चेक बाउंस  में अभिनेता राजपाल यादव को तीन महीने जेल

इंदौर निवासी सुरेंदर सिंह से राजपाल यादव से निजी आवश्यकता बताते हुए पांच लाख रुपए उधार लिए थे. इस रकम की वापसी के लिए यादव ने एक्सिस बैंक मुंबई का एक चेक सुरेंदर सिंह को दिया था. सितंबर 2015 में इसे बैंक में जमा करने पर वो बाउंस हो गया.

चेक बाउंस मामले में बॉलीवुड अभिनेता राजपाल यादव को तीन महीने की जेलराजपाल यादव File Photo

चेक बाउंस मामले में बॉलीवुड अभिनेता राजपाल यादव को दिल्ली हाईकोर्ट ने तीन महीनों के लिए जेल भेज दिया है. ट्रायल कोर्ट के सामने समझौते की रकम देने पर नाकाम रहने पर दिल्ली हाईकोर्ट ने राजपाल यादव को तीन महीने जेल की सज़ा सुनाई है.

दरअसल, इंदौर निवासी सुरेंदर सिंह से राजपाल यादव ने निजी आवश्यकता बताते हुए पांच लाख रुपए उधार लिए थे. इस रकम की वापसी के लिए यादव ने एक्सिस बैंक मुंबई का एक चेक सुरेंदर सिंह को दिया था. सितंबर 2015 में इसे बैंक में जमा करने पर वो बाउंस हो गया. इसके बाद सुरेंदर सिंह ने वकील के माध्यम से यादव को इस संबंध में नोटिस भेजा. बावजूद इसके यादव ने परिवादी को भुगतान नहीं किया. इस पर राजपाल यादव के खिलाफ जिला कोर्ट में परिवाद दायर कर दिया.

इससे पहले 23 अपै्रल 2018 को भी बॉलीवुड अभिनेता को मामले में कड़कडूमा अदालत ने 6 महीने की जेल की सजा सुनाई थी । राजपाल यादव, उनकी पत्नी राधा राजपाल यादव और उनकी कंपनी के खिलाफ चेक बाउंस के 7 मामलों में सोमवार को अदालत ने यह निर्णय दिया।
सजा सुनाए जाने के तुरंत बाद राजपाल यादव की अदालत ने जमानत मंजूर कर ली थी। राजपाल यादव पर 7 मामले थे और उन पर प्रति मुकदमा 1.60 करोड़ रुपए का जुर्माना लगाया गया । उनकी पत्नी को प्रति मुकदमा 10 लाख रुपए जुर्माना देना होगा।
शुक्रवार को राजपाल को अदालत ने इस मामले में दोषी ठहराया था। अभिनेता ने वर्ष 2010 में निर्देशक के तौर पर पहली बार फिल्म बनाने के लिए 5 करोड़ रुपए का कर्ज लिया था जिसे उन्होंने अदा नहीं किया। वर्ष 2010 में निर्देशक के तौर पर काम शुरू करने वाले राजपाल की फिल्म ‘अता-पता-लापता’ 2012 में रिलीज हुई और बड़े पर्दे पर यह फ्लॉप हो गई। फिल्म में राजपाल के अलावा दारासिंह, असरानी और विक्रम गोखले प्रमुख भूमिका में थे।
यमुनापार की लक्ष्मी नगर स्थित कंपनी मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड ने रामपाल और अन्य के खिलाफ चेक बाउंस से जुड़ी 7 अलग-अलग शिकायतें दर्ज करवाई थीं। शिकायतकर्ता का कहना था कि राजपाल ने अप्रैल 2010 में ‘अता-पता-लापता’ नामक अपनी फिल्म पूरी करने के लिए इनसे मदद मांगी थी। इसके बाद 30 मई 2010 में दोनों के बीच एक समझौता हुआ और आरोपियों को 5 करोड़ का कर्ज दे दिया। राजपाल यादव को शिकायतकर्ता को 8 करोड़ रुपए वापस करने थे।

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