवार को स्वामी चिदानंद सरस्वती महाराज, महामंडलेश्वर स्वामी योगी यतीन्द्रनंद गिरी, पद्मश्री भारत भूषण व अधिकारियों-नागरिकों ने यज्ञ में आहुति डालकर पांवधोई नदी को सहारनपुर के लिए समर्पित किया गया है। शुक्रवार को यहां नदी तट पर जल महोत्सव का आयोजन किया गया।

जून 2018 को सफाई का शुरू हुआ था अभियानपांवधोई नदी महोत्सव के लिए इमेज परिणाम

पांवधोई नदी में सहारनपुर के करीब 50 गंदे नाले गिरते थे। जिससे नदी गंदे नाले में बदल चुकी थी। 2018 में मंडलायुक्त सीपी त्रिपाठी ने नदी की सफाई का बीड़ा उठायापांवधोई नदी महोत्सव के लिए इमेज परिणामजिसमें करीब तीन हजार लोगों ने उद्गम स्थल शकलापुरी और बाबा लालदास बाड़ा स्थित घाट पर नदी में उतरकर इसकी सफाई में सहयोग किया। अभियान की शुरुआत तीन चरणों में की गई, नदी को ठोस अवशिष्ट से मुक्ति, गंदे पानी और सीवर से मुक्ति तथा जल प्रवाह से मुक्ति। à¤ªà¤¾à¤‚वधोई नदी महोत्सव के लिए इमेज परिणाम

दस लाख रूपए हुए खर्च, बाकी कंपनियों ने किया सहयोग

सबसे पहले नगर निगम को इस अभियान से जोड़ा गया। पांवधोई नदी महोत्सव के लिए इमेज परिणामस्थानीय लोगों के अलावा पांवधोई बचाओ समिति और सिटीजन फाउंडेशन ने भी भरपूर साथ दिया। लोगों को बताया गया कि नगर को साफ रखने के लिए सैफ्टी टैंक जैसे वैकल्पिक प्रबंध किए जा रहे हैं, लिहाजा ठोस कचरा और पॉलिथिन नदी में न डालें। फिर तो पूरा शहर पांवधोई की सफाई में जुट गया। सफाई के दौरान पांच हजार ट्रक कचरा निकाला गया। लोगों ने अपने घरों की सीवर लाइन का नदी में प्रवाह रोककर घर के बाहर टैंक बनवा लिए। इस अभियान में पांवधोई बचाओ समिति के सिर्फ दस लाख रुपये खर्च हुए। बाद में बड़ी कंपनियां भी साथ जुड़ती चली गईं।पांवधोई नदी महोत्सव के लिए इमेज परिणाम

