देहरादून, : अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर वन अनुसंधान संस्थान (एफआरआई) में आयोजित योग कार्यक्रम में शामिल होने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बुधवार रात राजधानी देहरादून पहुंच गए हैं। जौलीग्रांट एयरपोर्ट पर राज्यपाल डॉ. केके पाल और मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने उनका स्वागत किया। इस दौरान उनके साथ विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल, सांसद डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक,राज्यमंत्री डाॅ.धन सिंह रावत, श्रीमती माला राजलक्ष्मी शाह, विधायक खजान दास,  भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट, मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह, डीजीपी अनिल कुमार रतूड़ी सहित अन्य नेता भी मौजूद रहे।
इसके बाद यहां से उन्हें हरिद्वार-देहरादून राष्ट्रीय राजमार्ग से राजभवन लाया गया, जहां उनका रात्रि विश्राम का कार्यक्रम है। प्रधानमंत्री मोदी राजभवन से सुबह साढ़े छह बजे एफआरआई स्थित कार्यक्रम स्थल पर पहुंचेंगे।एफआरआइ में आयोजित कार्यक्रम में प्रधानमंत्री मोदी दूनवासियों के साथ योग करेंगे। प्रधानमंत्री के साथ योग करने को लेकर दूनवासियों में भी बेहद उत्साह है। इस बार उत्तराखंड के लिए अंतरराष्ट्रीय योग दिवस ऐतिहासिक होने जा रहा है। खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी यहां की आवाम के बीच मौजूद रहेंगे। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उत्तराखंड में होंगे। वो एफआरआइ में दूनवासियों के साथ योग करेंगे।

अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर यहां वन अनुसंधान संस्थान (एफआरआई) में होने वाले मुख्य कार्यक्रम में आज 50 हजार से अधिक लोग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ सामूहिक योग करेंगे। बृहस्पतिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एफआरआई में 45 मिनट तक योग करेंगे। इससे पहले वह 15 मिनट जनता को संबोधित करेंगे। पीएम सुबह 6.20 बजे राजभवन से एफआरआई के लिए रवाना होंगे।
यहां मंच पर वह प्रदेश के राज्यपाल डॉ. केके पाल, मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत, केंद्रीय आयुष मंत्री श्रीपद् यशोनाइक और उत्तराखंड के आयुष मंत्री हरक सिंह रावत के साथ योग करेंगे। कार्यक्रम की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। वहीं, पहले परिसर में घास के ऊपर चटाई बिछाकर योग करने का कार्यक्रम था, लेकिन बुधवार को इसमें बदलाव किया गया है। उनके इस दौरे के लिए सभी तरह की तैयारियां पूरी कर ली गर्इ हैं। साथ ही योग दिवस के लिए एफआरआइ को भी पूरी तरह से तैयार कर लिया गया है।  प्रधानमंत्री मोदी के साथ करीब पचास हजार से ज्यादा लोग योग करेंगे। आपको बता दें कि योग से पहले प्रधानमंत्री मोदी एफआरआइ से देश और दुनिया को संदेश भी देंगे।

प्रधानमंत्री के साथ योग करने के लिए दूनवासी उत्साहित

देहरादून में प्रधानमंत्री मोदी के साथ योग करने को लेकर लोगों में बेहद उत्साह है। हर किसी को योग दिवस की सुबह का बेसब्री से इंतजार है। क्योंकि इस सुबह वो देश के प्रधानमंत्री के साथ योग करेंगे, साथ ही उनसे संवाद भी करेंगे।

शू बैग और वाटर प्रूफ मोबाइल पाउच का इंतजाम 

अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर बारिश के आसार देखते हुए योग मैट के साथ ही शू बैग और वाटर प्रूफ मोबाइल पाउच का इंतजाम किया गया है। योग दिवस के दिन सुबह पांच बजे के बाद किसी को भी एफआरआइ में प्रवेश नहीं दिया जाएगा।

