पुण्यतिथि विशेष: क्यों हैं पिकासो दुनिया के सबसे महंगे कलाकार

पिकासो की कई पेंटिंग्स की कीमत आज की तारीख में 100 मिलियन डॉलर से ज्यादा है,कभी इतने गरीब थे पिकासो कि ठंड से बचने के लिए पेंटिंग्स जलानी पड़ी थी,पिकासो ने बार बार कहा कि आपकी सारी कल्पनाएं वास्तविक होती हैं.

कभी इतने गरीब थे पिकासो कि ठंड से बचने के लिए पेंटिंग्स जलानी पड़ी थी
उसने पहली बार अपनी आंखें धुंए के एक बादल के बीच खोली थीं. अंकल ने सिगार जलाया, एक बड़ा कश लिया। धुंआ उसके मुंह पर छोड़ दिया. दो मिनट पहले जन्मे बच्चे ने ज़ोर की सुबकी ली. गुबार छटते ही आंखें खोली. पैदा होते ही नर्स ने उसे मृत मान लिया था. अगर बच्चे के डॉक्टर अंकल ने सिगार नहीं जलाया होता, दुनिया आज बहुत कुछ वैसी नहीं होती, जैसी है.

न्यूड, ग्रीन लीव्स एंड बस्ट

बच्चे का नाम रखा गया पाब्लो डिएगो जोस फ्रांसिस्को डी पाला जुआन नेपोमुकेनो मारिया डे लॉस रेमेडिओस सीपारियो डी ला सैंटिसामा त्रिनिदाद मार्तिओ पत्रिसीयो क्लीतो रुइज़ वाई पिकासो. नाम में 23 शब्द थे. नाम जितना लंबा था, उतनी ही दूर तक पाब्लो को जाना भी था.
पाब्लो ने उठना बैठा सीखा, चलना सीखा, बोलना सीखा. पहली बात बोला तो क्या बोला? बोला पेंसिल. पेंसिल शायद इसलिए बोला क्योकि घर पेंसिल और पेंट ब्रशों से भरा था. पिता पेंटर थे. पिता ने भी बच्चे के हाथ पेंसिल थमाने में देर नहीं की. पाब्लो घर के सभी अंधेरे कोनों में अपने रंगों से उजाला कर रहा था. सात साल के पाब्लो को पिता ने सिखाना शुरू किया. 13 का होते पिता को लगा कि बेटा उनसे बहुत आगे निकल चुका है.Image result for पिकासो

पारंपरिक कला उनके लिए उबाऊ थी
पुत्र ने अपनी मां के नाम को चुना. नाम के 21 शब्द हटाकर अपना नाम कर दिया ‘पाब्लो पिकासो’. पाब्लो को सान फर्नांडो की रॉयल अकादमी में कला पढ़ने के लिए मैड्रिड भेजा गया. वहां उसने चित्रों और मूर्तियों को उबाऊ और पुराने जमाने की नकल जैसा पाया. जिस धारा में बहने के लिए उसे छोड़ा गया था, वह उसके विपरीत तैरने के लिए हमेशा से तैयार ही था. उसने अपनी इच्छा से रंगो को काबू में करने का फैसला किया. किसी और के बजाए उसकी महत्वाकांक्षा और स्वतंत्रता ने ही उसे प्रेरित किया. उसने खुद को पेंटिंग तक सीमित नहीं रखा. मूर्तिया भी बनाई, चीनी मिटटी से खेला, कविताएं लिखीं. कला के इतिहास में एक नई धारा जोड़ी.Image result for पिकासो

दस साल तक चला संघर्ष औऱ फाकामस्ती

Image result for पिकासोपेरिस में अपने पहले कुछ वर्षों में पिकासो ने कुल 200 आयल पेंटिंग बना डालीं. 200 पेंटिंग्स तो बहुत से महान कलाकारों ने जीवनभर में बनाई हैं. लेकिन शुरुआती सालों में कोई उसकी पेंटिंग खरीदता नहीं था. खुद को साबित करते करते उन्हें 10 साल लगे. तब जाकर उसके काम को पहचाना जाने लगा. पाब्लो ने खुद की एक अनोखी शैली विकसित की.
गुमनामी के उन सालों में उनकी हालत इतनी खराब थी कि पिकासो और उनके दोस्त मैक्स जेकब के पास सोने के लिए एक ही बिस्तर था. एक दिन में सोता था तो दूसरा रात में. जाड़े के दिनों में दोनों को एक ही बिस्तर पर सोना पड़ता था. ठण्ड से बचने के लिए बहुत बार ऐसा हुआ कि पिकासो को खुद की पेंटिंग जलानी पड़ी.Image result for पिकासो60 हजार डॉलर की पिकासो की पेंटिंग चोरी

