परमवीर कैप्टन गुरबचन सिंह सालारिया का बलिदान हुआ था आज

1230- को जर्मनी के रसायन शास्त्री और दार्शनिक अलबर्ट महान का निधन हुआ। 13 वी शताब्दी ईसवी को विख्यात रसायशास्त्री के रुप में अलबर्ट ने आर्सेनिक द्वारा तांबे को सफेद करने में सफलता प्राप्त की। बाद में इस वैज्ञानिक प्रक्रिया पर और भी काम हुआ तथा इसमें बड़ी प्रगति भी हुई।

1573- ब्रिटेन के विख्यात कवि और ड्रामा लेखक जॉन्सन का जन्म हुआ। उन्होंने बहुत दिनों तक ड्रामों में अभिनय भी किया। उनका विख्यात ब्रिटिश लेखक शेक्सपियर से मैत्रीपूर्ण संबंध था जिससे उनके साहित्य ज्ञान पर अच्छा प्रभाव पड़ा। सन 1637 ईसवी में जॉन्सन का निधन हुआ।

1812- नेपोलियन बोनापार्ट रुस में भारी पराजय और नुक़सान का सामना करने के बाद फ़्रास लौटे। योरोप में भारी सफलताओं के बाद उन्होंने 1812 के जून महीने में विशाल देश रुस पर व्यापक आक्रमण आरंभ किया। 6 महीने तक जारी रहने वाली इस सैनिक चढ़ाई में नेपोलियन ने मास्को पर अधिकार कर लिया किंतु नेपोलियन के सैनिक रुस की तेज़ ठंड और रुसी सैनिकों के कड़े आक्रमणों का सामना न कर सके। और नेपोलियन के साढ़े तीन लाख सैनिकों में केवल 30 हज़ार सैनिक जीवित फ़्रांस लौटने में सफल हुए। 

05 दिसम्बर 1732 को ईस्ट इंडिया कंपनी के प्रथम गवर्नर वारेन हेस्टींग का जन्म हुआ।
05 दिसम्बर 1894 को भारत और पाकिस्तान के प्रसिद्ध उर्दू कवि जोश मलीहाबादी का जन्म हुआ।
05 दिसम्बर 1894 को भारत के क्रांतिकारियों में से एक एच. सी. दासप्पा का जन्म हुआ।
05 दिसम्बर 1917 को रूस में नई क्रांतिकारी सरकार गठन तथा रूस-जर्मनी के बीच युद्ध विराम सन्धि हुई।
05 दिसम्बर 1917 को कनाडा में दो जहाजों के भीषण टक्कर में कम से कम 15 सौ लोगों की मौत हो गई।
05 दिसम्बर 1922 को ब्रिटिश संसद द्वारा आयरिश स्वतंत्र राज्य संविधान अधिनियम को स्वीकृति मिली।
05 दिसम्बर 1924 को स्वतंत्रता सेनानी, शिक्षाविद्‌ और सामाजिक कार्यकर्ता एस. सुब्रह्मण्य अय्यर का निधन हुआ।
05 दिसम्बर 1932 को हिन्दी फ़िल्मों की मशहूर अभिनेत्नी नादिरा का जन्म हुआ।
05 दिसम्बर 1938 को गुजराती साहित्यकार रघुवीर चौधरी का जन्म हुआ।
05 दिसम्बर 1941 को प्रसिद्ध भारतीय महिला चित्रकार अमृता शेरगिल का निधन हुआ।
05 दिसम्बर 1950 भारतीय लेखक अरबिंदो घोष का निधन हुआ।

1943-जापानी हवाई जहाज ने कोलकाता पर बम गिराया। पहली बार कोलकाता पर दिन में हमला हुआ।
1950- सिक्किम भारत का संरक्षित राज्य बना।    
05 दिसम्बर 1951 को प्रख्यात कलाकार तथा साहित्यक अवनीन्द्रनाथ ठाकुर का निधन हुआ।
05 दिसम्बर 1955 को प्रसिद्ध शायर मजाज़ का निधन हुआ।

लंबी दूरी के टेलिफोन कॉल को घर घर की चीज बना देने वाली एसटीडी सेवा 1955 में आज ही के दिन अस्तित्व में आई.

