पटना । बिहार के जमुई जिले के डीएम धर्मेंद्र कुमार और उनकी पत्नी वत्सला सिंह का झगड़ा अब सड़क पर आ गया है। वत्सला सिंह से तलाक के लिए डीएम धर्मेंद्र कुमार ने फैमिली कोर्ट में याचिका दायर की है। इसके विरोध में वत्सला सिंह बुधवार को अपनी मां के साथ डीएम आवास पहुंची और घर के बाहर धरने  पर  बैठ गईं।

बता दें कि दोनों की शादी को पांच साल हुए हैं और करीब एक साल पहले दोनों के बीच हनीमून को लेकर विवाद हुआ था, जो इतना बढ़ गया था कि डीएम धर्मेंद्र सिंह ने न्यायालय में तलाक की अर्जी दे दी थी।

न्यायालय में तलाक की अर्जी पर चल रही सुनवाई के बीच बुधवार को डीएम पति धर्मेन्द्र कुमार के साथ रहने के लिए उनकी पत्नी वत्सला सिंह परिजन के साथ उनके सरकारी आवास पर  पहुंच गईं। डीएम आवास के बाहरी प्रवेश द्वार पर मौजूद सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें बंगले के अंदर जाने की इजाजत नहीं दी, जिसके बाद काफी हो -हंगामा होता रहा।

इसके उपरांत मुख्य द्वार से बंगले के भीतर प्रवेश की इजाजत तो मिली लेकिन कोठी के अंदर दाखिल हो पाने में वह कामयाब नहीं हो पाई। लिहाजा मुख्य द्वार के भीतर स्थित गलियारा में ही वह मां के साथ धरने पर बैठ गईं। तकरीबन साढ़े आठ सुबह बजे से वह देर शाम तक धरने पर बैठी रहीं।

हालांकि जिलाधिकारी धर्मेन्द्र कुमार मंगलवार को ही एक सप्ताह की छट्टी पर जमुई से बाहर निकले हुए हैं। डीएम की गैरमौजूदगी में कोठी के अंदर दाखिल होने के प्रयास को लेकर उनकी पत्नी के धरना पर बैठने के मामले को लेकर  जिले के पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी भी उलझन में पड़ गए हैं।

जानकारी के अनुसार, बुधवार की सुबह करीब 8:30 बजे दो वाहनों से मायके के अन्य लोगों के साथ जिलाधिकारी धर्मेन्द्र कुमार की पत्नी वत्सला सिंह डीएम आवास के मुख्य द्वार पर पहुंचीं। वहां उनसे परिचित नहीं होने के कारण सुरक्षा कर्मियों ने उन्हें अंदर जाने से रोक दिया। इसके उपरांत वह गेट के बाहर में ही चीखने-चिल्लाने लगीं।

शोरगुल सुनकर वहां लोगों की भीड़ जमा होने लगी। तब तक सुरक्षाकर्मियों को भी उनके डीएम की पत्नी होने की जानकारी मिल गई और उन्हें अंदर दाखिल होने की इजाजत दे दी। इस बीच मुख्य द्वार पर लगे वाहन व आवास के इर्द-गिर्द लोगों के जरिए से यह बात कानों-कान पूरे शहर में फैल गई।

इधर गलियारे में तकरीबन दो घंटे तक वत्सला सिंह मां के साथ घूम-घूम कर वीडियो बनाती रहीं। फिर धरना पर बैठकर  वीडियो तैयार कराई और पटना के मीडिया हाउस को शेयर किया। स्थानीय स्तर पर मीडिया कर्मी दिन भर आवास के बाहर टकटकी लगाए रहे। लेकिन उन्हें वात्सला सिंह का कोई औपचारिक बयान नहीं मिला।

हालांकि वत्सला सिंह द्वारा वायरल किए गए वीडियो में जो कहा गया है उसमें डीएम द्वारा तलाक देने के पीछे वह अपना कसूर पूछ रही हैं। इधर एसपी जे रेडडी, एसडीओ लखीन्द्र पासवान व  एसडीपीओ रामपुकार सिंह धरना पर बैठी वत्सला सिंह को समझाने का प्रयास करते रहे, लेकिन देर शाम तक बात नहीं बन पाई थी।

