नहर में गिरी कार, महिला समेत 4 डूबे, 3 शव मिले,एक अभी भी लापता, 2 ने कूद बचाई जान

कार चालक ने कूद कर अपनी जान बचा ली जबकि एक अन्य को स्थानीय लोगों ने डूबने से बचा लिया. सभी लोग बीमार बुजुर्ग महिला को लेकर चंडीगढ़ से वापिस उत्तराखंड लौट रहे थे और कोटद्वार उत्तराखंड बताए जा रहे हैं.हिमाचल: नहर में गिरी कार, महिला समेत 4 डूबे, 3 शव मिले, 2 सवारों ने कूदकर बचाई जान

शक्ति नहर में गिरी कार.

देहरादून जिले के विकासनगर में गुरुवार देर रात शक्ति नहर में एक कार गिर गई। हादसे में सवार दंपती समेत चार लोगों की मौत होने की आशंका है। जानकारी के मुताबिक विकासनगर में कुल्हाल के पास माटक माजरी पर एक कार नहर में गिर गई। सूचना पर पुलिस, एसडीआरएफ,जल पुलिस और  प्रशासन की टीम ने बोट से रेस्क्यू कर कार को नहर से बाहर निकाला। और मौके पर पहुंची और रेस्क्यू कार्य शुरू किया।

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कार हादसे में एक महिला सहित तीन लोगों के शव बरामद कर लिए गए हैं। वहीं दो लोगों को सकुशल नहर से बाहर निकाल लिया गया है। जबकि कार में सवार र एक युवक अब भी लापता है, अब तक पता नहीं चल पाया है। पुलिस और रेस्क्यू टीम उसकी ढूंढ-खोज में लगी हुई है। बताया गया है कि यह सभी लोग कोटद्वार के रहने वाले हैं जो चंडीगढ़ पीजीआई से मरीज को लेकर वापस लौट रहे थे। इसी दौरान देर रात उनकी कार मटक-माजरी के पास अनियंत्रित होकर शक्ति नहर में गिर गई।पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से गणेश (पुत्र चंद्रमोहन), संजय कुमार (पुत्र मोहनलाल निवासी कलालघाटी(पौड़ी) को नहर से सकुशल बाहर निकाल लिया है। इनके अलावा कार में विमलेश कुमार (पुत्र वेदप्रकाश), मतीदास (पुत्र रहीमदास), दर्शनी देवी (पत्नी मतीदास), हरीश चंद सवार थे। फिलहाल रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। गोताखोर टीम गुड्डू की तलाश में जुटी हुई है। कुल्हाल पुलिस चौकी इंचार्ज मुकेश कुमार ने हादसे की पुष्टि की है।

तीन घंटे तक भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा

ऋषिकेश-गंगोत्री हाईवे गुरुवार को तीन घंटे तक यातायात के लिए बाधित रहा। ताछला के समीप चट्टान से हाईवे पर भारी मात्रा में मलबा और पत्थर गिरने से वाहनों का संचालन नहीं हो पाया, जिससे लोगों को तीन घंटे तक भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
सुबह 5.30 बजे के लगभग ताछला में चट्टान से सड़क मार्ग पर भारी मात्रा में मलबा भरभरा कर गिर पड़ा। गनीमत यह रही कि उस वक्त वहां से कोई वाहन नहीं गुजर रहा था, अन्यथा बड़ा हादसा हो सकता था। आठ बजे के लगभग ऑल वेदर कार्य में जुटी कंपनियों के जेसीबी से मलबा साफ करने का काम शुरू किया गया। मलबा साफ करते-करते एक घंटा लग गया।
इस दौरान सड़क मार्ग के दोनों तरफ सैकड़ों लोग और वाहन फंसे रहे। मलबा साफ होने के बाद आंधे घंटे तक वहां पर जाम की समस्या भी बनी रही। वाहनों के आड़े-तिरछे खड़े होने से जाम लग गया था। किसी तरह जाम खुलने के बाद वहां फंसे लोग अपने गंतव्य की ओर रवाना हुए।फाइल फोटो
 हिमाचल बॉर्डर से तीन किमी आगे उत्तराखंड की सीमा में यह हादसा हुआ है.
जानकारी के अनुसार, पांवटा साहिब होते हुए एक टाटा टीएगो कार उत्तराखंड की तरफ जा रही थी. सामने से तेज़ रफ़्तार ट्रक से बचने के लिए कार चालक ने गाडी को सड़क से बाहर की तरफ निकला, लेकिन कार से संतुलन खो बैठा जिसके कारण कार शक्ति नहर में जा गिरी.
कार चालक ने कूद कर अपनी जान बचा ली जबकि एक अन्य को स्थानीय लोगों ने डूबने से बचा लिया. सभी लोग बीमार बुजुर्ग महिला को लेकर चंडीगढ़ से वापिस उत्तराखंड लौट रहे थे और कोटद्वार उत्तराखंड बताए जा रहे हैं.
जानकारी के अनुसार, दर्शनी देवी, मतिराम (पत्ती-पत्नी) सहित विमलेश व हरिचंद दोनों सगे, भाई कार के अंदर थी फंस गए थे. संजय और गणेश चंद अपनी जान बचाने में कामयाब रहे. फिलहाल, उत्तराखंड पुलिस मौके पर है.

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