धर्मनगरी पानीपत/कुरुक्षेत्र, में धर्मपरिवर्तन का खेल उजागर हुआ है। कुरुक्षेत्र के बाबैन सहित आसपास के गांवों के गरीब लोगों को लालच देकर ईसाई धर्म अपनाने को कहा जा रहा था। धर्मपरिवर्तन के लिए प्रेरित करने आए मिशनरियों को राष्ट्रीय आर्य क्षत्रिय सभा के कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों ने खदेड़ दिया। इस दौरान विवाद बढऩे पर पुलिस को भी बुलाना पड़ा। ईसाई मिशनरियों द्वारा बाबैन क्षेत्र में अपनी गतिविधियों को बंद कर देने के आश्वासन के बाद ही मामला शांत हुआ।

राष्ट्रीय आर्य क्षत्रिय सभा का आरोप है कि ईसाई मिशनरी के कार्यकर्ता बाबैन सहित आसपास के गांवों के गरीबों को विभिन्न लालच देकर उनको धर्म परिवर्तन के लिए प्रेरित कर रहे हें। इसी कड़ी में सोमवार को ईसाई मिशनरियों द्वारा बाबैन में प्रवचनों का आयोजन किया था। इस पर आसपास के घरों की महिलाओं ने सभा के कार्यकर्ताओं को बुला लिया।

बढ़ गया था विवाद
क्षत्रिय सभा ने जब ईसाई मिशनरियों को रोका तो उनमें कहासुनी हो गई और नौबत मारपीट तक आ गई। बाद में सूचना पर पहुंचे एएसआइ अशोक कुमार दोनों पक्षों को समझाने के बाद थाने में ले गए। ईसाई मिशनरियों द्वारा भविष्य में बाबैन क्षेत्र में अपनी गतिविधियां बंद कर देने के आश्वासन के बाद मामला शांत हो गया। इस अवसर पर बाबैन के कार्यवाहक सरपंच सूर्या सैनी, राजीव गुढ़ी, अभिषेक आर्य, अमित बरगट, मलकीत बुहावी, ऋषि पाल, नीरज, राजेश, ओमपाल उपस्थित थे।

🚩भारत जो कि एक धर्म परायण देश रहा है उसी देश में धर्म को, यहाँ की संस्कृति को नष्ट करने के लिए भारत देश में विदेश से अत्यधिक मात्रा में फंडिग आ रही है जिसकी वजह से देश विरोधी और हिन्दू धर्म विरोधी गतिविधियां लगातार चल रही हैं इसपर रोक लगाने के लिए दिल्ली के विधायक कपिल मिश्रा ने मांग की है ।
🚩कपिल मिश्रा ने बताया कि F.T.R.A (Financial Transaction Reporting Act) के तहत फॉरेन से मदद के लिए जो पैसे आते हैं बंद करने की हम मांग कर रहे हैं । हमारा यह मनना है कि भारत अब इतना  सक्षम देश बन चुका है कि यहाँ अनाथालय बनवाने के लिए, अस्पताल चलाने के लिए या कुछ रोगीयों की सेवा करने के लिए देश से पैसा इक्कठे किए जा सकते हैं। ये विदेशी संस्थाएं तथाकथित सामाजिक कामों या धार्मिक कामों के लिये जो पैसे देती हैं, उसे हमें तुरंत रोक देना चाहिये । उसमें हो सकता है कि कुछ पैसे भारत में हिन्दू संस्थाओं के लिए भी आ रहे हों, उसपर भी रोक लगनी चाहिए, साफ तौर पर कहें तो F.T.R.A. पूरी तरह से बंद होना चाहिए ।