ब्लू पीरियड
1901 से लेकर 1904 तक पिकासो ने जो काम किया उसे ब्लू पीरियड का नाम दिया जाता है क्योंकि उसकी सभी पेंटिंग्स में गहरा नीला रंग ही था. गहरे अवसाद और गरीबी के दिनों में केवल नीले रंग का इस्तेमाल पिकासो के काम को और उदास बना रहा था. वेश्याओं, भिखारियों औऱ गरीब परिवारों का मार्मिक चित्रण तो पिकासो कर रहे थे लेकिन काम को कोई पूछने वाला तक नहीं था.
Image result for पिकासोब्रिटेनः डफ हाउस में प्रदर्शनी के लिए रखी गई पिकासो की पेंटिंग
रोज पीरियड
1904 से लेकर 1906 तक किये गए काम को रोज पीरियड कहा जाता है क्योकि पिकासो के लिए यह बेहतर समय था. उसे फरनांद ऑलिवियर से प्रेम हुआ और उसी प्रेम के चलते उसकी पेंटिंग में बाकी रंगों ने दस्तक दी. पिकासो के इस काम ने उसे दिशा और दशा दी लेकिन मजेदार बात यह रही कि प्रसिद्ध होने के बाद भी आज तक पिकासो का ब्लू पीरियड वाला काम ही कहीं ज्यादा महंगा बिकता है.
Image result for पिकासो
1907 अफ्रीकन पीरियड के दौरान यंग लेडीज ऑफ एविग्नॉन से ख्याति मिली. यंग लेडीज ऑफ एविग्नॉन वेश्यालय में पांच वेश्याओं का एक चित्र है .पिकासो ने इसे ‘भूत भगाने वाली पेंटिंग’ कहा. Image result for पिकासोकला प्रेमी और विशेषज्ञ इस पेंटिंग को दुनिया में क्यूबिज्म का सबसे जोरदार उदाहरण मानते हैं. आधुनिक पेंटिंग यानि मॉडर्निज़्म के पहले उदाहरण के रूप में भी पहचानते हैं.Image result for पिकासो

क्यूबिज्म को कला की नई विधा बनाया
1908 और 1914 के बीच पिकासो के क्यूबिज़्म पर ही काम जारी रखा. इसे एक आंदोलन कि तरह प्रस्तुत किया. जॉर्जेस ब्रैक नाम के एक और चित्रकार ने पिकासो का साथ दिया. क्यूबिज़्म वो तरीका या कला थी जिसे अब तक पिकासो के आलावा किसी ने नहीं आज़माया था. ये वो समय था जब यथार्थ छोड़ आकार को तवज्जो दी जा रही थी. क्यूबिज़म “मूल तत्वों की पेंटिंग की कला है, जो कथित वास्तविकता की बजाए कल्पना के तत्वों से हो. पिकासो ने तय किया था कि वह वो नहीं पेंट करेगा जो वह देख रहा है बल्कि वो पेंट करेगा जो वह सोच रहा है या जो उसे लगता है कि वो देख रहा है.Image result for पिकासो

कल्पनाएं वास्तविक होती हैं
पिकासो ने बार बार कहा कि आपकी सारी कल्पनाएं वास्तविक होती हैं. क्यूबिज़्म की संरचना भी इसी आधार पर हुई थी. इसके बाद लगभग अगले डेढ़ दशक पिकासो ने क्यूबिज़्म को ही संवारा और निखारा. जब उनकी प्रमुख कृति ‘गर्निका’ का प्रदर्शन किया गया था, तो वह लोगों को एक पहेली की तरह नज़र आई थी. पिकासो अपने लंबे जीवनकाल में 50,000 से ज़्यादा कलाकृतियां बनाई जिसमें 1,885 पेंटिंग शामिल हैं; 1,228 मूर्तियां; 2,880 सिरेमिक, लगभग 12,000 चित्र, कई हजार प्रिंट और कई टेपस्ट्रीज़ और कालीन. वह समय भी आया जब ठण्ड से बचने के लिए खुद की पेंटिंग जलाने वाले की पेंटिंग्स मिनटों में बिकने लगीं. 1932 में बनाई गई पिकासो की ‘न्यूड, ग्रीन लीव्स एंड बस्ट’ तो रिकॉर्ड 691 करोड़ में बिकी.Image result for पिकासो

जीवन में कई महिलाएं
पिकासो के जीवन में सात महिलाएं मुख्य तौर पर आईं. दो ने खुदख़ुशी कि. दो ने मानसिक संतुलन खो दिया. एक का निधन हो गया. वैसे उनके जीवन में अनेक महिलाएं रहीं लेकिन किसी का उनसे लंबा नहीं चला. लेकिन अपने बच्चों से उनके संबंध कभी स्वाभाविक नहीं रहे. उनमें दूरियां बनी रहीं. पिकासो के एक पोते ओलिवियर विडमेयर पिकासो ने लिखा है – ‘8 अप्रैल 1973 को अपनी मृत्यु के बाद पिकासो मेरे जीवन में आए. मैने टीवी पर उनके निधन की खबर सुनी.