मोटोरोला के वाइस प्रेसीडेंट मार्टिन कूपर ने 1973 में पहला व्यावसायिक मोबाइल फोन पेश किया. डायनाटेक 10 साल बाद बाजार में आया और उसकी कीमत थी 4000 डॉलर.
05 दिसम्बर 1961 को परमवीर चक्र से सम्मानित गुरबचन सिंह सालारिया का निधन हुआ।
05 दिसम्बर 1969 को भारत की प्रसिद्ध महिला निशानेबाज़ अंजलि भागवत का जन्म हुआ।
05 दिसम्बर 1971 को भारत ने बंगलादेश को एक देश के रूप में मान्यता दी।
05 दिसम्बर 1973 को गेराल्ड फोर्ड ने अमेरिका के उपराष्ट्रपति के रूप में शपथ ली।
05 दिसम्बर 1974 को माल्टा गणराज्य घोषित किया गया।
05 दिसम्बर 1997 को भगवान बुद्ध की जन्मस्थली लुम्बिनी, इटली में पोम्पेली और हम्रयूलेनियम स्थल, पाकिस्तान में शेरशाह सूरी निर्मित रोहतास का क़िला और बांग्लादेश में सुंदरवन को यूनेस्को ने विश्व धरोहर में शामिल किया गया।
05 दिसम्बर 1998 को रूस 2002 में भारतीय नौसेना को ‘क्रिवाक श्रेणी’ के बहुउद्देश्यीय युद्धपोत देने पर सहमत हुआ।
05 दिसम्बर 1999 को चेचेन्या में रूस ने अस्थायी तौर पर सेना तैनात करने की घोषणा की।
05 दिसम्बर 2000 को अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रपति चुनाव में जार्ज बुश के पक्ष में फैसला दिया।
05 दिसम्बर 2000 को अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रपति चुनाव में जार्ज बुश के पक्ष में फैसला दिया।
05 दिसम्बर 2001 को अफ़ग़ानिस्तान में हामिद करजई के नेतृत्व में अंतरिम सरकार के गठन पर चारों गुट सहमत हुए।
05 दिसम्बर 2001 को अमरीकी सेनाओं ने ओसामा बिन लादेन के अफगानिस्तान स्थित तोरा बोरा पहाड़ी ठिकाने पर कब्जा किया।
05 दिसम्बर 2003 को चेचेन्या में ट्रेन में आत्मघाती हमले में 42 लोगों की मृत्यु हुई । जबकि 160 घायल हुए।
05 दिसम्बर 2003 को राष्ट्रकुल देशों के शासनाध्यक्षों का चार दिवसीय सम्मेलन अबुजा में प्रारम्भ हआ।
05 दिसम्बर 2003 को चीन में पहली बार आयोजित विश्व सुंदरी प्रतियोगिता में आयरलैंड की रोसन्ना दाविसन विजयी हईं।
05 दिसम्बर 2005 को एक नये क़ानून द्वारा ब्रिटेन में समलैंगिक पुरुष (गो) और समलैंगिक स्त्री (लेस्बियन) का वैध सम्बन्ध स्थापित करने की मान्यता दी गयी।
05 दिसम्बर 2013 को दक्षिण अफ़्रीका के पूर्व राष्ट्रपति एवं भारत रत्न से सम्मनित नेल्सन मंडेला का निधन हुआ।
05 दिसम्बर 2006 को जोसेफ कबीला चार दशकों में कांगो के लोकतांत्रिक ढंग से पहले राष्ट्रपति चुने गए।
05 दिसम्बर 2007 को अमेरिका में लड़ाकू विमान एफ़-16 मिसाइलरोधी प्रणाली से लैस किया गया।
05 दिसम्बर 2007 को पाकिस्तान की सर्वोच्च न्यायालय ने आपातकाल तक मीडिया पर लगे प्रतिबन्धों को चुनौती देने वाली एक याचिका को खारिज किया।
05 दिसम्बर 2008 क रूस के राष्ट्रपति दामित्री मेदेवेदेव ने अगली पीढ़ी की परमाणु अभियांत्रिकी को भारत के साथ संयुक्त रूप से विकसित करने का प्रस्ताव किया। काँग्रेस ने अशोक चाव्हाण को महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री बनाने की घोषणा की।ब्रिटेन की महारानी ने ब्रिस्टल से एडिनबरा में सीधे फोन किया था. पहली बार इतनी लंबी दूरी का फोन कॉल हो पाया था और वह भी इतना तेज. इसके साथ ही 5 दिसंबर 1955 को एसटीडी यानी ‘सब्सक्राइबर ट्रंक डायल’ की शुरुआत हुई. इसके पहले ट्रंक कॉल यानी दूसरे शहर में फोन करने की सुविधा टेलिफोन एक्सचेंज के पास ही होती थी. एसटीडी के जरिए यह सुविधा ग्राहकों तक पहुंच गई. इसके लिए हर शहर के एक्सचेंज का एक कोड बनाया गया और ग्राहकों को फोन नंबर के पहले उस कोड को डायल करना होता था.
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पहला एसटीडी फोन कॉल भले ही 1955 में हो गया लेकिन पूरा तंत्र बनाने में काफी वक्त लगा और 1979 में ही यह ब्रिटेन में पूरी तरह से लागू हो सका. इसी सेवा का विस्तार कर 1963 में लंदन और पैरिस के बीच बातचीत हुई तो इंटरनेशनल डायरेक्ट डायलिंग अस्तित्व में आई. इसके बाद इंटरनेशलन सब्सक्राइबर डायलिंग शुरू हुई. मोबाइल फोन के आने आने के बाद इन सेवाओं का उपयोग और महत्व कम हो गया है लेकिन बहुत पुरानी बात नहीं है कि दूसरे शहर में बात करने के लिए घंटों इंतजार करना होता था. तब एसटी़डी सेवा किसी वरदान जैसी थी.Motorola DynaTAC 8000 Erfinder Martin Cooperसेलफोन के चार दशक