घाटों को दिया गया नया रूप

नदी के उद्गम स्थल शकलापुरी में नए घाट का निर्माण किया गया है। शहर की ओर बढ़ते हुए म्यूनिसिपल कॉलोनी के पास नदी में गिरने वाले नाले के पानी की सफाई के लिए एसटीपी बनाया जा रहा है। बाबा लालदास का बाड़ा स्थित प्राचीन घाट को नया रूप दिया गया है। साथ ही नदी के दोनों साइडों पर पैचिंग की गई है। नदी पर डेम भी बनाया जा रहा है, जिसका कार्य प्रगति पर है। à¤ªà¤¾à¤‚वधोई नदी महोत्सव के लिए इमेज परिणाम
मण्डलायुक्त सी.पी.त्रिपाठी के प्रयासों से पांवधोई नदी के उद्गम स्थल शकलापुरी से लेकर बाबा लाल दास घाट तक नदी को स्वच्छ बनाने के साथ ही बडी नहर से रजवाहे के माध्यम से नदी में अतिरिक्त पानी छोड़ने की व्यवस्था की गयी है। इतना ही नहीं, नदी के दोनों तरफ पत्थरों की पेचिंग कराकर घाट का सौन्दर्यकरण कराया गया है तथा नदी में जल स्तर बनाये रखने के लिए चैकडैम और नये घाट का भी निर्माण किया गया है।
शुक्रवार को जलोत्सव कार्यक्रम के तहत बाबा लाल दास घाट पर किसी उत्सव जैसा नजारा था । पूजा अर्चना समाप्त होने के बाद बच्चांं और युवाओं ने नदी में जमकर डुबकियां लगाई। दशकों बाद यह पहला मौका था जब बाबा लाल दास घाट पर लोगों ने स्नान किया। यहां पूरे दिन बच्चों और युवाओं की भीड़ लगी रही।
पांवधोई नदी पर ‘जलोत्सव’ कार्यक्रम का साधू-संतों ने पूजा अर्चना के साथ किया शुभारंभ
शहर की ऐतिहासिक पांवधोइ नदी के बाबा लाला दास बाडा स्थित घाट पर शुक्रवार को अदभूत नजारा दिखाई दिया। जहां
साधू-संतों और अधिकारियों ने अपने पुराने स्वरूप में लौटी पांवधोई की पूजा अर्चना कर जलोत्सव का शुभारंभ करने के साथ ही नवनिर्मित घाट और चैकडैम आदि का उद्घाटन किया।
पांवधोई को मिला खोया हुआ पुराना स्वरूप
स्वामी चिदानंद सरस्वती महाराज, महामंडलेश्वर योगी यतीन्द्रानंद महाराज, योग गुरू पदमश्री भारत भूषण, मण्डलायुक्त सी.पी.त्रिपाठी,
जिलाधिकारी आलोक कुमार पाण्डेय, मेयर संजीव वालिया आदि ने पांवधोई नदी के घाट पर विधि विधान के साथ पूजा अर्चना की। पं.कमल नयन ने मंत्रोच्चारण के साथ पूजा अर्चना कराई। पांवधोई नदी आज अपने वर्षों पुराने स्वरूप में कल कल बहती दिखाई दी।
राष्ट्र को बचाना है तो राष्ट्र में बहती हुई नदियों को बचाना होगा: स्वामी चिदानंद,जल है तो कल है

उन्होंने कहा कि हिन्दू-मुस्लिमों को एक साथ आकर देशहित में बचाना होगा। परमार्थ निकेतन आश्रम के संस्थापक अध्यक्ष व भारतीय संस्कृति शोध प्रतिष्ठान के संस्थापक स्वामी चिदानंद सरस्वती जी महाराज ने कहा कि प्रदेश में जब पहली बार पीएम मोदी ने प्रधानमंत्री पद की शपथ ली थी तो उन्होंने कहा था कि उन्होंने गंगा ने बुलाया है। अब भी उन्होंने देश में गंगा और अन्य नदियों की सफाई का संकल्प लिया है। यह देश और उत्तर प्रदेश का सौभाग्य है प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री भी योगी गंगा, पर्यावरण और राष्ट्र प्रेमी हैं। उनका अनुसरण करते हुएसभी को राष्ट्र प्रेमी होना चाहिए। देश की आत्मा देश में बहती हुई ये नदियां हैं। नदियों को बचाने के लिए जनजागरूक अभियान चलाने का आह्वान किया है।पांवधोई नदी महोत्सव के लिए इमेज परिणाम

स्वामी चिदानंद ने कहा कि उन्होंने देवबंद में मुस्लिम धर्मगुरूओं से भी बात की है। सहारनपुर शहर में पांवधोई नदी के साथ ही काली नदी के नाम से जानी जाने वाली नदी की भी सफाई के लिए कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि एक किनारे पर मुस्लिम होंगे और एक किनारे की जिम्मेदारी हिन्दू लेंगे तो नदियों को साफ किया जाएगा। उन्होंने कहा पर्यावरण संरक्षण के लिए भी देश के मुस्लिमों और हिन्दुओं को साझा प्रयास करने होंगे। हरियाली का उदाहरण देते हुए बोले कि- हरि और अली अब एक हो जाएंगे तो हरियाली बनेगा। यानी दोनों धर्मों को मानने वाले इंसानियत और राष्ट्र धर्म को सर्वोपरि करते हुए एक साथ साझा प्रयास करें तो नदियों को साफ किया जा सकेगा।

