धोनी राष्ट्रीयता बदलें, हम न्यूज़ीलैंड टीम में शामिल कर लेंगे

न्यूज़ीलैंड के कप्तान केन विलियमसन ने जब पूछा गया कि क्या वह धोनी को अंतिम एकादश में जगह देते, तो कीवी कप्तान ने कुछ अजीब सा जवाब दिया.

INDvNZ: न्यूज़ीलैंड के कप्तान बोले- धोनी अपनी राष्ट्रीयता बदल लें, हम अपनी टीम में शामिल कर लेंगेएमएस धोनी ने न्यूजीलैंड के खिलाफ अहम अर्धशतकीय पारी खेली
भारत का सफर इस विश्व कप में खत्म हो गया है. मैनचेस्टर में खेले गए सेमीफाइनल में न्यूजीलैंड ने भारत को बाहर का रास्ता दिखाया. भारत का टॉप ऑर्डर पूरी तरह से नाकाम रहा, जिसके बाद मिडिल ऑर्डर ने पारी  को संभालने की कोशिश की, लेकिन एमएस धोनी और रवींद्र जडेजा के पवेलियन लौटने के बाद वो उम्‍मीद भी टूट गई. भारत को 18 रनों मात देने के बाद फाइनल में एंट्री करने वाले न्यूजीलैंड के कप्तान केन विलियमसन ने एमएस धोनी को टीम में शामिल किए जाने पर बयान दिया.
धोनी का अनुभव टीम के लिए अहम
कीवी कप्तान ने जब पूछा गया कि अगर वह भारतीय टीम के कप्तान होते, तो क्या वह धोनी को प्लेइंग इलेवन में शामिल करते, तो इसका जवाब विलियमसन ने अलग तरह से किया. विलियमसन ने कहा कि धोनी न्यूजीलैंड की ओर से खेलने के काबिल नहीं हैं, लेकिन वह विश्व स्तर के खिलाड़ी हैं. अगर मैं भारतीय कप्तान होता, तो इस स्‍तर पर उनका अनुभव और भी अधिक अहम होता. दोनों दिन उन्हों‍ने टीम की मदद की. इस अभियान के दौरान वह काफी अधिक अहम थे. कीवी कप्तान ने कहा कि अगर वह अपनी राष्ट्रीयता बदलने की सोच रहे हैं? तो हम उनके सिलेक्शन पर विचार करेंगे.
धोनी ने सेमीफाइनल में बनाए 50 रन
भारत के अनुभवी खिलाड़ी धोनी ने न्यूजीलैंड के खिलाफ उस समय 50 रन की बनाए, जब टॉप ऑर्डर पूरी तरह से बिखर गया था. नंबर सात पर बल्‍लेबाजी  करते हुए उन्होंने रवींद्र जडेजा के साथ मिलकर 116 रन की साझेदारी की. जब वह आए थे, तब भारत को 148 रन रनों की जरूरत थी. इस जोड़ी ने अंतर को काफी कम किया. लेकिन बोल्ट ने जडेजा को केन विलियमसन के हाथों डीप में कैच आउट करवाकर और धोनी का रन आउट करके भारतीय उम्मीदों को तोड़ दिया.मैच के बाद कीवी कप्तान ने कहा कि यह शानदार सेमीफाइनल था. हम शुरुआत में कुछ विकेट चाहते थे और गेंदबाजों ने ऐसा करके भी दिखाया.

बस कुछ इंच रह गए…बहुत भारी था पवेलियन की सीढ़ियां चढ़ते धोनी के पैरों का बोझ

350 वनडे खेल चुके महेंद्र सिंह धोनी आउट होने के बाद इतने निराश और बेबस शायद ही कभी दिखे हों, चेहरे के हाव-भाव सारी कहानी खुद-ब-खुद बयां कर रहे थे…आउट होने के बाद पवेलियन की सीढ़िया चढ़ते धोनी को शायद अपने पैरों का बोझ इतना कभी न लगा होगा.