पहला सेलफोन

2013- रंगभेद के खिलाफ अभियान चलाने वाले दक्षिण अफ्रीका के पूर्व राष्ट्रपति व नस्लभेद के ख़िलाफ़ संघर्ष के नायक नेल्सन मंडेला का 95 साल की उम्र में देहान्त हुआ। उनका जन्म 1918 में हुआ था। उन्होंने अपनी आधी से ज़्यादा ज़िन्दगी नस्लभेद से संघर्ष में बितायी। दक्षिण अफ़्रीक़ा के दिवंगत नेता ने लगभग 27 साल जेल में बिताए यहां तक कि 90 के दशक में रिहा हुए। दक्षिण अफ़्रीक़ी जनता ने 1994 में बहुमत से मंडेला को पहला अश्वेत राष्ट्रपति चुना। मंडेला ने राष्ट्रपति बनने के बाद नस्लभेदी शासन के अधिकारियों यहां तक कि जेल के अधिकारियों के साथ भी अच्छा व्यवहार अपनाया। उनके इस शिष्टाचार ने उन्हें दुनिया में अमर कर दिया और वर्ष 1993 में उन्होंने शांति का नोबल पुरस्कार दिया गया।

05 दिसम्बर 1917 को रूस में नई क्रांतिकारी सरकार गठन तथा रूस-जर्मनी के बीच युद्ध विराम सन्धि हुई।

05 दिसम्बर 1917 को कनाडा में दो जहाजों के भीषण टक्कर में कम से कम 15 सौ लोगों की मौत हो गई।

05 दिसम्बर 1922 को ब्रिटिश संसद द्वारा आयरिश स्वतंत्र राज्य संविधान अधिनियम को स्वीकृति मिली।

05 दिसम्बर 1924 को स्वतंत्रता सेनानी, शिक्षाविद्‌ और सामाजिक कार्यकर्ता एस. सुब्रह्मण्य अय्यर का निधन हुआ।

05 दिसम्बर 1932 को हिन्दी फ़िल्मों की मशहूर अभिनेत्नी नादिरा का जन्म हुआ।
05 दिसम्बर 1938 को गुजराती साहित्यकार रघुवीर चौधरी का जन्म हुआ।
05 दिसम्बर 1941 को प्रसिद्ध भारतीय महिला चित्रकार अमृता शेरगिल का निधन हुआ।
05 दिसम्बर 1950 भारतीय लेखक अरबिंदो घोष का निधन हुआ।
05 दिसम्बर 1951 को प्रख्यात कलाकार तथा साहित्यक अवनीन्द्रनाथ ठाकुर का निधन हुआ।
05 दिसम्बर 1955 को प्रसिद्ध शायर मजाज़ का निधन हुआ।
05 दिसम्बर 1961 को परमवीर चक्र से सम्मानित गुरबचन सिंह सालारिया का बलिदान हुआ।

