परमवीर सूबेदार बाना सिंह का जन्म हुआ था आज

6 जनवरी का इतिहास

दोस्तों आज जानते हैं 6 जनवरी का इतिहास के कुछ महत्वपूर्ण घटनाओं के बारें मे, उन लोगों के जन्मदिन के बारे में जिन्होंने दुनिया में आकर बहुत बड़ा नाम किया ! साथ ही उन मशहूर लोगों के बारें मे जो इस दुनिया से चले गए।
6 January History

  • पहली बार दुनिया के सामने एल्फ्रेड वेल और सैम्युएल मोर्स ने विद्युत टेलीग्राफ का 1838 में सफल प्रदर्शन किया। जो भविष्य में दूरसंचार का आधार साबित हुआ।
  • रोमानिया देश 1861 में अस्तित्व में आया।
  • मारिया मॉन्टेसरी ने 1907 में पहला स्कूल और कामकाजी वर्ग के बच्चों के लिए डे केयर सेंटर खोला जो रोम, इटली में था।
  • एल्फ्रेड वेगेनर ने महाद्वीपीय विस्थापन के सिद्धान्त को 1912 में प्रस्तुत किया।
  • जर्मनी ने फिनलैंड की स्वतंत्रता को 1918 में मान्यता दी।
  • मदर टेरेसा भारत में रोगियों और गरीब लोगों की सेवा करने के लिए 1929 में  कोलकाता आयी।
  • समाचार पत्रों में प्रतिदिन प्रकाशित कॉमिक स्ट्रिप ‘सुपरमैन’ की शुरुआत 1939 में हुई।
  • वियतनाम में पहले आम चुनाव 1946 में हुए।
  • अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी ने भारत का विभाजन का विभाजन 1947 में स्वीकार किया।
  • ब्रिटेन ने चीन की कम्युनिस्ट सरकार को 1950 में मान्यता प्रदान किया।
  • चीन ने लोप नोर क्षेत्र में परमाणु परीक्षण 1976 में किया।
  • रॉक बैंड ‘सेक्स पिस्टल्स’ के सार्वजनिक तौर पर ख़राब बर्ताव की वजह से 1977 में उनके साथ अपना क़रार रद्द कर दिया।
  • भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस को 1983 में पहली बार आंध्र प्रदेश और कर्नाटक विधानसभा चुनावों में हार का सामना करना पड़ा।
  • कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय के खगोलशास्त्रियों ने 12 अरब प्रकाश वर्ष दूर आकाशगंगा के निर्माण की पहली झलक 1987 में देखी।
  • इंदिरा गांधी की हत्या के दोनों दोषियों सतवंत सिंह और केहर सिंह को 1989 में फांसी दी गई।
  • नई दिल्ली में यमुना बैंक-आनंद विहार सेक्शन की मेट्रो रेलों का परिचालन 2010 में आरंभ हुआ।
  • सीरिया की राजधानी दमिश्क में 2012 में हुए आत्मघाती हमले में 26 लोगों की मौत हुई और 63 घायल हुए।

6 जनवरी को जन्मे व्यक्ति

  • 1824 में फ़्रांस के लेखक और साहित्यकार एलेग्ज़न्डर डोमा कनिष्ठ का जन्म हुआ।
  • 1910 में भारतीय कर्नाटक संगीतकार जी. एन. बालासुब्रमनियम का जन्म हुआ।
  • 1932 में हिन्दी के प्रसिद्ध साहित्यकार कमलेश्वर का जन्म हुआ।
  • 1959 में भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान कपिल देव का जन्म हुआ।
  • 1966 में ऑस्कर विजेता भारतीय संगीतकार ए आर रहमान का जन्म हुआ।
  • 1996 में फ़िल्म निर्देशक, अभिनेता किशन श्रीकांत का जन्म हुआ।
  • 1949 में परमवीर चक्र से सम्मानित भारतीय सेना के सूबेदार बाना सिंह का जन्म हुआ। मानद कैप्टन बन्ना सिंह अथवा बाना सिंह परमवीर चक्र से सम्मानित भारतीय भूतपूर्व सैनिक हैं। सम्मान वर्ष १९८७ में मिला था जब इन्होंने सियाचिन ग्लेशियर को पाकिस्तान के कब्जे से मुक्त कराने के अभियान में अप्रतिम शौर्य का प्रदर्शन किया था। अलंकरण के समय नायब सूबेदार के पद पर थे जो बाद में क्रमशः सूबेदारसूबेदार मेजर व मानद कैप्टन बने। भारत की गणतंत्र दिवस परेड का नेतृत्व व भारत के राष्ट्रपति को सर्वप्रथम सलामी देने का अधिकार आपके पास ही सुरक्षित है।पाकिस्तानी सेना के साथ भारतीय सेना की चार मुलाकातें युद्धभूमि में तो हुई हीं, कुछ और भी मोर्चे हैं, जहाँ हिन्दुस्तान के बहादुरों ने पाकिस्तान के मंसूबों पर पानी फेर कर रख दिया। सियाचिन का मोर्चा भी इसी तरह का एक मोर्चा है, जिसमें जम्मू कश्मीर लाइट इन्फेंट्री के आठवें दस्ते के नायब सूबेदार बाना सिंह को उनकी चतुराई, पराक्रम और साहस के लिए भारत सरकार ने परमवीर चक्र दिया ।

