गुरुग्राम: सीसीटीवी फुटेज खुलासा, बरकत के साथ मामूली हाथापाई,फेंकी न थी टोपी और न फाड़ी शर्ट

पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज खंगाला तो पाया कि बरकत का एक लड़के के साथ मामूली झगड़ा हुआ था, लेकिन न पीड़ित की टोपी फेंकी गई और न उसकी शर्ट फाड़ी गई.पीड़ित युवक पुलिस की जांच के दौरान अपने बयानों से पलटा गया.

गुरुग्राम: साइबर सिटी गुरुग्राम में एक बार फिर सामने आए हिंदू-मुस्लिम विवाद में नया मोड़ सामने आया है. हरियाणा के गुरुग्राम में सदर बाजार स्थित जामा मस्जिद के पास शनिवार रात एक कथित तौर पर एक मुस्लिम युवक की टोपी फेंकने और उससे ज़बरदस्ती ‘जय श्रीराम’ बुलवाने वाले मामले में नया मोड़ आ गया है. पुलिस ने जांच में पाया है कि मुस्लिम युवक मोहम्मद बरकत अली के साथ मारपीट ज़रूर हुई है, लेकिन न तो उसकी टोपी फेंकी गई और न ही उसकी शर्ट किसी ने फाड़ी थी.मामले के तूल पकड़ते ही पुलिस ने जांच शुरू की और जांच में पाया कि मुस्लिम लड़के मोहम्मद बरकत के द्वारा लगाए गए सारे आरोप झूठे हैं. पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज खंगाला तो पाया कि बरकत का एक लड़के के साथ मामूली झगड़ा हुआ था, लेकिन न पीड़ित की टोपी फेंकी गई और न उसकी शर्ट फाड़ी गई.

अपने बयानों से पलटा पीड़ित
करीब डेढ़ मिनट से कम समय की सीसीटीवी फुटेज को देखने के बाद साफ हो गया है कि एक मामूली से झगड़े को किस प्रकार साम्प्रदायिक रंग देने की कोशिश की जा रही है. वहीं, मामला दर्ज कराने वाला पीड़ित युवक पुलिस की जांच के दौरान अपने बयानों से पलटा गया. पूछताछ में उसने कहा कि 5-6 नहीं सिर्फ एक लड़के से मामूली झगड़ा हुआ था.

CTV फुटेज से हुआ खुलासा

पुलिस की शुरुआती जांच में ही मुस्लिम युवक के आरोप निराधार नज़र आ रहे हैं. सीसीटीवी की फुटेज देखने पर सामने आया है कि युवक को आरोपी ने नहीं, बल्कि एक अन्य युवक ने रोका था. फुटेज में न तो शिकायतकर्ता युवक की टोपी फेंकी गई है. न ही उसके कपड़े फाड़ने की कोई घटना है.
पुलिस ने बताया कि कहासुनी के बाद दोनों में हाथापाई हुई थी, जिससे मुस्लिम युवक की टोपी गिर गई. ‘टोपी को उसने खुद ही उठाकर जेब में रख लिया था, किसी और ने उसे हाथ भी नहीं लगाया. हालांकि, सीसीटीवी फुटेज में दिख रहा है कि आरोपी बरकत अली की बाजू पर डंडा मारता नज़र आ रहा है.

पुलिस ने 50 कैमरे खंगाले
पुलिस ने इस मामले में 15 लोगों को हिरासत में लिया था और उनसे पूछताछ की जा रही है. पुलिस ने इस केस को सुलझाने के लिए 24 घंटे के अंदर 50 से अधिक सीसीटीवी कैमरे की फुटेज खंगाली है. फुटेज में नज़र आ रहा है कि मारपीट के बाद मामला शांत हो गया था. झगड़ा होता देख पास ही झाड़ू लगा रहा व्यक्ति मौके पर पहुंचा, जिसने दोनों पक्षों को छुड़वा दिया और मामले को शांत करवा दिया.
पुलिस ने कहा- मारपीट की मामूली घटना थी
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक कुछ असामाजिक तत्व छोटी सी मारपीट की घटना को सांप्रदायिक रंग देने की कोशिश कर रहे हैं, जबकि यह शराब के नशे में मामूली मारपीट की घटना है. फुटेज को साफ करवाने के लिए लैब भेजा है, ताकि आरोपी की पहचान करवाई जा सके.
ये है पूरा मामला?

