जैश के कैंपों पर हवाई हमले की निगरानी कर रहे थे मोदी पूरी रात जगकर

पाकिस्तान में घुसकर भारतीय वायुसेना के ऑपरेशन को लेकर कई घंटे पहले से ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पल-पल की अपडेट लेने लगे थे। सूत्र बताते हैं कि ऑपरेशन के दौरान उन्होंने झपकी भी नहीं ली और सुबह 4.30 बजे सेना को बधाई देने के बाद दूसरे कामों में लग गए।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (फाइल फोटो)
हाइलाइट्स

  • रातभर बिना झपकी लिए प्रधानमंत्री ऑपरेशन पर नजर बनाए हुए थे
  • सुबह 4.30 बजे लड़ाकू विमानों के लौटने पर पायलटों को दी बधाई
  • रात करीब 10 बजे हल्का खाना खाने के बाद ही मिशन में जुट गए
  • तीनों सेना प्रमुखों ने पीएम को दी बॉर्डर के हालात की जानकारी
नई दिल्ली :मंगलवार तड़के जब भारतीय वायुसेना के लड़ाकू विमान पाकिस्तान में छिपे आतंकियों से पुलवामा हमले का बदला लेने के लिए मिशन पर निकले थे, तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी जगे हुए थे। तड़के 3.30 से करीब 4.05 बजे तक भारतीय फाइटर जेट पीओके और पाकिस्तान के बालाकोट में जैश-ए-मोहम्मद के आतंकियों पर कहर बनकर टूट पड़े। सूत्रों के मुताबिक प्रधानमंत्री रातभर जगकर अभियान पर नजर रखे हुए थे और तभी आराम करने गए, जब सभी लड़ाकू विमान और पायलट सुरक्षित लौट आए।
सरकारी सूत्रों ने मंगलवार को बताया कि ऑपरेशन में शामिल लोगों को सुबह करीब साढ़े चार बजे बधाई देने के बाद प्रधानमंत्री मोदी अपनी नियमित दिनचर्या में व्यस्त हो गए क्योंकि प्रधानमंत्री आवास पर सुबह 10 बजे मंत्रिमंडल की सुरक्षा मामलों की समिति की बैठक समेत उनका दिन भर का व्यस्त कार्यक्रम पूर्व निर्धारित था। इसके बाद वह राष्ट्रपति भवन गए, जहां राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने 2015 से 2018 तक के लिए गांधी शांति पुरस्कार दिए।
‘प्रधानमंत्री ने रातभर नहीं ली झपकी’
बाद में प्रधानमंत्री मोदी एक रैली के लिए राजस्थान गए और वहां से नई दिल्ली लौटकर इस्कॉन के कार्यक्रम में शामिल हुए। नाम न जाहिर करते हुए एक सूत्र ने कहा, ‘प्रधानमंत्री ने पूरी रात झपकी भी नहीं ली और इस पूरे अभियान से अंत तक जुड़े रहे।’ सूत्र ने कहा कि सोमवार रात को मोदी ने ताज पैलेस होटल में एक न्यूज चैनल के कार्यक्रम में हिस्सा लिया था और करीब सवा नौ बजे घर के लिए रवाना हुए थे।
हल्का खाना खाया और ऑपरेशन से जुड़ गए
प्रधानमंत्री 10 मिनट में 7 लोक कल्याण मार्ग स्थित अपने आवास पहुंचे। उन्होंने हल्का खाना खाया और अभियान से जुड़ गए, जिनमें आतंकी शिविर पर हवाई हमले की तैयारियों का लेखा-जोखा शामिल था। यह अभी स्पष्ट नहीं है कि वह अपने घर पर थे या किसी दूसरे स्थान पर जहां एक कंट्रोल रूम से ऐतिहासिक घटनाक्रम पर नजर रखी जा रही थी।
रक्षा मंत्री, NSA और एयर फोर्स चीफ की भी नजरें
प्रधानमंत्री के एक करीबी सूत्र ने कहा कि प्रधानमंत्री अभियान के दौरान और उसके बाद रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और वायुसेना प्रमुख बीएस धनोआ के साथ संपर्क में थे। सूत्र ने बताया कि एक बार जब अभियान खत्म हो गया तब उन्होंने अधिकारियों से इस हवाई हमले में शामिल सभी पायलटों की कुशलता की जानकारी ली। जब यह स्पष्ट हो गया कि सभी सुरक्षित हैं तब प्रधानमंत्री वहां से अलग हुए और दूसरे मामलों पर अपना ध्यान लगाया।
सेना प्रमुखों के साथ अहम बैठक
वहीं, ऑपरेशन के बाद मंगलवार शाम को तीनों सेनाओं के प्रमुखों ने प्रधानमंत्री से मुलाकात कर सुरक्षा हालात की जानकारी दी। सूत्रों ने बताया कि थलसेना, वायुसेना और नेवी के चीफ्स ने प्रधानमंत्रीको बॉर्डर के हालात की जानकारी दी। आपको बता दें कि मीटिंग से पहले ही पाकिस्तान ने जवाबी कार्रवाई की गीदड़भभकी दी। पाकिस्तान ने कहा है कि वह समय और जगह अपने स्थान से चुनकर जवाब देगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *