देहरादून, । भाजपा विधायक प्रणव सिंह चैंपियन ने फिर दोहराया कि वे महात्मा गांधी को राष्ट्रपिता नहीं मानते हैं। उनका कहना है कि डॉक्टर भीमराव आंबेडकर को राष्ट्रपिता घोषित किया जाए। आज देहरादून स्थित प्रेस क्लब में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में हरिद्वार की खानपुर सीट से भाजपा विधायक कुंवर प्रणव चैंपियन ने कहा कि महात्मा गांधी का चित्र करंसी से हटाया जाए। साथ ही उन्होंने विधायक कर्णवाल के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने का मुख्यमंत्री से अनुरोध भी किया।

दरअसल, खानपुर विधायक कुवंर प्रणव चैंपियन ने देहरादून में पत्रकार वार्ता की। कहा कि अगर महात्मा गांधी जिन्ना को प्रधानमंत्री बनाते तो देश का बंटवारा नहीं होता। लेकिन गांधी ने पंडित जवाहर लाल नेहरू को प्रधानमंत्री बना दिया। कश्मीर में अनुछेद 370 और धारा 35 ए नेहरू की ही देन है। सरदार बल्लभ भाई पटेल नहीं होते तो हैदराबाद भी पाकिस्तान में होता। वह असली नेता थे।

उन्होंने मंगलवार को पत्रकारों से बातचीत के दौरान राष्ट्रपिता के लिए अहंकारी, षड्यंत्रकारी, संकीर्ण मानसिकता वाला जैसे शब्दों का प्रयोग किया। उन्होंने कहा कि अगर महात्मा गांधी सच्चे अर्थों में सेक्युलर थे, तो जिन्ना को प्रधानमंत्री बनवाते। यदि ऐसा करते तो आज भारत अखंड होता और पाकिस्तान का जन्म नहीं होता।

गांधी ने षड्यंत्र करके जवाहर लाल नेहरू जैसे अकर्मण्य व्यक्ति को प्रधानमंत्री बनाया। उन्होंने यह भी कहा कि आजादी चरखे से नहीं मिली थी। गांधी ने हमारे देश का विश्व पटल पर सम्मान नहीं बढ़ाया। भाजपा विधायक चैंपियन ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के लिए पप्पू शब्द का प्रयोग करते हुए कहा कि बाबा साहेब भीम राव अंबेडकर को राष्ट्रपित का दर्जा दिया जाए।

कहा कि चरखा चलाने से नहीं सुभाष चंद्र बोस के प्रयासों ने आजादी हासिल हुई है। मैं गांधी को बापू नहीं मानता। अंग्रेजों के डिवाइड एंड रूल को गांधी ने आगे बढ़ाया है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट गांधी के बारे में क्या सोचते हैं ये उनका मसला है। मेरी सोच अलग है। मैं अपने विचार रखने के लिए आजाद हूं। मैं चुप नहीं बैठूंगा। दिल्ली में भी प्रेस कांफ्रेंस करूंगा। मैंने मुख्यमंत्री से कहा है कि वे प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति से अनुरोध करें कि संविधान में संशोधन हो और महात्मा गांधी से राष्ट्रपति का दर्जा लेकर डॉक्टर भीम राव आंबेडकर को दिया जाए जिन्होंने संविधान बनाया है।

भाजपा द्वारा दिए गए नोटिस पर कुंवर प्रणव सिंह ने कहा कि मैंने कभी माफी नहीं मांगी। अगर झबरेड़ा से भाजपा विधायक देशराज पर बुधवार तक मुकदमा दर्ज नहीं हुआ तो मैं कोर्ट जाऊंगा। मैंने मुख्यमंत्री को अल्टीमेटम दे दिया है। बताया कि वह मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत से मिल चुके हैं। अब वह प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट से मिलेंगे। बता दें कि कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन और देशराज कर्णवाल के बीच कई दिनों से जुबानी जंग चल रही है जिस कारण भाजपा ने दोनों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।

इस दौरान उन्होंने एक बार फिर से झबरेड़ा विधायक देशराज कर्णवाल पर निशाना साधा। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री से मुलाकात कर कर्णवाल के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने का अनुरोध किया गया है। उन्होंने मुख्यमंत्री को एक दिन का अल्टीमेटम देते हुए कहा कि अगर कर्णवाल के खिलाफ मुकदमा दर्ज नहीं हुआ तो वो कोर्ट में जाएंगे, जिससे सरकार की किरकिरी होगी। चैंपियन यहीं नहीं रुके, उन्होंने कर्णवाल को प्याली का तूफान तक बता दिया।

वहीं, चैंपियन ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू पर अभद्र टिप्पणी भी की। महात्मा गांधी ने लोकतंत्र की हत्या करने का काम किया. महात्मा गांधी ने अपने चहेते जवाहर लाल नेहरू को प्रधानमंत्री बनाया, जबकि योग्य कोई और था. इसके साथ ही विधायक चैंपियन ने पूर्व प्रधानमंत्रीनेहरू पर भी आपत्ति जनक टिप्पणी की है. उनका ये भी कहना है कि उन्होंने भाजपा से कभी माफी नहीं मांगी, बल्कि खेद जताया था। उनका साफ कहना है कि उन्होंने पद के लिए कभी भीख नहीं मांगी। इस दौरान वो ये दावा करने से भी नहीं चूके कि मेरा सीना 56 इंच से भी ज्यादा है। हालांकि फिर उन्होंने इसे एक जुमला भी बताया।

2005 में ही पड़ गए थे झगड़े के बीज 
विधायक देशराज कर्णवाल और प्रणव चैंपियन के बीच झगड़े के बीज 2005 के जिला पंचायत चुनावों में ही पड़ गए थे। दरअसल, चैंपियन की पत्नी देवयानी जिला पंचायत अध्यक्ष पद की दावेदार थीं। सूत्रों के अनुसार चैंपियन ने उस वक्त कर्णवाल से समर्थन मांगा था, लेकिन कर्णवाल ने उनसे दूरी बना ली। इस चुनाव के बाद से ही दोनों के बीच गहरी खाई बन गई। तबसे से ही दोनों कभी जाति प्रमाण पत्र, कभी मुख्यमंत्री को लेकर बयान तो कभी लोकसभा प्रत्याशी को लेकर एक-दूसरे के सामने आते रहे। ताजा विवाद कुछ ज्यादा ही तूल पकड़ गया।