    जीवन परिचय

    बहादुर बाना सिंह का जन्म 6 जनवरी 1949 को जम्मू और कश्मीर के काद्‌याल गाँव में हुआ था। 6 जनवरी 1969 को उनका सैनिक जीवन जम्मू कश्मीर लाइट इन्फेंट्री में शुरू हुआ।  सिंह को सम्मान देने व उनकी वीरता को याद रखने के लिए सियाचिन में जिस चौकी को बाना सिंह ने फतह किया था उसका नाम बाना पोस्ट रख दिया गया। बाना सिंह ने इसी कार्यवाही के लिए परमवीर चक्र पाया था।

    परमवीर चक्र

    सियाचिन के बारे में दूर बैठकर केवल कल्पना ही की जा सकती है। समुद्र तट से 21 हजार एक सौ 53 फीट की ऊचाँई पर स्थित पर्वत श्रणी, जहाँ 40 से 60 किलोमीटर प्रति घण्टे की रफ्तार से बर्फानी हवाएँ चलती ही रहती हैं और जहाँ का अधिकतम तापमान -35° C सेल्सियस होता है वहाँ की स्थितियों के बारे में क्या अंदाज लगाया जा सकता है। लेकिन यह सच है कि यह भारत के लिए एक महत्त्वपूर्ण जगह है। दरअसल, 1949 में कराची समझौते के बाद, जब युद्ध विराम रेखा खींची गई थी, तब उसका विस्तार, जम्मू-कश्मीर क्षेत्र में उत्तर की तरफ खोर से लेकर दक्षिण की ओर मनावर तक था। इस तरह यह रेखा उत्तर की तरफ NJ9842 के हिमशैलों (ग्लेशियर्स) की तरह जाती है। इस क्षेत्र में घास का एक तिनका तक नहीं उगता है, साँस लेना तक सर्द मौसम के कारण बेहद कठिन है। लेकिन कुछ भी हो, यह ठिकाना ऐसा है जहाँ भारत, पाकिस्तान और चीन की सीमाएँ मिलती है, इसलिए सुरक्षा की दृष्टि से इसका विशेष महत्त्व है। हमेशा की तरह अतिक्रमण और उकसाने वाली कार्यवाही पाकिस्तान द्वारा ही यहाँ भी की गई। पहले तो उसने सीमा तय होते समय 5180 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र जो भारत का होता, उसे चीन की सीमा में खिसका दिया। इसके अलावा वह उस क्षेत्र में विदेशी पर्वतारोहियों को और वैज्ञानिक परीक्षणों के लिए बाहर के लोगों को भी बुलवाता रहता है, जब कि वह उसका क्षेत्र नहीं हैं। इसके अतिरिक्त भी उसकी ओर से अनेक ऐसी योजनाओं की खबर आती रहती है जो अतिक्रमण तथा आपत्तिजनक कही जा सकती है। यहाँ हम जिस प्रसंग का ज़िक्र विशेष रूप से कर रहे हैं, वह वर्ष 1987 का है। इसमें पाकिस्तान ने सियाचिन ग्लेशियर पर, भारतीय सीमा के अन्दर अपनी एक चौकी बनाने का आदेश अपनी सेनाओं को दे दिया। वह जगह मौसम को देखते हुए, भारत की ओर से भी आरक्षित थी। वहाँ पर पाकिस्तान सैनिकों ने अपनी चौकी खड़ी की और ‘कायद चौकी’ का नाम दिया। यह नाम पाकिस्तान के जनक कायदे-आजम मोहम्मद अली जिन्ना के नाम पर रखा गया था। उस चौकी की संरचना समझना भी बड़ा रोचक है। वह चौकी, ग्लेशियर के ऊपर एक दुर्ग की तरह बनाई गई, जिसके दोनों तरह 1500 फीट ऊँची बर्फ की दीवारें थीं। इसे पाकिस्तान ने अपनी यह चौकी ‘कायद’ बड़ी चुनौती की तरह, भारत की सीमा के भीतर बनाई थी, जिसे अतिक्रमण के अलावा कोई और नाम नहीं दिया जा सकता। जाहिर है, भारत के लिए इस घटना की जानकारी पाकर चुप बैठना सम्भव नहीं था। भारतीय सेना ने यह प्रस्ताव बनाया कि हमें इस चौकी को वहाँ से हटाकर उस पर अपना कब्जा कर लेना है। इस प्रस्ताव के जवाब में नायब सूबेदार बाना सिंह ने खुद आगे बढ़कर यह कहा कि वह इस काम को जाकर पूरा करेंगे। वह 8 जम्मू कश्मीर लाइट इन्फेंट्री  में नायब सूबेदार थे। उन्हें इस बात की इजाज़त दे दी गई। नायब सूबेदार बाना सिंह ने अपने साथ चार साथी और लिए और अपने लक्ष्य की ओर बढ़ लिए। योजना के अनुसार बटालियन के दूसरे लोग पाकिस्तान दुश्मन के सैनिकों को उलझा कर रखे रहे और उधर बाना सिंह और उनके साथियों ने उस चौकी तक पहुँचने का काम शुरू कर दिया। ‘कायद पोस्ट’ की सपाट दीवार पर, जो कि बर्फ की बनीं थी, उस पर चढ़ना बेहद कठिन और जोखिम भरा काम था। इसके पहले भी कई बार इस दीवार पर चढ़ने ने की कोशिश हिन्दुस्तानी सैनिकों की थी और नाकाम रहे थे। रात का तापमान शून्य से भी 30 डिग्री नीचे गिरा हुआ था। तेज हवाएँ चल रही थी। पिछले तीन दिनों से लगातार जबरदस्त बर्फ गिर रही थी। भयंकर सर्दी के कारण बन्दूकें भी ठीक काम नहीं कर रहीं थीं। खैर, अँधेरे का फायदा उठाते हुए बाना सिंह और उनकी टीम आगे बढ़ी रही थी।सूबेदार बाना सिंह के लिए इमेज परिणाम रास्ते में उन्हें उन भारतीय बहादुरों के शव भी पड़ी दिख रहे थे जिन्होंने यहां पहुँचने के रास्ते में प्राण गँवाए थे। जैसे-तैसे बाना सिंह अपने साथियों को लेकर ठीक ऊपर तक पहुँचने में कामयाब हो गये। वहाँ पहुँच कर उसने अपने दल को दो हिस्सें में बाँटकर दो दिशाओं में तैनात किया और फिर उस ‘कायद पोस्ट’ पर ग्रेनेड फेंकने शुरू किया। वहाँ बने बंकरों में ग्रेनेड ने अपना काम दिखाया। साथ ही दूसरे दल के जवानों ने दुश्मन के सैनिकों को, जोकि उस चौकी पर थे, बैनेट से मौत के घाट उतारना शुरू कर दिया। वहां पर पाकिस्तान के स्पेंशल सर्विस ग्रुप (SSG) के कमांडो तैनात थे, जो इस अचानक हमले में मारे गए और कुछ चौकी छोड़कर भाग निकले। कुछ ही देर में वह चौकी दुश्मनों के हाथ से भारतीय बहादुरों के हाथ में आ गई। मोर्चा फ़तह हुआ था। बाना सिंह सूबेदार बाना सिंह के लिए इमेज परिणामसमेत उनका दल सही सलामत उस पर काबिज हो गया।