पुण्यतिथि विशेष: क्यों हैं पिकासो दुनिया के सबसे महंगे कलाकार

एक बार की बात है मशहूर पेंटर पाब्लो पिकासो Image result for पिकासोकहीं गए. एक महिला ने उनसे कोई पेंटिंग बनाने की गुजारिश की. पिकासो ने वहां मौजूद चीजों से कुछ बनाया और नीचे अपने दस्तखत कर दिए. महिला कुछ ‘शानदार पेंटिंग’ जैसे की उम्मीद कर रही थी. पिकासो ने तीखी लकीरों से कुछ बना दिया था. बहरहाल बाद में महिला ने वो पेंटिंग किसी विशेषज्ञ को दिखाई तो वो कलेक्टर उसे इसकी भारी कीमत देने को तैयार हो गया.Image result for पिकासो

पिकासो उन पेंटर्स में से है जिनका दस्तखत किया हुआ एक कैनवास भी किसी को करोड़पति बना सकता है. ज्यादातर लोगों को आश्चर्य होता है कि आखिर क्यों पिकासो के बनाए ‘कुछ भी’ की कीमत करोड़ों में होती है.Image result for पिकासोपिकासो की इस दुर्लभ पेंटिंग का मूल्य है 5 करोड़ डॉलर

पिकासो के काम की सबसे ज्यादा कीमत उनके पेंटिंग को दिए गए नए आयाम के चलते है. पिकासो ने कम से कम रेखाओं में कोई स्ट्रक्चर बनाना सिखाया. दो तीन लाइनों में ही आपको समझ आ जाए कि किसकी बात की गई है. उनके बाद से दुनिया भर के पेंटर लगभग उसी को फॉलो कर रहे हैं. कला की दुनिया में किसी की महानता उसके रूपक से तय होती है. Image result for पिकासोजैसे एम एफ हुसैन अपनी बहुत मोटी आउटलाइन के चलते बिलकुल अलग तरह की पेंटिंग बनाते थे. इसी तरह आज की तारीख में भारत के सबसे बड़े आर्टिस्ट्स में से एक सुबोध गुप्ता अपने इंस्टॉलेशन बर्तनों के साथ ही बनाते हैं.

नेशनल गैलरी ऑफ मॉर्डन आर्ट में सुबोध गुप्ता के इंस्टॉलेशन

नेशनल गैलरी ऑफ मॉर्डन आर्ट में सुबोध गुप्ता के इंस्टॉलेशन

अपने चित्रों में नीले रंग का खूब इस्तेमाल करने वाले पिकासो ने घनवाद (क्यूबिज्म) की शुरुआत की. सात साल की उम्र से पेंटिंग की ट्रेनिंग लेने वाले पिकासो को मॉर्डन आर्ट पर सबसे ज्यादा प्रभाव डालने वाले तीन पेंटरों (पाब्लो पिकासो, हेनरी मेटीस और मार्शल डशहैंप) में प्रमुख माना जाता है.Image result for पिकासोमशहूर चित्रकार पाब्लो पिकासो की पेंटिंग करीब 427 करोड़ रुपये में बिकी है।

पिकासो एक साथ कई चित्रों पर काम करते थे. उम्र के हर दशक में उनके प्रेम संबंधों की चर्चाएं आम रहती थीं. उन्होंने अमीरों से अपने चित्रों के लिए अथाह पैसा वसूल किया. वहीं कला के कद्रदानों, संग्रहलयों और आर्ट को समझने वालों को अपने चित्र मुफ्त में दिए. Image result for पिकासोकहते हैं कि दुनिया में पिकासो ने जितना पैसा कला से कमाया, उतना कोई और कला या साहित्य की रॉयल्टी से नहीं कमा सका है. आप उनके कुछ प्रसिद्ध चित्र और उनका भारतीय कला पर प्रभाव देखिए.

pablo picasso and F N souza

pablo picasso and M f hussain

Animesh Mukharjeeअनिमेष मुखर्जी

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *