, पहली बार टिहरी झील के बीच फ्लोटिंग मरीना में उत्तराखंड कैबिनेट बैठक,पर्यटन और रोजगार को लेकर सरकार के बड़े फैसले

पर्यटन को बढ़ावा देने का संदेश देने के लिए त्रिवेंद्र सरकार के मंत्रीमंडल की बैठक में उत्तराखंड में पर्यटन को उद्योग का दर्जा देने पर मुहर लगाई गई।

नई टिहरी,: उत्तराखंड की त्रिवेंद्र सरकार की ऐतिहासिक कैबिनेट बैठक में 12 अहम प्रस्तावों पर मोहर लगाई गई। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने बताया कि टिहरी झील के फ्लोटिंग मरीना में हुई ऐतिहासिक कैबिनेट में कई अहम फैसले लिए गए हैं। जिसमें पर्यटन को उद्योग का दर्जा और वीर चंद्र सिंह गढ़वाल स्वरोजगार योजना आने वाले समय में टिहरी देश और दुनिया के बेहतरीन पर्यटक स्थलों में शामिल होगा। बुधवार को कोटी कॉलोनी टिहरी झील में उत्तराखंड सरकार की कैबिनेट बैठक फ्लोटिंग मरीना में आयोजित की गई। कैबिनेट के बाद पत्रकारों को संबोधित करते शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक ने बताया कि कैबिनेट में 13 प्रस्ताव शामिल किए गए। लेकिन एक प्रस्ताव को स्थगित किया गया है। जिसके बाद 12 प्रस्ताव पास किए गए हैं।  इसमें सबसे अहम 13 डिस्ट्रिक 13 डेस्टीनेशन के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है। अब हर जिले में कुछ स्थानों को पर्यटन स्थल के रुप में विकसित किया जाएगा। यहां पर पर्यटकों को सभी तरह की सुविधा दी जाएगी। दूसरे प्रस्ताव में पंडित दीन दयाल सामाजिक सहायता सुरक्षा कोष में निराश्रित महिलाओं को एक लाख रुपये लोन की सुविधा दी जाएगी। इसमें एक लाख रुपये तक का लोन एक प्रतिशत ब्याज की दर पर दिया जाएगा। इस योजना के तहत पहली बार किन्नरों को भी इस योजना का लाभ दिया जाएगा। तीसरे प्रस्ताव के तहत एससी एसटी आरक्षण में 1.5 को अब डबल माना जाएगा। चौथे प्रस्ताव के तहत सेवा नियमावली में संशोधन किया गया है। उत्तराखंड राज्यधीन सेवाओं के अंतर्गत वैयक्तिक सहायक के संवर्गीय पदों की पदोन्नति की गई है और अधीनस्थ कार्यालय वैयक्तिक सहायक सीधी भर्ती की नियमावली स्वीकृत की गई है।

वहीं पांचवे प्रस्ताव में जोशीमठ का क्षेत्र होने के कारण भी घोषणा नहीं की गई। क्योंकि वहां पर आचार संहिता के कारण कोर्इ घोषणा नहीं की जा सकती है। छठे प्रस्ताव के तहत सूक्ष्म लघु मध्यम उद्योग नीति को संशोधित किया गया है। इसमें अब पर्यटन को भी शामिल कर उद्योग का दर्जा दिया गया है। इस प्रस्ताव के तहत पर्यटन के तहत होनी वाली गतिविधियों के संचालन के लिए उद्योग वाली सुविधाएं दी जाएंगी।
सातवें प्रस्ताव के रुप में भारतीय चिकित्सा परिषद में सात पदों के बजाए 15 पदों की अनुमति प्रदान कर दी गई है। आठवें प्रस्ताव के तहत मंडी परिषद में मेंथा प्रजाति के कुछ पदार्थो पर लिया जाने वाला मंडी टैक्स समाप्त कर दिया है।  नौवें प्रस्ताव के तहत वीर चंद्र सिंह गढ़वाली स्वरोजगार योजना का दायरा बढ़ा दिया गया है। पहले इस योजना में आठ बिंदू शामिल थे लेकिन अब इसमें 11 नए बिंदू शामिल किए गए हैं। दसवें प्रस्ताव के रुप में मेगा इंडस्ट्री इन्वेसमेंट नीति में संशोधन किया गया है। अब इस नीति के तहत नए क्षेत्र शामिल किए गए हैं। जिसमें स्वरोजगार करने वाले लोगों को सुविधा मिलेगी। पर्यटन गतिविधियों को भी इसमें शामिल किया गया है।

ग्यारहवें प्रस्ताव के तहत रुद्रप्रयाग के जगदगुरु माधवाश्रम धमार्थ चिकित्सालय को राजकीय संचालन में लेने के प्रस्ताव पर मोहर लगाई गई। इस अवसर पर मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि टिहरी झील में कैबिनेट एक ऐतिहासिक पल है और यहां से पूरे दुनिया टिहरी को देखेगी। कैबिनेट से पहले मुख्यमंत्री ने टिहरी झील में बोटिंग कर झील महोत्सव की तैयारियों का जायजा लिया। सीएम रावत ने कहा कि टिहरी झील में कैबिनेट करने का उद्देश्य टिहरी झील को दुनिया में पहचान दिलाना है। आने वाले समय में टिहरी देश और दुनिया का प्रमुख पर्यटन स्थल बनेगा।

trivendra singh rawat

trivendra singh rawat

इस बार उत्तराखंड की कैबिनेट बैठक ने इतिहास बना दिया। झील के बीच फ्लोटिंग मरीना में बैठकर टिहरी झील के बीच में बैठक कर सरकार ने पर्यटन और रोजगार को लेकर कई महत्वपूर्ण फैसले लिए। उत्तराखंड सरकार ने पर्यटन गतिविधियों को उद्योग का दर्जा दे दिया है। बुधवार को प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक में यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। माना जा रहा है कि पर्यटन सेक्टर को बढ़ावा देकर सरकार रोजगार के नए अवसर पैदा करना चाहती है। इसी उद्देश्य के तहत राजधानी से दूर पर्यटन की असीम संभावनाओं से भरपूर टिहरी झील में पहली बार तैरते रेस्तरां (फ्लोटिंग मारीना) में कैबिनेट की बैठक की गई।
मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत की अध्यक्षता में हुई बैठक में लिए निर्णय के तहत प्रदेश में आयुर्वेद, योग, पंचकर्म, यूनानी चिकित्सा, नेचुरलोपैथी,  होम्योपैथी, स्पा, पॉवर वोट, स्किल गेम, वोटर स्कीइंग, राफ्टिंग, बंजी जंपिंग, ज्वॉय राइडिंग सरीखी पर्यटन गतिविधियों को सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग (एमएसएमई) नीति दायरे में लाया गया है।
शासकीय प्रवक्ता मदन कौशिक ने बताया कि इस नीति के तहत पर्यटन गतिविधियों को वे सारी सुविधाएं प्राप्त होंगी, जो दूसरे उद्योगों को दी जा रही हैं। इतना ही नहीं कैबिनेट ने आयुष और वेलनेस सेंटर को मेगा इंडस्ट्री इन्वेस्टमेंट नीति के तहत लाने का भी निर्णय लिया है। इस फैसले से होटल, रिजार्ट, सी प्लेन, रोप-वे, आयुर्वेद, योग समेत कुल 22 गतिविधियों के संचालन में नीति के तहत कई लाभ मिलेंगे।

सरकार ने युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए वीरचंद्र सिंह गढ़वाली ऋण योजना का दायरा बढ़ा दिया है। इसके तहत योजना में 11 और गतिविधियों को शामिल किया गया है। इसमें  क्याकिंग, कैरा वैन, एंगलिंग, स्टार डेसिंग, लांड्री, बैकरी, म्यूजियम, क्रय-विक्रय केंद्र और ट्रैकिंग उपकरण शामिल हैं। इन सभी गतिविधियों को शुरू करने के लिए सरकार योजना के तहत ऋण उपलब्ध कराएगी।

