बवाली है सपा नेता परिवार, पुलिस पर किया था हमला
दूल्हा-दुल्हन की कार में तोड़फोड़ कर लूटपाट-मारपीट करने में सपा नेता आरिफ चौहान के दो बेटों समेत सात लोग नामजद हुए हैं। पुलिस के मुताबिक आरिफ चौहान का परिवार बवाल में माहिर है। तीन साल पहले पचपेड़ा में दबिश देने आई गाजियाबाद पुलिस पर आरिफ चौहान व अन्य ने हमला कर हत्यारोपित को छुड़ाया था। इस मामले में आरिफ चौहान सहित छह-सात नामजद के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ था। हालांकि, राजनैतिक दबाव में मामला ठंडे बस्ते में जाता रहा।
रात में दी थी तहरीर 
रविवार को हुई घटना में दुल्हन के भाई गौरव शर्मा पुत्र प्रवेश शर्मा ने तहरीर दी। उसके मुताबिक सपा नेता आरिफ चौहान के घर के बाहर उक्त घटना हुई। उसमें सपा नेता के बेटे शाहबाज और शादाब शामिल रहे। पुलिस ने तहरीर के आधार पर शाहबाज व शादाब के अलावा पचपेड़ा निवासी कामरान, नदीम, यूसुफ, बहादुर, और इमरान को नामजद कर 60 अज्ञात लोगों के खिलाफ लूटपाट, तोड़फोड़, बलवा, जानलेवा हमला व दुल्हन से बदसलूकी की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है।


पूर्व मंत्री का करीबी है सपा नेता
जानकारी के मुताबिक सपा नेता आरिफ चौहान जिले के एक पूर्व मंत्री का दायां हाथ माना जाता है। गाजियाबाद पुलिस पर हमले की घटना के बाद इन्हीं मंत्री जी के सहयोग से मामला ठंडे बस्ते में गया। पुलिस के एक बड़े अधिकारी ने मुकदमे में ढिलाई पर पुलिस को आड़े हाथों लिया था। जिसके बाद उन्हें तबादला झेलना पड़ा था। उक्त प्रकरण प्रदेशभर में सुर्खियों में रहा था।

धर्म परिवर्तन प्रयास मामले में दिल्ली से आयोग की टीम मेरठ पहुंची

खरखौदा थाना क्षेत्र की कांशीराम आवासीय कॉलोनी में वर्ष 2017 में महिला पर धर्म परिवर्तन कर निकाह का दबाव बनाने और इनकार करने पर मांस खिलाने का प्रयास करने के मामले में राष्ट्रीय अनुसूचित जाति-जनजाति आयोग की टीम रविवार को जांच करने पहुंची। टीम ने पीड़िता से बातचीत की और मुकदमे की कॉपी देखी।

8 दिसंबर 2017 को कांशीराम आवासीय कॉलोनी निवासी महिला ने आजाद, फरीद, लीले के खिलाफ खरखौदा थाने में यह मुकदमा दर्ज कराया था। आरोप था कि ये सभी आजाद से धर्म परिवर्तन करके जबरन निकाह करने के लिए दबाव बना रहे थे। महिला के मुताबिक, बात नहीं मानने पर एक दिन सभी आरोपी उसके घर में घुस आए और जबरन मांस खिलाने का प्रयास किया। इस मामले में पुलिस ने एससी-एसटी एक्ट सहित कई धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था।

रविवार को इस मामले में राष्ट्रीय अनुसूचित जाति-जनजाति आयोग की एक टीम जांच करने के लिए खरखौदा पहुंची। टीम ने थाने से मुकदमे की कॉपी जुटाई। इसके बाद पीड़िता से संपर्क करके पूरा घटनाक्रम जाना। अब तक इस केस में क्या कार्रवाई हुई, पीड़िता को अब क्या दिक्कते हैं…आदि जानकारी करने के बाद टीम लौट गई। माना जा रहा है कि इस केस में आयोग स्तर से जल्द बड़ी कार्रवाई हो सकती है।