ट्रेन में खिलौने बेचने वाला वायरल सेल्समैन अरेस्ट.धंधा छोड़ बैठे घर

बाएं अपने वायरल वीडियो में अवधेश दूबे, और दाएं आरपीएफ की सांकेतिक तस्वीर

बच्चों के खिलौने बेचने वाला एक सेल्समैन पिछले दिनों ख़ूब चर्चा में रहा. खिलौने बेचने का अंदाज़ इंटरनेट पर लोगों को भा गया. सेल्समैन का नाम है अवधेश दूबे. इन्हीं साहब का एक वीडियो वायरल हुआ था इधर बीच. कोई पैसेंजर वीडियो बना कर सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दिया.एक शब्द होता है पंचलाइन. फिल्म की भाषा का टेक्निकल शब्द है. मरहूम एक्टर और संवाद लेखक क़ादर खान इस शब्द के बड़े दीवाने थे. पंचलाइन का मतलब होता है. ज़्यादा आड़ा तिरछा बोले बिना शॉर्टकट में अपनी बात समझा देना. सीधी बात नो बकवास टाइप. क़ादर खान की लिखी इन्हीं पंच लाइनों ने गोविंदा को मशहूर गोविंदा बना दिया. इसी तरह से मशहूर हुए खिलौना बेचने वाले अवधेश दूबे.

# वीडियो अब तक नहीं देखा तो देख लो

pranav gelani🇮🇳@pranav_gelani

Avadhesh Dubey
An excellent toy seller
Get arrested by RPF surat for selling illegally
See d video and decide help or not @MajorPoonia @ShefVaidyahttps://youtu.be/L8ln2PtNxmA 

ट्रेन वाले वायरल वीडियो में अवधेश लगातार पंचलाइनों में बात करते हैं. ‘आपका खेलता है तो हमारा खाता है’, ‘औरत और लेडीज़ में फ़र्क है, अंग्रेज़ी और हिंदी का’, ‘जियो का डाटा और सोनिया का बेटा…(आगे आपको मालूम है)’.

तो इन्हीं पंच लाइनों की वजह से खिलौने वाले अवधेश दूबे ख़ूब चले. झमाझम लोगों ने वीडियो को वायरल कर दिया. वीडियो वायरल हुआ तो चैनलों ने ख़बर भी कर दी. और ख़बर हुई तो खिलौने वाला अवधेश दूबे फ़ेमस अवधेश दूबे बन बैठा. लेकिन बशीर बद्र का एक शेर है ‘शोहरत की बुलंदी भी एक पल का तमाशा है, जिस डाल पे बैठे हो वो टूट भी सकती है’.

# और डाल टूट गई

भाई अब फ़ेमस हुआ तो सिलेब्रिटी टाइप फ़ील लेने लगा. स्टेशनों पर खिलौने बेचने वाला अवधेश जहां दिखता लोग सेल्फ़ी खिंचाने लगते. भीड़ भड़क्का हो जाता. खिलौने वाला अवधेश लोगों का खिलौना बन गया. और चाभी भर दी रेलवे प्रोटेक्शन फ़ोर्स ने. हुआ ये कि अवधेश सूरत रेलवे स्टेशन पर रोज़ की तरह खिलौने बेच रहा था. RPF के जवान आए और अवधेश को धर लिया. बाक़ायदा चालान कर दिया.

गिरफ्तारी के वक्त अवधेश दुबे ट्रेन संख्या 17204 के स्लिपर कोच में अवैध तरीके से खिलौने बेच रहे थे. हालांकि, रेलवे पुलिस ने अवधेश दुबे की गिरफ्तारी का नेताओं के ऊपर उनके हंसी-मजाक को नहीं माना है. अवधेश दुबे को सूरत के ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट के सामने शनिवार को पेश किया गया जहां उन्हें 10 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है और 3500 रुपए का जुर्माना लगाया गया है.

# बात पूरी सुन लीजिए

ना ना ना ना … जैसा आप समझ रहे हैं बिल्कुल ठीक वैसा है नहीं. आपको लग रहा होगा कि तमाम नेताओं के बारे में उल्टा सीधा बोलने की वजह से अवधेश गिरफ़्तार हुआ. लेकिन क्रांति के लिए झोला झपाड़ा उठाने से पहले पूरी बात सुन लो गुरू… अवधेश गिरफ़्तार हुआ इसलिए क्योंकि उसके पास सामान बेचने का वेंडर लाइसेंस नहीं था. और इसीलिए सूरत रेलवे स्टेशन से रेलवे प्रोटेक्शन फ़ोर्स के जवानों ने अवधेश दूबे को गिरफ़्तार किया. अवधेश को 10 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया. साथ ही अवधेश पर साढ़े तीन हज़ार रुपए का जुर्माना भी लगा.

आरपीएफ डीजी का बयान
आरपीएफ के डीजी अरुण कुमार ने अवधेश दुबे की गिरफ्तारी पर कहा, ” अवधेश दुबे ट्रेनों में अवैध तरीके से सामान बेचने के कई बार के आरोपी हैं. शनिवार को उनके साथ आठ अन्य लोगों को अवैध रूप से ट्रेन में सामान बेचने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है. इनकी गिरफ्तारी का नेताओं के ऊपर मजाकिया तंज से कोई लेना-देना नहीं है.