बस कुछ इंच रह गए...बहुत भारी था पवेलियन की सीढ़ियां चढ़ते धोनी के पैरों का बोझआम तौर पर हमेशा कूल रहने वाले धोनी इस निराशा को मानो चाहकर भी छिपा न सके. (फोटो-AP)
वो योद्धा है, कभी हार न मानने वाला. कभी धैर्य न खोने वाला, भावनाएं छिपाने में माहिर. मगर वो है तो एक इंसान ही…
ये वो खिलाड़ी है जो मुश्किल से मुश्किल हालात में भी हंसता नजर आता है. वो खिलाड़ी जिसने भारत को ऐसे अनगिनत मैच जिताए, जिसमें जीतने की उम्मीद हर कोई छोड़ चुका था. वो खिलाड़ी जिसे टीम इंडिया में संकट के समय सबसे पहले याद किया जाता है.
मगर न्यूजीलैंड के खिलाफ वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल मुकाबले में भारत का यह संकटमोचक फिनिशिंग लाइन पार नहीं कर सका. 71 रन पर पांच विकेट भारतीय टीम गंवा चुकी थी. क्रीज पर हार्दिक पंड्या का साथ देने धोनी उतरे. तब जीत के लिए चाहिए थे 27 ओवर में 169 रन. यानी सब कुछ माही के अनुसार. आखिर ऐसे मुश्किल हालात में तपकर ही तो धोनी सोना बने हैं.धोनी और बाकी खिलाड़ियों में फर्क!
मगर पूर्व कप्तान का साथ हार्दिक पंड्या भी ज्यादा देर नहीं निभा सके और वैसा शॉट खेलकर आउट हुए जो बताता है कि धोनी और बाकी खिलाड़ियों में आखिर फर्क क्या है. धोनी थे तो उम्मीद थी, और वर्ल्ड कप की आस भी. उन्हें साथ मिला एक ऐसे खिलाड़ी का जिसे टीम ने शुरुआती सात मैचों में टीम में जगह ही नहीं दी थी. इंग्लैंड में भारत का ट्रंपकार्ड यानी रवींद्र जडेजा. जडेजा को एक छोर पर मजबूती से डटे धोनी का विश्वास मिला तो वो शुरू हो गए ताबड़तोड़ अंदाज में जीत का फासला कम करने में. दोनों समझबूझ और आक्रमण व डिफेंस में तालमेल के साथ टीम को जीत के काफी करीब ले आए. यहां रवींद्र जडेजा 77 रन बनाकर 48वें ओवर की आखिरी गेंद पर आउट हो गए. दो ओवरों में अब टीम को 31 रन की दरकार थी. यानी जडेजा अपना काम कर चुके थे. अब ये बाजी धोनी की ही थी. उन्हीं की हो भी सकती थी.

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गप्टिल के सीधे थ्रो ने तोड़ा भारतीयों का दिल

49वें ओवर की पहली गेंद… बैकवर्ड प्वाइंट के ऊपर से झनझनाता छक्का धोनी ने रसीद करते हुए फग्युर्सन का स्वागत किया. मानो कह रहे हों कि यहां और इन हालात का राजा मैं हूं. दूसरी गेंद पर कोई रन नहीं बना. और फिर आई वो गेंद, जिसने दुनियाभर के क्रिकेट प्रशंसकों को स्तब्‍ध कर दिया. धोनी ने फग्युर्सन की इस उठती गेंद को लेग साइड पर खेला और इस विश्वास के साथ दौड़ पड़े कि वो दूसरा रन पूरा कर लेंगे. पूरा कर भी लेते अगर मार्टिन गप्टिल के सीधे थ्रो ने भारतीयों का दिल न तोड़ दिया होता तो. धोनी बस 1-2 इंच दूर रह गए. और यही फासला फाइनल और टीम इंडिया के बीच का भी साबित हुआ.

चेहरे पर थी मायूसी और बेबसी
शॉट खेलते ही धोनी ने अपने हाथ को झटका जो बता रहा था कि उनके अंगूठे की चोट के बावजूद वो टीम को जीत दिलाने के लिए मजबूती से डटे थे. और जब अपने बड़े-बड़े रिकॉर्डों से पूरी दुनिया नाप चुका ये खिलाड़ी मैदान से बाहर जा रहा था तो चेहरे पर मायूसी और बेबसी दोनों एक साथ उतर आई थी. पवेलियन की सीढ़ियां चढ़ते महेंद्र सिंह धोनी को शायद इससे पहले कभी अपने पैरों का इतना बोझ महसूस नहीं हुआ होगा, जितना कि अब हो रहा था.

