कर्णप्रयाग, चमोली : थराली विधायक मगन लाल शाह (57 वर्ष) का सोमवार को कर्णप्रयाग स्थित अलकनंदा व पिंडर संगम तट पर राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। शोक में व्यापार संघ कर्णप्रयाग, थराली और नारायणबगड़ में बाजार बंद रहे, वहीं विभिन्न राजनैतिक दलों के  नेताओं व सामाजिक संगठनों ने भी भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।

थराली विधायक मगन लाल शाह को सांस में तकलीफ की शिकायत के बाद जौलीग्रांट स्थित हिमालयन अस्पताल में गहन चिकित्सा कक्ष में भर्ती कराया था। रविवार रात 10.25 बजे उन्होंने अंतिम सांस ली। स्व. मगन लाल शाह अपने पीछे दो पुत्र गणेश शाह व सूरज, एक नाती, दो विवाहित पुत्री व एक अविवाहित पुत्री, पत्नी मुन्नी देवी शाह को छोड़ गए हैं।

इधर, विधायक के निधन की खबर जैसे ही उनके गांव व कर्णप्रयाग स्थित उनके आवास पहुंची तो पूरा क्षेत्र शोक में डूब गया। रात्रि को ही उनके शव को विशेष एंबुलेंस से कर्णप्रयाग तक पहुंचाने की व्यवस्था की गई। सोमवार प्रात: 6 बजे उनका पार्थिव शरीर कर्णप्रयाग स्थित सुभाषनगर आवास पर लाया गया। इस दौरान परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल था। शोकाकुल परिवार को नाते-रिश्तेदारों व मित्रजनों सहित भाजपा जनप्रतिनिधियों ने ढांढस बंधाया।

इस बीच, सोमवार दोपहर 12 बजे करीब मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत हेलीकॉप्टर से गौचर हवाई पट्टी पहुंचे और इसके बाद कर्णप्रयाग में सुभाष नगर स्थित विधायक के आवास पहुंचे। मुख्यमंत्री के अलावा भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट ने भी दिवंगत विधायक के पार्थिव शरीर को कंधा दिया। शव को मुखाग्नि दिवंगत विधायक शाह के ज्येष्ठ पुत्र गणेश शाह व सूरज शाह ने दी।

इस मौके पर मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत, विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद्र अग्रवाल, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट, सहकारिता मंत्री डॉक्टर धन सिंह रावत, क्षेत्रीय विधायक सुरेन्द्र सिंह नेगी, महेंद्र भट्ट, रुद्रप्रयाग विधायक भरत सिंह चौधरी के अलावा एसपी चमोली तृप्ति भट्ट, एसडीएम कर्णप्रयाग केएन गोस्वामी, पुलिस उपाधीक्षक चमोली, थराली थाना प्रभारी शशिभूषण जोशी, राजस्व उपनिरीक्षक सुजान सिंह नेगी ने पुष्पचक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी ! वहीं गौचर नगर पालिका अध्यक्ष मुकेश नेगी ने कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह रावत की ओर से पुष्पचक्र अर्पित किया।

थराली विधायक .स्वर्गीय  मगन लाल शाह के निधन पर व्यापारसंघ कर्णप्रयाग ने शोक में बाजार बंद रखे और श्रद्धांजलि सभा आयोजित कर उन्हें कर्मठ व मेहनती जनप्रतिनिधि के रूप में याद किया। कर्णप्रयाग नगर क्षेत्र सहित नारायणबगड़, थराली, देवाल व घाट से आए ग्रामीणों ने भी दिवंगत विधायक को भावभीनी श्रद्धांजलि दी।

हार नहीं मानी और विधानसभा तक पहुंचे

दिवंगत विधायक मगन लाल शाह ने दो बार विधानसभा चुनावों में हार के बाद भी हिम्मत नहीं हारी और थराली से विधानसभा पहुंचकर राजनीति में अपनी अलग पहचान बनाई। 57 वर्षीय मगन लाल शाह थराली से भाजपा के विधायक थे। वह एक सर्राफा व्यापारी के साथ ठेकेदार भी रहे। मैट्रिक पास मगन लाल शाह की प्रतिभा किसी से कम नहीं थी।

चमोली जनपद के नारायणबगड़ ब्लाक स्थित नल गांव में जन्मे मगन लाल शाह के पिता बचन लाल का भी क्षेत्रीय समस्याओं के निदान में योगदान रहा था। अपने पिता से प्रेरणा लेकर उन्होंने अपनी पहुंचाने जमीनी नेता के रूप में की। वह पूर्व सीएम पौड़ी सांसद भुवन चंद्र खंडूड़ी के करीबियों में गिने जाते थे। भले ही वह राज्य गठन से पूर्व उत्तर प्रदेश के समय से भाजपा में सक्रिय रहे, लेकिन उत्तराखंड बनने के बाद जब पिंडर, अब थराली विधान सभा में आरक्षित हुए तो उन्हें इस सीट से टिकट मिलने की संभावना के कयास लगे, लेकिन उस वक्त भाजपा ने गोविंद लाल शाह पर भरोसा किया, जिससे मगन लाल नाराज रहे।

हालांकि बाद में उन्हें किसी तरह मनाया गया, लेकिन 2007 में जब भाजपा ने विधानसभा चुनावों में फिर से गोविंद लाल शाह को मौका दिया तो उन्होंने पार्टी से बगावत कर यूकेडी से चुनाव लड़ा, लेकिन हार गए। फिर भी उन्होंने हार नहीं मानी और 2009 में मगन लाल शाह ने त्रिस्तरीय पंचायती चुनावों में क्षेपंस वार्ड कफौली से चुनाव लड़ा और जीते। वह नारायणबड़ प्रमुख भी बने, और यहां से उन्होंने अपनी राजनीति को अलग मुकाम देने का संकल्प लिया।

जिस पर पार्टी ने वर्ष 2012 में जीएल शाह के स्थान पर मगन लाल पर एतबार किया और बीजेपी के टिकट पर मगन लाल चुनाव लड़े, लेकिन विपक्षी के रूप में कांग्रेस के कद्दावर नेता डॉक्टर  जीतराम से हार गए। वर्ष 2014 में उन्होंने त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों में पत्नी मुन्नी देवी शाह को कोठली जिला पंचायत सदस्य सीट से चुनाव मैदान में उतारा और उसमें जीत भी मिली। खुद ब्लाक प्रमुख रहने व पत्नी के जिला पंचायत अध्यक्ष होने का लाभ उन्हें वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव में मिला और उन्होंने विपक्षी कांग्रेसी उम्मीदवार को पटकनी दे दी। भले ही बतौर विधायक थराली मगन लाल का कार्यकाल एक वर्ष से कम रहा, लेकिन इतने कम समय में भी उन्होंने क्षेत्रवासियों के दिल में बेहतर पहचान बनाई।