13 जिले 13 डेस्टिनेशन को हरी झंडी

प्रदेश मंत्रिमंडल ने 13 जनपदों में 13 डेस्टिनेशन बनाए जाने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दे दी है। प्रस्ताव के तहत 13 नए पर्यटन स्थलों का चयन किया गया है। इन्हें मसूरी और नैनीताल की तर्ज पर विकसित किया जाएगा। अल्मोड़ा में कटारमल, नैनीताल में मुक्तेश्वर, पौड़ी में सतपुली व खैरासैंण, चमोली में गैरसैंण, भराड़ीसैंण, देहरादून में महाभारत सर्किट के रूप में लाखामंडल,  हरिद्वार में शक्तिपीठ थीम पार्क, उत्तरकाशी में हरकी दून व मोरी टिहरी में टिहरी झील, रुद्रप्रयाग में चिरबिटिया, ऊधमसिंह नगर में गूलरभोज, चंपावत में देवीधुरा, बागेश्वर में गरुड़ वैली और पिथौरागढ़ में मोस्ट मानू को टूरिस्ट डेस्टिनेशन के तौर पर चिन्हित किया गया है। शासकीय प्रवक्ता मदन कौशिक ने बताया कि चिन्हित पर्यटक स्थलों में पर्यटन गतिविधियों के विस्तार के लिए भूमि का लैंड यूज पर्यटन किया जाएगा। उन्हें टूरिस्ट हब के तौर पर अवस्थापना के संसाधन जुटाए जाएंगे।

कैबिनेट ने ये फैसले भी लिए

trivendra singh rawat

trivendra singh rawat

कैबिनेट ने ये फैसले भी लिए
-पंडित दीनदयाल सामाजिक सुरक्षा योजना के तहत गरीब और असहाय महिलाओं को एक प्रतिशत ब्याज पर एक लाख रुपये तक का ऋण मिलेगा।
– एससी, एसटी और ओबीसी आरक्षण की गणना 1.5 प्रतिशत से ऊपर की होगी। (रोस्टर में पदों की संख्या 0.5 होने पर उसे पूर्ण माना जाएगा।)
-उत्तराखंड राज्य अधीनस्थ सेवा वयैक्तिक सहायक की पदोन्नति और सीधी भर्ती को मंजूरी।
-भारतीय चिकित्सा परिषद (उत्तराखंड) के ढांचे का पुनर्गठन कर आठ नए पदों का सृजन।
-मेंथा प्रजाति के उत्पादों पर मंडी शुल्क हटाया।
-रुद्रप्रयाग जनपद के बेला कोटेश्वर स्थित ज्योतिष पीठाश्वर जगतगुरू स्वामी माधवाश्रम के चिकित्सालय को राजकीय चिकित्सालय का

दर्जा, समायोजित कर्मचारी।

कैबिनेट के मुख्य आकर्षण

-राज्य के इतिहास में यह पहला अवसर है जब झील के ऊपर बैठक हुई । सीएम और मंत्रियों ने लाइफ जैकेट पहनकर कैबिनेट में चर्चा की।
-कैबिनेट ने 42 वर्ग किमी क्षेत्रफल में फैली झील को विकसित करने का भी महत्वपूर्ण निर्णय लिया।

कैबिनेट में पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज, शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय, समाज कल्याण मंत्री यशपाल आर्य, वित्त एवं पेयजल मंत्री प्रकाश पंत, कृषि मंत्री सुबोध उनियाल, वन मंत्री हरक सिंह रावत, राज्य मंत्री रेखा आर्य शामिल रहे। उच्च शिक्षा राज्यमंत्री धन सिंह रावत थराली उपचुनाव में व्यस्त रहने के चलते बैठक में नहीं पहुंच सके।

फ्लोटिंग मरीना बोट को रंग बिरंगे फूलों से सजाया

बैठक के लिए फ्लोटिंग मरीना बोट को रंग बिरंगे फूलों से सजाया गया था। मुख्यमंत्री और मंत्रिमंडल के अन्य सदस्य बोट पर सवार होकर फ्लोटिंग मरीना तक पहुंचे। इसके लिए चार बोटों का विशेष इंतजाम किया गया है। वन मंत्री हरक सिंह रावत रावत देरी से झील पहुंचे। तब तक फ्लोटिंग मरीना काफी आगे निकल चुकी थी। उनके लिए मरीना को रोका गया। फिर दूसरी बोट से हरक सिंह रावत को मरीना तक पहुंचाया गया।

डेढ़ बजे तक बंद रही बोट की सेवा 

कोटी कालोनी में कैबिनेट बैठक के दौरान टिहरी झील में संचालित होने वाली व्यावसायिक बोट सेवा सुबह 9 बजे से अपराह्न डेढ़ बजे तक बंद रही। सुरक्षा की दृष्टि से जिला प्रशासन ने यह निर्णय लिया था। बोट संचालकों के साथ बैठक कर एसडीएम चतर सिंह चौहान ने उन्हें नियमों का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए थे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *