दिलीप कुमार की अपने खिलाफ गवाही से टूट गया था मधुबाला का दिल

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हिंदी सिनेमा की सबसे खूबसूरत अदाकारा मधुबाला (Madhubala) का नाम उन चंद अभिनेत्रियों में शुमार है,जिन्होंने सिनेमा के लिए खुद को पूरी तरह से समर्पित कर दिया। हिंदी सिनेमा की इस खूबसूरत अभिनेत्रियों का आज जन्मदिन है।  14 फरवरी 1933 को दिल्ली में जन्मीं मधुबाला बचपन में मुमताज जहां देहलवी के नाम से जानी जाती थीं। उनके पिता का नाम अताउल्लाह और मां का नाम आयशा बेगम था। अफसोस की बात तो यह है कि मधुबाला की पूरी जिंदगी का सफर महज 36 साल का है।

गूगल ने मधुबाला को 86वें जन्मदिन पर डूडल बनाकर याद किया

गूगल ने बृहस्पतिवार को मशहूर अभिनेत्री मधुबाला के 86वें जन्मदिन पर डूडल बनाकर उन्हें याद किया। यह डूडल बेंगलुरू के कलाकार मोहम्मद साजिद ने तैयार किया है। मधुबाला के नाम से मशहूर मुमताज जहां बेगम देहलवी का जन्म सन 1933 में दिल्ली में हुआ था। वह बॉम्बे टॉकीज फिल्म स्टूडियो के पास स्थित एक कस्बे में पली-बढ़ीं और 9 साल की उम्र में बेबी मुमताज के रूप में अपनी पहली फिल्म में दिखाई दी थीं। 1947 में 14 वर्ष की उम्र में उन्होंने ‘नील कमल’ फिल्म में मुख्य किरदार निभाया

मधुबाला ने महज 6 साल की उम्र में मायानगरी में अपने कदम रख दिए थे, वो अकेले ही अपनी कमाई से माता-पिता समेत अपने 11 भाई-बहनों का खर्च उठाती थी। हिंदी सिनेमा में कदम रखने के बाद उन्होंने मुगल-ए-आजम, चलती का नाम गाड़ी, मिस्टर एंड मिसेज 55 जैसी कई ब्लॉकबस्टर फिल्मों में काम किया। अपनी दमदार अदायगी और खूबसूरती के दम पर उन्होंने सिर्फ हिंदी सिनेमा जगत पर ही नहीं, बल्कि लाखों-करोड़ों दिलों पर भी राज किया। वैलेंटाइन डे को जन्मीं मधुबाला बेहद रोमांटिक थीं। लेकिन पिता की वजह से और  एक फिल्म की वजह से उनकी जिंदगी ऐसे बदल गई जिसका किसी को अंदाजा भी न था।

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मधुबाला और दिलीप कुमार की लव स्टोरी की शुरुआत साल 1951 में आई फिल्म ‘तराना’ के सेट से हुई थी। मधुबाला और दिलीप कुमार को पहली नजर में ही एक-दूसरे से प्यार हो गया था। कहा जाता है कि अपने प्यार का इजहार करने के लिए मधुबाला ने दिलीप कुमार को गुलाब (Rose) का फूल और एक पर्ची भेजा था। दरअसल, कुछ समय पहले आई दिलीप कुमार की बायोग्राफी में भी मधुबाला का जिक्र किया गया है।

मधुबाला और दिलीप कुमार की प्रेम कहानी आगे बढ़ ही रही थी, लेकिन मधुबाला के पिता अताउल्ला खान को जब दोनों की प्रेम कहानी की भनक लगी, तब उन्होंने इसका विरोध किया। दरअसल, मधुबाला के पिता दोनों के रिश्ते के सख्त खिलाफ थे। दोनों के रिश्ते में परेशानी तब आई जब मधुबाला और दिलीप कुमार बीआर चोपड़ा की फिल्म ‘नया दौर’ की शुटिंग साथ कर रहे थे। इस फिल्म की शूटिंग 40 दिनों तक आउटडोर होनी थी, लेकिन उनके पिता इसके लिए बिल्कुल भी तैयार नहीं हुए। इसकी वजह दोनों की प्रेम कहानी और मधुबाला की बिगड़ी सेहत बताई जाती है।

दरअसल, आउटडोर शुटिंग पर न जाने के कारण बीआर चोपड़ा ने उनकी जगह वैजयंतीमाला को साइन कर लिया। मधुबाला की जगह वैजयंतीमाला को साइन किए जाने का यह मामला इतना बिगड़ा कि यह कोर्ट तक पहुंच गया। इसके साथ ही दोनों की प्रेम कहानी भी अदालत पहुंच गई। इस दौरान दिलीप कुमार ने फिल्म के डायरेक्टर का साथ दिया और मधुबाला के खिलाफ कोर्ट में गवाही दी। दिलीप कुमार के इस बयान से न सिर्फ मधुबाला का दिल टूट गया, बल्कि वो बहुत आहत भी हुईं।

