धरना के बाद वापस पटना स्थित मायके लौटीं डीएम की पत्‍नी ने गुरुवार को कहा कि डीएम साहब उनके इंग्लिश बोलने और मॉडर्न व्यवहार को पसंद नहीं करते हैं। वत्‍सला ने पति से तलाक के मुकदमे में मध्‍यस्‍थ की भूमिका निभा रहे पटना के सिटी एसपी (मध्य) अमरकेश दारपीनोनी पर भी पक्षपात का आरोप लगाया।
विदित हो कि वत्सला सिंह मां पुष्पा सिंह और बहन के साथ बुधवार को सुबह से रात तक जमुई स्थित पति के सरकारी आवास के बाहर बैठी रहीं, परंतु वे झांकने तक नहीं आए। ना कॉल रिसीव की। मातहतों के जरिए संदेश भिजवाया कि वे जल्द ही मुलाकात करेंगे। इसके बाद परिवार वालों के साथ वे पटना लौट आईं।

मार्च 2015 में हुई थी शादी
पाटलिपुत्र निवासी विनय सिंह की बेटी वत्सला सिंह की शादी 11 मार्च 2015 को आइएएस अधिकारी धर्मेंद्र कुमार से हुई थी। धर्मेंद्र का घर पटना के बाईपास इलाके में है। शादी के वक्त धर्मेंद्र मसूरी में ट्रेनिंग ले रहे थे।
साथ नहीं रखते थे पति 
वत्सला ने बताया कि ट्रेनिंग के दौरान वह उनसे मिलती-जुलती रहती थी। दिसंबर, 2015 में धर्मेंद्र बगहा के एसडीएम बने। तब वह उनके साथ रहने लगीं। हालांकि, धर्मेंद्र उन्हें साथ रखने के पक्ष में नहीं थे। कहते थे जंगल-झाड़ वाली जगह तुम्हारे लायक नहीं है।
शुरू से देते रहे मानसिक प्रताडऩा
धर्मेंद्र ने शुरुआत में खुलकर कभी किसी बात का विरोध नहीं किया, लेकिन बोली और रहन-सहन को लेकर हमेशा कटाक्ष कर मानसिक प्रताडऩा देते थे। कहते थे, तुम इंग्लिश बोलती हो। मॉर्डन कपड़े पहनती हो। मुझे ये सब पसंद नहीं।
डीएम बनते ही और बदल गया व्‍यवहार 
पत्‍नी ने बताया कि धर्मेंद्र जब डीएम बने तो उनका स्वभाव बिल्कुल बदल गया। उन्होंने मुझे मायके पहुंचा दिया। फोन पर बातें बंद कर दीं। वाट्सएप पर ब्लॉक कर दिया। इस बारे में पिता को बताया। वे दामाद से मिलने जमुई गए, लेकिन उन्होंने बदसलूकी की और घर से भगा दिया।
बहन की शादी के बाद दी तलाक की अर्जी
दिसंबर 2017 में धर्मेंद्र की बहन की शादी थी। उस वक्त भी रिश्ते ठीक नहीं थे। फिर भी उन्होंने ननद की शादी में बहू का पूरा फर्ज अदा किया। बावजूद इसके उन्होंने बिना किसी पूर्व सूचना के 11 मार्च को कोर्ट में तलाक की अर्जी दायर कर दी। तलाक का नोटिस आने के बाद मैंने पाटलिपुत्र थाने में प्रताडऩा की प्राथमिकी दर्ज कराई।
पटना के सिटी एसपी पर लगाए ये आरोप 
इसके बाद वे समझौता कराने के लिए राष्ट्रीय महिला आयोग और पुलिस-प्रशासन के आला अफसरों से मिलती रहीं। पटना के सिटी एसपी (मध्य) अमरकेश दारपीनोनी को मध्यस्थता कराने की जिम्मेदारी सौंपी गई। वत्सला के मुताबिक, मध्यस्थता कराने की बजाय सिटी एसपी उन्हीं का अपमान करते रहे। चूंकि वे धर्मेंद्र के बैचमेट थे, इसलिए एकपक्षीय दबाव बनाते रहे।