कूड़े के निस्तारण के लिए कम्पेक्टर मशीन 

एफआरआइ में कूड़े के निस्तारण के लिए कम्पेक्टर मशीन लगार्इ गर्इ हैं। साथ ही कूड़ा इकट्ठा करने और सफार्इ के लिए पर्याप्त कर्मी तैनात रहेंगे। बिजली, पानी, स्वास्थ्य सेवाएं और अन्य व्यवस्थाएं भी कर ली गर्इ हैं।

खुशनुमा रहेगा मौसम

International Yoga Day

अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर मौसम का भरपूर साथ मिलेगा। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार गुरुवार सुबह प्रधानमंत्री के साथ योग कार्यक्रम के दौरान मौसम साफ रहेगा। अगर अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के दिन बारिश हुर्इ तो ऐसी स्थिति में वर्षा योग किया जाएगा। हालांकि मौसम विभाग के अनुसार बारिश की संभावनाएं कम ही हैं। हालांकि इसके लिए भी अधिकारियों को तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं। उधर, दून में बुधवार दोपहर बाद शहर में पड़ी पानी की बौछारों ने मौसम को खुशनुमा बना दिया।

बुधवार दोपहर दून घाटी के आसमान में बादलों का दबाव बनने से लोकल प्रेशर बना और चार बजे शहर के अधिकांश इलाकों में कुछ देर तेज बारिश हुई। तापमान चार डिग्री नीचे चला गया। शहरवासियों को गर्मी के साथ ही उमस से राहत मिली। मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक बिक्रम सिंह ने बताया लोकल प्रेशर के चलते ही मंगलवार को भी रायपुर और जौलीग्रांट क्षेत्र में बारिश हुई थी।

वहीं, बुधवार को शहर के ऊपर ही प्रेशर बना। बिक्रम सिंह ने बताया कि 25 जून तक पूरे राज्य में खासकर पर्वतीय इलाकों में कहीं-कहीं हल्की से मध्यम स्तर की बारिश होती रहेगी। मैदानों में भी बारिश की संभावना है, लेकिन वो कम स्तर की होगी। राजधानी का तापमान गुरुवार को 35 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। जबकि न्यूनतम तापमान 23 डिग्री रह सकता है।

योग दिवस पर सीएम त्रिवेंद्र ने लिखा ब्लॉग

  • आयोजन की मेजबानी के लिए पीएम मोदी का जताया आभार
  • उत्तराखंड में योग दिवस का आयोजन ऐतिहासिक पल: सीएम त्रिवेंद्र
  • उत्तराखंड को मिलेगी योगभूमि के तौर पर पहचान: सीएम त्रिवेंद्र
  • योग से राज्य के पर्यटन को नई दिशा मिलेगी: सीएम त्रिवेंद्र
  • पर्यटन से रोजगार के अवसर बढ़ेंगे: सीएम त्रिवेंद्र

देवभूमि से योगभूमि तक का सफर
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर जन जन के प्रिय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी का देवभूमि पधारने पर हार्दिक अभिनंदन करता हूं। मुझे बड़ी प्रसन्नता है कि योगभूमि उत्तराखंड की पावन धरती पर इस बार योग के महाकुंभ का आयोजन हो रहा है। इस बार 50 हजार से ज्यादा लोगों को प्रधानमंत्री जी के सानिध्य में उत्तराखंड के स्वच्छ वातावरण में योग करने का सुखद सौभाग्य मिल रहा है। उत्तराखंड वासियों में इस योगपर्व के लिए खासा उत्साह दिख रहा है।