🚩भारत अब इतना सक्षम राष्ट्र बन चुका है कि वह दूसरों को भी मदद दे सकता है । अभी इसकी  जरूरत नहीं है । इसमें(डॉक्यूमेंट दिखाते हुए) हमने डेटा के साथ टेबल अगर दिख रही होगी तो राजिस्ट्रेशन की टेबल नंबर 12, जो फण्ड आ रहा है हमारे देश में, उसमें से 30% पैसा जो है वो सीधे सीधे क्रिश्चन धर्म की संस्थाओं का है, जिसके लिए वो बोल रहे हैं ईसाई धर्म के लिए ये 30% पैसे हैं । उसके बाद मात्र 4% पैसे हिन्दू तथा सिख धर्म के लिये हैं । और 65% पैसे जो कि विशेषतः किसी धर्म के लिये नहीं आ रहा है, वो आ तो सामाजिक कार्यों के नाम से रहे हैं, लेकिन ये पैसे देने वाली संस्थाएं जोकि पश्चिम देश में बैठी हैं वो क्रिश्चन संस्थाएं है । तो 2 तरह से एक तो सीधे-सीधे भारत में क्रिश्चन ऑर्गेनाइजेशन को मिलने वाला पैसा है वो 30% है और बाकी बचे 65% पैसे भारत में जो क्रिश्चन संस्थाओं को सीधे तौर पर तो नहीं मिल रहा, लेकिन क्रिश्चन संस्थाओं द्वारा भेजा जा रहा है विदेशों से । तो ये 95% फण्ड है जो विदेशो से आ रहा है तथा 4% फण्ड ऐसा है जो हिन्दू, सिख और बौद्ध धर्म को आ रहा है । ये टोटल फण्ड लगभग 18000 करोड़ रुपए हैं । जिसमें से 12000 करोड़ रुपये हर साल सीधे-सीधे धार्मिक कार्यों के लिये या यूँ कहें कि क्रिश्चन धार्मिक कार्यों के लिये देश में आ रहा है  और इस पैसों से स्कूल चलाये जा रहें है, अस्पताल चलाये जा रहें है,  अनाथालय चलाये जा रहें है  और हर उस bed के अंदर interfere किया जा रहा है जिसमें हम कह रहे है यहाँ हमें जरूरत है ।
🚩लेकिन अगर इसी जगह आपकी हिन्दू संस्था अगर खड़ी हो (मैं टीम संस्था से मिला) अगर वो चाहे कि मैं एक अस्पताल चलाऊ और उस इलाके में एक क्रिश्चन मिशनरी का अस्पताल चल रहा है । तो आप उसके बराबर चला ही नहीं सकते उसको जिस प्रकार का पैसा आ रहा है, आपके अंदर जितनी भी समर्पण हो सेवा भावना हो आप गरीबों की, जरूरत मंदों की सेवा करना चाहते हो लेकिन फिर भी आप उसके बराबर चला ही नहीं पाओगे क्योंकि उस पैसे से आप नहीं टकरा पाओगे और देखा जाए तो  अंत में उसका उपयोग धर्म परिवर्तन के लिये या धर्म विरोधी कार्यों में किया जाता है । इसलिए हमारी दूसरी मांग है FTRA को तुरंत बंद किया जाए ।
🚩यही वो पैसा है जिससे आज सुप्रीम कोर्ट में चल रही है धर्म के खिलाफ आज क्रियाएँ चल रही हैं | भले आज बात दिल्ली की हो, सबरीमाला की हो आदि आदि लेकिन इन सब के पीछे जो फंडिंग है वो F.T.R.A. से आनेवाली ही है | उनके ही लोग किसी संस्था बोर्ड में डायरेक्ट बन के बैठे है जिस संस्था में पैसा आ रहा है 100 करोड़, 50 करोड़ और उन्ही में से कोई हस्तक्षेप कर रहा है सुप्रीम कोर्ट में, परंपराओं में | वरना क्या तमिलनाडु में 10,000 आदमी जिस परंपरा को देखने नहीं आते वहाँ एक दिन वो दौड़ होती है उसमें कुछ लोगों को चोट लगती है उसमें सुप्रीम कोर्ट सुनवाई करता है जबकि रोज इस देश में तो हिन्दुओं के बड़े-बड़े अधिकारों के लिए भी कोई सुनवाई नहीं है, साफ तौर पर  उनका लक्ष्य हिन्दू रक्षा नहीं है उनका लक्ष्य धार्मिक परम्परा पर हमला करना है ।
