पाक संसद में इमरान खान का बड़ा एलान, कल छोड़ा जाएगा भारतीय पायलट

जेनेवा संधि तार-तार कर पाक ने किया घिनौना कृत्‍य, पूरी दुनिया में हो रही थू-थू

भारतीय पायलट अभिनंदन की जो शुरुआती वीडियो पाकिस्तान से आए हैं उनमें वो ज़ख़्मी दिख रहे हैं। भारत का तर्क है कि पाकिस्‍तान ने अंतरराष्‍ट्रीय कानून का सरासर उल्‍लंघन किया है। पाकिस्तान के संयुक्त सत्र में प्रधानमंत्री इमरान खान ने कहा कि कल भारतीय पायलट को छोड़ा जाएगा। 

इस्लामाबाद भारत के कैद पायलट विंग कमांडर अभिनंदन  को छोड़ने के लिए पाकिस्तान तैयार हो गया है. पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने वहां की संसद में यह बात कही है. इमरान खान ने कहा कि पाकिस्तान कल भारतीय पायलट अभिनंदन  को रिहा करेगा. इमरान खान ने कहा कि शांति के कदम के तौर पर पायलट की रिहाई का कदम उठाया गया है.इससे पहले पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने भी कहा था कि यदि भारतीय वायुसेना के पायलट की वापसी से भारत के साथ तनाव ‘कम’ होता है तो पाकिस्तान इस पर विचार करने को तैयार है. नियंत्रण रेखा के पास भारत और पाकिस्तान की वायु सेनाओं के बीच भीषण संघर्ष के बाद पाकिस्तान ने भारतीय विंग कमांडर को उस समय हिरासत में ले लिया था जब उनका मिग 21 लड़ाकू विमान गिर गया था. इसके एक दिन बाद पाकिस्तान का यह बयान आया है. उधर, भारत और पाकिस्तान के बीच कायम तनातनी के बीच पाक की कैद में भारतीय पायलट के मामले में भारत ने पाकिस्तान को स्पष्ट शब्दों में कहा कि हमें पायलट की तुरंत वापसी चाहिए.

बता दें कि आज भारत ने पाकिस्‍तान को यह साफ कर दिया था कि पायलट की वापसी को लेकर कोई डील नहीं होगी. पाकिस्‍तान की ओर से बातचीत की पेशकश पर भरत की ओर से यह कहा गया था कि पाकिस्‍तान पहले कार्रवाई करे और पुख्‍ता सबूत पेश करे तभी बातचीत की कोई गुंजाइश बन सकती है. इन सब के बीच यह भी खबर आई कि पाकिस्‍तान के 24 लड़ाकू विमान भारत की सीमा में 10 किलोमीटर अंदर तक दाखिल हो गए थे जिन्‍हें भारतीय वायुसेना के 8 विमानों ने खदेड़ दिया. पाकिस्तान के संयुक्त सत्र में प्रधानमंत्री इमरान खान ने कहा कि कल भारतीय पायलट को छोड़ा जाएगा।वहीं इससे पहले भारत और पाकिस्तान के बीच जारी तनाव के बीच पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने कहा कि अगर पायलट (विंग कमांडर अभिनंदन) की वापसी से डि-एस्केलेशन आफ टेंशन (शांति) स्थापित होती है, तो पाकिस्तान पायलट को भी लौटने के लिए तैयार है। इसके साथ ही कुरैशी ने एक और पैंतरा चलते हुए कहा कि इमरान खान भारत के पीएम (नरेंद्र मोदी) को फोन करने को तैयार हैं। भारत ने इसका कड़ा जवाब दिया है। भारतीय विदेश मंत्रालय ने कहा कि पायलट की जल्द रिहाई होनी चाहिए, सौदेबाजी का तो सवाल ही नहीं उठता है।

वहीं पाकिस्तान के विदेश विभाग के प्रवक्ता ने कहा है कि भारत ने उनसे विंग कमांडर को छोड़ने की अपील की है। विदेश विभाग के प्रवक्ता शाह फैजल ने कहा कि भारत ने पायलट का मुद्दा पाक के समक्ष उठाया है। हम आने वाले दिनों में तय करेंगे कि कमाडंर पर क्या नियम लागू हों। उसे युद्धबंदी का दर्जा दिया जाए या नहीं।

साथ ही पाक विदेश विभाग के प्रवक्ता ने ये भी कहा कि भारत को लगता है कि उनके पायलट से बुरा व्यवहार किया जा रहा है तो ये सही नहीं है। भारतीय कमांडर पूरी तरह सुरक्षित और स्वस्थ है। विदेश मंत्री ने ये भी कहा कि भारत को लगता है कि पाक ने कोई सैन्य कार्रवाई की। जबकि पाकिस्तान का निशाना भारत के सैन्य ठिकाने नहीं थे।

