डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन 14.1% बढा अप्रैल-दिसंबर के दौरान

अप्रैल-दिसंबर के दौरान डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन 14.1% बढ़ी

मौजूदा वित्त वर्ष के पहले 9 महीनों में टैक्स कलेक्शन के लिहाज से बेहतर डाटा आया है. अप्रैल से दिसंबर 2018 के दौरान डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन 8.74 लाख करोड़ रुपये रहा है और इसमें 14.1 फीसदी ग्रोथ रही है.

मौजूदा वित्त वर्ष के पहले 9 महीनों में टैक्स कलेक्शन के लिहाज से बेहतर डाटा आया है. अप्रैल से दिसंबर 2018 के दौरान डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन 8.74 लाख करोड़ रुपये रहा है और इसमें 14.1 फीसदी ग्रोथ रही है. फाइनेंस मिनिस्ट्री ने यह डाटा जारी किया है. बता दें कि वित्त वर्ष 2018-19 के लिए अनुमानित डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन 11.5 लाख करोड़ रुपये है.

नेट कलेक्शन 7.43 लाख करोड़ रुपये

वहीं, ताजा आंकड़ों के मुताबिक​, नेट डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन 13.6 फीसदी बढ़कर 7.43 लाख करोड़ रुपये रहा है. इस दौरान रिफंड अमाउंट 1.30 लाख करोउ़ रुपये रहा है जो पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि से 17 फीसदी ज्यादा है. रिफंड अमाउंट से मतलब टैक्‍स रिफंड से है, जिसे सरकार ने टैक्‍सपेयर्स को वापस किया है.

एडवांस टैक्स 14.5 फीसदी ज्यादा 

इन 9 महीनों के दौरान एडवांस टैक्स कलेक्शन 14.5 फीसदी बढ़कर 3.64 लाख करोड़ रुपये रहा है. फाइनेंस मिनिस्ट्री ने बायान दिया कि दिसंबर 2018 में डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन का प्रोविजनल फीगर बेहतर रहा और पहले 9 महीनों में ग्रॉस कलेक्शन 8.74 लाख करोड़ रुपये रहा है. वहीं नेट कलेक्शन (रिफंड्स को एडजस्ट करने के बाद) 7.43 लाख करोड़ रुपये रहा है.

कांग्रेस के राज में बंद होने वाली थी नेफेड, मोदी सरकार ने किया ऐसा  कि हुई रिकॉर्ड तोड़ कमाई

मोदी सरकार ने इस सरकारी संस्‍थान नेफेड को ऐसी संजीवनी दे दी कि संस्‍था ने 2017-18 में 252 करोड़ रुपये की रिकॉर्डतोड़ कमाई कर दी.

कांग्रेस के राज में बंद होने वाली थी ये संस्‍था, मोदी सरकार ने किया ऐसा काम कि हुई रिकॉर्ड तोड़ कमाईप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी.
नेशनल एग्रीकल्‍चर कॉपरेशन मार्केटिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया कांग्रेस के राज में इस कदर वित्‍तीय घाटे में चली गई थी कि उसे बंद करने की नौबत आ गई थी. लेकिन मोदी सरकार ने इस सरकारी संस्‍थान को ऐसी संजीवनी दे दी कि इस संस्‍था ने 2017-18 में 252 करोड़ रुपये की रिकॉर्डतोड़ कमाई कर दी. नेफेड ने इस वित्‍तवर्ष में न केवल मुनाफा कमाया बल्कि कई राज्‍यों को सब्‍सिडाइज्‍ड रेट पर दालों की बिक्री की है. नेफेड ने अब तक 5.50 लाख टन दलों देश के 11राज्‍यों को पीडीएस और अन्‍य योजनाओं के तहत सब्‍सिडाइज्‍ड रेट पर दिए हैं.
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार कांग्रेस के कार्यकाल में नेफेड काफी घाटे से गुजर रही थी. नेफेड की ओर ध्‍यान न देने से संस्‍था को भारी नुकसान झेलना पड़ा और संस्‍था को बैंक का कर्ज चुकाना भी मुश्‍किल हो गया. बीजेपी की सरकार आते ही नेफेड पर विशेष ध्‍यान दिया गया और उसकी वित्‍तीय मदद के लिए पेशेवर कर्मचारियों की नियुक्‍ति की गई.
मोदी सरकार ने एजेंसी को वित्‍तीय संकट से निकालने के लिए बैंक गारंटी 42 हजार करोड़ रुपये कर दी. इससे एजेंसी के कारोबार ने तेजी से रफ्तार पकड़ी और चार सालों में 64 लाख मीट्रिक टन दलहन व तिलहन की रिकार्ड खरीदारी की.
नेफेड ने पिछले वित्‍तवर्ष में 31.91 लाख मिट्रिक टन दलहन और तिलहन खरीद का रिकॉर्ड बनाया है जबकि यूपीए के समय में साल 2011 से 2014 के बीच नेफेड ने सिर्फ आठ लाख मिट्रिक टन दलहन एवं तिलहन की खरीद की थी.

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