🚩उसकी फंडिंग विदेशी पैसों से आ रही है । ये धर्मपरिवर्तन के लिये इस्तेमाल हो रही है । ये भारत की सभ्यता की जो हमारे केंद्र प्रतीक बने हुए हैं, दीवाली में पटाखे मत जलाओ, सबरीमाला में किसीको भी भेज दो | वो चुन-चुन के हमारी एक-एक मान्यता पर पूरी प्लानिंग करके आघात कर रहे हैं । आप में से सभी लोग क्योंकि जानते भी है समझते भी है तो आपको उसको डिटेल में जाने की जरूरत नहीं है आपको मालूम है कि कहाँ से सारी चीजें चलती हैं । तो हमारी एक मांग ये है कि F.T.R.A. को बंद होना चाहिये।
🚩भारत में ईसाई मिशनरियां विदेशी फडिंग से भारत में धर्मान्तरण का धंधा जोरो शोरो से चला रही हैं इसके कारण हिंदूओं की जनसंख्या घटती जा रही और मीडिया हिन्दू विरोधी एजेंडा चला रही है ये अत्यंत चिंताजनक स्थिति है, इसपर रोक लगाने के लिए विदेश की फंडिग बंद करना जरूरी है ।
🚩ईसाई मिशनरियां भारत में इतनी सक्रिय है कि शाम-दाम-दंड-भेद कि नीति अपनाकर हिन्दुओं का धर्मपरिवर्तन करवाया जा रहा है ।
🚩रोमन केथोलिक चर्च का एक छोटा राज्य है जिसे वेटिकन बोलते है । अपने धर्म (ईसाई) के प्रचार के लिए वे हर साल​ करीब 17 हजार करोड़ डॉलर खर्च करते है ।
Christian missionaries are not coming,
forcibly evangelical Christian
🚩भारत में जनसंख्या अधिक है और जनता भोली भी है इसलिए ईसाई मिशनरियों की चाल समझ नही सकती इसलिए उनके बहकावे में आकर धर्मपरिवर्तन कर लेती है।
🚩वेटिकन सिटी का एक बड़ा टारगेट है जो भारत देश को एक ईसाई देश बनाना चाहता है जिसके कारण वे अपनी वोटबैंक खड़ी करके खुद कि सरकार बना सके और फिर से भारत को गुलाम बना सके पर इनके आड़े जो भी हिंदुनिष्ठ या साधु-संत आते है उनकी या तो हत्या कर दी जाती है या मीडिया द्वारा बदनाम करके जेल भिजवाया जाता है ।
🚩अभी यूपी के मेरठ से जबरन धर्म परिवर्तन का मामला सामने आया है।  अतरौली के डीडीयू जीकेवाई इंस्टिट्यूट ट्रेनिंग सेंटर के संचालकों ने वहां पढ़ने वाली छात्राओं पर ईसाई धर्म अपनाने का दबाव बनाया। इस मामले में छात्राओं ने एसपी ग्रामीण को लिखित शिकायत दी है।
🚩ट्रेंनिग सेंटर में पढ़ने वाली छात्राओं ने बताया कि ईसाई बन कर नहीं पढ़ने पर लड़कियों को कॉलेज से निकाल दिया गया। छात्राओं का कहना है कि इंस्टिट्यूट चलाने वालों ने कहा कि ईसाई बन जाओ और गले में ईसाई धर्म का लॉकेट पहनकर क्लास में आना है और कोई भी बाहर से चेकिंग करने आता है तो अपने आपको  ईसाई बताना। करीब ऐसी दो दर्जन लड़कियां हैं जिनको ट्रेनिंग के नाम पर ईसाई बनाया जा रहा है।
🚩बताया जा रहा है कि इंस्टिट्यूट में ईसाई इसलिए बनाया जा रहा है कि यहां ओबीसी और जनरल कि सीट नहीं है। यहां एससी कि सीटें खाली है इंस्टीट्यूट के लोग चाहते हैं कि यहां ट्रेनिंग करने वाले धर्म बदल कर पढ़ाई करें। छात्राओं का कहना है कि अगर उन्हें ईसाई कि जरूरत है तो हमारा धर्म परिवर्तन क्यों करा रहे हैं। अतरौली के गोधा रोड स्थित इस इंस्टिट्यूट में होटल मैनेजमेंट, बिजनेस