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महेंद्र सिंह धोनी ने भारत को 2007 का टी-20 और 2011 का वनडे वर्ल्ड कप जिताया है. (फोटो-AP)

शायद अब नीली जर्सी में खेलते ना दिखें
350 वनडे का करियर और अनगिनत रिकॉर्ड. बतौर बल्लेबाज, बतौर कप्तान, बतौर विकेटकीपर, बतौर मेंटर, बतौर रणनीतिज्ञ हर भूमिका में खरा. कहते हैं कि बाकी कप्तान और खिलाड़ी मैच के दौरान जहां पिच पढ़ते हैं, वहीं महेंद्र सिंह धोनी वो नाम है जो पिच से लेकर, मौसम की स्थिति, विपक्षी टीम की ताकत-कमजोरी, आउटफील्ड और हवा का रुख सब भांप लेता है. ये खिलाड़ी शायद ही अब हमें नीली जर्सी में खेलता नजर आए, लेकिन एक चीज जो टीम इंडिया में हमें हमेशा नजर आएगी, वो है धोनी का अहसास, जिसे न कभी मिटाया जा सकेगा और न ही भुलाया जा सकेगा.
महेंद्र सिंह धोनी… सिर्फ नाम ही काफी है.

क्या धोनी नो बॉल पर हुए रनआउट? अंपायरों ने कर दी ये बड़ी गलती!

आईसीसी क्रिकेट वर्ल्ड कप 2019 से टीम इंडिया बाहर, एम एस धोनी इस मैच में 50 पर रन आउट हुए, जिस पर अब विवाद हो गया है

क्या धोनी नो बॉल पर हुए रनआउट? अंपायरों ने कर दी ये बड़ी गलती!अंपायरों की बड़ी गलती की वजह से सेमीफाइनल में रन आउट हुए धोनी!
आईसीसी क्रिकेट वर्ल्ड कप 2019 के सेमीफाइनल में न्यूजीलैंड ने टीम इंडिया को 18 रनों से हराया. न्यूजीलैंड ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 239 रन बनाए जिसके जवाब में टीम इंडिया 221 रनों पर सिमट गई. एक समय टीम इंडिया ने 92 रन देकर 6 विकेट गंवा दिए थे, लेकिन फिर सातवें विकेट के लिए एम एस धोनी और जडेजा ने 116 रनों की साझेदारी कर टीम इंडिया को मैच में वापस ला दिया. हालांकि 48वें ओवर में जडेजा 77 रन पर आउट हो गए और 49वें ओवर में धोनी 50 रन के स्कोर पर रन आउट हो गए. वैसे आपको बता दें धोनी के आउट होने पर एक तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है जिसके मुताबिक जिस गेंद पर वो आउट हुए, उस वक्त अंपायरों से बड़ी गलती हुई थी.
अंपायरों से हुई बड़ी गलती?
48वें ओवर में जब धोनी बल्लेबाजी कर रहे थे तो उस वक्त न्यूजीलैंड के 4 खिलाड़ी 30 गज के घेरे के अंदर थे, लेकिन धोनी जिस गेंद पर रन आउट हुए, उससे एक गेंद पहले न्यूजीलैंड ने फील्डिंग में बदलाव किया और 30 गज के सर्कल के अंदर सिर्फ 3 खिलाड़ी ही रह गए. हालांकि इस दावे की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं है लेकिन जो फील्डिंग का ग्राफिक्स सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है उसके मुताबिक 30 गज के अंदर 3 ही कीवी खिलाड़ी थे.
सोशल मीडिया पर कह जा रहा है कि महेंद्र सिंह धोनी (50 रन) जिस गेंद पर रन आउट हुए थे उसे उसे नो बॉल दिया जाना चाहिए था. ट्विटर यूजर्स का कहना है कि अंपायर ने धोनी के रन आउट के फैसले में पावर प्ले के दौरान फील्डिंग के नियमों को नजरअंदाज किया. लोगों का कहना है कि तीसरे पावर प्ले में तीस गज के दायरे के बाहर अधिकतकम 5 खिलाड़ी ही बाहर रह सकते हैं, लेकिन धोनी के रन आउट के वक्त 6 खिलाड़ी सर्कल से बाहर थे. हालांकि ये बताया जा रहा कि यह ग्राफिक्स की गलती थी.

Embedded video

ICC
@ICC

WHAT A MOMENT OF BRILLIANCE!

Martin Guptill was 🔛🎯 to run out MS Dhoni and help send New Zealand to their second consecutive @cricketworldcup final!

एक यूजर ने ट्वीट किया कि कितनी बढ़िया अंपायरिंग..? महेंद्र सिंह धोनी को रन आउट नहीं दिया जाना चाहिए था क्योंकि गेंद नो बॉल थी. धोनी को खेलने चाहिए था और भारत जीतता. क्या महान वर्ल्ड कप है? क्या महान अंपायरिंग है?

