नई दिल्‍ली,। भारत हर क्षेत्र में अपने झंडे गाड़ रहा है। आर्थिक वृद्धि के साथ-साथ भारत की सैन्‍य ताकत को बढ़ाने के लिए भी लगातार प्रयास हो रहे हैं। अब इसके परिणाम भी सामने आ रहे हैं। दुनियाभर के देशों की सेनाओं और रक्षा शक्ति का आकलन करने वाली संस्था ग्लोबल फायर पावर (जीएफपी) के मुताबिक, भारत सैन्य ताकत के मामले में दुनिया में चौथे नंबर पर है। पाकिस्‍तान की ओर से भले ही भारत को परमाणु हमले की धमकी दी जाती है, लेकिन जमीनी हकीकत की बात करें तो सैन्‍य ताकत के मामले में पाक हमसे बहुत कमजोर है। इस सूची में पाकिस्‍तान शीर्ष 10 देशों में भी नहीं है।

भारत ने फ्रांस-ब्रिटेन को पीछे छोड़ा
ग्लोबल फायर पावर ने सैन्य ताकत के मामले में साल 2017 के अपने विश्लेषण में 133 देशों को शामिल किया है। इस सूची में हथियारों और बुनियादी सैन्य सुविधाओं के लिहाज से भारत सिर्फ अमेरिका, रूस और चीन से पीछे है, जबकि फ्रांस और ब्रिटेन से आगे है। बता दें कि ग्लोबल फायर पावर ने सैन्य ताकत पर अपने विश्लेषण में परमाणु हथियारों को शामिल नहीं किया है। इसमें बिंदुओं को आधार माना गया है, जिसमें रक्षा बजट, सैन्य संसाधनों, प्राकृतिक संसाधनों, उद्योग और भौगोलिक सुविधाओं और उपलब्ध जनशक्ति को शामिल किया गया है।

भारत के सामने कहीं न‍हीं टिकता पाकिस्‍तान
रिपोर्ट के मुताबिक, भारत के पास लड़ाकू जहाज़ों की संख्या 2000 से भी ज्‍यादा है। एक्टिव आर्मी यानि सक्रिय सैनिकों की संख्या 13 लाख से अधिक है। इसके अलावा 28 लाख रिज़र्व जवान भी हैं, जो ज़रूरत पड़ने पर सेना की मदद करने के लिए तैयार हैं। भारत में टैंकों की संख्या तकरीबन 4400 है। सक्रिय युद्ध पोतों की संख्या दो है। उधर पाकिस्तान दुनिया में 13वीं सबसे बड़ी सैन्‍य शक्ति है। पाकिस्तान ने पिछले कुछ सालों के मुक़ाबले 2017 में अपनी ताक़त में बढ़ोत्तरी की है और शीर्ष 15 देशों की सूची में जगह बना ली है। 2017 से पहले तक पाकिस्‍तान टॉप 15 देशों की सूची में भी शामिल नहीं था।

13वें पायदान पर पाकिस्‍तान 
रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान दुनिया का 13वां सबसे शक्तिशाली देश है। उसका रक्षा बजट सात अरब डॉलर है और सक्रिय सैनिकों की संख्या 6 लाख 37 हजार। इसके अलावा लगभग 3 लाख रिज़र्व सैनिक भी हैं। हेलिकॉप्टर और ट्रांसपोर्ट जहाज़ों समेत लड़ाकू जहाज़ों की संख्या लगभग एक हज़ार और टैंकों की संख्या तीन हज़ार के क़रीब है। पाकिस्तान के पास युद्ध पोत नहीं है, लेकिन दूसरे प्रकार के समुद्री जहाज़ों की तादाद तक़रीबन 200 है।