बैंकिंग सहित कई कोर्सेज में प्रशिक्षण दिया जाता है। यहां स्किल डेवलपमेंट प्रोग्राम के तहत प्रशिक्षण दिया जाता है। छात्राओं का कहना है कि ट्रेनिंग सेंटर के मैनेजर उनसे अभद्रता भी करते हैं। जिसेक चलते कई छात्राओं ने प्रशिक्षण बीच में ही छोड़ दिया। धर्म और जाति के नाम पर यहां बरगलाया जाता है। छात्राओं ने एक लिखित तहरीर एसपी ग्रामीण को दी है। एसपी ग्रामीण ने पूरे मामले कि जांच क्षेत्राधिकारी अतरौली को दिया और करवाई का भरोसा दिलाया ।  स्त्रोत : न्यूज़ 18
🚩आपने पढ़ा ईसाई धर्म कितना खतरनाक है जबरन धर्मपरिवर्तन तो करवाते ही है साथ मे लड़कियों से छेड़छाड़ी भी करते है जिसके कारण लड़कियों को पढ़ाई भी छोड़नी पड़ रही है सनातन हिन्दू धर्म में तो स्त्री का बड़ा सम्मान है बड़ी को मां समान, समकक्ष को बहन समान और छोटी को बेटी समान माना जाता है और यहाँ तक नारी को देवी तुल्य माना जाता है नारी तू नारायणी बोला जाता है  और ईसाई धर्म बहन-बेटियों को बुरी नजर से देखने  कि इजाजत देता है?
🚩साईं तो 2018 साल पुराना है, मुस्लिम धर्म 1450 साल पुराना है लेकिन सनातन हिन्दू धर्म जबसे सृष्टि का प्रारंभ हुआ है तबसे है ।  ईसाई धर्म कि स्थापना यीशु ने की, मुस्लिम धर्म कि स्थापना मोहम्मद पैंगम्बर ने की लेकिन सनातन धर्म कि स्थापना किसी देवी-देवता या ऋषी-मुनियों ने नही की बल्कि ये सनातन धर्म सृष्टि उद्गम होते ही आया है सनातन धर्म ही सर्वश्रेष्ठ है इसमे भी भगवान श्री राम, भगवान श्री कृष्ण, ऋषि-मुनियों का अवतार हुआ है और दुनिया मे जितनी खोजे है वे भी भारत के ऋषि-मुनियों ने ही दिया है। सर्वे भवन्तु: सुखिनः भी सनातन धर्म ने ही चरितार्थ करवाया है।  सनातन धर्म कि महिमा इतनी महान है कि पृथ्वी को कागज और समुद्र को स्याही और सभी पेड़ो कि कलम बनाकर लिखा जाए तो भी पूरी नही हो सकती ।
🚩इतना महान सनातन धर्म को मिटाने के लिए अनेक षड्यंत्र चल रहे है इसमे मुख्य भूमिका ईसाई मिशनरियों कि है इनसे सभी हिन्दू बचकर रहें ।
🚩भारत में चलने वाली मीडिया में 90% फंडिग विदेशों से होती है इसलिए ईसाई धर्मान्तरण रोकने के लिए हिन्दू साधु-संत बीड़ा उठाते है तो उनके ऊपर ही मीडिया द्वारा इतने लांछन लगा दिए जाते है कि जिसके कारण समाज उनके प्रति नफरत करने लगता है। जैसे कि विवेकानंद जी को इन लोगो ने इतना बदनाम किया कि उनके गुरुजी कि समाधि के लिए दो गज जमीन भी नही दे रहे थे ।
🚩वर्तमान में भी ओड़िसा में लक्ष्मणानंद जी की हत्या करवा दी, जयेंद्र सरस्वती जी को झूठे केस में जेल भिजवा दिया था और हिन्दू संत आसाराम बापू को छेड़छाड़ी के झूठे केस में उम्रकैद करवा दी क्योंकि उनको अभी सबसे ज्यादा रोड़ा बन रहे थे बापू आसारामजी ।
🚩भारतवासियों को अब जागना होगा और इनके खिलाफ आवाज उठानी होगी नही तो एक के बाद एक को खत्म करके देश को गुलामी कि जंजीरों में जकड़ लेंगे ।