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L@cchi@LacchiOrange

@ICC
What A great Umpiring Skills….The Ball Msd became runout should be given as NoBall…& Dhoni should have played and India have Won….What A Great WC?What a great exhibition of Umpiring skills????

वहीं दूसरे यूजर ने लिखा- क्या मैंने अकेले ने देखा यह? धोनी के रन आउट होने से पहले सर्कल से 6 खिलाड़ी बाहर थे. पता नहीं यह अंपायरिंग फॉल्ट है या जीपीएस त्रुटि? क्या धोनी अब भी रन आउट?

WAni BaSit@imphoenixbmw

Am I the only one to see this???
Just before MSD got Run-out, six fielders were outside the circle
Don’t know whether it is umpiring fault or GPS error
BTW, it was still a runout… @msdhoni @imVkohli @ICC @BCCI @htTweets @Dhoni7_fc

एक अन्य यूजर ने ट्वीट किया कि ‘अंपायरिंग में गलती? क्या वे इसे वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में सहन कर सकते थे? सर्कल के बाहर 6 खिलाड़ी… वह तीसरे पावर प्ले में, कितनी देर इस तरह खेले?

48वें ओवर और 48वें ओवर की तीसरी गेंद पर फील्डिंग पोजिशन का ग्राफिक्स

अगर ये बात सही है तो अंपायरों से बड़ी चूक हुई है. अगर अंपायर को इस बात का ध्यान रहता तो ये गेंद नो बॉल होती और टीम इंडिया को फ्री हिट मिलती. हालांकि इस बात की उम्मीद कम ही है कि इसके बाद नतीजे पर कोई असर पड़ता. इस मैच में धोनी दुर्भाग्यपूर्ण अंदाज में 50 रन के निजी स्कोर पर रन आउट हो गए थे.

धोनी के रन आउट पर इस अंपायर को भी नहीं हुआ अपनी आंखों पर विश्वासधोनी रन आउट हो गए…ये स्वीकार कर पाना भारतीय और ‌उनके विदेशी फैंस के लिए ही नहीं, बल्कि अंपायर्स के लिए मुश्किल है

INDvNZ : धोनी के रन आउट पर इस अंपायर को भी नहीं हुआ अपनी आंखों पर विश्वासधोनी के रन आउट होते ही भारतीय टीम की जीत की उम्मीदें भी खत्म हो गई थी
न्यूजीलैंड के हाथों हारकर भारतीय टीम का सफर इस विश्व कप में खत्म हो गया है. 240 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए भारतीय टीम के हाथों से जीत तो उसी समय निकल गई थी, जब रोहित शर्मा, विराट कोहली और केएल राहुल पांच रन के अंतर ही पवेलियन लौट गए. हालांकि एमएस धोनी और रवीन्द्र जडेजा ने 116 रन की साझेदारी कर जीत की उम्मीद को बनाया. जडेजा का विकेट गिरने पर टीम को झटका जरूर लगा. लेकिन धोनी उम्मीद बनकर क्रीज पर मौजूद थे. लेकिन 49वें ओवर की तीसरी गेंद पर जो हुआ, उससे न सिर्फ टीम और देश बल्कि वहां मौजूद अंपायर भी हैरान रह गए.
किसी को अपनी आंखों पर विश्वास नहीं हुआ. धोनी पलक झपकते ही बल्लेबाज को रन आउट और स्टंप करने में माहिर हैं.बाकी खिलाड़ियों को जो दूरी खाई सी नजर आती है. धोनी उसे पलक झपकते ही पार कर लेते हैं. लेकिन इस बार ऐसा नहीं हो पाया, जिससे हर किसी का मुंह खुले का खुला ही रह गया.
फग्युर्सन के 49वें ओवर की पहली गेंद पर धोनी ने छक्का लगाया और तीसरी गेंद पर लेग साइड पर खेला और एक रन पूरा किया. वो इस उम्मीद के साथ कि दूसरा रन पूरा लेंगे दौड़ पड़े , लेकिन वह सिर्फ एक दो इंच ही दूर थे कि मार्टिन गप्टिल का सीधा थ्रो लगा और इसी के साथ भारतीय टीम की उम्मीदें भी टूट गई. इस रन आउट से हर कोई हैरान था, लेकिन जो सबसे पहले हैरान हुआ, वो थे इंग्लैंड के अंपायर रिचर्ड केटलबोरो, जैसे ही गेंद ने विकेट को हिट किया, मैदान पर मौजूद इस इंग्लिश अंपायर का मुंह खुला का खुला ही रह गया.