# हमसे क्या कहा अवधेश ने?

जुर्माना भरकर अवधेश घर आ चुका है. जब अवधेश दूबे को फोन लगाया तो अवधेश फोन उठाते ही भड़क गया. अवधेश ने एक सुर में मीडिया को कोसते हुए कहा-

मैं चाहता हूं आप लोग अब मेरी जान छोड़ें. मैं गिरफ़्तार इसलिए हुआ क्योंकि आप लोगों (मीडिया) ने मेरी ख़बर चलाई. मेरा धंधा बंद करवा दिया आपने. और आज के बाद भूल कर भी मुझे फोन मत लगाइएगा. आपका एडवांस में बहुत थैंक यू.

अब कहा नहीं जा सकता कि अवधेश का गुस्सा कितना जायज़ है. अवधेश को लगता है कि उनकी नईया इसलिए डूबी, क्योंकि मीडिया ने पतवार थाम ली थी. लेकिन वीडियो में अवधेश को बाक़ायदा हाथ जोड़कर ‘दो संदेश’ देते सुना जा सकता है. एक तो मुलायम के बारे में था, दूसरा राहुल के लिए प्रेम भरा मैसेज था.

# हमने एक टीटीई से भी बात की

जब अवधेश से बात हो गई तो मामला समझने के लिए हमने एक टीटीई से भी बात की. टीटीई वही काले कोट वाला महामानव होता है, जिससे आप रेल में लपक-लपक कर कहते हैं ‘सर एक सीट भी हो जाए तो देख लीजिए प्लीज’. तो हमने एक टीटीई से बात की. नाम नहीं बताएंगे, उन्होंने मना किया है. ये टीटीई उसी रूट पर चलते हैं जिस पर अवधेश दूबे खिलौने बेचता था. इनका कहना है-

देखिए आपको अपनी रेल यात्रा में जो भी सामान बेचने वाले मिलते हैं उनमें नब्बे प्रतिशत वेंडर लाइसेंस के बिना काम करते हैं. अवधेश भी इन्हीं में से एक था. लेकिन उसका हंसोड़ अंदाज सबको अच्छा लगता था. हंसते हंसाते यात्रा करना किसे अच्छा नहीं लगता भाई. लेकिन जब से अवधेश का वीडियो वायरल हुआ उसके लिए बवाल हो गया. लोग फोटो वोटो खिंचवाने लगे. और अवधेश लोगों की नज़र में आ गया. बस इसीलिए अवधेश पकड़ा गया. और अब उसका काम धाम बंद है. 

# रेलमंत्री पीयूष गोयल जी एक बात सुनिएरेलमंत्री पीयूष गोयल के लिए इमेज परिणाम

ट्विटर वगैरह पर मंत्री जी आप और आपका महकमा चर्चित रहता है. मॉडर्न विचारधारा के हिसाब से चलते हैं आप लोग. तो एक खिलौने बेचने वाले की बतरस आपको जम क्यों नहीं रही. हंसते हंसाते यात्रा करवाने वाले अवधेश दूबे को कोई ‘मूविंग वेंडर लाइसेंस’ टाइप का दे दीजिए. आप भी ख़ुश, जनता भी ख़ुश और बढ़िया ‘सेन्स ऑफ़ ह्यूमर’ वाला अवधेश भी लहालोट. जिसे लोग आने वाला नया कॉमेडियन बता रहे हैं, उसको आपकी पुलिस जेल भेज रही है मंत्री जी.

अवधेश दुबे खिलौने बेचते वक्त इस तरह का हंसी-मजाक करते थे-
मेरा नाम है अवधेश दुबे, देखे नहीं, पांच-छह जन तो इधर ही ले डूबे
खिलौना चाहिए बेटा? उधर जाकर अच्छे से रोओ ना, पापा दिला देंगे
लेडीज और औरत में अंग्रेजी और हिंदी का फर्क है
विजय माल्या के नाम में ही प्रॉब्लम था. विजय माल लिया
सोशल मीडिया पर लोगों का मिल रहा है सपोर्ट

अवधेश दुबे की गिरफ्तारी के बाद सोशल मीडिया पर लोगों की काफी प्रतिक्रियाएं आ रही हैं. लोग उनकी गिरफ्तारी पर अफसोस जता रहे हैं. एक यूजर ने तो यहां तक लिख दिया कि हो सकता है कि अवधेश दुबे अवैध तरीके से ट्रेन में सामान बेच रहा हो, लेकिन वो जो काम कर रहा था इस आधार पर उन्हें जेल में तो नहीं डालना चाहिए.

प्रीतम शर्मा नाम के एक यूजर ने लिखा है कि आज के समय में लोग सिर्फ जय श्री नाम के नारे लगाने के कारण गिरफ्तार हो जाते हैं. ट्रेन में अवैध तरीके से खिलौने बेचने की तो बात ही छोड़ दीजिए.

रिज़वाना मीर नाम की एक ट्विटर यूजर ने लिखा है कि उनके लिए दुख हो रहा है. उनके दर्द को व्यक्तिगत रूप से समझ सकती हूं.

 

करण भारद्वाज नाम के एक ट्विटर यूजर ने लिखा कि रेलवे से अपील है कि अवधेश दुबे को छोड़ दिया जाए. करण ने लिखा कि हो सकता है कि ट्रेन में वो अवैध तरीके से सामान बेच रहे थे लेकिन उन्हें जेल में नहीं डालना चाहिए.

 

तो कुल जमा बात यही है कि ये सोशल मीडिया है. कब किसके साथ क्या हो जाए, कौन कह सकता है. फ़िलहाल अवधेश धंधा छोड़कर घर बैठे हैं और अब रोटी पानी का कुछ जुगाड़ तलाश कर रहे हैं.

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