जेनेवा संधि तार-तार कर पाक ने किया घिनौना कृत्‍य, पूरी दुनिया में हो रही थू-थू

पाकिस्तानी संसद में इमरान खान का बड़ा एलान, भारतीय पायलट को कल छोड़ा जाएगा भारतीय का एक मिग-21 विमान बुधवार को गुलाम कश्मीर में क्रैश हो गया था। इस विमान के पायलट और भारतीय वायु सेना के विंग कंमाडर अभिनंदन वर्तमान को पाकिस्तान ने गिरफ्तार कर लिया था। भारतीय पायलट अभिनंदन की जो शुरुआती वीडियो पाकिस्तान से आए हैं, उनमें वो ज़ख़्मी दिख रहे हैं। उनके चेहरे पर रक्‍त फैला हुआ है। एक वीडियो में अभिनंदन को कुछ लोग पीटते हुए दिख रहे हैं। एक अन्य वीडियो में अभिनंदन की आंखों पर पट्टी है। भारत सरकार ने पाकिस्‍तान से इन पायलट को वापस करने की मांग के साथ उसके इस कृत्‍य की सख्‍त लहजों में भर्त्‍सना की है। भारत का तर्क है कि पाकिस्‍तान ने अंतरराष्‍ट्रीय कानून का सरासर उल्‍लंघन किया है। आइए जानते हैं उस अंतरराष्‍ट्रीय कानून के बारे में जिसका पाकिस्‍तान ने उल्‍लंघन किया है। इस कानून के तहत ही भारत ने अंतरराष्‍ट्रीय मंच पर अपनी गुहार लगाई है और अपनी शिकायत दर्ज की है।

1864 में पहली बार युद्धबंदियों के हक को लेकर उठी आवाज 
जी हां, युद्धबंदियों के लिए भी बाकायादे एक अंतरराष्‍ट्रीय कानून है। पहली बार 1864 दुनिया के कुछ मुल्‍कों ने युद्धबंदियों के अधिकारों को लेकर एक करार किया। इस संधि को मानवता के लिए जरूरी कदम बताया गया। इसे जेनेवा संघि (Geneva Convention) कहते हैं। इसके बाद 1906 और 1929 में क्रमश: दूसरी और तीसरी संघि हुई। दूसरे विश्‍व युद्ध के बाद 1949 में 194 देशों ने जेनेवा संधि पर हस्‍ताक्षर किए। यह चौ‍थी संधि थी। इस तरह से जेनेवा समझौते में अब तक चार स‍ंधियां और तीन मसौदे शामिल है।

युद्धग्रस्‍त देशों के लिए जेनेवा संधि एक अंतरराष्‍ट्रीय आचार सहिंता
जेनेवा संधि युद्ध के दौरान युद्धग्रस्‍त देशों के लिए एक अंतरराष्‍ट्रीय आचार सहिंता की तरह काम करता है। इस समझौते में युद्धबंदियों के अधिकारों का उल्‍लेख किया गया है। गिरफ्तार सैनिकों के साथ कैसा बर्ताव करना है, इसको लेकर एक स्‍पष्‍ट दिशा निर्देश दिए गए हैं। जेनेवा संधि के अनुच्छेद-3 के मुताबिक युद्ध के दौरान घायल युद्धबंदियों का उपचार कराने का स्‍पष्‍ट निदेश है। युद्ध के बाद युद्धबंदियों को वापस लैटाना होता है। कोई भी देश युद्धबंदियों को लेकर जनता में उत्सुकता पैदा नहीं कर सकता।

युद्धबंदियों से सिर्फ उनके नाम, सैन्य पद, नंबर और यूनिट के बारे में पूछा जा सकता है। इस संधि के तहत युद्धबंदियों के साथ बर्बरतापूर्ण व्यवहार पर रोक लगाई गई है। युद्धबंदियों के साथ किसी भी तरह का भेदभाव पर रोक लगाई गई। इसके साथ ही युद्ध में बंदी सैनिकों के लिए कानूनी सुविधा भी मुहैया करानी होगी। इस संधि के तहत युद्धबंदियों को किसी तरह से धमकाए जाने पर रोक है। उन्हें अपमानित नहीं किया जा सकता। इस संधि के मुताबिक युद्धबंदियों पर मुकदमा चलाया जा सकता है।

  • युद्ध के दौरान जेनेवा संधि देशों के लिए एक आचार सहिंता की तरह कार्य करती है।
  • इसके तहत संधि के तहत घायल सैनिक की उचित देखरेख की जाती है।
  • संधि के तहत युद्धबंदी बनाए गए सैनिकों के खान-पान का पूरा ध्‍यान रखा जाता है।
  • युद्धबंदी को सभी जरूरी चीजें मुहैया कराई जाती है।
  • किसी भी युद्धबंदी के साथ अमानवीय बर्ताव करना जेनेवा संधि का उल्‍लंघन माना जाएगा।
  • बंदी बनाए गए सैनिक को डराया या धमकाया नहीं जा सकता।
  • युद्धबंदी की जाति, धर्म, जन्‍म आदि बातों के बारे में नहीं पूछा जाता।

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