निलंबित कुलसचिव डा. मृत्युंजय मिश्रा, 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा जेल

आरोपी डा. मृत्युंजय मिश्रादेहरादून:भ्रष्टाचार के आरोप में गिरफ्तार आयुर्वेद विवि के निलंबित कुलसचिव मृत्युंजय मिश्रा को मंगलवार को विशेष सतर्कता न्यायाधीश राजीव कुमार खुल्बे की अदालत में पेश किया गया। अभियोजन और बचाव पक्ष की बहस को सुनने के बाद अदालत ने मिश्रा को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेजने के आदेश दिए।

इस दौरान मिश्रा की ओर से जमानत प्रार्थनापत्र दाखिल नहीं किया गया और न ही विजिलेंस ने कस्टडी रिमांड की मांग की। शाम करीब 5.45 बजे मिश्रा को जिला कारागार सुद्धोवाला में दाखिल करा दिया गया।
मंगलवार दोपहर बाद करीब 2.20 बजे विजिलेंस टीम मृत्युंजय मिश्रा को लेकर जिला एवं सत्र न्यायालय परिसर पहुंची। यहां से उन्हें पहले अभियोजन कार्यालय ले जाया गया, जहां जरूरी कागजी कार्रवाई करने के बाद अदालत में पेशी के लिए जे जाया गया।
करीब 2.40 बजे मृत्युंजय मिश्रा को अपर जिला जज प्रथम (विशेष सतर्कता जज) राजीव कुमार खुल्बे की अदालत में पेश किया गया। अभियोजन ने जब मिश्रा को न्यायिक हिरासत में भेजने संबंधी प्रार्थनापत्र अदालत के समक्ष प्रस्तुत किया तो बचाव पक्ष ने इस पर बहस से इंकार कर दिया।

 बचाव पक्ष के अधिवक्ता एमएस पंत ने कहा कि विजिलेंस ने उन्हें एफआईआर की प्रति उपलब्ध नहीं कराई है। ऐसे में अदालत ने विजिलेंस को इस संबंध में आदेशित किया, जिसके करीब 25 मिनट बाद बचाव पक्ष को एफआईआर की प्रति उपलब्ध कराई गई।

इसके बाद हुई बहस में बचाव पक्ष ने तर्क दिया कि विजिलेंस ने इस मामले में खुली जांच करने का दावा किया है, जबकि इस जांच का एक भी पहलू गिरफ्तारी से पहले सार्वजनिक नहीं हुआ है। एकाएक सोमवार को मिश्रा को गिरफ्तार कर लिया गया।
इसके बाद बचाव पक्ष ने फर्जी बताए जा रहे खातों पर भी मिश्रा के हस्ताक्षर होने की बात से इंकार किया। अभियोजन ने भी अपने तर्क प्रस्तुत किए, जिसके बाद अदालत ने विजिलेंस के प्रार्थनापत्र को स्वीकार करते हुए मिश्रा को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेजने के आदेश दे दिए। इस मामले में अब अगली सुनवाई 17 दिसंबर को होनी है।

चेहरे पर हल्की मुस्कान, नहीं खोली जुबान

आयुर्वेद विश्वविद्यालय की वित्तीय अनियमितताआें में गिरफ्तार निलंबित कुलसचिव मृत्युजंय मिश्रा को मंगलवार को विजिलेंस टीम के घेरे में किसी वीआईपी की तरह कोर्ट परिसर लाया गया था। मुंह में सुपारी चबाने के साथ मिश्रा के चेहरे पर हल्की सी मुस्कान जरूर थी। मीडिया ने एक के बाद कई सवाल दागे, मगर हर सवाल को मिश्रा हाथ जोड़कर टाल गए। शायद उन्हें पहले से ही मीडिया की घेराबंदी का अहसास था, तभी तो जीप से उतरते ही उन्होंने अपने मुंह को सुपारी से भर लिया था।
विजिलेंस टीम के घेरे में काला कोट और नीली जींस पहने चल रहे इसी शख्स का नाम मृत्युजंय मिश्रा है। मिश्रा को सोमवार को आयुर्वेद विश्वविद्यालय में वित्तीय अनियमितताओं के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। मंगलवार दोपहर विजिलेंस टीम मिश्रा को कचहरी में लाने के बाद सीधे अभियोजन अधिकारी कार्यालय ले गई, जहां पर करीब बीस मिनट बातचीत का दौर चलता रहा। विजिलेंस टीम मिश्रा को जब से आफिस से लेकर कोर्ट परिसर की तरफ बढ़ी तो वह मुंह में कुछ चबा रहे थे। मिश्रा से पहला सवाल हुआ कि वित्तीय अनियमितताओं को लेकर आपका का क्या कहना है। मिश्रा ने नजरें झुकाई और दोनों हाथ जोड़ दिए। इसी बीच आवाज आई मृत्युजंय शायद सुपारी का आनंद ले रहे हैं।
विजिलेंस की तरफ जवाब आया कि सुपारी नहीं यह तो बिस्कुट चबा रहे हैं। इस पर मिश्रा नजरें उठाकर मीडिया कर्मियाें की तरफ मुस्कराए। एक अन्य मीडिया कर्मी ने मिश्रा से कहा कि आरोपाें को लेकर वह अपनी बात कह सकते है। जवाब में मिश्रा ने फिर हाथ जोड़ दिए। करीब चार से पांच मिनट तक यही क्रम चलता रहा। आखिरी सवाल था, शायद आप तय करके आए है कि कुछ नहीं बोलना हैं। इस बार भी मिश्रा मुस्कराए और हाथ जोड़कर आगे निकल गए। हालांकि कोर्ट परिसर में पहुंचकर मिश्रा थोड़े विचलित जरूर नजर आए। वैसे मिश्रा को वीआईपी की तरह कोर्ट परिसर लाया गया था, क्योंकि विजिलेंस टीम के किसी सदस्य द्वारा उनका हाथ तक नहीं पकड़ा गया था। मिश्रा तो कुछ नहीं बोले, लेकिन परिवार के एक सदस्य ने नाम न छापने की शर्त पर इतना जरूर कहा कि उन्हें फंसाया गया है।

कोर्ट में पेश हुए निलंबित कुलसचिव डा. मृत्युंजय मिश्रा, 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा जेल

आरोपी डा. मृत्युंजय मिश्रा
आरोपी डा. मृत्युंजय मिश्रा
भ्रष्टाचार के आरोप में गिरफ्तार आयुर्वेद विवि के निलंबित कुलसचिव मृत्युंजय मिश्रा को मंगलवार को विशेष सतर्कता न्यायाधीश राजीव कुमार खुल्बे की अदालत में पेश किया गया। अभियोजन और बचाव पक्ष की बहस को सुनने के बाद अदालत ने मिश्रा को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेजने के आदेश दिए। 

इस दौरान मिश्रा की ओर से जमानत प्रार्थनापत्र दाखिल नहीं किया गया और न ही विजिलेंस ने कस्टडी रिमांड की मांग की। शाम करीब 5.45 बजे मिश्रा को जिला कारागार सुद्धोवाला में दाखिल करा दिया गया।

मंगलवार दोपहर बाद करीब 2.20 बजे विजिलेंस टीम मृत्युंजय मिश्रा को लेकर जिला एवं सत्र न्यायालय परिसर पहुंची। यहां से उन्हें पहले अभियोजन कार्यालय ले जाया गया, जहां जरूरी कागजी कार्रवाई करने के बाद अदालत में पेशी के लिए जे जाया गया।

करीब 2.40 बजे मृत्युंजय मिश्रा को अपर जिला जज प्रथम (विशेष सतर्कता जज) राजीव कुमार खुल्बे की अदालत में पेश किया गया। अभियोजन ने जब मिश्रा को न्यायिक हिरासत में भेजने संबंधी प्रार्थनापत्र अदालत के समक्ष प्रस्तुत किया तो बचाव पक्ष ने इस पर बहस से इंकार कर दिया।

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