यहां बताते चलें कि वत्सला सिंह और डीएम धर्मेन्द्र कुमार के दाम्पत्य जीवन में शादी के कुछ दिनों बाद से ही कड़ुआहट आ गई थी। उसे दूर कराने के लिए सामाजिक स्तर पर भी कई प्रयास हुए लेकिन कोई सकारात्मक फलाफल सामने नहीं आया। इस बीच डीएम के पूरे परिवार को दहेज प्रताडऩा  का मुकदमा भी झेलना पड़ा।

उसके बाद डीएम ने  मार्च 2018 में तलाक की अर्जी पटना परिवार न्यायालय में दायर की है। वह  मामला न्यायालय में विचाराधीन है। इसके अलावा वत्सला सिंह ने इस मामले में महिला आयोग में भी एक मामला दायर कर रखा है। उस पर भी सुनवाई चल रही है।

मार्च 2015 में हुई थी शादी

2013 बैच के आइएस अधिकारी धर्मेद्र कुमार मूलत: नालंदा जिले के हथिला चौरसी गांव के निवासी हैं। इनकी शादी पटना के बड़े व्यापारी विनय सिंह की छोटी बेटी वत्सला सिंह से 11 मार्च 2015 को हुई थी। शादी के कुछ दिनों बाद ही दोनों के रिश्ते में खटास आ गई।

कहा जाता है कि शादी के बाद वत्सला सिंह महानगरों में रहना चाहती थी। साथ ही परिवार के सदस्यों के साथ भी बर्ताव कुछ सहज नहीं था। यह बात डीएम को नागवार गुजरता था। इस बीच रिश्तों में आई कड़ुआहट को पाटने का सामाजिक तौर पर भरसक प्रयास किया गया, लेकिन बात न्यायालय से लेकर अब सड़कों तक आ पहुंची ।

डीएम ने कहा 

डीएम धर्मेन्द्र कुमार ने कहा कि कोर्ट में मामला विचाराधीन है। तलाक की अर्जी पर सुनवाई चल रही है। इस मामले में न्यायालय का जो फैसला आएगा उसका अनुपालन किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि न्यायालय में विचाराधीन  किसी मामले में सार्वजनिक तौर पर कुछ बोलना उचित नहीं होगा। वत्सला सिंह के उनके हर सवाल का जबाव कोर्ट में दाखिल किया जा चुका है।

एसपी ने कहा 

एसपी जे रेडडी ने कहा कि वत्सला सिंह को समझाने का प्रयास किया जा रहा है। 

पति के साथ रहने आई हूं 

वत्सला सिंह ने कहा कि मैं पति के साथ रहना चाहती हूं। इसके लिए ही आई हूं। मुझे आवास के भीतर जाने नहीं दिया जा रहा है। किसी ने पानी के लिए भी नहीं पूछा। उनके साथ उचित व्यवहार नहीं किया गया।

कड़क छवि के साथ दाम्पत्य जीवन में कड़वाहट की होती रही चर्चा 

अमूमन डीएम आवास के सामने बुधवार को अन्य दिनों से कुछ अलग नजारा देख आने-जाने वालों की जिज्ञासा जागृत हो जा रही थी। घटनाक्रम की जानकारी मिलते ही लोगों की जिज्ञासा शांत तो होती थी लेकिन कड़क और ईमानदार छवि के अधिकारी के दाम्पत्य जीवन में कड़वाहट को ले जितनी मुंह उतनी बातें सुनी जा रही थीं।

हाल ही में कार्यपालक सहायक नियोजन परीक्षा और डीलर नियुक्ति और आवास सहायक एवं रोजगार के सेवकों के तबादले में उनकी पारदर्शिता जिले भर में चर्चा का विषय बना रहा है। इसके साथ ही विभिन्न महकमे में गड़बडिय़ों की जांच कर कार्रवाई करने के मामले में भी जिले में उनकी शोहरत आसमान पर है। ऐसे में उनके दाम्पत्य जीवन की कड़वाहट आने की खबर से हर व्यक्ति उनके साथ सहानुभूति व्यक्त कर रहा है।