नवंबर-दिसंबर में शादियों को मुहूर्त अकाल, वेडिंग बिजनेस  को  नुकसान

 अब आपसे शादी में हुए खर्च का हिसाब-किताब भी मांगेगी सरकार!,  होगा  फायदा,ज्योतिषों ने 2019 के जनवरी- फरवरी महीने को शादी के लिए शुभ माना है तो इस साल होने वाली ज्यादातर शादियां अब अगले साल होंगी

नवंबर-दिसंबर में शादियों के मुहूर्त का अकाल, वेडिंग बिजनेस से जुड़े लोगों को उठाना पड़ेगा नुकसान

हिन्दू धर्म में होने वाली शादियों में ‘शुभ मुहूर्त’ की बहुत बड़ी अहमियत है. अगर शुभ दिन या शुभ मुहूर्त ना मिले तो होने वाली शादी कई-कई महीनों तक टाल दी जाती है. आमतौर पर हमारे देश में होने वाली ज्यादातर शादियां शुभ मुहूर्त के इंतजार में नवंबर दिसंबर के महीने में होती हैं. गर्मी, बरसात और ठंड के सीजन जैसा ही साल का यह अंतिम दो महीना शादियों का सीजन का होता है.

ज्योतिषों की माने तो आमतौर पर नवंबर दिसंबर का महीना शादी के लिए सबसे शुभ होता है लेकिन इस साल शादी का यह सीजन अगले साल शिफ्ट हो गया है. हिन्दू कैलेंडर के अनुसार इस साल 19 नवंबर की तारीख से पहले कोई भी शादी नहीं हो सकती. 19 के बाद भी दिसंबर तक केवल 7 दिन ही शादी के लिए शुभ माने जा रहे हैं. 23 से 26 नवंबर और 11 से 13 दिसंबर. करीब 20 साल बाद ग्रहों में ऐसे बदलाव हुए हैं.14 जून से 16 जुलाई तक एक बार फिर शुभ मुहूर्त के योग बनेंगे.

इसके बाद साल के अंत में लगभग 8 दिसंबर के आस-पास शुभ मुहूर्त का योग बन रहा है. इस साल सबसे ज्यादा शुभ मुहूर्त जून और सबसे कम दिसंबर के महीने में बन रहें हैं. शादी-ब्याह जैसे शुभ कार्य करने के लिए जून में लगभग 10 और दिसंबर में  4 दिन का मुहूर्त बन रहा है. इस साल अगर आपको घर का कोई भी शुभ कार्य करना है तो जून-जुलाई और दिसंबर के महीने में कर सकते हैं. इस साल अगस्त, सितंबर, अक्तूबर और नवंबर जैसे 4 महीनों में कोई शुभ मुहूर्त नहीं होगा.

अधिकमास के चलते आप विवाह,उद्घाटन, शिलान्यास, गृह प्रवेश जैसा कोई भी मंगल कार्य नहीं कर सकते.  इस साल किसी भी मंगल कार्य को करने के लिए केवल 25 दिन ही हैं.

शादी से जुड़े सारे व्यवसाय को भुगतना होगा खामियाजा

इस साल शादी की शुभ मुहूर्तों में कमी होने का खामियाजा ना ही केवल शादी करने वाले जोड़े को उठाना पड़ेगा, बल्कि शादी से जुड़े सारे व्यवसाय जैसे वेडिंग हॉल, कैटरर,वेडिंग प्लानर, फैशन डिजाइनर आदी को भी उठाना पड़ेगा. प्रदेश की जिन वेडिंग हॉल में एडवांस बुकिंग चलती थी, वहां अभी तक एक भी शादी की बुकिंग नहीं हुई है.

वहीं केटरिंग का बिजनेस करने वाले एक शख्स का कहना है कि चूंकि इस साल शादी का सीजन अगले साल शिफ्ट हो गया है, हर साल होने वाली कमाई की तुलना में इस साल हमारी कमाई एक तिहाई कम होगी.फैशन डिजाइनर के पास शादी के कपड़े खरीदने के बजाए त्योहार के कपड़े खरीदने की भीड़ लगी है. अनुमान लगाया जा रहा है कि शादी की मुहूर्त अगले साल शिफ्ट होने से शादी से जुड़े व्यवसायों को इस साल बहुत नुकसान झेलना पड़ सकता है.

बता दें कि ज्योतिषों ने 2019 के जनवरी फरवरी महीने को शादी के लिए शुभ माना है तो इस साल होने वाली ज्यादातर शादियां अब अगले साल होंगी.

अब आपसे शादी में हुए खर्च का हिसाब-किताब भी मांगेगी सरकार!,  होगा  फायदा

कोर्ट ने ये भी कहा कि भविष्य की जरूरतों को पूरा करने के लिए शादी के व्यय का एक हिस्सा पत्नी बैंक खाते में भी जमा किया जा सकता है.

अब आपसे शादी में हुए खर्च का हिसाब-किताब भी मांगेगी सरकार!, ये होगा बड़ा फायदा

एक सुनवाई के दौरान कहा कि अगर शादी में खर्च का ब्यौरा दिया जाता है तो दहेज़ प्रताड़ना के तहत दायर किये गए मुकदमों में पैसे के विवाद पर कमी आएगी. कोर्ट ने ये भी कहा कि भविष्य की जरूरतों को पूरा करने के लिए शादी के व्यय का एक हिस्सा पत्नी बैंक खाते में भी जमा किया जा सकता है.कोर्ट ने केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया, और इस मुद्दे पर सरकार के विचारों को व्यक्त करने के लिए अपने कानून अधिकारी की सहायता मांगी. दरसअल सुप्रीम कोर्ट एक पारिवारिक विवाद पर सुनवाई कर रहा है,  जिसमें पत्नी ससुराल वालों के खिलाफ दहेज उत्पीड़न के आरोप लगा है. दूसरी तरफ ससुराल वालें ने पत्नी के आरोपों को झूठा बताया है.

इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने दहेज प्रताड़ना के मामले में बड़ी तादाद में की जाने वाली गिरफ्तारी पर चिंता जताई थी. कोर्ट ने कहा था कि ऐसे मामले में गिरफ्तारी के वक्त पुलिस के लिए निजी आजादी और सामाजिक व्यवस्था के बीच बैलेंस रखना जरूरी है. कोर्ट ने कहा था कि दहेज प्रताड़ना से जुड़ा मामला गैरजमानती है इसलिए लोग इसे हथियार बना लेते हैं. दहेज प्रताड़ना के ज्यादातर मामले में आरोपी बरी होते हैं और सजा दर सिर्फ 15 फीसदी है.

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