योग दिवस के प्रस्ताव की वैश्विक स्वीकारोक्ति एक परिवर्तनकारी घटना है। याद कीजिए 27 सिबंतर 2014 का दिन, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में वैश्विक शांति और समृद्धि के लिए योग दिवस मनाने का प्रस्ताव रखा था। यह एक ऐतिहासिक पल तो था ही, हर भारतवासी के लिए गौरव का क्षण भी था। इस प्रस्ताव पर संयुक्त राष्ट्र में रिकॉर्ड तीन महीनों में सहमति बनी और 11 दिसंबर 2014 को यूएन ने इस प्रस्ताव को मंजूर किया और 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाने की घोषणा की। योग के लिए संपूर्ण विश्व के एकजुट होने की घटना कोई सामान्य घटना नहीं थी। इसी तरह योग के लिहाज से 21 जून 2018 की तारीख भी उत्तराखंड के लिए एक परिवर्तनकारी घटना होगी।
देवभूमि उत्तराखंड में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का आयोजन किसी वरदान से कम नहीं है। उत्तराखंड योग और अध्यात्म की राजधानी रही है। यहां की कंदराओं में प्राचीन काल से ऋषि-मुनियों ने तप और योग किया है। योग यहां की धरा से प्रवाहित हुआ है, इसलिए एक बार फिर योग के महाकुंभ के आयोजन की जिम्मेदारी मिलना हमारा सौभाग्य है। यह दिन उत्तराखंड के इतिहास में एक परिवर्तनकारी दिन साबित होगा। इसके लिए मैं प्रधानमंत्री जी का हृदय से आभार व्यक्त करता हूं।      हम सभी जानते हैं कि आने वाले समय में उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था में पर्यटन का बहुत बड़ा योगदान होगा। योग और आध्यात्मिक पर्यटन इस क्षेत्र में विशेष योगदान दे सकते हैं। देवभूमि की धरा से जब योग का संदेश दुनिया के कोने कोने में जाएगा तो यह विदेशी पर्यटकों को आकर्षित करने में सहायक होगा। उत्तराखंड को योगभूमि के तौर पर पहचान मिलेगी। हमारे प्रदेश के युवाओं को योग और पर्यटन से जुड़ने का अवसर मिलेगा और बड़ी मात्रा में रोजगार सृजित होंगे। इस तरह योग न सिर्फ हमें स्वस्थ रखने का जरिया बनेगा, बल्कि प्रदेश की आर्थिक सेहत सुधारने में भी सहायक साबित होगा। हमारी सरकार 13 जिलों में 13 नए पर्यटक स्थल विकसित करने पर आगे बढ़ रही है। इस तरह पर्यटन को योग और अध्यात्म से जोड़कर हम प्रदेश को नई दिशा प्रदान कर सकते हैं।
योग स्वास्थ और कल्याण का समग्र दृष्टिकोण है। योग केवल व्यायाम भर ना होकर अपने आप से व प्रकृति के साथ तादात्मय को प्राप्त करने का माध्यम है। यहहमारी जीवन शैली में परिवर्तन लाकर तथा हमारे अंदर जागरूकता उत्पन्न करके केवल क्षेत्रीय नहीं, बल्कि वैश्विक समस्याओं से लड़ने में सहायक सिद्ध हो सकताहै।  समस्त मानवजाति के कल्याण के लिए उठाए गए इस ऐतिहासिक कदम ने भारत के महान दर्शन सर्वेभवंतु सुखिनसर्वे संतु निरामया: के भाव को चरितार्थ किया है।आइए हम सब मिलकर प्रधानमंत्री जी द्वारा दिए गए विश्वकल्याण के इस योग मंत्र को अपनाकर जीवन में आनंद की अनुभूति प्राप्त करें।                         पूर्व मुख्यमंत्री व हरिद्वार के सांसद डॉ रमेश पोखरियाल निशंक  ने अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस पर प्रदेशवासियों के स्वस्थ एवं मंगलमय जीवन की कामना करते हुए उन्हें बधाई दी है। निशंक ने कहा कि प्रधानमंत्री   नरेन्द्र मोदी ने 27 सितंबर 2014 में योग दिवस के लिये आह्वान किया था जो अंतत: 11 दिसंबर 2014 में घोषित हो गया। इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ था कि किसी देश के दिये गये प्रस्ताव को यू.एन. के द्वारा मात्र 90 दिनों में ही लागू कर दिया गया हो।  संयुक्त राष्ट्र महासभा ने प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी की पहल पर भारत की हजारों वर्ष पुरानी जीवनशैली योग के महत्व को स्वीकार करते हुए 21 जून को अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाने का निर्णय लिया, जो हम सभी भारतवासियों के लिए गर्व की बात है।