तिहाड़ में बढ़ा पी. चिदंबरम का इंतजार, दिल्ली हाको में जमानत याचिका खारिज

नई दिल्ली, 30 सितंबर ! INX मीडिया हेराफेरी के सीबीआई केस में पी चिदंबरम को दिल्ली हाईकोर्ट से झटका लगा है. हाई कोर्ट ने पी चिदंबरम (P Chidambaram) की जमानत याचिका खारिज की. दरअसल, पिछले दिनों हाई कोर्ट ने सीबीआई और चिदंबरम की दलीलें सुनने के बाद अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था. चिदंबरम ने सीबीआई केस में जमानत याचिका लगाई थी और इस वक्त इसी केस में चिदंबरम दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद हैं.
INX मीडिया केस में दिल्ली हाईकोर्ट ने पी. चिदंबरम की जमानत याचिका को खारिज कर दिया है. 27 सितंबर को अदालत ने उनकी याचिका पर फैसला सुरक्षित रख लिया था. यानी चिदंबरम को अभी न्यायिक हिरासत में ही रहना होगा, वह 3 अक्टूबर तक न्यायिक हिरासत में हैं और तिहाड़ जेल में हैं.
दिल्ली हाईकोर्ट से पी. चिदंबरम को झटका,INX मीडिया केस में नहीं मिली जमानत,3 अक्टूबर तक रहेंगे तिहाड़ जेल में
पूर्व गृह मंत्री पी. चिदंबरम को दिल्ली हाईकोर्ट से बड़ा झटका लगा है. INX मीडिया केस में दिल्ली हाईकोर्ट ने पी. चिदंबरम की जमानत याचिका को खारिज कर दिया है. 27 सितंबर को अदालत ने उनकी याचिका पर फैसला सुरक्षित रख लिया था. यानी चिदंबरम को अभी न्यायिक हिरासत में ही रहना होगा, वह 3 अक्टूबर तक न्यायिक हिरासत में हैं और तिहाड़ जेल में हैं.
इससे पहले 20 अगस्त को भी दिल्ली हाइकोर्ट ने पी. चिदंबरम की अग्रिम जमानत अर्जी ख़ारिज कर दी थी. जिसके बाद सीबीआई ने 21 अगस्त को पूर्व मंत्री को उनके घर से गिरफ्तार कर लिया था.
सोमवार को सीबीआई की ओर से दिल्ली हाईकोर्ट की तरफ से कहा गया कि पी. चिदंबरम ने दो गवाहों को उनके खिलाफ ना बोलने को कहा है. इस दौरान उनकी तरफ से कहा गया कि पी. चिदंबरम गवाहों को प्रभावित कर सकते हैं, इस बात को इनकार नहीं किया जा सकता है.
इससे पहले चिदंबरम के वकील कपिल सिब्बल (Kapil Sibal) ने पिछली सुनवाई में उनकी तरफ से हाई कोर्ट के समक्ष दलील रखते हुए कहा था कि वह कभी भी इन्द्राणी मुखर्जी से नहीं मिले. यहां तक कि सीबीआई कस्टडी के दौरान मुझसे कहा गया था कि पीटर हमसे मिले हैं इंद्राणी नहीं. ये खुद पीटर ने अपने बयान में कहा है. ऐसा एजेंसी के अधिकरियों ने कहा. इसके अलावा विज़िटर्स बुक भी चेक कर सकते हैं कि इंद्राणी से हमारी मुलाकात नहीं हुई है.
शुक्रवार को सुनवाई के दौरान पी. चिदंबरम की ओर से कहा गया था कि उन्होंने कभी इंद्राणी मुखर्जी से मुलाकात नहीं की थी, इस बात को पीटर मुखर्जी ने भी स्वीकारा है. हालांकि, इसके बाद भी सीबीआई का पक्ष रखते हुए सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा, ‘ये मनी लॉन्ड्रिंग केस का क्लासिक एक्सएम्पेल है. इसी केस को हाई कोर्ट ने समझते हुए अग्रिम जमानत याचिका आरोपी का खारिज किया था.’
उन्होंने आगे कहा, ‘पैसा एडवांटेज कंपनी में आया, आगे उसी की अन्य कंपनी ASCPL का इस्तेमाल किया गया, मोहन और राजेश जोकि ASCPL के डायरेक्टर हैं, कंपनी के 66% शेयर ट्रांफर किए गए, ये दोनों चिदंबरम के फैमिली फ्रेंड हैं. गवाहों को प्रभावित किया जा रहा है, इसलिए याचिका खारिज कर देनी चाहिए. सिर्फ इन्द्राणी मुखर्जी ही मुख्य गवाह नहीं हैं, उसने मजिस्ट्रेट के सामने 164 में बयां दर्ज कराया.’सीबीआई की ओर से अदालत में कहा गया था कि पी. चिदंबरम को जमानत नहीं देनी चाहिए, अगर ऐसा होता है तो गवाह प्रभावित हो सकते हैं.तुषार मेहता ने कहा, ‘सीबीआई का आरोप विज़िटर्स रजिस्टर से छेड़छाड़ हुई है. सबूतों को नष्ट का प्रयास किया गया.’
उन्होंने कहा कि जो आरोपी जांच में सहयोग नहीं करते, एजेंसी उनको गिरफ्तार करती है और 24 घंटे में कोर्ट के सामने पेश कर रिमांड मांगती है, कोर्ट रिकॉर्ड को देखकर रिमांड देते हैं, रिमांड खत्म होने पर कोर्ट बेल या न्यायिक हिरासत में भेजते हैं, लेकिन यहां कोर्ट ने रिमांड और न्यायिक हिरासत में भेजते हुए ऑब्जव किया और उसी आधार पर रिमांड और बाद में न्यायिक हिरासत बढ़ाई.
पुलिस हिरासत सिर्फ 15 दिन की हो सकती है, कस्टडी दो ही प्रकार की होती है. पुलिस कस्टडी और न्यायिक हिरासत, तीसरा जमानत हो सकती है, लेकिन वह तो फाइल ही नहीं की गई थी, गिरफ्तारी के 15 दिन तक ही पुलिस कस्टडी में रखा जा सकता है, उसके बाद न्यायिक हिरासत में भेजा जाता है. न्यायिक हिरासत के दौरान 90 दिनों के अंदर ही एजेंसी दोबारा रिमांड में ले सकती है उसके बाद नहीं.
दिल्ली प्रशासन vs धर्मपाल के मामले में दिल्ली हाईकोर्ट (Delhi high court) ने ही फैसला दिया था और इस प्राविधान को स्पष्ट किया था.
क्या है INX मीडिया केस?
गौरतलब है कि INX मीडिया केस में पी. चिदंबरम पर फॉरेन इन्वेस्टमेंट प्रोमोशन बोर्ड (FIPB) से गैरकानूनी तौर पर मंजूरी दिलाने के लिए रिश्वत लेने का आरोप है. ये केस 2007 का है, जब पी. चिदंबरम यूपीए-2 सरकार में वित्त मंत्री थे. पूर्व वित्त मंत्री के अलावा CBI इस मामले में उनके बेटे कार्ति चिदंबरम को भी गिरफ्तार कर चुकी है जो फिलहाल जमानत पर हैं.

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