पेशावर: पाकिस्तान की दो चुनावी रैलियों को निशाना बनाकर किये गये शक्तिशाली बम विस्फोटों में आज एक शीर्ष राष्ट्रवादी नेता समेत कम से कम 75 लोगों की मौत हो गई और 150 से अधिक लोग घायल हो गये. आतंकवादियों ने बलूचिस्तान प्रांत के मासतुंग क्षेत्र में बलूचिस्तान अवामी पार्टी (बीएपी) के नेता सिराज रायसानी को निशाना बनाया. बलूचिस्तान के स्वास्थ्य मंत्री फैज काकर और मासतुंग के उपायुक्त हबीब बलूच ने विस्फोट में बीएपी नेता रायसानी के साथ 69 अन्य लोगों के मारे जाने की पुष्टि की. काकर ने कहा,‘‘ शुरूआत में मृतकों की संख्या अधिक नहीं थी लेकिन रायसानी समेत गंभीर रूप से घायल लोगों की अस्पताल में मौत हो गई.’’उन्होंने बताया कि मृतकों की संख्या और भी बढने की आशंका है क्योंकि विस्फोट में 120 अन्य घायल हुए हैं. जिला पुलिस अधिकारी मुहम्मद अयूब अचकजई ने बताया कि घायल रायसानी की क्वेटा ले जाने के दौरान मौत हो गयी. वह बलूचिस्तान के पूर्व मुख्यमंत्री नवाब असलम रायसानी के भाई थे. इस हमले की प्रकृति के बारे में अभी जानकारी नहीं मिली है और अधिकारी जांच कर रहे हैं कि क्या यह आत्मघाती हमला था? इस घटना से कुछ ही घंटा पहले खैबर पख्तूनख्वा के बन्नू इलाके में मुत्ताहिदा मजलिस अमाल नेता अकरम खान दुर्रानी की रैली में विस्फोट हुआ.इस हमले में दुर्रानी बाल बाल बच गए लेकिन उनका वाहन क्षतिग्रस्त हो गया. दुर्रानी 25 जुलाई को होने वाले आम चुनाव में पाकिस्तान तहरीक ए इंसाफ पार्टी के प्रमुख इमरान खान के खिलाफ मैदान में हैं. उन्होंने कहा कि धमकियों के बाद भी वह चुनाव प्रचार जारी रखेंगे. चुनाव के पहले अचानक ही कानून व्यवस्था की स्थिति बिगड़ गयी है. हालांकि सरकार और सुरक्षा बलों का दावा है कि आतंकवाद का देश से सफाया हो गया है. 
आतंकवादियों ने बलूचिस्तान प्रांत के मासतुंग इलाके बलूचिस्तान अवामी पार्टी के नेता सिराज रायसानी की सभा को निशाना बनाया. इस हमले में कम से कम 70 लोगों की मौत हो गई और 120 से ज्यादा लोग घायल हो गए.
जिला पुलिस अधिकारी मुहम्मद अयूब अचकजई ने बताया कि घायल रायसानी की क्वेटा ले जाने के दौरान मौत हो गई. वह बलूचिस्तान के पूर्व मुख्यमंत्री नवाब असलम रायसानी के भाई थे.और मस्तंग जिले से चुनाव लड़ रहे थे। 25 जुलाई को होने वाले आम चुनाव से पहले आतंकी अब तक चार चुनावी रैलियों को अपना निशाना बना चुके हैं।
इस हमले की प्रकृति के बारे में अभी जानकारी नहीं मिली है और अधिकारी जांच कर रहे हैं कि क्या यह आत्मघाती हमला था.
इस हमले में दुर्रानी बाल-बाल बच गए लेकिन उनका वाहन क्षतिग्रस्त हो गया. दुर्रानी 25 जुलाई को होने वाले आम चुनाव में पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ पार्टी के प्रमुख इमरान खान के खिलाफ मैदान में हैं. उन्होंने कहा कि धमकियों के बाद भी वह चुनाव प्रचार जारी रखेंगे.
चुनाव के पहले अचानक ही कानून व्यवस्था की स्थिति बिगड़ गई है. हालांकि सरकार और सुरक्षा बलों का दावा है कि आतंकवाद का देश से सफाया हो गया है.
राष्ट्रपति ममनून हुसैन और प्रधानमंत्री नसीरूल मुल्क ने इन हमलों की निंदा की है.जिला पुलिस अधिकारी मुहम्मद अयूब अचकजई ने बताया कि घायल रायसानी की क्वेटा ले जाने के दौरान मौत हो गई. वह बलूचिस्तान के पूर्व मुख्यमंत्री नवाब असलम रायसानी के भाई थे !
बलूचिस्तान के मस्तंग क्षेत्र में बलूचिस्तान अवामी पार्टी (बीएपी) के नेता नवाबजादा सिराज रईसानी की रैली पर आत्मघाती हमला किया गया।  सिराज बलूचिस्तान के पूर्व मुख्यमंत्री नवाब असलम रईसानी के भाई थे पाकिस्तान : चुनावी रैलियों को निशाना बनाकर दो बम विस्फोट, 75 की मौत, 150 से अधिक घायल

शुक्रवार को ही इस घटना से कुछ ही घंटा पहले बन्नू शहर में खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के पूर्व मुख्यमंत्री अकरम दुर्रानी के काफिले को निशाना बनाया गया जिसमें पांच लोगों की मौत हो गई। एक बम धमाके में जमीयत उलमा-ए-इस्लाम-फजल (जेयूआइ-एफ) पार्टी के नेता दुर्रानी समेत 37 लोग घायल भी हुए हैं। दुर्रानी चुनाव में नेशनल असेंबली की बन्नू सीट से पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ पार्टी के प्रमुख इमरान खान के खिलाफ चुनाव लड़ रहे हैं। उन्हें मुत्ताहिदा मजलिस-ए-अमल (एमएमए) पार्टी ने टिकट दिया है।
इमरान खान ने इन हमलों की निंदा करते हुए कहा, ‘यह आने वाले चुनाव में अड़ंगा डालने की कोशिश है। पाकिस्तान की जनता इस तरह की किसी भी साजिश को कामयाब नहीं होने देगी।’ गत 10 जुलाई को पेशावर में पाकिस्तान तालिबान के आत्मघाती हमले में अवामी नेशनल पार्टी के वरिष्ठ नेता हारून बिल्लौर समेत 19 लोगों की मौत हो गई थी।