गुरबचन सिंह सालारिया
कैप्टन गुरबचन सिंह सालारिया
पूरा नाम कैप्टन गुरबचन सिंह सालारिया
जन्म 29 नवम्बर1935
जन्म भूमि गुरदासपुरपंजाब
शहादत 5 दिसम्बर1961 (आयु- 26 वर्ष)
स्थान एलिजाबेथ विला, कांगो
सेना भारतीय थल सेना
रैंक कैप्टन
यूनिट 3/1 गोरखा राइफ़ल
सेवा काल 1957–1961
विद्यालय किंग जार्ज रॉयल मिलिट्री कॉलेज, बैंगलोर
सम्मान परमवीर चक्र
नागरिकता भारतीय
अन्य जानकारी संयुक्त राष्ट्र संघ की शांति सेना के साथ कांगो के पक्ष में बेल्जियम के विरुद्ध बहादुरी पूर्वक प्राण न्योछावर करने वाले योद्धाओं में कैप्टन गुरबचन सिंह सालारिया का नाम लिया जाता है।

 गुरबचन सिंह सालारिया (अंग्रेज़ीGurbachan Singh Salaria, जन्म: 29 नवम्बर1935; शहादत: 5 दिसम्बर1961परमवीर चक्र से सम्मानित भारतीय सैनिक थे। इन्हें यह सम्मान सन 1961 में मरणोपरांत मिला। संयुक्त राष्ट्र संघ की शांति सेना के साथ कांगो के पक्ष में बेल्जियम के विरुद्ध बहादुरी पूर्वक प्राण न्योछावर करने वाले योद्धाओं में कैप्टन गुरबचन सिंह सालारिया का नाम लिया जाता है जिन्हें 5 दिसम्बर 1961 को एलिजाबेथ विला में लड़ते हुए अद्भुत पराक्रम दिखाने के लिए मरणोपरांत परमवीर चक्र दिया गया। वह उस समय केवल 26 वर्ष के थे।

गुरबचन सिंह का जन्म 29 नवम्बर 1935 को शकरगढ़ के जनवल गाँव में हुआ था। यह स्थान अब पाकिस्तान में है। इनके पिता भी फौजी थे और ब्रिटिश-इंडियन आर्मी के डोगरा स्क्वेड्रन, हडसन हाउस में नियुक्त थे। इनकी माँ एक साहसी महिला थीं तथा बहुत सुचारू रूप से गृहस्थी चलाते हुए बच्चों का भविष्य बनाने में लगी रहती थीं। पिता के बहादुरी के किस्सों ने गुरबचन सिंह को भी फौजी जिंदगी के प्रति आकृष्ट किया। इसी आकर्षण के कारण गुरबचन ने 1946 में बैंगलोर के किंग जार्ज रॉयल मिलिट्री कॉलेज में प्रवेश लिया। अगस्त 1947 में उनका स्थानांतरण उसी कॉलेज की जालंधर शाखा में हो गया। 1953 में वह नैशनल डिफेंस अकेडमी में पहुँच गये और वहाँ से पास होकर कारपोरल रैंक लेकर सेना में आ गए। वहाँ भी उन्होंने अपनी छवि वैसी ही बनाई जैसी स्कूल में थी यानी आत्म सम्मान के प्रति बेहद सचेत सैनिक माने गए। एक बार इन्हें एक छात्र ने तंग करने की कोशिश की। वह एक तगड़ा सा दिखने वाला लड़का था लेकिन इसी बात पर गुरबचन सिंह ने उसे बॉक्सिंग के लिए चुनौती दे डाली। मुकाबला तय हो गया। सबको यही लग रहा था कि गुरबचन सिंह हार जायेंगे, लेकिन रिंग के अंदर उतरकर जिस मुस्तैदी से गुरबचन सिंह ने मुक्कों की बरसात की, उसके आगे वह कुशल प्रतिद्वंद्वी भी ठहर नहीं पाया और जीत गुरबचन सिंह की हुई। एक बार एक बेचारा लड़का कुएँ में गिर गया, गुरबचन सिंह वहीं थे। उन्हें बच्चे पर तरस आया और वह उसे बचाने को कुएँ में कूदने को तैयार हो गये, जब कि उन्हें खुद भी तैरना नहीं आता था। खैर उनके साथियों ने उन्हें ऐसा करने से रोक लिया।