गौरतलब है कि दिलीप कुमार की इस गवाही के बाद दोनों की प्रेम कहानी में कभी न मिटने वाली दूरी पैदा हो गई। हालांकि दोनों पहले से चल रही फिल्म ‘मुगल-ए-आजम’ में साथ शूटिंग जरूर करते रहे थे, लेकिन साथ रहते हुए दोनों एक-दूसरे के लिए बिल्कुल अजनबी बन गए। दिलीप कुमार के साथ प्यार में नाकामी मिलने के बाद मधुबाला ने किशोर कुमार के साथ शादी कर ली, लेकिन उनकी सेहत ने उनका साथ नहीं दिया और 23 फरवरी 1969 को उन्होंने महज 36 साल की उम्र में इस दुनिया को हमेशा के लिए अलविदा कह दियाImage result for मधुबाला

द‍िल में छेद लेकर पर्दे पर छाई रहीं मधुबाला, शादी के लिए किशोर कुमार बन गए थे मुसलमान

‘वीनस ऑफ इंडियन सिनेमा’ और ‘द ब्यूटी ऑफ ट्रेजेडी’ जैसे नामों से मशहूर मधुबाला बेहद खूबसूरत थीं लेक‍िन उनका असली नाम  था मुमताज जहां देहलवी ।

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 ‘वीनस ऑफ इंडियन सिनेमा’ और ‘द ब्यूटी ऑफ ट्रेजेडी’ जैसे नामों से मशहूर मधुबाला (Madhubala) बेहद खूबसूरत थीं। मधुबाला को बॉलीवुड में वो मुकाम हास‍िल है जिसकी तुलना भर से नई एक्‍ट्रेस के भाव बढ़ जाते हैं। हिंदी सिनेमा की उनका नाम उन अभिनेत्रियों में शामिल है, जो पूरी तरह सिनेमा के रंग में रंग गईं और अपना पूरा जीवन इसी के नाम कर दिया।

मधुबाला का जन्म 14 फरवरी, 1933 को दिल्ली में हुआ था। इनके बचपन का नाम मुमताज जहां देहलवी था। वैलेंटाइन डे वाले दिन जन्मीं इस खूबसूरत अदाकारा के हर अंदाज में प्यार झलकता था। मधुबाला के पिता का नाम अताउल्लाह और माता का नाम आयशा बेगम था। शुरुआती दिनों में इनके पिता पेशावर की एक तंबाकू फैक्ट्री में काम करते थे। वहां से नौकरी छोड़ उनके पिता दिल्ली, और वहां से मुंबई चले आए, जहां मधुबाला का जन्म हुआ।

देविका रानी ने दिया था नाम
मधुबाला नाम के पीछे एक कहानी है। उन्‍होंने फिल्मी करियर की शुरुआत वर्ष 1942 की फिल्म ‘बसंत’ से की थी। यह काफी सफल फिल्म रही और इसके बाद इस खूबसूरत अदाकारा की लोगों के बीच पहचान बनने लगी। इनके अभिनय को देखकर उस समय की जानी-मानी अभिनेत्री देविका रानी बहुत प्रभावित हुई और मुमताज जेहान देहलवी को अपना नाम बदलकर ‘मधुबाला’ के नाम रखने की सलाह दी।

कभी निराश नहीं हुईं
मधुबाला ने उस समय के सफल अभिनेता अशोक कुमार, रहमान, दिलीप कुमार और देवानंद जैसे दिग्गज कलाकारों के साथ काम किया था। वर्ष 1950 के दशक के बाद उनकी कुछ फिल्में असफल भी हुईं। असफलता के समय आलोचक कहने लगे थे कि मधुबाला में प्रतिभा नहीं है बल्कि उनकी सुंदरता की वजह से उनकी फिल्में हिट हुई हैं। कई फिल्में फ्लॉप होने के बाद 1958 में उन्होंने एक बार फिर अपनी प्रतिभा को साबित किया और उसी साल उन्होंने भारतीय सिनेमा को ‘फागुन’, ‘हावड़ा ब्रिज’, ‘काला पानी’ और ‘चलती का नाम गाड़ी’ जैसी सुपरहिट फिल्में दीं। मधुबाला कभी निराश नहीं हुईं।

किशोर कुमार ने की शादी
1960 के दशक में मधुबाला ने किशोर कुमार से शादी कर ली। शादी से पहले किशोर कुमार ने इस्लाम धर्म कबूल किया और नाम बदलकर करीम अब्दुल हो गए। उसी समय मधुबाला एक भयानक रोग से पीड़ित हो गई। शादी के बाद रोग के इलाज के लिए दोनों लंदन चले गए। लंदन के डॉक्टर ने मधुबाला को देखते ही कह दिया कि वह दो साल से ज्यादा जीवित नहीं रह सकतीं। जांच से पता चला कि मधुबाला के दिल में छेद है और इसकी वजह से इनके शरीर में खून की मात्रा बढ़ती जा रही थी। डॉक्टर भी इस रोग के आगे हार मान गए और कह दिया कि ऑपरेशन के बाद भी वह ज्यादा समय तक जीवित नहीं रह पाएंगी। इसी दौरान उन्हें अभिनय छोड़ना पड़ा। इसके बाद उन्होंने निर्देशन में हाथ आजमाया।

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