बता दें कि शनिवार रात बरकत अली सदर बाजार स्थित जामा मस्जिद से अपने घर जा रहा था कि इस दौरान 6 युवकों ने उसे रोक लिया. आरोप है कि उनमें से एक युवक ने उसे टोपी उतारने को कहा और जय श्री राम और भारत माता की जय के नारे लगाने को कहा. मना करने पर उससे मारपीट की गई.
गुरुग्राम छोड़ना चाहता है बरक़त
मोहम्मद बरकत अली ने सोमवार को पुलिस कमिश्नर मोहम्मद अकील से मुलाकात कर कहा कि वह गुरुग्राम में असुरक्षित महसूस कर रहा है, इसलिए वापस बिहार जाना चाहता है. हालांकि, कमिश्नर ने उसे केस की जांच होने तक गुरुग्राम में ही रुकने के लिए कहा है और सुरक्षा का आश्वासन दिया है.
गंभीर ने मामले पर किया था ट्वीट
उधर, पूर्वी दिल्ली से नवनिर्वाचित सांसद क्रिकेटर गौतम गंभीर ने सोशल मीडिया पर घटना की कड़े शब्दों में निंदा की थी. उन्होंने लिखा कि एक मुस्लिम शख्स की टोपी उतारकर जय श्री राम बोलने पर जोर देना निंदनीय है.
गंभीर ने कहा,  ‘हम एक धर्मनिरपेक्ष राष्ट्र में रहते हैं, हम उस देश के, जहां जावेद ने लिखा था ओ पालन हारे, निरगुण और न्यारे. उन्होंने कहा कि इस तरह की घटनाओं की निंदा होनी चाहिए. पुलिस को सख्त कदम उठाते हुए दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए. उन्होंने सेक्युलरिज्म को लेकर अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि पीएम मोदी का मंत्र हैं- सबका साथ, सबका विकास, सब का विश्वास. वे सिर्फ गुरुग्राम मामले की बात नहीं कर रहे. सहिष्णुता और समावेशी विकास का विचार ही भारत का आधार है.’गुरुग्राम मुस्लिम युवक की पिटाई: CCTV फुटेज में खुलासा- न टोपी फेंकी और न शर्ट फाड़ी गई

ये था मामला
आपको बता दें कि गुरुग्राम में शनिवार रात नमाज पढ़कर लौट रहे एक युवक ने आरोप लगाया था कि उसके साथ 5-6 लड़को ने टोपी पहने होने वजह से झगड़ा किया था और उसकी टोपी फेंक दी थी. लड़कों ने उसको जय श्रीराम और भारत माता की जय के नारे लगाने के लिए बोल रहे थे और विरोध करने पर उसके साथ जमकर मारपीट की गई थी.

CCTV से हुआ खुलासा
मामले की जांच पुलिस ने शुरू की और आस-पास के सीसीटीवी को खंगाला तो सीसीटीवी की एक फुटेज में खुलासा हुआ कि करीब 10 बजे बरकत गुरुग्राम के सदर बाज़ार की बड़ी मस्जिद से नमाज अदा करके अपने घर के लिए निकला, तो थोड़ी दूर जाने पर उसके पीछे एक लड़का आता है जो कि शराब के नशे में था, उसने बरकत को रोका, दोनों में हल्का झगड़ा हुआ. इस झगड़े में आरोपी न तो बरकत की टोपी को हाथ लगता है, न ही उसकी शर्ट फाड़ता हुआ दिख रहा है. इसी बीच वहां एक सफाई कर्मचारी मौजूद था, जिसने बीच बचाव करके दोनों को अलग कर दिया. बरकत ने आरोपी को धक्का दिया तो आरोपी जाता हुआ दिख रहा है जबकि बरकत वही खड़ा रहता है.

करीब डेढ़ मिनट से कम समय की सीसीटीवी फुटेज को देखने के बाद साफ हो गया है कि एक मामूली से झगड़े को किस प्रकार साम्प्रदायिक रंग देने की कोशिश की जा रही है. अब पुलिस ये जानने की कोशिश कर रही है कि आखिर वह कौन लोग है, जो इस मामूली झगड़े को साम्प्रदायिक रंग दे रहे थे.

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