इस दौरान स्वामी चिदानंद सरस्वती महाराज ने कहा कि ये देश का सौभाग्य है कि इस देश और प्रदेश को गंगा प्रेमी प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मिले हैं। अगर राष्ट्र को बचाना है तो इस बहती नदियों को बचाना होगा। अगर जल है तो कल है। जल बचेगा तो हम बचेंगे, इसलिए सहारनपुर के लिए तो पांवधोई ही गंगा है। इसे स्वच्छता के साथ हम प्रदूषण मुक्त रखेंगे। न कचरा फेंकने न फेंकने देंगे। उन्होने कहा कि मोदी और योगी जी के बाद यहां का प्रशासन भी नदियों के प्रति जागरूक है। नदियों को कैसे बचाए रखना है। ये संकल्प हमें लेना है।
नदी को प्रदूषित न करने का संकल्प दोहराया
योग गुरू पदमश्री भारत भूषण ने कहा कि सहारनपुर में कार्यभार ग्रहण करने के दौरान मण्डलायुक्त सी.पी.त्रिपाठी ने हमें आश्वस्त किया था कि वे पांवधोई को फिर से नहाने और आचमन लायक बनाकर ही छोड़ेंगे और आज खुशी की बात है कि हम इस नदी के निर्मल जल को बहते हुए देख रहे हैं। ये कमिश्नर और डीएम तथा उनकी टीम के प्रयासों से ही संभव हो पाया है। उन्होंने कहा कि ये जल पहले भी निर्मल था, लेकिन इसको गंदा हम लोगों ने ही किया। ये फिर दूषित न हो, इसका स्थाई समाधान हमारे पास है। ये हमें तय करना है कि हम साफ रहेंगे या नही रहेंगे। आज के बाद सब मिलकर व्रत लेंगे कि शहर की नदियों को गंदा नहीं करेंगे।
ये रहे मुख्य रूप से उपस्थित
कार्यक्रम में महामंडलेश्वर योगी यतीन्द्रानंद गिरी महाराज, कमिश्नर सी.पी.त्रिपाठी, जिलाधिकारी आलोक कुमार पाण्डे, मेयर संजीव वालिया, पार्षद भूरा सिंह प्रजापति, ज्योति अग्रवाल, अरविंद शर्मा, समाजसेवी त्रिलोक चंद गुप्त, विनोद माहेश्वरी, बाहमण समन्वय समिति भूतेश्वर मंदिर के अध्यक्ष राजेश्वर शर्मा, चंद्रभान शर्मा, संजीव शास्त्री, अरविंद शर्मा समेत काफी संख्या में लोग उपस्थित रहे।
सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के बीच मनाया पांवधोई जलोत्सव
पांवधोई पर एक स्मारिका का विमोचन भी हुआ
ऐतिहासिक पांवधोई नदी के उद्गम स्थल शकलापुरी से बाबा लाल दास बाडा घाट तक स्वच्छता एवं सौन्दर्यकरण अभियान का प्रथम चरण पूर्ण होने पर शुक्रवार को आयोजित हुए पांवधोई जलोत्सव में जहां सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से जन संरक्षण का संदेश दिया। वहीं साधू संतों ने भी नदियों और अन्य जल स्रोतों को स्वच्छ और निर्मल बनाए रखने का आहवान किया।
नृत्य नाटिका से दिया जल संरक्षण का संदेश
पाइनवुड स्कूल में आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ वैष्णवी नृत्यालय की साधिकाओं ने गणेश वंदना से किया। इसके अलावा साधिकाओं ने नृत्य नाटिका के माध्यम से जल संरक्षण का संदेश दिया।
मण्डलायुक्त ने दी कार्यों की जानकारी
मण्डलायुक्त सी.पी. त्रिपाठी ने प्रथम चरण में पांवधोई नदी पर कराए गये कार्यों की जानकारी देते हुए बताया कि पांवधोई सहारनपुर की आत्मा है। जो कालांतर में गंदे नाले में परिवर्तित हो गयी। पांवधोई को उसका स्वरूप लौटाने के लिए विकास निगम और सिंचाई विभाग के सहयोग से उदगम स्थल से बाबा लाल दास बाडे तक सफाई कराकर चैकडैम और नए घाट आदि का निर्माण कराने के साथ ही नदी में अतिरिक्त पानी छोड़ने की व्यवस्था कराई गयी।
स्मारिका का विमोचन
कार्यक्रम में पांवधोई नदी पर आधारित एक स्मारिका का भी विमोचन किया गया। इस अवसर पर डा. वीरेन्द्र आजम, उद्यमी अनिल गुप्ता, के.एल.अरोडा, जिला सहकारी बैंक के चेयरमैन राजपाल जुडडा, भाजपा महानगर अध्यक्ष राकेश जैन, अमित गगनेजा, पूर्व विधायक महावीर राणा, नरेश धनगर आदि मौजूद रहे।

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