भारतीय सेना में योगदान

3/1 गोरखा राइफल्स के कैप्टन गुरबचन सिंह सालारिया को संयुक्त राष्ट्र के सैन्य प्रतिनिधि के रूप में एलिजाबेथ विला में दायित्व सौंपा गया था। 24 नवम्बर 1961 को संयुक्त राष्ट्र संघ की सुरक्षा परिषद ने यह प्रस्ताव पास किया था कि संयुक्त राष्ट्र की सेना कांगो के पक्ष में हस्तक्षेप करे और आवश्यकता पड़ने पर बल प्रयोग करके भी विदेशी व्यवसायियों पर अंकुश लगाए। संयुक्त राष्ट्र के इस निर्णय से शोम्बे के व्यापारी आदि भड़क उठे और उन्होंने संयुक्त राष्ट्र की सेनाओं के मार्ग में बाधा डालने का उपक्रम शुरु कर दिया। Image result for परमवीर चक्र गुरबचन सिंह सालारियासंयुक्त राष्ट्र के दो वरिष्ठ अधिकारी उनके केंद्र में आ गये। उन्हें पीटा गया। 3/1 गोरखा राइफल्स के मेजर अजीत सिंह को भी उन्होंने पकड़ लिया था और उनके ड्राइवर की हत्या कर दी थी। इन विदेशी व्यापारियों का मंसूबा यह था कि वह एलिजाबेथ विला के मोड़ से आगे का सारा संवाद तंत्र तथा रास्ता काट देंगे और फिर संयुक्त राष्ट्र की सैन्य टुकड़ियों से निपटेंगे। 5 दिसम्बर 1961 को एलिजाबेथ विला के रास्ते इस तरह बाधित कर दिये गए थे कि संयुक्त राष्ट्र के सैन्य दलों का आगे जाना एकदम असम्भव हो गया था। क़रीब 9 बजे 3/1 गोरखा राइफल्स को यह आदेश दिये गए कि वह एयरपोर्ट के पास के एलिजाबेथ विला के गोल चक्कर का रास्ता साफ करे। इस रास्ते पर विरोधियों के क़रीब डेढ़ सौ सशस्त्र पुलिस वाले रास्ते को रोकते हुए तैनात थे। योजना यह बनी कि 3/1 गोरखा राइफल्स की चार्ली कम्पनी आयरिश टैंक के दस्ते के साथ अवरोधकों पर हमला करेगी। इस कम्पनी की अगुवाई मेजर गोविन्द शर्मा कर रहे थे। कैप्टन गुरबचन सिंह सालारिया एयरपोर्ट साइट से आयारिश टैंक दस्तें के साथ धावा बोलेंगे ! इस तरह अवरोधकों को पीछे हटकर हमला करने का मौका न मिल सकेगा। कैप्टन गुरबचन सिंह सालारिया की ए कम्पनी के कुछ जवान रिजर्व में रखे जाएँगे। गुरबचन सिंह सालारिया न इस कार्यवाही के लिए दोपहर का समय तय किया, जिस समय उन सशस्त्र पुलिसबालों को हमले की ज़रा भी उम्मीद न हो। गोविन्द शर्मा तथा गुरबचन सिंह दोनों के बीच इस योजना पर सहमति बन गई।

बलिदान

कैप्टन गुरबचन सिंह सालारिया 5 दिसम्बर 1961 को एलिजाबेथ विला के गोल चक्कर पर दोपहर की ताक में बैठे थे कि उन्हें हमला करके उस सशस्त्र पुलिसवालों के व्यूह को तोड़ना है, ताकि फोजें आगे बढ़ सकें। इस बीच गुरबचन सिंह सालारिया अपनी टुकड़ी के साथ अपने तयशुदा ठिकाने पर पहुँचने में कामयाब हो गई। उन्होंने ठीक समय पर अपनी रॉकेट लांचर टीम की मदद से रॉकेट दाग कर दुश्मन की दोनों सशस्त्र कारें नष्ट कर दीं। यही ठीक समय था जब वह सशस्त्र पुलिस के सिपाहियों को तितर-बितर कर सकते थे। उन्हें लगा कि देर करने से फिर से संगठित होने का मौका मिल जाएगा। ऐसी नौबत न आने देने के लिए कमर तुरंत कस ली। उनके पास केवल 16 सैनिक थे, जबकि सामने दुश्मन के सौ जवान थे। फिर भी, वह परवाह किए वह और उनका दल दुश्मन पर टूट पड़े। आमने-सामने मुठभेड़ होने लगी जिसमें गोरखा पलटन की खुखरी ने तहलका मचाना शुरू कर दिया। दुश्मन के सौ में से 40 जवान वहीं ढेर हो गए लेकिन दुश्मन के बीच खलबली मच गई। और वह बौखला उठा तभी गुरबचन सिंह एक के दाब एक दो गोलियों का निशाना बन गए।

