नेता करें आचार संहिता उल्लंघन तो सी-विजिल ऐप से करें शिकायत, 100 मिनट में होगी कार्रवाई

नई दिल्ली: देश में लोकसभा चुनाव की तारीखों के ऐलान हो चुके हैं और इसके साथ ही आचार-संहिता भी लागू कर दी गई है। ऐसे में वोटर्स को और भी सशक्त बनाने के लिए भारतीय चुनाव आयोग की ओर से एक मोबाइल ऐप लॉन्च किया गया है। इस ऐप की मदद से कोई भी वोटर अपने क्षेत्र में हो रहे आचार संहिता के उल्लंघन की फोटो या विडियो आयोग को भेज सकता है और मामले की जांच के बाद संबंधित कार्रवाई की जाएगी। अच्छी बात यह है कि इस ऐप में यूजर की पहचान गुप्त होगी और उसे अपना नाम या डीटेल्स नहीं बताने होंगे।
मुख्य चुनाव अधिकारी सुनील अरोड़ा ने इस ऐप के बारे में कहा, ‘सी-विजिल ऐप की मदद से नागरिक अपने मोबाइल पर किसी भी तरह की गड़बड़ रिकॉर्ड कर आयोग में रिपोर्ट कर सकते हैं और किसी भी तरह के आचार संहिता उल्लंघन पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। इसके लिए शिकायतकर्ता को किसी भी दफ्तर नहीं जाना पड़ेगा और लिखित शिकायत करने की लंबी प्रक्रिया से नहीं गुजरना होगा।’ उन्होंने कहा कि इस ऐप का मकसद मतदाता को और ताकत देना है।

सी-विजिल एक आसान सा ऐंड्रॉयड बेस्ड ऐप है और यूजर्स इसे आसानी से यूज कर सकते हैं। इसके लिए उन्हें केवल तस्वीर क्लिक करनी होगी या फिर विडियो बनाना होगा। साथ ही उल्लंघन के बारे में संक्षेप में जानकारी देकर अगले स्टेप में इसे आयोग के पास अपलोड करना होगा। यह प्रक्रिया आसान है और इसमें यूजर की पहचान भी जाहिर नहीं होगी। डिस्ट्रिक्ट कंट्रोल रूम मौके पर फ्लाइंग स्क्वॉड भेजकर मामले की जानकारी कंफर्म करेंगे और कार्रवाई करेंगे।
अरोड़ा ने कहा, ‘अथॉरिटीज और संबंधित अधिकारी शिकायत के 100 मिनट के अंदर इसपर कार्रवाई करेंगे।’ इसके अलावा मतदाताओं को अपने क्षेत्र के उम्मीदवार को पहचानने में दिक्कत न हो, इसके लिए बैलट पेपर पर उनका फोटो प्रिंट किया जाएगा और इसे ईवीएम पर भी प्रदर्शित किया जाएगा। इसकी मदद से किसी भ्रामक स्थिति में मतदाता अपने पसंसदीदा कैंडिडेट की तस्वीर देखकर सही वोट डाल सकता है। इसके लिए उम्मीदवारों से उनकी तस्वीरें भी मांगी गई हैं। बता दें, देशभर में 11 अप्रैल से 19 मई के बीच लोकसभा चुनाव के लिए मतदान होगा और 23 मई को चुनाव परिणाम आएंगे।Image result for सी-विजिल
  • जियोग्राफिक इंफॉर्मेशन सिस्टम (GIS) प्लेटफार्म का होगा इस्तेमाल
  • छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, मिजोरम और राजस्थान के विधानसभा चुनाव में हो चुका है इस्तेमाल

 लोकसभा चुनाव के दौरान नागरिकों को सशक्त बनाने के लिए चुनाव अयोग ने पूरे भारत के लिए cVIGIL ऐप को पेश किया है। इस ऐप के जरिए वोटर्स आचार संहिता के उल्लंघन होने पर इस उसकी जानकारी फोटो व वीडियो के मध्यम से चुनाव अधिकारियों को भेज सकेंगे। दावा है कि शिकायत सही पाई जाने पर 100 मिनट के अंदर इसका समाधान कर दिया जाएगा। इससे पहले भी इस ऐप को पायलट प्रोजेक्ट के तहत छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, मिजोरम और राजस्थान में हुए विधानसभा चुनावों में किया जा चुका है।

cVIGIL App

मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा ने बताया कि एंड्रॉयड बेस्ड cVIGIL मोबाइल ऐप इस्तेमाल करने में बेहद आसान है। यूजर ऐप में फोटो और दो मिनट तक का वीडियो को अपलोड कर सकता है, लेकिन अपलोड करने से पहले यूजर को घटना के बारे में संक्षिप्त में जानकारी देनी होगी। यदि यूजर अपनी पहचान गोपनीय रखना चाहता है, तो यह सुविधा भी ऐप में उपलब्ध है।

जियोग्राफिक इंफॉर्मेशन सिस्टम (GIS) के द्वारा इन शिकायतों को डिस्ट्रिक्ट कंट्रोल रूम के जरिए फ्लाइंग स्क्वायड टीम को आवंटित की जाएगी। जिसका समाधान 100 मिनट के अंदर अधिकारियों को करना ही होगा।

cVIGIL ऐप कैसे करेगी काम…

  • यूजर आचार संहिता के उल्लंघन की जानकारी देने के लिए फोटो या 2 मिनट तक का वीडियो ऐप पर अपलोड कर सकते हैं।
  • फोटो या वीडियो अपलोड करने से पहले घटना की संक्षिप्त जानकारी भी यूजर को देनी होगी।
  • अपलोड होने के बाद यूजर को एक यूनिक आईडी मिलेगी, जिसके जरिए वे मोबाइल पर ही फॉलोअप ट्रैक कर सकते हैं। इस प्रक्रिया के दौरान शिकायत करने वाले यूजर की पहचान को गोपनीय रखा जाएगा।
  • पहले से रिकॉर्डेड वीडियो या फोटो को अपलोड करने की ऐप इजाजत नहीं देगा, ताकि ऐप का दुरुपयोग होने से रोका जा सके।
  • इसके अलावा cVIGIL ऐप के जरिए रिकॉर्ड किए गए वीडियो या फोटो भी फोन गैलेरी में सेव नहीं होंगे।
  • आचार संहिता के दौरान नेताओं की तरफ से किसी भी तरह के कोई गैरकानूनी दस्तावेज बांटने, भ्रष्टाचार और विवादित बयानों की शिकायत इस ऐप के जरिए कर सकते हैं।

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