  • 1918 में बॉलीवुड के प्रसिद्ध गीतकार भरत व्यास का जन्म हुआ।
  • 1913 में पौलैण्ड के प्रथम सचिव एडवर्ड गिरेक का जन्म हुआ।
  • 1883 में विश्व के श्रेष्ठ महाकवि के रूप में ख्याति प्राप्त करने वाले ख़लील जिब्रान का जन्म हुआ।
  • 1928 में भारतीय नाटककार और रंगमंचकर्मी विजय तेंदुलकर का जन्म हुआ।
  • 1940 में प्रसिद्ध लेखक नरेन्द्र कोहली का जन्म हुआ।
  • 1955 में मिस्‍टर बीन के किरदार से दुनिया भर को दीवाना बनाने वाले सर रोवन सेबेस्टियन का जन्‍म।
  • 1965 में राजनीतिज्ञ एवं हिमाचल प्रदेश के 13वें मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर का जन्म हुआ।

6 जनवरी को हुए निधन 

  • प्रसिद्ध कवि तथा कर्नाटक संगीत के संगीतज्ञ त्यागराज का 1847 में निधन हुआ।
  • नेत्रहीनों के लिये ब्रेल लिपि का निर्माण करने वाले प्रसिद्ध व्यक्ति लुई ब्रेल का 1852 में निधन हुआ।
  • आधुनिक हिन्दी साहित्य के प्रवर्तक का 1885 में निधन हुआ।
  • अमरीका के 26वें राष्ट्रपति थ्योडर रोज़वेल्ट का 1919 में निधन हुआ।
  • भारतीय संगीतकार तथा बाल अभिनेता जयदेव का 1987 में निधन हुआ।
  • प्रसिद्ध भारतीय चिकित्सक प्रमोद करण सेठी का 2008 में निधन हुआ।
  • जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री जी.एम. शाह का 2009 में निधन हुआ।
  • हिन्दी फ़िल्मों के प्रसिद्ध अभिनेता ओम पुरी का 2017 में निधन हुआ।

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