05 दिसम्बर 1969 को भारत की प्रसिद्ध महिला निशानेबाज़ अंजलि भागवत का जन्म हुआ।
05 दिसम्बर 1971 को भारत ने बंगलादेश को एक देश के रूप में मान्यता दी।
05 दिसम्बर 1973 को गेराल्ड फोर्ड ने अमेरिका के उपराष्ट्रपति के रूप में शपथ ली।
05 दिसम्बर 1974 को माल्टा गणराज्य घोषित किया गया।
05 दिसम्बर 1997 को भगवान बुद्ध की जन्मस्थली लुम्बिनी, इटली में पोम्पेली और हम्रयूलेनियम स्थल, पाकिस्तान में शेरशाह सूरी निर्मित रोहतास का क़िला और बांग्लादेश में सुंदरवन को यूनेस्को ने विश्व धरोहर में शामिल किया गया।
05 दिसम्बर 1998 को रूस 2002 में भारतीय नौसेना को ‘क्रिवाक श्रेणी’ के बहुउद्देश्यीय युद्धपोत देने पर सहमत हुआ।
05 दिसम्बर 1999 को चेचेन्या में रूस ने अस्थायी तौर पर सेना तैनात करने की घोषणा की।
1999- भारतीय सुंदरी युक्ता मुखी मिस वल्र्ड चुनी गईं।
05 दिसम्बर 2000 को अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रपति चुनाव में जार्ज बुश के पक्ष में फैसला दिया।
05 दिसम्बर 2000 को अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रपति चुनाव में जार्ज बुश के पक्ष में फैसला दिया।
05 दिसम्बर 2001 को अफ़ग़ानिस्तान में हामिद करजई के नेतृत्व में अंतरिम सरकार के गठन पर चारों गुट सहमत हुए।
05 दिसम्बर 2001 को अमरीकी सेनाओं ने ओसामा बिन लादेन के अफगानिस्तान स्थित तोरा बोरा पहाड़ी ठिकाने पर कब्जा किया।
05 दिसम्बर 2003 को चेचेन्या में ट्रेन में आत्मघाती हमले में 42 लोगों की मृत्यु हुई । जबकि 160 घायल हुए।
05 दिसम्बर 2003 को राष्ट्रकुल देशों के शासनाध्यक्षों का चार दिवसीय सम्मेलन अबुजा में प्रारम्भ हआ।
05 दिसम्बर 2003 को चीन में पहली बार आयोजित विश्व सुंदरी प्रतियोगिता में आयरलैंड की रोसन्ना दाविसन विजयी हईं।
05 दिसम्बर 2005 को एक नये क़ानून द्वारा ब्रिटेन में समलैंगिक पुरुष (गो) और समलैंगिक स्त्री (लेस्बियन) का वैध सम्बन्ध स्थापित करने की मान्यता दी गयी।
05 दिसम्बर 2013 को दक्षिण अफ़्रीका के पूर्व राष्ट्रपति एवं भारत रत्न से सम्मनित नेल्सन मंडेला का निधन हुआ।
05 दिसम्बर 2006 को जोसेफ कबीला चार दशकों में कांगो के लोकतांत्रिक ढंग से पहले राष्ट्रपति चुने गए।
05 दिसम्बर 2007 को अमेरिका में लड़ाकू विमान एफ़-16 मिसाइलरोधी प्रणाली से लैस किया गया।
05 दिसम्बर 2007 को पाकिस्तान की सर्वोच्च न्यायालय ने आपातकाल तक मीडिया पर लगे प्रतिबन्धों को चुनौती देने वाली एक याचिका को खारिज किया।
05 दिसम्बर 2008 को रूस के राष्ट्रपति दामित्री मेदेवेदेव ने अगली पीढ़ी की परमाणु अभियांत्रिकी को भारत के साथ संयुक्त रूप से विकसित करने का प्रस्ताव किया।

काँग्रेस ने अशोक चाव्हाण को महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री बनाने की घोषणा की।

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