इंग्लैंड के अंपायर भी धोनी को रन आउट होता देख चौंक गए थे

अंपायर का यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी वायरल हो रहा है. अंपायर की इस प्रतिक्रिया से अंदाजा लगाय जा सकता है कि धोनी का कुछ इंच से रन आउट आम बात नहीं है.

एमएस धोनी के रन आउट होने से फैन की मौत, सदमे से गई जान

न्‍यूजीलैंड के खिलाफ मैच में एमएस धोनी आखिरी ओवरों में रन आउट हो गए थे. इसके बाद मैच इंडिया के हाथ से निकल गया था.

एमएस धोनी के रन आउट होने से फैन की मौत, सदमे से गई जानएमएस धोनी काफी करीबी अंतर से रन आउट हुए. (AP Photo)
पश्चिम बंगाल के कोलकाता में एक व्‍यक्ति की इंडिया और न्‍यूजीलैंड के बीच सेमीफाइनल मैच देखते हुए मौत हो गई. साइकिल की दुकान चलाने वाले श्रीकांत मैती को महेंद्र सिंह धोनी के आउट होने के बाद सदमे से नीचे गिर पड़े बाद में उनकी मौत हो गई. टाइम्‍स ऑफ इंडिया की खबर के अनुसार, मैती 33 साल के थे और वह फोन पर मैच देख रहे थे. उनके पड़ोसी दुकानदार सचिन घोष ने बताया कि जोर से गिरने की आवाज आने पर वे लोग श्रीकांत की मदद के लिए दौड़े. वे फर्श पर बेहोश पड़े थे. उन्‍हें पास ही के खानकुल अस्‍पताल ले जाया गया जहां पर उन्‍हें मृत घोषित कर दिया गया.
1 इंच से रन आउट हुए धोनी
एमएस धोनी भारतीय पारी के 49वें ओवर की दूसरी गेंद पर रन आउट हुए. मार्टिन गप्टिल ने कमाल के थ्रो से धोनी को आउट किया. धोनी और क्रीज की लाइन के बीच केवल एक इंच का फासला रह गया था. धोनी के रन आउट ने करोड़ों फैंस का दिल तोड़ दिया. उनके जाने के साथ ही इंडिया की हार भी तय हो गई. 50वें ओवर की तीसरी गेंद पर इंडिया की पारी 221 रन पर सिमट गई. इस हार के साथ ही इंडिया का वर्ल्‍ड कप 2019 में सफर थम गया और वह बाहर हो गया.
18 रन से हारा इंडिया
न्यूजीलैंड ने वर्ल्ड कप के इस पहले सेमीफाइनल में भारतीय टीम को 18 रन से हराकर 14 जुलाई को लॉर्ड्स में होने वाले फाइनल में जगह बनाई. न्यूजीलैंड ने इस मैच में 239 रनों का स्कोर बनाया. जवाब में भारतीय टीम 49.3 ओवर में 221 रन ही बना सकी. दूसरा सेमीफाइनल ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के बीच 11 जुलाई को बर्मिंघम के एजबेस्टन में खेला जाएगा. फाइनल रविवार 14 जुलाई को लॉर्ड्स में होगा.
बारिश के चलते 2 दिन चला मैच
मैनचेस्‍टर के ओल्‍ड ट्रैफर्ड मैदान में बारिश की बाधा के बीच दो दिन तक चले इस मुकाबले में न्‍यूजीलैंड ने पहले बल्‍लेबाजी करते हुए 8 विकेट पर 239 रन बनाए. इसके जवाब में इंडिया की शुरुआत खराब रही है और विराट कोहली, रोहित शर्मा व केएल राहुल 5 रन के कुल स्‍कोर पर आउट हो गए. इन तीनों ने एक-एक रन बनाया. रवींद्र जडेजा और महेंद्र सिंह धोनी ने सातवें विकेट के लिए 116 रन जोड़कर टीम को मुकाबले में बनाए रखा. ये दोनों टीम इंडिया को लक्ष्‍य के करीब ले गए लेकिन जीत नहीं दिला पाए. इंडिया 49.3 ओवर में 221 रन पर सिमट गई.

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